निम्न रोगों में से कौन सा रोग जीवाण्वीय रोग नहीं है ?
- (1)डिफ्थीरिया
- (2)प्लेग
- (3)न्युमोनिया
- (4)डेंगू
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), डेंगू.
प्रश्न पूछता है कि कौन सा रोग जीवाण्वीय रोग नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का तथ्य-पत्र डेंगू को डेंगू विषाणु (DENV) से होने वाला विषाणु संक्रमण बताता है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से मनुष्यों में पहुँचता है।
मच्छर रोगवाहक है, रोग का कारण नहीं। WHO संक्रमित मादा Aedes aegypti को प्रमुख रोगवाहक बताता है, और अन्य एडीस प्रजातियों की भूमिका गौण है। रोग स्वयं विषाणु से होता है।
बाकी तीनों विकल्पों के कारणों में जीवाणु हैं: डिफ्थीरिया और प्लेग जीवाणुओं से होते हैं, और न्युमोनिया के कारणों में जीवाणु भी शामिल हैं। इसलिए डेंगू वह विकल्प है जिसका कोई जीवाण्वीय कारण नहीं है।
याद रखने योग्य बात: डेंगू एडीस मच्छरों से फैलने वाला विषाणु जनित रोग है; डिफ्थीरिया और प्लेग जीवाण्वीय हैं; न्युमोनिया जीवाणु, विषाणु या कवक, किसी से भी हो सकता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)डिफ्थीरिया — डिफ्थीरिया जीवाण्वीय रोग है। अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार यह जीवाणु Corynebacterium diphtheriae के कुछ प्रभेदों द्वारा बनाए गए विष (टॉक्सिन) से होता है।
WHO के अनुसार यह रोग ऊपरी श्वसन पथ को, और कम बार त्वचा को, प्रभावित करता है, और इसका विष हृदय तथा तंत्रिकाओं को क्षति पहुँचाता है। यह टीके से रोका जा सकता है, जिसके लिए कई खुराकें और बूस्टर खुराकें आवश्यक हैं।
- (2)प्लेग — प्लेग Yersinia pestis नामक जीवाणु से होने वाला जीवाण्वीय रोग है। WHO, Y. pestis को एक पशुजन्य (जूनोटिक) जीवाणु बताता है जो सामान्यतः छोटे स्तनधारियों और उनके पिस्सुओं में पाया जाता है।
सबसे सामान्य रूप, ब्यूबोनिक प्लेग, संक्रमित पिस्सू के काटने से होता है; न्यूमोनिक रूप बूँदों (ड्रॉपलेट) के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। WHO के अनुसार प्रतिजैविक उपचार प्लेग के जीवाणुओं के विरुद्ध प्रभावी है, इसलिए जल्दी निदान और उपचार से जीवन बच सकता है।
- (3)न्युमोनिया — न्युमोनिया फेफड़ों के एक संक्रमण का नाम है, और WHO इसके कारणों में विषाणु, जीवाणु और कवक गिनाता है। यह पूरी तरह जीवाण्वीय नहीं है, पर जीवाणु इसके सबसे सामान्य कारणों में से हैं।
WHO बच्चों में जीवाण्वीय न्युमोनिया का सबसे सामान्य कारण Streptococcus pneumoniae और दूसरा Haemophilus influenzae type b (Hib) बताता है। इसके विपरीत, डेंगू का कारण केवल विषाणु है।
अवधारणा
संक्रामक रोगों को उन्हें उत्पन्न करने वाले जीव के प्रकार के आधार पर बाँटा जाता है: जीवाणु, विषाणु, कवक या परजीवी। रोग का नाम हमेशा किसी एक प्रकार की ओर संकेत नहीं करता।
कुछ रोगों का एक ही रोगकारक जीव होता है। डेंगू डेंगू विषाणु से, प्लेग जीवाणु Yersinia pestis से, टाइफाइड Salmonella Typhi से और चिकुनगुनिया चिकुनगुनिया विषाणु से होता है।
कुछ अन्य रोगों का नाम प्रभावित अंग पर रखा गया है। न्युमोनिया फेफड़ों का संक्रमण है, जो विषाणु, जीवाणु या कवक से हो सकता है। मच्छर या पिस्सू जैसा रोगवाहक रोगाणु को ले जाता है, पर स्वयं रोगाणु नहीं है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "स्वास्थ्य देखभाल; संक्रामक, असंक्रामक एवं पशुजन्य रोग" शामिल है। यहाँ के चारों रोग संक्रामक हैं; प्लेग पशुजन्य भी है, क्योंकि उसका जीवाणु छोटे स्तनधारियों और उनके पिस्सुओं में रहता है।
