भारत में बॉक्साइट और अभ्रक के सर्वाधिक उत्पादक राज्य कौन से हैं ? बॉक्साइट – अभ्रक
- (1)मध्य प्रदेश – महाराष्ट्र
- (2)छत्तीसगढ़ – ओडिशा
- (3)ओडिशा – आन्ध्र प्रदेश
- (4)झारखण्ड – राजस्थान
उत्तर
क्यों
RPSC ने अपनी अंतिम उत्तर कुंजी में यह प्रश्न विलोपित कर दिया, इसलिए कोई विकल्प सही नहीं दिखाया गया है।
प्रश्न एक युग्म पूछता है: बॉक्साइट का सर्वाधिक उत्पादक राज्य और अभ्रक का सर्वाधिक उत्पादक राज्य। भारतीय खान ब्यूरो (IBM) अपनी भारतीय खनिज वर्षपुस्तिका (IMYB) में राज्यवार उत्पादन प्रकाशित करता है।
बॉक्साइट: IMYB 2021 भारत का 2020-21 का उत्पादन 20.37 मिलियन टन बताती है। इसमें ओडिशा का उत्पादन 15.57 मिलियन टन था, लगभग 76 प्रतिशत। उसके बाद गुजरात और झारखण्ड थे, दोनों लगभग 1.50 मिलियन टन पर।
अभ्रक का आँकड़ा अलग ढंग से दर्ज होता है। भारत सरकार की 10 फरवरी 2015 की अधिसूचना के अंतर्गत अभ्रक एक गौण खनिज है, इसलिए उत्पादक IBM को नहीं, राज्यों को सूचना देते हैं।
IMYB 2021 अभ्रक उत्पादन केवल उन राज्यों का छापती है जिनके आँकड़े वह जुटा सकी: 2020-21 के लिए राजस्थान 17,719 टन और आन्ध्र प्रदेश 16,717 टन।
संसाधन एक अलग माप है। 1 अप्रैल 2015 की स्थिति में भारत के अभ्रक संसाधनों का 41 प्रतिशत आन्ध्र प्रदेश में और 28 प्रतिशत राजस्थान में था।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)मध्य प्रदेश – महाराष्ट्र — यह विकल्प बॉक्साइट के लिए मध्य प्रदेश और अभ्रक के लिए महाराष्ट्र को जोड़ता है।
IMYB 2021 के अनुसार 2020-21 में मध्य प्रदेश ने 6.22 लाख टन और महाराष्ट्र ने 4.71 लाख टन बॉक्साइट का उत्पादन किया। IMYB की अभ्रक तालिका में महाराष्ट्र का कोई उत्पादन आँकड़ा नहीं है; 1 अप्रैल 2015 की स्थिति में महाराष्ट्र के पास भारत के अभ्रक संसाधनों का 13 प्रतिशत था।
- (2)छत्तीसगढ़ – ओडिशा — यह विकल्प बॉक्साइट के लिए छत्तीसगढ़ और अभ्रक के लिए ओडिशा को जोड़ता है।
छत्तीसगढ़ ने 2020-21 में 7.15 लाख टन बॉक्साइट का उत्पादन किया और 1 अप्रैल 2020 की स्थिति में उसके पास बॉक्साइट संसाधनों का 20 प्रतिशत था। 1 अप्रैल 2015 की स्थिति में ओडिशा के पास भारत के अभ्रक संसाधनों का 17 प्रतिशत था, पर IMYB 2021 की अभ्रक उत्पादन तालिका में ओडिशा का कोई आँकड़ा नहीं है।
- (3)ओडिशा – आन्ध्र प्रदेश — यह विकल्प बॉक्साइट के लिए ओडिशा और अभ्रक के लिए आन्ध्र प्रदेश को जोड़ता है।
ओडिशा ने 2020-21 में भारत के बॉक्साइट का लगभग 76 प्रतिशत उत्पादन किया। आन्ध्र प्रदेश के पास अभ्रक संसाधनों का सबसे बड़ा अंश था — 1 अप्रैल 2015 की स्थिति में 41 प्रतिशत — और उसने 2020-21 के लिए 16,717 टन अभ्रक उत्पादन दर्ज कराया।
- (4)झारखण्ड – राजस्थान — यह विकल्प बॉक्साइट के लिए झारखण्ड और अभ्रक के लिए राजस्थान को जोड़ता है।
झारखण्ड ने 2020-21 में 14.97 लाख टन बॉक्साइट का उत्पादन किया। राजस्थान ने 2020-21 के लिए 17,719 टन अभ्रक दर्ज कराया, जो IMYB 2021 की अभ्रक तालिका के दोनों राज्य-आँकड़ों में अधिक है, और 1 अप्रैल 2015 की स्थिति में उसके पास अभ्रक संसाधनों का 28 प्रतिशत था।
अवधारणा
बॉक्साइट एक ऐल्युमिनियमयुक्त चट्टान है, जिसका मुख्य घटक जलयोजित ऐल्युमिनियम ऑक्साइड है। IMYB 2021 इसे ऐल्युमिनियम का प्रमुख अयस्क कहती है, और यह दुर्गलनीय (रिफ्रैक्टरी) तथा रासायनिक उद्योगों में भी काम आता है।
अभ्रक परतदार खनिजों का एक समूह है; इनमें मस्कोवाइट और फ्लोगोपाइट व्यावसायिक रूप से महत्त्वपूर्ण हैं। यह बहुत पतली परतों में विभाजित हो जाता है, ऊष्मा सहता है और इसकी परावैद्युत सामर्थ्य अधिक होती है; प्राकृतिक शीट अभ्रक विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों में प्रयुक्त होता है।
