एक कथन के पश्चात् दो पूर्वधारणायें I और II दी गई हैं । कथन और उसके पश्चात् दी गई पूर्वधारणाओं के आधार पर निर्णय कीजिए कि कौन सी पूर्वधारणा/यें कथन में अंतर्निहित है/हैं : कथन : यदि इस पूरे माह में वर्षा नहीं हुई, तो इस वर्ष अधिकांश किसान संकट में पड़ जायेंगे । पूर्वधारणायें : I. खेती के लिए समय पर वर्षा आवश्यक है । II. आमतौर पर ज्यादातर किसान बारिश पर निर्भर रहते हैं ।
- (1)न तो पूर्वधारणा I और ना ही पूर्वधारणा II अंतर्निहित है ।
- (2)दोनों पूर्वधारणायें अंतर्निहित हैं ।
- (3)केवल पूर्वधारणा II अंतर्निहित है ।
- (4)केवल पूर्वधारणा I अंतर्निहित है ।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), दोनों पूर्वधारणायें अंतर्निहित हैं ।
कोई पूर्वधारणा तब अंतर्निहित होती है जब उसके बिना कथन का अर्थ न बने। जाँच का तरीका: पूर्वधारणा को उलटिए और देखिए कि कथन फिर भी टिकता है या नहीं।
कथन दो बातों को जोड़ता है: इस पूरे माह में वर्षा न होना, और इस वर्ष अधिकांश किसानों का संकट में पड़ना।
पूर्वधारणा I कहती है कि खेती के लिए समय पर वर्षा आवश्यक है। इसे उलटिए: समय पर वर्षा आवश्यक नहीं है। तब बिना वर्षा का एक माह किसानों को संकट में नहीं डालेगा, और कथन का आधार खत्म हो जाता है। इसलिए I अंतर्निहित है।
पूर्वधारणा II कहती है कि आमतौर पर ज्यादातर किसान बारिश पर निर्भर रहते हैं। इसे उलटिए: ज्यादातर किसान बारिश पर निर्भर नहीं हैं। तब बिना वर्षा का एक माह अधिकांश किसानों को संकट में नहीं डाल सकता। इसलिए II भी अंतर्निहित है।
कथन को दोनों की आवश्यकता है, इसलिए उत्तर दोनों पूर्वधारणायें अंतर्निहित हैं । है।
याद रखने योग्य बात: यह भविष्यवाणी कि किसी चीज़ के विफल होने पर अधिकांश लोग कष्ट पाएँगे, यह मानकर चलती है कि वह चीज़ मायने रखती है और अधिकांश लोग उस पर निर्भर हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)न तो पूर्वधारणा I और ना ही पूर्वधारणा II अंतर्निहित है । — विकल्प (1) कहता है कि कथन को किसी भी पूर्वधारणा की आवश्यकता नहीं है। पर किसी को भी उलटने पर कथन टूट जाता है।
यदि समय पर वर्षा आवश्यक न होती, तो सूखा माह संकट नहीं लाता; यदि ज्यादातर किसान बारिश पर निर्भर न होते, तो उनमें से अधिकांश संकट में नहीं पड़ते। दोनों पूर्वधारणाएँ कथन को सहारा देती हैं, इसलिए किसी को भी छोड़ा नहीं जा सकता।
- (3)केवल पूर्वधारणा II अंतर्निहित है । — विकल्प (3) पूर्वधारणा II को रखता है पर पूर्वधारणा I को छोड़ देता है।
कथन संकट को "इस पूरे माह में" वर्षा न होने से, यानी एक निश्चित समय से, जोड़ता है। इसका अर्थ तभी है जब खेती के लिए सही समय पर वर्षा आवश्यक हो, और ठीक यही पूर्वधारणा I कहती है। इसके बिना वर्षा में देरी हानिरहित होती।
- (4)केवल पूर्वधारणा I अंतर्निहित है । — विकल्प (4) पूर्वधारणा I को रखता है पर पूर्वधारणा II को छोड़ देता है।
कथन "अधिकांश किसान" की बात करता है, कुछ किसानों की नहीं। बिना वर्षा का एक माह अधिकांश किसानों को संकट में डाले, इसके लिए ज्यादातर किसानों का बारिश पर निर्भर होना आवश्यक है, जो पूर्वधारणा II है। इसके बिना केवल बारिश पर निर्भर थोड़े से किसान ही कष्ट पाते।
अवधारणा