भारत में डेंगू राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र के अंतर्गत आता है, जो छह रोगवाहक जनित रोग सूचीबद्ध करता है: मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, काला-अज़ार, जापानी एन्सेफलाइटिस और चिकुनगुनिया।
रोगाणु का प्रकार जानने से उपचार की दिशा तय होती है। WHO के अनुसार जीवाणुओं से हुए न्युमोनिया का उपचार प्रतिजैविकों से हो सकता है, जबकि विषाणु जनित रोग चिकुनगुनिया के लिए वह कोई विशिष्ट विषाणुरोधी उपचार नहीं बताता।
मुख्य तथ्य
- WHO: डेंगू, डेंगू विषाणु (DENV) से होने वाला विषाणु संक्रमण है, जो मुख्यतः संक्रमित मादा Aedes aegypti मच्छरों से फैलता है।
- WHO: प्लेग Yersinia pestis से होता है, जो सामान्यतः छोटे स्तनधारियों और उनके पिस्सुओं में पाया जाने वाला पशुजन्य जीवाणु है।
- CDC: डिफ्थीरिया जीवाणु Corynebacterium diphtheriae के कुछ प्रभेदों द्वारा बनाए गए विष से होता है।
- WHO: न्युमोनिया विषाणु, जीवाणु या कवक से हो सकता है; बच्चों में जीवाण्वीय न्युमोनिया का सबसे सामान्य कारण Streptococcus pneumoniae है।
- WHO: रेस्पिरेटरी सिंसिशियल वायरस न्युमोनिया का सबसे सामान्य विषाणु कारण है; Hib दूसरा सबसे सामान्य जीवाण्वीय कारण है।
स्रोत: डेंगू, प्लेग, डिफ्थीरिया और न्युमोनिया पर WHO के तथ्य-पत्र; डिफ्थीरिया पर CDC।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- न्युमोनिया का नाम अंग पर है, जीव पर नहीं। विषाणु, जीवाणु और कवक, तीनों इसे उत्पन्न कर सकते हैं, इसलिए विकल्पों का पूरा समूह पढ़े बिना इसे "विषाणु जनित" या "जीवाण्वीय" न मान लें।
- रोगवाहक रोगाणु नहीं है। एडीस मच्छर डेंगू को ले जाते हैं, पर कारण विषाणु है; पिस्सू प्लेग को ले जाते हैं, पर कारण जीवाणु है।
- डिफ्थीरिया की हानि एक विष से होती है, फिर भी रोग जीवाण्वीय है: वह विष Corynebacterium diphtheriae के प्रभेद बनाते हैं।
कोई प्रश्न चार रोग देकर पूछ सकता है कि कौन सा जीवाण्वीय नहीं है, जैसा यह प्रश्न करता है, या कौन सा विषाणु जनित नहीं है।
कोई प्रश्न रोगवाहक, रोग और रोगाणु के प्रकार के समुच्चय देकर गलत समुच्चय भी पूछ सकता है, या रोगों को उनके रोगकारक जीवों से सुमेलित करवा सकता है।
संबंधित PYQ
“विशिष्ट रोगवाहक – जनित रोग – रोगाणु के प्रकार” के गलत समुच्चय का चयन कीजिए ।
- (1) एडीस – चिकुनगुनिया – जीवाणु
- (2) क्यूलेक्स – लिम्फेटिक फाइलेरिएसिस – परजीवी
- (3) एनोफ़िलीज़ – मलेरिया – परजीवी
- (4) एडीस – डेंगू – विषाणु
उत्तर(1)
रोगाणु के प्रकार का वही विचार, रोगवाहकों के साथ। वह प्रश्न “विशिष्ट रोगवाहक – जनित रोग – रोगाणु के प्रकार” का गलत समुच्चय पूछता है (RPSC की कुंजी: एडीस – चिकुनगुनिया – जीवाणु), और उसका एक सही समुच्चय एडीस – डेंगू – विषाणु है; यह प्रश्न पूछता है कि चार रोगों में से कौन सा जीवाण्वीय रोग नहीं है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन सा रोग विषाणु से होता है ?
- (a)टाइफाइड
- (b)क्षयरोग
- (c)चिकुनगुनिया
- (d)प्लेग
उत्तर(3) — WHO चिकुनगुनिया को चिकुनगुनिया विषाणु से होने वाला रोग बताता है। टाइफाइड जीवाणु Salmonella Typhi से, क्षयरोग जीवाणुओं से, और प्लेग जीवाणु Yersinia pestis से होता है, इसलिए विकल्प (1), (2) और (4) जीवाण्वीय हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
रोग और रोगाणु के प्रकार का निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?
- (a)प्लेग – जीवाणु
- (b)डिफ्थीरिया – जीवाणु
- (c)डेंगू – जीवाणु
- (d)चिकुनगुनिया – विषाणु
उत्तर(3) — डेंगू डेंगू विषाणु से होता है, जीवाणु से नहीं। प्लेग (Yersinia pestis) और डिफ्थीरिया (Corynebacterium diphtheriae) जीवाण्वीय हैं, और चिकुनगुनिया चिकुनगुनिया विषाणु से होता है, इसलिए विकल्प (1), (2) और (4) सही सुमेलित हैं।