एक कथन के पश्चात् दो तर्क I तथा II दिये गये हैं । कौन सा/से तर्क अधिक मजबूत है/हैं, चुनिये : कथन : क्या ट्रेनों में सभी डीजल इंजनों को विद्युत इंजनों से बदल देना चाहिये ? तर्क : I. हाँ, डीजल इंजन के कारण बहुत प्रदूषण होता है । II. नहीं, भारत घरेलू आवश्यकता को पूरी करने के लिये भी पर्याप्त बिजली का उत्पादन नहीं करता ।
- (1)न तो तर्क I और ना ही तर्क II मजबूत है ।
- (2)दोनों तर्क मजबूत हैं ।
- (3)केवल तर्क II मजबूत है ।
- (4)केवल तर्क I मजबूत है ।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), केवल तर्क I मजबूत है ।
कोई तर्क तब मजबूत होता है जब वह सीधे प्रश्न से जुड़ा हो और तथ्यों पर टिका कोई महत्वपूर्ण कारण दे। वह तब कमज़ोर होता है जब वह मुद्दे से हटकर हो, तुच्छ हो, या किसी संदिग्ध या अति-व्यापक दावे पर टिका हो।
तर्क I कहता है हाँ, क्योंकि डीजल इंजन के कारण बहुत प्रदूषण होता है। यह कारण सीधे प्रस्ताव से जुड़ता है: डीजल इंजनों को विद्युत इंजनों से बदलने से ट्रेनों से वह धुआँ हट जाता है। यह प्रासंगिक और महत्वपूर्ण है, इसलिए तर्क I मजबूत है।
तर्क II कहता है नहीं, क्योंकि भारत घरेलू आवश्यकता को पूरी करने के लिये भी पर्याप्त बिजली का उत्पादन नहीं करता। "भी" शब्द इसे एक अति-व्यापक दावा बना देता है, और आँकड़े इसकी पुष्टि नहीं करते।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) की लोड जनरेशन बैलेंस रिपोर्ट 2023-24 (मार्च 2023) ने 2022-23 में आपूर्ति न हो सकी ऊर्जा को आवश्यकता का 0.5 प्रतिशत बताया, और कहा कि यह अंतर सामान्यतः देश में बिजली की उपलब्धता की कमी के अलावा अन्य कारणों से था। इसलिए तर्क II कमज़ोर है।
इससे उत्तर केवल तर्क I मजबूत है । बनता है।
याद रखने योग्य बात: कोई तर्क उतना ही मजबूत है जितना उसका आधार; "...के लिये भी पर्याप्त नहीं" जैसे अति-व्यापक दावे को तथ्यों पर परखें।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)न तो तर्क I और ना ही तर्क II मजबूत है । — विकल्प (1) तर्क II को ठीक ही अस्वीकार करता है, पर तर्क I को भी अस्वीकार कर देता है।
तर्क I कोई अस्पष्ट नारा नहीं है। डीजल इंजनों से होने वाला प्रदूषण उन्हें बदलने का सीधा और महत्वपूर्ण कारण है, और यही किसी तर्क को मजबूत बनाता है। इसे अस्वीकार करना एक प्रासंगिक लाभ को ऐसे देखना है मानो वह मुद्दे से हटकर हो।
- (2)दोनों तर्क मजबूत हैं । — विकल्प (2) तर्क I को ठीक ही स्वीकार करता है, पर तर्क II को भी स्वीकार कर लेता है।
तर्क II इस दावे पर टिका है कि भारत अपनी घरेलू बिजली आवश्यकता भी पूरी नहीं कर सकता। 2022-23 के CEA के आँकड़े एक मामूली अंतर दिखाते हैं, जिसे उसने सामान्यतः बिजली की उपलब्धता की कमी के अलावा अन्य कारणों से बताया, इसलिए आधार टिकता नहीं और तर्क कमज़ोर है।
- (3)केवल तर्क II मजबूत है । — विकल्प (3) दोनों तर्कों को उलट देता है।
यह बिजली के बारे में अति-व्यापक दावे पर बनी आपत्ति को मजबूत मानता है, और प्रदूषण वाले तर्क को, जो प्रासंगिक और महत्वपूर्ण है, छोड़ देता है। प्रासंगिकता और कारण के तथ्यों पर टिके होने की कसौटी पर तर्क I खरा उतरता है, तर्क II नहीं।
अवधारणा
