वैश्विक खुशहाली सूचकांक 2023 में भारत किस क्रम पर है ?
- (1)115
- (2)118
- (3)126
- (4)136
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), 126.
विश्व खुशहाली रिपोर्ट 2023 देशों को 2020–2022 के औसत जीवन-मूल्यांकन के आधार पर क्रम देती है। उसके चित्र 2.1 में भारत 126वें स्थान पर है, 4.036 के औसत जीवन-मूल्यांकन के साथ, लाइबेरिया (125वाँ) और मेडागास्कर (127वाँ) के बीच।
तालिका में 137 देश हैं। फिनलैंड 7.804 के साथ पहले स्थान पर है, और अफगानिस्तान 1.859 के साथ अंतिम, 137वें स्थान पर।
हर अंक गैलप वर्ल्ड पोल में कैंट्रिल सीढ़ी वाले प्रश्न के उत्तरों का औसत है। उत्तरदाता अपने वर्तमान जीवन को 0 से 10 की सीढ़ी पर आँकते हैं, जहाँ 0 उनके लिए सबसे बुरा संभव जीवन और 10 सबसे अच्छा संभव जीवन है।
याद रखने योग्य बात: विश्व खुशहाली रिपोर्ट 2023 — 137 में से भारत 126वाँ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)115 — विश्व खुशहाली रिपोर्ट 2023 के चित्र 2.1 में 115वाँ स्थान कंबोडिया का है, 4.393 के औसत जीवन-मूल्यांकन के साथ।
भारत ग्यारह स्थान नीचे, 4.036 के साथ 126वें स्थान पर है।
- (2)118 — 2023 की रिपोर्ट में 118वाँ स्थान 4.282 के साथ बांग्लादेश का है।
यह संख्या एक और तरह से भ्रमित कर सकती है। रिपोर्ट हर स्थान के लिए 95 प्रतिशत का विश्वास अंतराल छापती है, और भारत का अंतराल 117 से 128 तक है, इसलिए 118 उस अंतराल के भीतर आता है। फिर भी रिपोर्ट भारत को जो स्थान देती है वह 126 है।
- (4)136 — 2023 की रिपोर्ट में 136वाँ स्थान लेबनान का है, 2.392 के औसत जीवन-मूल्यांकन के साथ, जो सबसे नीचे के अफगानिस्तान से एक स्थान ऊपर है।
भारत दस स्थान ऊपर, 126वें स्थान पर है।
अवधारणा
विश्व खुशहाली रिपोर्ट देशों को इस आधार पर क्रम देती है कि लोग अपने जीवन को कैसे आँकते हैं। गैलप वर्ल्ड पोल उत्तरदाताओं से अपने वर्तमान जीवन को 0 से 10 की सीढ़ी पर रखने को कहता है; हर देश से हर वर्ष सामान्यतः लगभग 1,000 उत्तर लिए जाते हैं।
रिपोर्ट इन जीवन-मूल्यांकनों के तीन वर्ष के औसत पर क्रम तय करती है, क्योंकि बड़ा नमूना अधिक सटीक अनुमान देता है, और हर स्थान के साथ 95 प्रतिशत का विश्वास अंतराल छापती है।
छह चर अंतर समझाने के लिए प्रयुक्त होते हैं, क्रम बनाने के लिए नहीं: प्रति व्यक्ति GDP, सामाजिक सहयोग, स्वस्थ जीवन प्रत्याशा, जीवन के विकल्प चुनने की स्वतंत्रता, उदारता और भ्रष्टाचार से मुक्ति।
2023 की रिपोर्ट कहती है कि 2005 से 2022 तक के आँकड़ों में ये छह मिलकर राष्ट्रीय वार्षिक औसत सीढ़ी-अंकों के अंतर के तीन-चौथाई से अधिक भाग की व्याख्या करते हैं।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "आर्थिक अवधारणाएँ एवं भारतीय अर्थव्यवस्था" के "मानव संसाधन एवं आर्थिक विकास" भाग में "मानव विकास सूचकांक" के साथ "वैश्विक खुशहाली सूचकांक" सूचीबद्ध है।
