चुकन्दर पर आधारित प्रथम चीनी उद्योग स्थापित हुआ था
- (1)श्री गंगानगर में
- (2)भोपालसागर में
- (3)केशोरायपाटन में
- (4)उदयपुर में
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), श्री गंगानगर में.
RPSC की अंतिम उत्तर कुंजी श्री गंगानगर को वह स्थान बताती है जहाँ चुकन्दर पर आधारित प्रथम चीनी उद्योग स्थापित हुआ था।
गंगानगर जिला गजेटियर के अनुसार इस नगर की चीनी मिल को 1937 में बीकानेर के कुछ व्यापारियों ने शुरू किया, 1945-46 में बीकानेर इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन के रूप में इसमें पेराई शुरू हुई, और 1 जुलाई 1956 से यह राजस्थान सरकार द्वारा नियंत्रित उपक्रम बन गई।
कम्पनी की संग्रहीत वेबसाइट के अनुसार जनवरी 1957 में इसका नाम द गंगानगर शुगर मिल्स लिमिटेड और 14 मई 1993 से राजस्थान स्टेट गंगानगर शुगर मिल्स लिमिटेड (RSGSM) हुआ। इसके घोषित उद्देश्यों में गन्ने और शुगर बीट से चीनी बनाना शामिल है।
चुकन्दर-चीनी के पीछे की फसल शुगर बीट है — सामान्य चुकन्दर (Beta vulgaris) का एक किस्म-समूह, जिसे उसकी जड़ में संचित सुक्रोज़ के लिए उगाया जाता है।
RPSC की कुंजी चुकन्दर-चीनी को श्री गंगानगर से जोड़ती है; भोपालसागर की 1937 की मिल गन्ने का उपयोग करती थी।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)भोपालसागर में — चित्तौड़गढ़ जिले का भोपालसागर मेवाड़ शुगर मिल्स लिमिटेड का स्थान है। चित्तौड़गढ़ जिला गजेटियर इस कारखाने को 1937 का बताता है और लिखता है कि यह राज्य में उगाए गए गन्ने का उपयोग करता था।
इससे यह गन्ने पर आधारित एक प्रारंभिक मिल ठहरती है, चुकन्दर पर आधारित नहीं। पुरानी होने के कारण यह "प्रथम" वाले प्रश्न का उत्तर लग सकती है।
- (3)केशोरायपाटन में — बूँदी जिले का केशोरायपाटन श्री केशोरायपाटन सहकारी शुगर मिल्स लिमिटेड का स्थान है — एक सहकारी चीनी मिल, जिसका नाम राजस्थान विधान सभा के प्रक्रिया नियमों की एक अनुसूची में दर्ज है।
1964 का बूँदी जिला गजेटियर तब भी केशोरायपाटन में एक बड़े चीनी कारखाने के निकट भविष्य में लगने की अपेक्षा बताता था। यह वह चुकन्दर-चीनी स्थल नहीं है जिसे कुंजी बताती है।
- (4)उदयपुर में — चित्तौड़गढ़ जिला गजेटियर के अनुसार उदयपुर पूर्व मेवाड़ राज्य की राजधानी था। गन्ने पर आधारित मेवाड़ शुगर मिल्स का स्थान भोपालसागर कभी उदयपुर जिले की एक तहसील था; वही गजेटियर इसके गाँवों के चित्तौड़गढ़ जिले की कपासन तहसील में मिलाए जाने का उल्लेख करता है।
RPSC की कुंजी में चुकन्दर-चीनी का स्थल श्री गंगानगर है, जो राज्य के सुदूर उत्तर में है।
अवधारणा
चीनी मुख्य रूप से दो फसलों से बनती है: गन्ना और शुगर बीट। शुगर बीट सामान्य चुकन्दर (Beta vulgaris) का एक किस्म-समूह है, जिसकी जड़ में सुक्रोज़ की उच्च सांद्रता होती है; सब्ज़ी के रूप में खाया जाने वाला चुकन्दर उसी प्रजाति की एक और किस्म है।
शुगर बीट मुख्यतः शीतोष्ण जलवायु में उगाया जाता है, जिनमें से कई क्षेत्र गन्ने के लिए बहुत ठंडे हैं।
विकल्पों में दिए स्थानों की मिलों का इतिहास अलग-अलग है। श्री गंगानगर की मिल 1937 में शुरू हुई और 1956 में राजकीय उपक्रम बनी; भोपालसागर की मेवाड़ शुगर मिल्स 1937 की है और गन्ने का उपयोग करती थी; केशोरायपाटन की मिल सहकारी है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "प्रमुख उद्योग" शामिल है, और साथ में "प्रमुख फसलें– गेहूँ, मक्का, जौ, कपास, गन्ना, एवं बाजरा" भी। चीनी जैसे कृषि-आधारित उद्योग इन दोनों शीर्षकों के मिलन-बिन्दु पर हैं।