कथन और तर्क वाले तर्कशक्ति अभ्यास में किसी नीति संबंधी प्रश्न के बाद पक्ष और विपक्ष के तर्क दिए जाते हैं। हर तर्क को उसके अपने गुण पर परखा जाता है, इस पर नहीं कि कोई उसके पक्ष से सहमत है या नहीं।
मजबूत तर्क सीधे प्रश्न से जुड़ा होता है, उसके किसी महत्वपूर्ण पहलू को छूता है, और तथ्यों से मेल खाता है।
तर्क तब कमज़ोर होता है जब वह अप्रासंगिक हो, तुच्छ हो, या किसी संदिग्ध या बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावे पर निर्भर हो। "सभी", "कभी नहीं" या "भी" जैसे शब्द किसी सामान्य चिंता को ऐसे अति-व्यापक दावे में बदल सकते हैं जिसकी पुष्टि तथ्यों से होनी चाहिए।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "तार्किक विवेचन एवं मानसिक योग्यता" के अंतर्गत "तार्किक दक्षता (निगमनात्मक, आगमनात्मक, अपवर्तनात्मक)" में "कथन एवं तर्क" शामिल है।
रेलवे विद्युतीकरण परीक्षा से पहले ही चल रहा था। आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 के अनुसार 2014-22 में 30,446 रूट किमी का विद्युतीकरण हुआ, जबकि उससे पहले के आठ वर्षों में 4,698 रूट किमी का, और भारतीय रेल ने 2030 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करने का अपना इरादा घोषित किया है।
बिजली आपूर्ति पर CEA की रिपोर्ट 2022-23 की ऊर्जा आवश्यकता 1,515,300 MU और आपूर्त ऊर्जा 1,507,372 MU बताती है, तथा अधिकतम माँग 215,888 MW के सामने 207,231 MW की पूर्ति, यानी अधिकतम माँग में 4.0 प्रतिशत का अंतर।
20 मार्च 2023 को जारी यह रिपोर्ट बताती है कि मार्च 2023 के उसके आँकड़े पिछले वर्ष की रिपोर्ट, LGBR 2022-23, के अनुसार हैं।
मुख्य तथ्य
- मजबूत तर्क सीधे प्रश्न से जुड़ा होता है और तथ्य-आधारित महत्वपूर्ण कारण देता है; कमज़ोर तर्क अप्रासंगिक, तुच्छ या किसी संदिग्ध दावे पर टिका होता है।
- CEA, लोड जनरेशन बैलेंस रिपोर्ट 2023-24: 2022-23 में ऊर्जा आवश्यकता 1,515,300 MU, आपूर्त ऊर्जा 1,507,372 MU, यानी 0.5 प्रतिशत का अंतर।
- CEA के अनुसार 2022-23 का माँग-आपूर्ति अंतर सामान्यतः देश में बिजली की उपलब्धता की कमी के अलावा अन्य कारणों से था।
- आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23: 2014-22 में 30,446 रूट किमी रेल मार्ग का विद्युतीकरण हुआ, जबकि उससे पहले के आठ वर्षों में 4,698 रूट किमी का।
- आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23: भारतीय रेल ने 2030 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करने का इरादा घोषित किया है।
हर तर्क को प्रासंगिकता, महत्व और इस आधार पर परखें कि उसका आधार तथ्यों पर टिका है या नहीं।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- व्यावहारिक लगने वाली आपत्ति मजबूत नहीं होती यदि उसका आधार संदिग्ध हो। "भारत पर्याप्त बिजली का उत्पादन नहीं करता" को स्वीकार करने से पहले CEA के आँकड़ों पर परखें।
- एक शब्द किसी दावे को अति-व्यापक बना सकता है। "घरेलू आवश्यकता को पूरी करने के लिये भी पर्याप्त नहीं" कहना "आपूर्ति कभी-कभी कम पड़ जाती है" से कहीं अधिक कहता है।
- मजबूती इस पर निर्भर नहीं करती कि तर्क किस पक्ष का है। यहाँ हाँ वाला तर्क मजबूत और नहीं वाला कमज़ोर है; किसी दूसरे कथन में नहीं वाला तर्क मजबूत हो सकता है।
