राजस्थान में अटल भू–जल योजना के लिये निम्न में से कौन सा/से कथन सही है/हैं ? (a) अटल भू–जल योजना भारत सरकार की वित्तीय सहायता से राजस्थान सरकार द्वारा चलाई जा रही है । (b) इस योजना का फोकस भू–जल प्रबन्धन में सुधार करना और इसके गिरते स्तर को रोकना है । नीचे दिये गये कूटों से सही उत्तर का चुनाव कीजिये :
- (1)न तो (a) न ही (b)
- (2)केवल (b)
- (3)केवल (a)
- (4)(a) और (b) दोनों
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), केवल (b).
कथन (a) गलत है। अटल भू-जल योजना केंद्र की सहायता से चलने वाली राजस्थान सरकार की योजना नहीं है। राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2022-23 के अनुसार अटल भू-जल योजना भारत सरकार द्वारा विश्व बैंक की सहायता (50:50) से चलाई जा रही है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की 25 दिसम्बर 2019 की विज्ञप्ति (PIB) वित्तपोषण बताती है। 2020-21 से 2024-25 की अवधि के 6,000 करोड़ रुपये के परिव्यय में 50% विश्व बैंक का ऋण है, जिसे केंद्र सरकार चुकाती है, और 50% केंद्रीय सहायता है। दोनों राज्यों को अनुदान के रूप में दिए जाते हैं।
कथन (b) सही है। समीक्षा का वही वाक्य आगे बताता है कि योजना का फोकस भू-जल के बेहतर प्रबन्धन और उसके गिरते स्तर को रोकने पर है।
केवल कथन (b) सही है, इसलिए उत्तर केवल (b) है।
याद रखने योग्य बात: अटल भू-जल विश्व बैंक की सहायता (50:50) वाली भारत सरकार की योजना है; राजस्थान सहित राज्य राशि अनुदान के रूप में पाते हैं और योजना लागू करते हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)न तो (a) न ही (b) — यह कूट दोनों कथनों को नकारता है, पर कथन (b) सही है। आर्थिक समीक्षा 2022-23 योजना का फोकस भू-जल का बेहतर प्रबन्धन और उसके स्तर की गिरावट रोकना बताती है।
PIB की शुभारंभ विज्ञप्ति यही उद्देश्य दूसरे शब्दों में बताती है: सात राज्यों में सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से भू-जल का संधारणीय प्रबन्धन।
- (3)केवल (a) — यह कूट गलत कथन रखता है और सही कथन छोड़ देता है। कथन (a) योजना का स्वामी गलत बताता है: योजना विश्व बैंक की सहायता वाली भारत सरकार की है, केंद्र की मदद वाली राज्य योजना नहीं।
कथन (b), भू-जल के बेहतर प्रबन्धन और उसके गिरते स्तर को रोकने पर फोकस, सही कथन है।
- (4)(a) और (b) दोनों — कथन (b) सही है, पर कथन (a) नहीं। राजस्थान योजना को लागू करता है, और उसका भू-जल विभाग नोडल विभाग है, फिर भी योजना और उसकी राशि भारत सरकार और विश्व बैंक के ऋण से आती है।
PIB के अनुसार ऋण और केंद्रीय सहायता राज्यों को अनुदान के रूप में पहुँचते हैं, इसलिए राज्य योजना को लागू करने वाला है, उसका वित्तपोषक नहीं।
अवधारणा
अटल भू-जल योजना (अटल जल) सामुदायिक भागीदारी पर आधारित भू-जल प्रबन्धन योजना है। PIB की शुभारंभ विज्ञप्ति के अनुसार इसका उद्देश्य सहभागी भू-जल प्रबन्धन के संस्थागत ढाँचे को मजबूत करना और समुदाय के स्तर पर व्यवहार में बदलाव लाना है।
इसका फोकस ग्राम पंचायतों के नेतृत्व में माँग-पक्ष प्रबन्धन पर है: केवल अधिक पुनर्भरण नहीं, बल्कि भू-जल का कम उपयोग। प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों को अधिक आवंटन मिलेगा।
PIB सात राज्यों के नाम देती है: गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश, जहाँ 78 जिलों की लगभग 8,350 ग्राम पंचायतों को लाभ मिलने की अपेक्षा है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान की अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "प्रमुख विकास परियोजनायें" और "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "प्रमुख सिंचाई परियोजनाएँ एवं जल संरक्षण तकनीकें" शामिल हैं।