चीनी मिल अपने आसपास की फसल पर निर्भर होती है। गंगानगर गजेटियर दर्ज करता है कि पाकिस्तान के साथ नहरी जल समझौते के अंतर्गत सिंचाई-आपूर्ति घटने के बाद 1962-63 से 1964-65 तक श्री गंगानगर के कारखाने के मौसम मंदे रहे।
वही गजेटियर बताता है कि कम्पनी आसवनियाँ चलाती थी और उस समय पूरे राजस्थान में देशी शराब की आपूर्ति पर उसका एकाधिकार था।
मुख्य तथ्य
- गंगानगर जिला गजेटियर के अनुसार श्री गंगानगर का चीनी कारखाना 1937 में बीकानेर के व्यापारियों ने शुरू किया और 1945-46 में इसमें पेराई शुरू हुई।
- राजस्थान सरकार ने 1 जुलाई 1956 से श्री गंगानगर मिल का नियंत्रण लिया; 14 मई 1993 से यह राजस्थान स्टेट गंगानगर शुगर मिल्स लिमिटेड बनी।
- RSGSM के घोषित उद्देश्यों में गन्ने और शुगर बीट से चीनी का निर्माण शामिल है।
- चित्तौड़गढ़ जिला गजेटियर के अनुसार चित्तौड़गढ़ जिले के भोपालसागर की मेवाड़ शुगर मिल्स 1937 में स्थापित हुई और गन्ने का उपयोग करती थी।
- शुगर बीट सामान्य चुकन्दर (Beta vulgaris) का एक किस्म-समूह है, जिसे उसकी जड़ के सुक्रोज़ के लिए उगाया जाता है।
गंगानगर, चित्तौड़गढ़ और बूँदी जिला गजेटियरों, RSGSM की संग्रहीत वेबसाइट और राजस्थान विधान सभा के प्रक्रिया नियमों से।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- भोपालसागर की मिल 1937 की है, इसलिए "प्रथम" वाला प्रश्न उसकी ओर खींच सकता है। वह गन्ने का उपयोग करती थी, और प्रश्न चुकन्दर के बारे में है।
- गंगानगर गजेटियर का 1960 के दशक का विवरण श्री गंगानगर मिल में गन्ने की पेराई बताता है। उसका 1937 का स्थापना-वर्ष चुकन्दर-चीनी का प्रमाण नहीं है।
- भोपालसागर कभी उदयपुर जिले की तहसील था, और उसकी मिल के नाम में मेवाड़ है। इनमें से कोई भी संबंध उदयपुर को चुकन्दर-चीनी का स्थल नहीं बनाता।
कोई प्रश्न पूछ सकता है कि अपनी तरह की पहली औद्योगिक इकाई कहाँ स्थापित हुई, जैसा यह प्रश्न करता है।
कोई प्रश्न उद्योगों को उनके नगरों से सुमेलित भी करवा सकता है, पूछ सकता है कि कोई मिल कौन-सा कच्चा माल उपयोग करती है, या पूछ सकता है कि कोई इकाई सहकारी, निजी या राजकीय है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021 और 2018 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
1937 में स्थापित मेवाड़ शुगर मिल्स स्थित है –
- (a)भोपालसागर में
- (b)श्री गंगानगर में
- (c)केशोरायपाटन में
- (d)उदयपुर में
उत्तर(1) — चित्तौड़गढ़ जिला गजेटियर मेवाड़ शुगर मिल्स लिमिटेड को भोपालसागर में बताता है और उसे 1937 का बताता है। विकल्प (2), श्री गंगानगर, में गंगानगर शुगर मिल्स है। विकल्प (3), केशोरायपाटन, में एक सहकारी मिल है। विकल्प (4), उदयपुर, मेवाड़ राज्य की राजधानी था; भोपालसागर कभी उदयपुर जिले में था, पर मिल भोपालसागर में है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सी राजस्थान की एक सहकारी चीनी मिल है ?
- (a)द मेवाड़ शुगर मिल्स लिमिटेड
- (b)श्री केशोरायपाटन सहकारी शुगर मिल्स लिमिटेड
- (c)राजस्थान स्टेट गंगानगर शुगर मिल्स लिमिटेड
- (d)श्री सादुल टेक्सटाइल्स लिमिटेड
उत्तर(2) — राजस्थान विधान सभा के प्रक्रिया नियमों में दर्ज इस मिल के नाम में ही "सहकारी" शब्द है। विकल्प (1), चित्तौड़गढ़ गजेटियर के अनुसार, एक निजी प्रतिष्ठान के रूप में शुरू होकर बाद में पब्लिक लिमिटेड बनी। विकल्प (3) राजस्थान सरकार का उपक्रम है। विकल्प (4) गंगानगर की एक सूती वस्त्र कम्पनी थी।