उत्पादन और संसाधन राज्यों को अलग-अलग क्रम में रखते हैं। 1 अप्रैल 2020 की स्थिति में भारत के बॉक्साइट संसाधनों का 41 प्रतिशत ओडिशा में और 12 प्रतिशत आन्ध्र प्रदेश में था, फिर भी 2020-21 की बॉक्साइट उत्पादन तालिका में आन्ध्र प्रदेश की कोई पंक्ति नहीं है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "भारत का भूगोल" के अंतर्गत "प्रमुख खनिज–लौह अयस्क, मैंगनीज, बॉक्साइट एवं अभ्रक" शामिल है। उत्पादन और संसाधनों में राज्यों के अंश इसी शीर्षक के अंतर्गत आते हैं।
अभ्रक का राजस्थान से सीधा संबंध है। 1 अप्रैल 2015 की स्थिति में भारत के अभ्रक संसाधनों का 28 प्रतिशत राज्य में था, और 2020-21 में उसने 17,719 टन उत्पादन दर्ज कराया।
हर क्रम किसी वर्ष और किसी स्रोत से बँधा होता है। IBM के बॉक्साइट आँकड़े उसे सूचना देने वाली खानों से आते हैं, जबकि 2015 से अभ्रक के आँकड़े इस पर निर्भर हैं कि अलग-अलग राज्य क्या उपलब्ध कराते हैं।
मुख्य तथ्य
- 2020-21 में भारत का बॉक्साइट उत्पादन 20.37 मिलियन टन था; इसमें ओडिशा का योगदान लगभग 76% था (IBM, भारतीय खनिज वर्षपुस्तिका 2021)।
- बॉक्साइट उत्पादन 2020-21: ओडिशा 15.57 मिलियन टन; गुजरात 1.50 मिलियन टन; झारखण्ड 1.50 मिलियन टन; छत्तीसगढ़ 0.72 मिलियन टन; मध्य प्रदेश 0.62 मिलियन टन; महाराष्ट्र 0.47 मिलियन टन।
- 10 फरवरी 2015 की अधिसूचना S.O. 423(E) द्वारा अभ्रक को गौण खनिज घोषित किया गया; अब उत्पादक IBM को नहीं, राज्य सरकारों को सूचना देते हैं।
- IMYB 2021 की अभ्रक तालिका 2020-21 का उत्पादन दो राज्यों के लिए देती है: राजस्थान 17,719 टन और आन्ध्र प्रदेश 16,717 टन।
- 1 अप्रैल 2015 की स्थिति में भारत के अभ्रक संसाधनों का 41% आन्ध्र प्रदेश, 28% राजस्थान, 17% ओडिशा और 13% महाराष्ट्र में था।
बॉक्साइट के आँकड़े IBM को सूचना देने वाली खानों से; अभ्रक के केवल उन राज्यों के जिनके आँकड़े IMYB 2021 जुटा सकी। RPSC ने यह प्रश्न विलोपित कर दिया।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- संसाधन और उत्पादन अलग-अलग सूचियाँ हैं। 1 अप्रैल 2020 की स्थिति में आन्ध्र प्रदेश के पास बॉक्साइट संसाधनों का 12% था, पर 2020-21 की बॉक्साइट उत्पादन तालिका में उसकी कोई पंक्ति नहीं है।
- 2020-21 में गुजरात (14,97,712 टन) और झारखण्ड (14,97,473 टन) का बॉक्साइट उत्पादन लगभग बराबर था; उनका क्रम केवल 239 टन के अंतर पर टिका है।
- 2015 से अभ्रक उत्पादन की सूचना राज्यों को दी जाती है, और IMYB 2021 केवल दो राज्यों के आँकड़े छापती है। अभ्रक का कोई भी क्रम इस पर निर्भर है कि किन राज्यों ने आँकड़े दिए।
कोई प्रश्न दो खनिजों के अग्रणी उत्पादक राज्यों का युग्म पूछ सकता है, जैसा यह प्रश्न करता है।
कोई प्रश्न किसी एक खनिज के उत्पादन के अनुसार राज्यों का क्रम भी पूछ सकता है, खनिजों को खनन क्षेत्रों से सुमेलित करवा सकता है, या पूछ सकता है कि किसी खनिज के संसाधन कहाँ केन्द्रित हैं।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021 और 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारतीय खनिज वर्षपुस्तिका 2021 के अनुसार, 2020-21 में बॉक्साइट का अग्रणी उत्पादक राज्य कौन-सा था ?
- (a)ओडिशा
- (b)गुजरात
- (c)झारखण्ड
- (d)छत्तीसगढ़
उत्तर(1) — ओडिशा ने 15.57 मिलियन टन का उत्पादन किया, जो भारत के 20.37 मिलियन टन का लगभग 76% है। विकल्प (2), गुजरात, और विकल्प (3), झारखण्ड, दोनों ने लगभग 1.50 मिलियन टन का उत्पादन किया। विकल्प (4), छत्तीसगढ़, ने 0.72 मिलियन टन का। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत सरकार की 10 फरवरी 2015 की अधिसूचना S.O. 423(E) द्वारा अभ्रक को घोषित किया गया –
- (a)गौण खनिज
- (b)विहित पदार्थ
- (c)ईंधन खनिज
- (d)प्रधान खनिज
उत्तर(1) — IMYB 2021 दर्ज करती है कि इस अधिसूचना ने अभ्रक को गौण खनिज घोषित किया, इसलिए उत्पादक उत्पादन की सूचना IBM को नहीं, राज्यों को देते हैं। विकल्प (2), विहित पदार्थ, परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 के अंतर्गत एक श्रेणी है। विकल्प (3) और (4) वह नहीं हैं जो अधिसूचना ने घोषित किया।