कोई प्रश्न "क्या... होना चाहिये?" जैसा नीति संबंधी कथन दो तर्कों और चार निश्चित विकल्पों के साथ दे सकता है, जैसा यह प्रश्न करता है।
कोई प्रश्न तीन या चार तर्क संयोजन कूटों के साथ भी दे सकता है, या ऐसा हाँ और नहीं दे सकता है जिनमें से प्रत्येक अलग प्रकार के कारण पर टिका हो।
संबंधित PYQ
एक कथन के पश्चात् दो तर्क (I) और (II) दिये गये हैं । कौन सा/से तर्क अधिक मजबूत है/हैं, चुनिये । कथन : क्या राजस्थान में बिजली की आवश्यकता कम करने के लिये हर घर में सौर ऊर्जा का उपयोग होना चाहिये ? तर्क : (I) हाँ, इससे हमारे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होगा और पर्यावरण अनुकूलता को बढ़ावा मिलेगा । (II) नहीं, सौर पैनल महँगे हैं और सभी मकान मालिक सब्सिडी के बिना इसे वहन करने में सक्षम नहीं हैं ।
- (1) केवल तर्क (I) मजबूत है ।
- (2) केवल तर्क (II) मजबूत है ।
- (3) दोनों तर्क मजबूत हैं ।
- (4) ना तो तर्क (I) और ना ही तर्क (II) मजबूत है ।
उत्तर(1)
वही प्रारूप और वही निर्णय। क्या राजस्थान में बिजली की आवश्यकता कम करने के लिये हर घर में सौर ऊर्जा का उपयोग होना चाहिये, इस पर RPSC की कुंजी केवल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण वाले तर्क (I) को मजबूत मानती है, और सौर पैनल महँगे होने की आपत्ति (II) को कमज़ोर। यहाँ भी पर्यावरण वाला हाँ मजबूत है और व्यावहारिक नहीं कमज़ोर।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
एक कथन के पश्चात् दो तर्क I तथा II दिये गये हैं । कौन सा/से तर्क मजबूत है/हैं, चुनिये : कथन : क्या सभी सरकारी कार्यालयों को अपनी फाइलें कागज़ के बजाय इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखनी चाहिये ? तर्क : I. हाँ, इससे कागज़ बचेगा और अभिलेख खोजना जल्दी होगा । II. नहीं, कुछ कर्मचारियों को कंप्यूटर चलाने का प्रशिक्षण देना होगा ।
- (a)न तो तर्क I और ना ही तर्क II मजबूत है ।
- (b)दोनों तर्क मजबूत हैं ।
- (c)केवल तर्क II मजबूत है ।
- (d)केवल तर्क I मजबूत है ।
उत्तर(4) — I इलेक्ट्रॉनिक फाइलों से सीधे जुड़े महत्वपूर्ण लाभ बताता है, इसलिए मजबूत है। II एक ऐसी बाधा बताता है जिसे प्रशिक्षण दूर कर सकता है, बदलाव के विरुद्ध कोई कारण नहीं, इसलिए कमज़ोर है। विकल्प (1) I को अस्वीकार करता है, विकल्प (2) II को स्वीकार करता है, और विकल्प (3) दोनों को उलट देता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
एक कथन के पश्चात् दो तर्क I तथा II दिये गये हैं । कौन सा/से तर्क मजबूत है/हैं, चुनिये : कथन : क्या विद्यार्थियों को गणित की सभी परीक्षाओं में कैलकुलेटर के उपयोग की अनुमति होनी चाहिये ? तर्क : I. हाँ, अन्य सभी देश परीक्षाओं में कैलकुलेटर की अनुमति देते हैं । II. नहीं, इससे विद्यार्थियों का मूलभूत गणना का अभ्यास कमज़ोर होगा ।
- (a)न तो तर्क I और ना ही तर्क II मजबूत है ।
- (b)दोनों तर्क मजबूत हैं ।
- (c)केवल तर्क II मजबूत है ।
- (d)केवल तर्क I मजबूत है ।
उत्तर(3) — I नकल पर और "अन्य सभी देश" वाले अति-व्यापक दावे पर टिका है, इसलिए कमज़ोर है। II सीधे उससे जुड़ा है जिसकी जाँच गणित की परीक्षाएँ करती हैं, और महत्वपूर्ण है, इसलिए मजबूत है। विकल्प (1) II को अस्वीकार करता है, विकल्प (2) I को स्वीकार करता है, और विकल्प (4) दोनों को उलट देता है।