प्लास्मोडियम की प्रजाति जो घातक मलेरिया का कारण बनती है :
- (1)विवैक्स
- (2)फाल्सीपेरम
- (3)ओवेल
- (4)मैलेरियेल
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), फाल्सीपेरम.
घातक (मैलिग्नेंट) मलेरिया, Plasmodium falciparum से होने वाले मलेरिया का नाम है। अमेरिका के CDC की पत्रिका Emerging Infectious Diseases में फरवरी 2021 में छपी एक व्युत्पत्ति-टिप्पणी (Etymologia), जिसके लेखक ICMR के राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली से हैं, बताती है कि फाल्सीपेरम वह परजीवी है जो मनुष्यों में घातक तृतीयक (मैलिग्नेंट टर्शियन) मलेरिया उत्पन्न करता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का मलेरिया तथ्य-पत्र बताता है कि यह प्रजाति कितनी गंभीर है: P. falciparum सबसे जानलेवा मलेरिया परजीवी है। उपचार न होने पर P. falciparum मलेरिया 24 घंटों के भीतर गंभीर बीमारी और मृत्यु तक पहुँच सकता है।
इसलिए घातक मलेरिया के पीछे की प्रजाति फाल्सीपेरम है।
याद रखने योग्य बात: फाल्सीपेरम घातक मलेरिया उत्पन्न करता है और सबसे जानलेवा प्रजाति है; P. vivax, P. ovale और P. malariae मनुष्यों को संक्रमित करने वाली अन्य प्रजातियाँ हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)विवैक्स — Plasmodium vivax मनुष्यों का मलेरिया परजीवी है, पर घातक मलेरिया के नाम वाला परजीवी नहीं। WHO, P. vivax को उप-सहारा अफ्रीका के बाहर अधिकांश देशों में प्रमुख मलेरिया परजीवी बताता है।
WHO, P. falciparum और P. vivax को सबसे बड़ा खतरा पैदा करने वाली दो प्रजातियों में रखता है, और सबसे जानलेवा केवल P. falciparum को बताता है।
- (3)ओवेल — Plasmodium ovale उन मलेरिया प्रजातियों में से एक है जो मनुष्यों को संक्रमित कर सकती हैं। सबसे बड़ा खतरा पैदा करने वाली दो प्रजातियों, P. falciparum और P. vivax, के बाद WHO इसे P. malariae और P. knowlesi के साथ मनुष्यों की अन्य मलेरिया प्रजातियों में गिनाता है।
मलेरिया का घातक रूप वह है जो P. falciparum से होता है।
- (4)मैलेरियेल — विकल्प (4) में "मैलेरियेल" छपा है। इससे मिलता-जुलता प्रजाति नाम Plasmodium malariae है, जिसे WHO मनुष्यों को संक्रमित कर सकने वाली मलेरिया प्रजातियों में गिनाता है।
यह घातक मलेरिया उत्पन्न करने वाली प्रजाति नहीं है। वह वर्णन P. falciparum का है, जिसे WHO सबसे जानलेवा मलेरिया परजीवी कहता है।
अवधारणा
मलेरिया Plasmodium परजीवियों से होता है। WHO के अनुसार Plasmodium की पाँच प्रजातियाँ मनुष्यों में मलेरिया उत्पन्न करती हैं: P. falciparum, P. vivax, P. malariae, P. ovale और P. knowlesi।
परजीवी और वाहक अलग-अलग जीव हैं। मलेरिया अधिकतर कुछ संक्रमित मादा एनोफ़िलीज़ मच्छरों के काटने से लोगों में फैलता है; रक्ताधान और संदूषित सुइयों से भी इसका संचरण हो सकता है।
Emerging Infectious Diseases की टिप्पणी falciparum को लैटिन falx या falci (हँसिया या दरांती के आकार का) और parum (जैसा) या parere (धारण करना) से व्युत्पन्न बताती है। Haemotozoon falciforme जैसे पुराने नाम परजीवी के हँसिया-आकार के युग्मकजनकों (गैमीटोसाइट) की ओर संकेत करते थे; 1897 में विलियम हेनरी वेल्च द्वारा सुझाया गया falciparum नाम स्वीकार हुआ।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "स्वास्थ्य देखभाल; संक्रामक, असंक्रामक एवं पशुजन्य रोग" शामिल है। मलेरिया एक संक्रामक रोग है; भारत का राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र इसे डेंगू, फाइलेरिया, काला-अज़ार, जापानी एन्सेफलाइटिस और चिकुनगुनिया के साथ छह रोगवाहक जनित रोगों में गिनाता है।
उपचार और रोकथाम के लिए प्रजाति मायने रखती है। WHO का 29 मार्च 2023 का मलेरिया तथ्य-पत्र आर्टेमिसिनिन-आधारित संयोजन चिकित्सा की दवाओं को सामान्यतः सबसे प्रभावी दवाएँ बताता है, और कहता है कि P. vivax और P. ovale संक्रमण की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्राइमाक्वीन जोड़ी जानी चाहिए।