समीक्षा राज्य पर भू-जल के दबाव को भी दर्ज करती है। आर्थिक समीक्षा 2022-23 की सारणी 2.9 वर्ष 2022 में 302 में से 219 ब्लॉकों को अति-दोहित श्रेणी में रखती है, जबकि 2020 में 295 में से 203।
राजस्थान के लिए समीक्षा पाँच वर्ष का 1,189.65 करोड़ रुपये का अनुदान प्रावधान बताती है, जिसमें 17 जिलों की 38 पंचायत समितियों की 1,139 ग्राम पंचायतें चिन्हित हैं। भू-जल विभाग नोडल विभाग है।
मुख्य तथ्य
- PIB: प्रधानमंत्री ने 25 दिसम्बर 2019 को, अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर, अटल भू-जल योजना (अटल जल) का शुभारंभ किया।
- 2020-21 से 2024-25 के लिए कुल परिव्यय 6,000 करोड़ रुपये: 50% विश्व बैंक का ऋण, जिसे केंद्र चुकाता है, और 50% केंद्रीय सहायता।
- विश्व बैंक के ऋण वाला घटक और केंद्रीय सहायता राज्यों को अनुदान के रूप में दिए जाते हैं।
- सात राज्य: गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश।
- आर्थिक समीक्षा 2022-23: राजस्थान का पाँच वर्ष का प्रावधान 1,189.65 करोड़ रुपये अनुदान के रूप में है; 1,139 ग्राम पंचायतें चिन्हित।
स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2022-23, राजस्थान सरकार; PIB (प्रधानमंत्री कार्यालय), 25 दिसम्बर 2019।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- राज्य द्वारा लागू होने का अर्थ राज्य द्वारा चलाया जाना नहीं है। राजस्थान का भू-जल विभाग नोडल विभाग है, पर योजना और उसका वित्तपोषण भारत सरकार और विश्व बैंक का है।
- "50:50" विश्व बैंक के ऋण और केंद्रीय सहायता के बीच का बँटवारा है, केंद्र–राज्य लागत-साझेदारी का अनुपात नहीं। राज्य दोनों भाग अनुदान के रूप में पाते हैं।
- स्रोत शुभारंभ की तिथि अलग-अलग बताते हैं। PIB शुभारंभ 25 दिसम्बर 2019 को बताती है; आर्थिक समीक्षा 2022-23 इसकी शुरुआत 1 अप्रैल 2020 बताती है, जो उसकी 2020-21 से 2024-25 की अवधि का पहला दिन है।
कोई प्रश्न किसी योजना को कौन चलाता और वित्तपोषित करता है, इस पर एक कथन को उसके उद्देश्य पर एक कथन के साथ जोड़कर पूछ सकता है कि कौन-से सही हैं।
कोई प्रश्न योजना में सहायता देने वाली बाहरी संस्था, उसका कुल परिव्यय, उसकी अवधि, या उसमें शामिल राज्य भी पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अटल भू-जल योजना के अंतर्गत विश्व बैंक के ऋण वाला घटक और केंद्रीय सहायता राज्यों को किस रूप में दिए जाते हैं ?
- (a)रियायती ब्याज वाले ऋण
- (b)अनुदान
- (c)राज्य जल उपक्रमों में इक्विटी
- (d)पाँच वर्ष बाद प्रतिपूर्ति
उत्तर(2) — PIB की 25 दिसम्बर 2019 की विज्ञप्ति कहती है कि विश्व बैंक के ऋण वाला पूरा घटक और केंद्रीय सहायता राज्यों को अनुदान के रूप में दिए जाएँगे। विश्व बैंक का ऋण केंद्र सरकार चुकाती है, इसलिए विकल्प (1), (3) और (4) इस व्यवस्था का वर्णन नहीं करते। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2022-23 के अनुसार राज्य में अटल भू-जल योजना का नोडल विभाग कौन-सा है ?
- (a)जल संसाधन विभाग
- (b)भू-जल विभाग
- (c)जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
- (d)कृषि विभाग
उत्तर(2) — समीक्षा भू-जल विभाग को नोडल विभाग बताती है। विकल्प (1), (3) और (4) योजना के प्रमुख सहभागी (लाइन) विभागों की उसकी सूची में हैं, नोडल विभाग के रूप में नहीं।