माही बजाज सागर परियोजना एक संयुक्त उद्यम है
- (1)राजस्थान, पंजाब तथा गुजरात का
- (2)गुजरात तथा राजस्थान का
- (3)राजस्थान, गुजरात तथा मध्यप्रदेश का
- (4)मध्यप्रदेश तथा राजस्थान का
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), गुजरात तथा राजस्थान का.
बाँसवाड़ा जिले में माही नदी पर बनी माही बजाज सागर परियोजना में गुजरात तथा राजस्थान साझेदार हैं।
बाँसवाड़ा जिला गजेटियर 1959-60 में शुरू हुई माही बहुउद्देशीय परियोजना का वर्णन माही के आर-पार बने चिनाई बाँध और बाँसवाड़ा के लिए नहर तंत्र के रूप में करता है। 1.71 हज़ार मिलियन घन मीटर के सक्रिय भंडारण में से 1.28 हज़ार मिलियन घन मीटर की औसत वार्षिक आपूर्ति गुजरात को दी जानी थी।
गजेटियर आगे बताता है कि गुजरात का हिस्सा एक जल-विद्युत चैनल से होकर जाना था और बाँसवाड़ा व डूंगरपुर जिलों के लिए बिजली बनानी थी।
नदी इस युग्म को समझाती है। राजस्थान के जल-भूवैज्ञानिक एटलस (2013) के अनुसार माही पश्चिमी मध्यप्रदेश से निकलती है, बाँसवाड़ा जिले में चन्दनगढ़ के पास राजस्थान में प्रवेश करती है और सालकारी गाँव पर राज्य से बाहर निकलती है; बाँसवाड़ा गजेटियर के अनुसार इसके बाद यह गुजरात से होकर बहती है।
बाँध राजस्थान में है; उसका जल बाँटने वाला साझेदार नीचे की ओर स्थित गुजरात है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)राजस्थान, पंजाब तथा गुजरात का — यह विकल्प वास्तविक युग्म में पंजाब जोड़ देता है। पंजाब माही बेसिन से बाहर है: 2013 का जल-भूवैज्ञानिक एटलस राजस्थान से बाहर स्थित बेसिन के ऊपरी भाग को मध्यप्रदेश और गुजरात में रखता है, और नदी आगे गुजरात से होकर बहती है।
राजस्थान और गुजरात दोनों के नाम होने के बावजूद एक अतिरिक्त राज्य ही विकल्प को गलत बनाने के लिए काफी है।
- (3)राजस्थान, गुजरात तथा मध्यप्रदेश का — यह विकल्प मध्यप्रदेश जोड़ता है, जहाँ से माही निकलती है। कोई राज्य बेसिन में होते हुए भी परियोजना का साझेदार न हो, ऐसा हो सकता है।
बाँसवाड़ा गजेटियर का विवरण जलाशय के जल को बाँसवाड़ा में सिंचाई और गुजरात को आपूर्ति के बीच बाँटता है; उसमें मध्यप्रदेश का कोई हिस्सा नहीं बताया गया।
- (4)मध्यप्रदेश तथा राजस्थान का — यह युग्म परियोजना से नहीं, माही के ऊपरी प्रवाह-मार्ग से मेल खाता है। नदी मध्यप्रदेश से निकलती है, पर माही बजाज सागर बाँध बाँसवाड़ा जिले में है।
इसका जल नीचे की ओर स्थित गुजरात के साथ बाँटा जाता है, जिसे यह विकल्प छोड़ देता है।
अवधारणा
2013 के राजस्थान के जल-भूवैज्ञानिक एटलस के अनुसार माही मध्यप्रदेश के पश्चिमी भाग से निकलती है, बाँसवाड़ा जिले में चन्दनगढ़ के पास राजस्थान में प्रवेश करती है और सालकारी गाँव पर राज्य से बाहर निकलती है। वहाँ से यह गुजरात से होकर बहती है।
बाँसवाड़ा में इसकी मुख्य सहायक नदियाँ अनास, हिरन, इरू और चाप हैं। डूंगरपुर जिले में मुख्य सहायक नदी सोम है, जिसमें ऊपर की ओर जाखम मिलती है।
2013 के एटलस में राजस्थान में माही बेसिन लगभग 16,630 वर्ग किमी में बाँसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और उदयपुर जिलों में फैला है; एटलस राजस्थान से बाहर स्थित बेसिन के ऊपरी भाग, 8,864 वर्ग किमी, को मध्यप्रदेश और गुजरात में रखता है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "प्रमुख सिंचाई परियोजनाएँ एवं जल संरक्षण तकनीकें" शामिल है। बहुउद्देशीय नदी परियोजनाएँ, और उन्हें साझा करने वाले राज्य, इसी शीर्षक के अंतर्गत आते हैं।