पूर्वधारणा एक अनकहा आधार-वाक्य है: कुछ ऐसा जिसे वक्ता मानकर चलता है। तर्कशक्ति में वह तभी अंतर्निहित गिनी जाती है जब कथन उस पर निर्भर हो।
निषेध परीक्षण यही जाँचता है। पूर्वधारणा को उलटिए और कथन फिर से पढ़िए। यदि अब कथन का अर्थ नहीं बनता, तो पूर्वधारणा अंतर्निहित थी; यदि कथन फिर भी टिकता है, तो नहीं।
सशर्त कथन ("यदि A, तो B") एक ऐसे संबंध को मानकर चलता है जिससे A का परिणाम B होता है। यहाँ उस संबंध के दो भाग हैं: उस समय की वर्षा खेती के लिए मायने रखनी चाहिए, और अधिकांश किसानों को वर्षा पर निर्भर होना चाहिए।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "तार्किक विवेचन एवं मानसिक योग्यता" के अंतर्गत "तार्किक दक्षता (निगमनात्मक, आगमनात्मक, अपवर्तनात्मक)" में "कथन एवं मान्यताएं" शामिल है।
खेती से यह संबंध राजस्थान में वास्तविक है। आर्थिक समीक्षा 2022-23 के अनुसार राजस्थान में कृषि मुख्यतः वर्षा-आधारित है, ऐसे मानसून पर निर्भर जो बहुत अनिश्चित और सामान्यतः अल्पकालिक होता है, और किसानों को वर्षा तथा भूजल, दोनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
समीक्षा यह भी बताती है कि राज्य में कृषि उत्पादन काफ़ी हद तक मानसून के समय पर आने पर निर्भर करता है। मानसून आने की सामान्य तिथि 15 जून है; 2022 में मानसून 10 जून को आया, और जून–सितम्बर की वर्षा 430.80 mm के सामान्य के सामने 594.20 mm रही।
मुख्य तथ्य
- अंतर्निहित पूर्वधारणा वह अनकहा आधार-वाक्य है जिस पर कथन निर्भर करता है; उसे उलटने पर कथन का अर्थ नहीं रहता।
- आर्थिक समीक्षा 2022-23: राजस्थान में कृषि मुख्यतः वर्षा-आधारित है, ऐसे मानसून पर निर्भर जो बहुत अनिश्चित और सामान्यतः अल्पकालिक होता है।
- आर्थिक समीक्षा 2022-23: राजस्थान में कृषि उत्पादन काफ़ी हद तक मानसून के समय पर आने पर निर्भर करता है।
- राजस्थान में मानसून आने की सामान्य तिथि 15 जून है; 2022 में यह 10 जून को आया (आर्थिक समीक्षा 2022-23)।
- 1 जून से 30 सितम्बर 2022 तक राजस्थान की वर्षा 430.80 mm के सामान्य के सामने 594.20 mm रही, जो सामान्य से 37.93 प्रतिशत अधिक है।
यदि किसी पूर्वधारणा को उलटने से कथन टूट जाए, तो कथन उस पर निर्भर है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- कथन का "अधिकांश किसान" ही पूर्वधारणा II को लाता है। यदि ज्यादातर किसान बारिश पर निर्भर न होते, तो अधिकांश संकट में नहीं पड़ सकते थे।
- पूर्वधारणा का कथन के शब्दों को दोहराना आवश्यक नहीं। "समय पर वर्षा आवश्यक है" कथन के "इस पूरे माह में" में निहित है, जो एक निश्चित समय बताता है।
- किसी पूर्वधारणा को सामान्य होने के कारण अस्वीकार न करें। पूर्वधारणा II "आमतौर पर ज्यादातर किसान" कहती है, जो कथन के "अधिकांश किसान" से मेल खाता है; यदि वह "सभी किसान" कहती तो बात अलग होती।
कोई प्रश्न दो पूर्वधारणाओं और चार निश्चित विकल्पों के साथ एक सशर्त कथन दे सकता है, जैसा यह प्रश्न करता है।
कोई प्रश्न "सभी" या "कभी नहीं" जैसे शब्दों से कथन को बढ़ा-चढ़ाकर कहने वाली पूर्वधारणाएँ भी दे सकता है, ताकि उन्हें उलटने पर भी कथन टिका रहे।
संबंधित PYQ
