निम्नलिखित में से ओझियाना के उत्खनन में कौन शामिल था/थे ? A. आर.सी. अग्रवाल B. बी.आर. मीणा C. आलोक त्रिपाठी कूट :
- (1)केवल A
- (2)केवल C
- (3)A और B
- (4)B और C
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), B और C.
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के जयपुर मंडल ने ओझियाना का उत्खनन बी.आर. मीणा और आलोक त्रिपाठी के निर्देशन में किया, जिसमें बी.आर. सिंह, एस.सी. गुप्ता और अफेरिया सहायक थे। मंडल की प्रमुख उत्खननों की सूची इस कार्य को 2000–01 का बताती है।
A, आर.सी. अग्रवाल: ओझियाना उत्खनन के ASI के विवरण में इनका नाम नहीं है।
B, बी.आर. मीणा: उत्खनन के सह-निर्देशक, इसलिए शामिल।
C, आलोक त्रिपाठी: उत्खनन के सह-निर्देशक, इसलिए शामिल।
B और C शामिल हैं और A नहीं, जो विकल्प (4) है।
याद रखने की बात: ओझियाना, ASI जयपुर मंडल, बी.आर. मीणा और आलोक त्रिपाठी।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)केवल A — यह कूट वही एक नाम चुनता है जो ASI के विवरण में नहीं है। ओझियाना दल का निर्देशन बी.आर. मीणा और आलोक त्रिपाठी ने किया, और आर.सी. अग्रवाल इसके निर्देशकों या सहायकों में सूचीबद्ध नहीं हैं।
यह कूट दोनों वास्तविक निर्देशकों को भी छोड़ देता है।
- (2)केवल C — आलोक त्रिपाठी सही हैं, पर वे उत्तर का केवल आधा हिस्सा हैं। ASI ओझियाना उत्खनन के निर्देशकों के रूप में बी.आर. मीणा और आलोक त्रिपाठी, दोनों का नाम साथ देता है।
केवल C वाला कूट B को छोड़ देता है, जो भी शामिल है।
- (3)A और B — बी.आर. मीणा सही हैं, पर आर.सी. अग्रवाल उत्खनन के ASI के विवरण में नहीं आते।
मीणा के साथ सह-निर्देशक आलोक त्रिपाठी थे, यानी C, इसलिए कूट में B के साथ C होना चाहिए।
अवधारणा
ओझियाना आहड़ संस्कृति का एक ताम्रपाषाणिक स्थल है; यह संस्कृति सफ़ेद रंग से चित्रित काले-और-लाल मृद्भांड का उपयोग करती थी। ASI का 2000–01 के उत्खनन का सारांश इसे ब्यावर से लगभग 30 किमी दक्षिण-पश्चिम में, भीलवाड़ा ज़िले के पहाड़ी क्षेत्र में एक पहाड़ी ढलान पर बताता है।
पहाड़ी ढलान की यह स्थिति इसे असामान्य बनाती है: ASI के अनुसार आहड़ संस्कृति के अन्य स्थल नदी घाटियों में फले-फूले।
एक ही संस्कृति का लगभग 7.5 मीटर मोटा जमाव तीन चरणों में बँटा है। चरण I के घर धूप में सुखाई कच्ची ईंटों के थे, चरण II में स्थानीय पत्थर का उपयोग हुआ, और चरण III के बाँस-बल्ली पर मिट्टी लिपे घरों का अंत एक विनाशकारी आग में हुआ।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "राजस्थान का इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य, परम्परा एवं विरासत" के अंतर्गत "राजस्थान के प्रागैतिहासिक स्थल–पुरापाषाण से ताम्र पाषाण एवं कांस्य युग तक।" सूचीबद्ध है।
ASI बड़ी संख्या में मिट्टी के बैलों की सूचना देता है; सफ़ेद रंग से चित्रित बैलों को वह "ओझियाना बैल" (Ojiyana bulls) कहता है और उन्हें पूजा की वस्तुएँ मानने का सुझाव देता है। अन्य खोजों में गाय की मृण्मूर्तियाँ, ताँबे का एक चॉपर, और हड़प्पा-प्रकार का फ़ायंस शामिल है, जिसे ASI समकालीन संस्कृतियों से संपर्क का संकेत मानता है।
