वर्ष 2022-23 के अग्रिम अनुमानों के अनुसार, सांकेतिक अथवा प्रचलित मूल्यों पर भारत के सकल घरेलू उत्पाद में कितना प्रतिशत भाग राजस्थान के सकल राज्य घरेलू उत्पाद के होने का अनुमान है ?
- (1)6.54 प्रतिशत
- (2)5.18 प्रतिशत
- (3)4.86 प्रतिशत
- (4)3.78 प्रतिशत
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), 5.18 प्रतिशत.
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2022-23 यह आँकड़ा देती है। अग्रिम अनुमानों के अनुसार वर्ष 2022-23 में राज्य का प्रचलित मूल्यों पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 14.14 लाख करोड़ रुपये (सारणी 1.1 में 14,13,620 करोड़ रुपये) तक पहुँचने की संभावना थी।
अखिल भारत के लिए समीक्षा 2022-23 के प्रचलित मूल्यों पर GDP का प्रथम अग्रिम अनुमान लेती है: 273.08 लाख करोड़ रुपये (2,73,07,751 करोड़ रुपये)।
इसके बाद समीक्षा बताती है कि राजस्थान के GSDP का देश के GDP में 5.18 प्रतिशत योगदान होने का अनुमान है। जाँच के लिए, 14,13,620 करोड़ रुपये ÷ 2,73,07,751 करोड़ रुपये लगभग 5.18 प्रतिशत आता है।
वही समीक्षा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर दूसरी हिस्सेदारी भी देती है: 5.07 प्रतिशत। प्रश्न सांकेतिक अथवा प्रचलित मूल्यों पर पूछता है, इसलिए प्रचलित मूल्यों वाला आँकड़ा लागू होता है।
याद रखने योग्य बात: 2022-23 (अग्रिम अनुमान) में भारत के GDP में राजस्थान की हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 5.18 प्रतिशत और स्थिर मूल्यों पर 5.07 प्रतिशत थी।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)6.54 प्रतिशत — 6.54 प्रतिशत वह हिस्सेदारी नहीं है जो आर्थिक समीक्षा 2022-23 देती है। उसका प्रचलित मूल्यों वाला आँकड़ा 5.18 प्रतिशत है।
पैमाने के लिए (हमारी गणना): 273.08 लाख करोड़ रुपये के राष्ट्रीय GDP का 6.54 प्रतिशत लगभग 17.86 लाख करोड़ रुपये होगा, जो समीक्षा द्वारा राजस्थान के लिए अनुमानित 14.14 लाख करोड़ रुपये से बहुत अधिक है।
- (3)4.86 प्रतिशत — 4.86 प्रतिशत उस वर्ष के लिए आर्थिक समीक्षा 2022-23 की किसी भी हिस्सेदारी से मेल नहीं खाता। समीक्षा प्रचलित मूल्यों पर 5.18 प्रतिशत और स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 5.07 प्रतिशत देती है।
समीक्षा के दोनों आँकड़े 5 प्रतिशत से ऊपर हैं, इसलिए 5 प्रतिशत से कम हिस्सेदारी किसी भी आधार पर 2022-23 से मेल नहीं खाती।
- (4)3.78 प्रतिशत — 3.78 प्रतिशत समीक्षा के अनुमान से बहुत नीचे है। भारत के 273.08 लाख करोड़ रुपये के सापेक्ष राजस्थान का 14.14 लाख करोड़ रुपये का प्रचलित मूल्यों पर GSDP 5.18 प्रतिशत देता है।
पैमाने के लिए (हमारी गणना): राष्ट्रीय GDP का 3.78 प्रतिशत लगभग 10.32 लाख करोड़ रुपये होगा, जो उस 12.18 लाख करोड़ रुपये से भी कम है जो समीक्षा राजस्थान के लिए 2021-22 में ही अनुमानित करती है।
अवधारणा
सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) किसी राज्य की सीमाओं के भीतर एक वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का, दोहरी गणना के बिना, मौद्रिक मूल्य है। यह GDP का राज्य-स्तरीय समकक्ष है।
प्रचलित (सांकेतिक) मूल्यों पर मूल्य में मात्रा के बदलाव और कीमतों के बदलाव, दोनों शामिल होते हैं। स्थिर (वास्तविक) मूल्यों पर उत्पादन आधार वर्ष (2011-12) की कीमतों पर आँका जाता है, इसलिए कीमतों के बदलाव हट जाते हैं।
अग्रिम अनुमान किसी वर्ष के पहले आँकड़े होते हैं, जो वर्ष के आँकड़े पूरे होने से पहले जारी होते हैं। बाद में इनमें संशोधन होता है, इसलिए कोई हिस्सेदारी या वृद्धि दर किसी नामित अनुमान की होती है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान की अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "अर्थव्यवस्था का वृहत् परिदृश्य" शामिल है। राज्य के आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा प्रकाशित आर्थिक समीक्षा 2022-23 बृहद आर्थिक प्रवृत्तियों के अध्याय से शुरू होती है: GSDP, क्षेत्रवार हिस्सेदारी और प्रति व्यक्ति आय।