नीचे दिए गए प्रश्न में, कथन तथा दो अभिधारणाएँ (I) तथा (II) दी गई हैं । निम्न में से सही विकल्प को चुनिए : कथन : मिट्टी में पोषक–तत्त्वों की पूर्ति के क्रम में, यह आवश्यक है कि प्रत्येक दूसरी ऋतु में अलग प्रकार की फसलों को उगाना चाहिए । अभिधारणाएँ : (I) एक फसल उसी खेत में कभी भी दूसरी बार नहीं उगाई जा सकती । (II) यदि लगातार ऋतु में अलग प्रकार की फसल उगाई जाती है, तो मिट्टी में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त पोषक–तत्त्वों जैसे खाद को मिलाने की बिलकुल भी आवश्यकता नहीं रहती ।
- (1) केवल अभिधारणा (I) अन्तर्निहित है ।
- (2) केवल अभिधारणा (II) अन्तर्निहित है ।
- (3) (I) तथा (II) दोनों अभिधारणाएँ अन्तर्निहित हैं ।
- (4) ना तो अभिधारणा (I) और ना ही अभिधारणा (II) अन्तर्निहित है ।
उत्तर(4)
खेती संबंधी कथन पर वही प्रारूप, उलटे निर्णय के साथ। मिट्टी में पोषक–तत्त्वों की पूर्ति के लिए प्रत्येक दूसरी ऋतु में अलग प्रकार की फसलें उगाने पर RPSC की कुंजी न अभिधारणा (I) को और न (II) को अन्तर्निहित मानती है, और दोनों में "कभी भी" और "बिलकुल भी" जैसे निरपेक्ष शब्द हैं जो कथन में नहीं हैं; यहाँ दोनों पूर्वधारणाएँ वही हैं जिनकी कथन को आवश्यकता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
एक कथन के पश्चात् दो पूर्वधारणायें I और II दी गई हैं । निर्णय कीजिए कि कौन सी पूर्वधारणा/यें कथन में अंतर्निहित है/हैं : कथन : यदि मेट्रो का किराया घटाया जाए, तो अधिक लोग मेट्रो से यात्रा करेंगे । पूर्वधारणायें : I. यात्रा का साधन चुनते समय लोग जिन बातों पर विचार करते हैं, उनमें किराया भी एक है । II. मेट्रो ट्रेनें अभी जितने यात्री ले जाती हैं, उससे अधिक यात्री नहीं ले जा सकतीं ।
- (a)न तो पूर्वधारणा I और ना ही पूर्वधारणा II अंतर्निहित है ।
- (b)दोनों पूर्वधारणायें अंतर्निहित हैं ।
- (c)केवल पूर्वधारणा II अंतर्निहित है ।
- (d)केवल पूर्वधारणा I अंतर्निहित है ।
उत्तर(4) — I को उलटिए (यात्रा के चुनाव में किराए की कोई भूमिका नहीं) तो कम किराया अधिक यात्री नहीं ला सकता, इसलिए I अंतर्निहित है। II कथन के विरुद्ध जाती है: यदि मेट्रो ट्रेनें और यात्री नहीं ले जा सकतीं, तो अधिक लोग यात्रा नहीं कर सकते। विकल्प (1) I को अस्वीकार करता है, विकल्प (2) II को स्वीकार करता है, और विकल्प (3) दोनों में गलत है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
एक कथन के पश्चात् दो पूर्वधारणायें I और II दी गई हैं । निर्णय कीजिए कि कौन सी पूर्वधारणा/यें कथन में अंतर्निहित है/हैं : कथन : अपने टिकट जल्दी बुक कराइए, क्योंकि त्योहार के सप्ताह में जयपुर जाने वाली अधिकांश ट्रेनें पूरी तरह बुक रहती हैं । पूर्वधारणायें : I. त्योहार के सप्ताह में कोई भी सड़क मार्ग से जयपुर नहीं जाता । II. ट्रेन के टिकट पहले से बुक कराए जा सकते हैं ।
- (a)न तो पूर्वधारणा I और ना ही पूर्वधारणा II अंतर्निहित है ।
- (b)दोनों पूर्वधारणायें अंतर्निहित हैं ।
- (c)केवल पूर्वधारणा II अंतर्निहित है ।
- (d)केवल पूर्वधारणा I अंतर्निहित है ।
उत्तर(3) — II को उलटिए (पहले से बुकिंग संभव नहीं) तो जल्दी बुकिंग की सलाह निरर्थक हो जाती है, इसलिए II अंतर्निहित है। I बढ़ा-चढ़ाकर कहती है: कुछ लोग सड़क से जाएँ तब भी ट्रेनें पूरी बुक हो सकती हैं, इसलिए कथन को I की आवश्यकता नहीं। विकल्प (1) II को नकारता है, (2) I को स्वीकारता है, और (4) दोनों को उलट देता है।