अन्य स्थलों से तुलना के आधार पर ASI यहाँ की बसावट को ईसा पूर्व तीसरी सहस्राब्दी और ईसा पूर्व द्वितीय सहस्राब्दी के मध्य के बीच रखता है।
मुख्य तथ्य
- ASI के जयपुर मंडल ने बी.आर. मीणा और आलोक त्रिपाठी के निर्देशन में ओझियाना का उत्खनन किया; मंडल की प्रमुख उत्खननों की सूची इसे 2000–01 का बताती है।
- ओझियाना ब्यावर से लगभग 30 किमी दक्षिण-पश्चिम में एक पहाड़ी ढलान पर है, जबकि आहड़ संस्कृति के अन्य स्थल नदी घाटियों में हैं।
- यहाँ एक ही संस्कृति का लगभग 7.5 मीटर मोटा जमाव है, जिसे मृद्भांड और संरचनाओं के साक्ष्य के आधार पर तीन चरणों में बाँटा गया है।
- इस स्थल से मिले सफ़ेद रंग से चित्रित मिट्टी के बैलों को ASI "ओझियाना बैल" कहता है और उन्हें पूजा की वस्तुएँ मानने का सुझाव देता है।
- ASI यहाँ की बसावट को ईसा पूर्व तीसरी सहस्राब्दी से ईसा पूर्व द्वितीय सहस्राब्दी के मध्य तक का बताता है।
B और C शामिल हैं, इसलिए कूट विकल्प (4) है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- एक सही नाम पर रुक जाना: बी.आर. मीणा और आलोक त्रिपाठी ने मिलकर उत्खनन का निर्देशन किया, इसलिए एक नाम वाला कूट अधूरा है।
- किसी अन्य स्थल से किसी प्रसिद्ध पुरातत्त्वविद् का नाम ले आना: ओझियाना के ASI के विवरण में आर.सी. अग्रवाल नहीं हैं।
- नदी घाटी वाली स्थिति मान लेना: ASI ज़ोर देता है कि ओझियाना की पहाड़ी ढलान वाली स्थिति उसे आहड़ संस्कृति के अन्य स्थलों से अलग करती है।
कोई प्रश्न किसी स्थल का नाम देकर पूछ सकता है कि उसका उत्खनन किसने किया, वह किस संस्कृति का है, या वहाँ से कौन-सी विशिष्ट वस्तुएँ मिलीं। कोई प्रश्न कई पुरातत्त्वविदों के नाम देकर यह भी पूछ सकता है कि उनमें से किसने किसी एक स्थल पर काम किया।
कोई प्रश्न राजस्थान के ताम्रपाषाणिक स्थलों को उनकी खोजों से सुमेलित करवा सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2023 और 2018 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के जयपुर मंडल द्वारा उत्खनित ओझियाना किस संस्कृति का स्थल है ?
- (a)आहड़ संस्कृति
- (b)हड़प्पा सभ्यता
- (c)चित्रित धूसर मृद्भांड संस्कृति
- (d)गणेश्वर–जोधपुरा संस्कृति
उत्तर(1) — ASI ओझियाना को सफ़ेद रंग से चित्रित काले-और-लाल मृद्भांड वाली आहड़ संस्कृति का स्थल बताता है। विकल्प (2) ओझियाना की संस्कृति नहीं है, यद्यपि वहाँ हड़प्पा-प्रकार का फ़ायंस मिला; विकल्प (3) और (4) अलग संस्कृतियाँ हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सी विशिष्ट खोज ओझियाना के उत्खनन से बताई गई है ?
- (a)सफ़ेद रंग से चित्रित मिट्टी के बैल
- (b)राजा मिनांडर के सोलह सिक्के
- (c)मालव गणराज्य की लौह वस्तुएँ
- (d)एक मौर्यकालीन वृत्ताकार स्तूप-मंदिर
उत्तर(1) — ASI इन्हें "ओझियाना बैल" कहता है। विकल्प (2) RPSC की 2018 की कुंजी के अनुसार बैराठ से है; विकल्प (3) RPSC की 2023 की कुंजी के अनुसार रैढ़ से; और विकल्प (4) ASI के अनुसार बैराठ में बीजक की पहाड़ी से।