आर्थिक समीक्षा 2022-23 ने 2022-23 के लिए प्रचलित मूल्यों पर GSDP वृद्धि 16.04 प्रतिशत अनुमानित की, जबकि अखिल भारत के लिए 15.4 प्रतिशत। स्थिर मूल्यों पर GSDP 7.99 लाख करोड़ रुपये अनुमानित था, वृद्धि 8.19 प्रतिशत, जबकि भारत के लिए 7.0 प्रतिशत।
व्यापक क्षेत्रों में प्रचलित मूल्यों पर राजस्थान के GSVA में सेवा क्षेत्र का हिस्सा 43.74 प्रतिशत, कृषि का 28.95 प्रतिशत और उद्योग का 27.31 प्रतिशत अनुमानित था।
मुख्य तथ्य
- आर्थिक समीक्षा 2022-23: 2022-23 (अग्रिम अनुमान) में राजस्थान का प्रचलित मूल्यों पर GSDP 14.14 लाख करोड़ रुपये, वृद्धि 16.04 प्रतिशत।
- समीक्षा के अनुसार 2022-23 के लिए अखिल भारत का प्रचलित मूल्यों पर GDP (प्रथम अग्रिम अनुमान) 273.08 लाख करोड़ रुपये था, वृद्धि 15.4 प्रतिशत।
- राजस्थान का GSDP भारत के GDP का प्रचलित मूल्यों पर 5.18 प्रतिशत और स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 5.07 प्रतिशत अनुमानित था।
- 2022-23 (अग्रिम अनुमान) में स्थिर मूल्यों पर GSDP: 7.99 लाख करोड़ रुपये, वृद्धि 8.19 प्रतिशत, जबकि अखिल भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 7.0 प्रतिशत।
- 2022-23 में प्रचलित मूल्यों पर GSVA हिस्सेदारी: सेवा 43.74, कृषि 28.95, उद्योग 27.31 प्रतिशत (आर्थिक समीक्षा 2022-23)।
स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2022-23, राजस्थान सरकार, सारणी 1.1 और 1.3।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- प्रचलित और स्थिर मूल्य अलग-अलग हिस्सेदारी देते हैं: 2022-23 के लिए सांकेतिक 5.18 प्रतिशत और वास्तविक 5.07 प्रतिशत। देखें कि प्रश्न किस आधार का नाम लेता है।
- अनुमान बदलते हैं। इस परीक्षा के बाद प्रकाशित आर्थिक समीक्षा 2023-24 2022-23 का GSDP 13,57,851 करोड़ रुपये (संशोधित अनुमान-II) बताती है, जो यहाँ प्रयुक्त 14,13,620 करोड़ रुपये के अग्रिम अनुमान से कम है।
- GSDP और GSVA अलग-अलग योग हैं। समीक्षा 2022-23 का प्रचलित आधार कीमतों पर GSVA 13.11 लाख करोड़ रुपये अनुमानित करती है; 5.18 प्रतिशत की हिस्सेदारी GSDP, 14.14 लाख करोड़ रुपये, पर आधारित है।
कोई प्रश्न किसी नामित वर्ष और अनुमान के लिए भारत के GDP में राजस्थान की हिस्सेदारी, उसकी GSDP वृद्धि दर या उसकी प्रति व्यक्ति आय पूछ सकता है।
कोई प्रश्न स्थिर (2011-12) मूल्यों पर वही हिस्सेदारी, या अखिल भारत GDP की तुलना में वास्तविक GSDP की वृद्धि भी पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021 और 2018 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2022-23 के अग्रिम अनुमानों के अनुसार 2022-23 में प्रचलित मूल्यों पर राजस्थान के GSDP की वृद्धि कितनी थी ?
- (a)16.04 प्रतिशत
- (b)19.50 प्रतिशत
- (c)15.4 प्रतिशत
- (d)8.19 प्रतिशत
उत्तर(1) — समीक्षा 2022-23 में प्रचलित मूल्यों पर GSDP वृद्धि 16.04 प्रतिशत अनुमानित करती है। विकल्प (2) समीक्षा का 2021-22 का वृद्धि आँकड़ा है। विकल्प (3) 2022-23 के लिए अखिल भारत की प्रचलित मूल्यों पर GDP वृद्धि है। विकल्प (4) स्थिर (2011-12) मूल्यों पर वास्तविक GSDP की वृद्धि है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
आर्थिक समीक्षा 2022-23 के अनुसार 2022-23 में स्थिर (2011-12) मूल्यों पर राजस्थान के GSDP का भारत के GDP में कितना योगदान अनुमानित था ?
- (a)5.18 प्रतिशत
- (b)5.07 प्रतिशत
- (c)7.0 प्रतिशत
- (d)8.19 प्रतिशत
उत्तर(2) — समीक्षा स्थिर मूल्यों पर 5.07 प्रतिशत देती है। विकल्प (1) प्रचलित मूल्यों पर हिस्सेदारी है। विकल्प (3) 2022-23 के लिए अखिल भारत की वास्तविक GDP वृद्धि है, और विकल्प (4) राजस्थान की वास्तविक GSDP वृद्धि; दोनों वृद्धि दरें हैं, हिस्सेदारी नहीं।