अक्टूबर 2021 से WHO मध्यम से उच्च P. falciparum संचरण वाले क्षेत्रों में बच्चों के लिए RTS,S/AS01 टीके की अनुशंसा करता आ रहा है।
मुख्य तथ्य
- WHO: Plasmodium की पाँच प्रजातियाँ मनुष्यों में मलेरिया उत्पन्न करती हैं; P. falciparum और P. vivax सबसे बड़ा खतरा हैं।
- WHO: P. falciparum सबसे जानलेवा मलेरिया परजीवी है; उपचार न होने पर फाल्सीपेरम मलेरिया 24 घंटों के भीतर गंभीर बीमारी और मृत्यु तक पहुँच सकता है।
- Emerging Infectious Diseases (2021): फाल्सीपेरम वह परजीवी है जो घातक तृतीयक मलेरिया उत्पन्न करता है; नाम लैटिन falx या falci, यानी हँसिया या दरांती के आकार का, से आया है।
- WHO: P. vivax उप-सहारा अफ्रीका के बाहर अधिकांश देशों में प्रमुख मलेरिया परजीवी है।
- मलेरिया अधिकतर कुछ संक्रमित मादा एनोफ़िलीज़ मच्छरों के काटने से फैलता है (WHO)।
स्रोत: WHO मलेरिया तथ्य-पत्र (29 मार्च 2023); Emerging Infectious Diseases 27(2), 2021, Etymologia: Falciparum।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- विकल्प (4) में "मैलेरियेल" छपा है, कोई प्रजाति नाम नहीं। इससे मिलती-जुलती प्रजाति Plasmodium malariae है, जो घातक मलेरिया का कारण नहीं है।
- WHO के तथ्य-पत्र में "सबसे जानलेवा" और "उप-सहारा अफ्रीका के बाहर प्रमुख" अलग-अलग प्रजातियों के वर्णन हैं: क्रमशः फाल्सीपेरम और विवैक्स।
- Plasmodium परजीवी है; मादा एनोफ़िलीज़ मच्छर वह रोगवाहक है जो इसे फैलाता है। प्रश्न इन दोनों में से किसी के बारे में भी हो सकता है।
कोई प्रश्न घातक मलेरिया जैसा वर्णनात्मक नाम देकर Plasmodium की प्रजाति पूछ सकता है, जैसा यह प्रश्न करता है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि मलेरिया कौन सा मच्छर फैलाता है, या Plasmodium की प्रजातियों को सबसे जानलेवा होने जैसी किसी विशेषता से सुमेलित करवा सकता है।
संबंधित PYQ
“विशिष्ट रोगवाहक – जनित रोग – रोगाणु के प्रकार” के गलत समुच्चय का चयन कीजिए ।
- (1) एडीस – चिकुनगुनिया – जीवाणु
- (2) क्यूलेक्स – लिम्फेटिक फाइलेरिएसिस – परजीवी
- (3) एनोफ़िलीज़ – मलेरिया – परजीवी
- (4) एडीस – डेंगू – विषाणु
उत्तर(1)
वही रोग, रोगवाहक की ओर से। वह प्रश्न रोगवाहक – रोग – रोगाणु का गलत समुच्चय पूछता है (RPSC की कुंजी: एडीस – चिकुनगुनिया – जीवाणु), और उसके सही समुच्चयों में एनोफ़िलीज़ – मलेरिया – परजीवी है; यह प्रश्न पूछता है कि Plasmodium की कौन सी प्रजाति घातक मलेरिया का कारण बनती है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
WHO के अनुसार, उप-सहारा अफ्रीका के बाहर अधिकांश देशों में Plasmodium की कौन सी प्रजाति प्रमुख मलेरिया परजीवी है ?
- (a)P. falciparum
- (b)P. malariae
- (c)P. vivax
- (d)P. knowlesi
उत्तर(3) — WHO, P. vivax को उप-सहारा अफ्रीका के बाहर अधिकांश देशों में प्रमुख मलेरिया परजीवी बताता है। विकल्प (1), P. falciparum, सबसे जानलेवा प्रजाति है और अफ्रीकी महाद्वीप पर सबसे अधिक पाई जाती है; विकल्प (2) और (4) मनुष्यों को संक्रमित कर सकने वाली अन्य प्रजातियों में हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मलेरिया अधिकतर किनके काटने से लोगों में फैलता है ?
- (a)कुछ संक्रमित मादा एडीस मच्छर
- (b)कुछ संक्रमित मादा एनोफ़िलीज़ मच्छर
- (c)सैंडफ्लाई (बालू मक्खी)
- (d)पिस्सू
उत्तर(2) — WHO के अनुसार मलेरिया अधिकतर कुछ संक्रमित मादा एनोफ़िलीज़ मच्छरों के काटने से फैलता है। एडीस मच्छर डेंगू और चिकुनगुनिया के विषाणु फैलाते हैं, सैंडफ्लाई लीशमैनियासिस फैलाती है, और पिस्सू प्लेग के जीवाणु फैलाते हैं, इसलिए विकल्प (1), (3) और (4) गलत हैं।