दक्षिणी राजस्थान के लिए माही परियोजना एक विकास योजना भी है। बाँसवाड़ा गजेटियर ने इसे ऐसी परियोजना बताया जो जिले की जनजातीय आबादी के लिए समृद्धि की आशा जगाती है।
यह जलाशय मत्स्य-पालन में भी काम आता है। राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2022-23 माही बजाज सागर (बाँसवाड़ा) को उन तीन जलाशयों में गिनाती है जिनमें जनजातीय मछुआरों के लिए 'आजीविका मॉडल' लागू किया जा रहा था; अन्य दो जयसमन्द (उदयपुर) और कडाना बैकवाटर (डूंगरपुर) हैं।
मुख्य तथ्य
- बाँसवाड़ा जिला गजेटियर माही बहुउद्देशीय परियोजना का कार्य 1959-60 में शुरू होना दर्ज करता है, जिसमें माही के आर-पार एक चिनाई बाँध है।
- बाँसवाड़ा गजेटियर के अनुसार जलाशय के 1.71 हज़ार मिलियन घन मीटर जल में से 1.28 हज़ार मिलियन घन मीटर गुजरात को दिया जाना था।
- राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2022-23 माही बजाज सागर (बाँसवाड़ा) को जनजातीय मछुआरों के 'आजीविका मॉडल' वाले तीन जलाशयों में गिनाती है।
- माही पश्चिमी मध्यप्रदेश से निकलती है, चन्दनगढ़ (बाँसवाड़ा) के पास राजस्थान में प्रवेश करती है और सालकारी गाँव पर राज्य से बाहर निकलती है (जल-भूवैज्ञानिक एटलस, 2013)।
- 2013 के जल-भूवैज्ञानिक एटलस के अनुसार बाँसवाड़ा में माही की मुख्य सहायक नदियाँ अनास, हिरन, इरू और चाप हैं; इनमें केवल अनास बारहमासी है।
परियोजना के साझेदार राज्य दोनों रेखांकित पंक्तियाँ हैं: राजस्थान और गुजरात।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- माही मध्यप्रदेश से निकलती है, इसलिए विकल्प (3) और (4) सही लग सकते हैं। परियोजना का जल बाँटने वाला राज्य गुजरात है।
- विकल्प (1) और (3) दोनों में सही युग्म के साथ एक अतिरिक्त राज्य है। एक अतिरिक्त राज्य ही विकल्प को गलत बना देता है।
- माही परियोजना में गुजरात का हिस्सा उसे किसी दूसरी परियोजना का साझेदार नहीं बना देता। हर साझा परियोजना को उसकी अपनी नदी और साझेदार से जोड़िए।
कोई प्रश्न पूछ सकता है कि कौन-से राज्य किसी सिंचाई या विद्युत परियोजना के साझेदार हैं, जैसा यह प्रश्न करता है।
कोई प्रश्न किसी परियोजना की नदी या जिला, उसकी नहरों से लाभान्वित जिले, या राजस्थान की पड़ोसी राज्यों के साथ साझा परियोजनाएँ भी पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2018 और 2013 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
माही बजाज सागर परियोजना राजस्थान के किस जिले में स्थित है ?
- (a)बाँसवाड़ा
- (b)डूंगरपुर
- (c)उदयपुर
- (d)प्रतापगढ़
उत्तर(1) — परियोजना बाँसवाड़ा जिले में है, जहाँ माही राजस्थान में प्रवेश करती है। विकल्प (2), डूंगरपुर, वह जिला है जहाँ बेणेश्वर पर सोम माही से मिलती है। विकल्प (3), उदयपुर, और विकल्प (4), प्रतापगढ़, में माही बेसिन के भाग हैं, पर बाँध नहीं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
2013 के राजस्थान के जल-भूवैज्ञानिक एटलस के अनुसार, राज्य के भीतर माही बेसिन का सबसे बड़ा अंश किस जिले में है ?
- (a)बाँसवाड़ा
- (b)उदयपुर
- (c)प्रतापगढ़
- (d)डूंगरपुर
उत्तर(2) — बेसिन-क्षेत्र का 32.9% उदयपुर में था। विकल्प (1), बाँसवाड़ा, में बाँध होते हुए भी 27.0% था; विकल्प (3), प्रतापगढ़, में 20.0%; विकल्प (4), डूंगरपुर, में 19.0%। ये अंश 2013 की जिला-स्थिति के अनुसार हैं।