विश्व खुशहाली रिपोर्ट 2023 के लेखक जॉन एफ. हेलिवेल, रिचर्ड लेयार्ड, जेफ्री डी. सैक्स, जान-इमैनुएल डी नेव, लारा बी. अकनिन और शुन वांग हैं। रिपोर्ट उल्लेख करती है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के संकल्प 66/281 ने 20 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस घोषित किया।
उसके चित्र 2.1 में भारत के कई पड़ोसी उससे ऊपर हैं: चीन 64वाँ, पाकिस्तान 108वाँ, श्रीलंका 112वाँ, म्यांमार 117वाँ और बांग्लादेश 118वाँ।
रिपोर्ट बताती है कि केवल दोनों छोरों पर देशों के स्थान बाकी सभी से सार्थक रूप से अलग हैं: शीर्ष पर फिनलैंड, और सबसे नीचे अफगानिस्तान और लेबनान।
मुख्य तथ्य
- विश्व खुशहाली रिपोर्ट 2023 (चित्र 2.1): 2020–2022 के लिए 4.036 के औसत जीवन-मूल्यांकन के साथ भारत 126वें स्थान पर है।
- 2023 की सूची में 137 देश हैं, फिनलैंड (पहला, 7.804) से अफगानिस्तान (137वाँ, 1.859) तक।
- क्रम गैलप वर्ल्ड पोल के कैंट्रिल सीढ़ी वाले जीवन-मूल्यांकनों पर आधारित है, 0–10 के पैमाने पर, तीन वर्ष का औसत।
- रिपोर्ट भारत के स्थान का 95 प्रतिशत विश्वास अंतराल 117 से 128 बताती है।
- रिपोर्ट के अनुसार छह चर राष्ट्रीय औसत सीढ़ी-अंकों (2005–2022) के अंतर के तीन-चौथाई से अधिक भाग की व्याख्या करते हैं।
विश्व खुशहाली रिपोर्ट 2023 के चित्र 2.1 से; अंक 2020–2022 के औसत जीवन-मूल्यांकन हैं।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- रिपोर्ट के संस्करण मिला देना: 2023 की रिपोर्ट 2020–2022 के जीवन-मूल्यांकनों पर क्रम देती है और भारत को 126वाँ स्थान देती है; किसी दूसरे संस्करण की तालिका का स्थान किसी और प्रश्न का उत्तर है।
- विश्वास अंतराल को स्थान समझ लेना: भारत का 95 प्रतिशत अंतराल 117 से 128 तक है, पर उसका स्थान 126 है।
- छह व्याख्यात्मक चरों को ही सूचकांक मान लेना: क्रम जीवन-मूल्यांकनों पर आधारित है, और छह चर अंतर की व्याख्या करते हैं।
कोई प्रश्न विश्व खुशहाली रिपोर्ट के किसी नामित संस्करण में भारत का स्थान पूछ सकता है, या यह कि तालिका में सबसे ऊपर या सबसे नीचे कौन-सा देश है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि क्रम किस आधार पर बनता है, या रिपोर्ट देशों के बीच अंतर समझाने के लिए किन कारकों का उपयोग करती है।
संबंधित PYQ
विश्व खुशहाली रिपोर्ट – 2024 के सन्दर्भ में निम्न कथनों पर विचार कीजिये : A. भारत का स्थान 140 से अधिक देशों में 126 था, जो कि इसके पड़ोसी देशों चीन, नेपाल, पाकिस्तान, म्यांमार, श्रीलंका और बांग्लादेश से भी निम्न है । B. पिछले कुल वर्षों में भारत के स्थान में कुछ विशेष परिवर्तन नहीं हुआ है, यह बताता है कि जनसंख्या के कल्याण और खुशी में सुधार के लिये सीमित प्रगति ही हुई है । निम्न कूटों का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चुनाव कीजिये :
- (1) केवल A
- (2) केवल B
- (3) A और B दोनों
- (4) ना तो A और ना ही B
उत्तर(2)
वही रिपोर्ट, अगला संस्करण। वह प्रश्न विश्व खुशहाली रिपोर्ट – 2024 पर दो कथन जाँचता है, एक भारत का स्थान और पड़ोसियों की तुलना में उसकी स्थिति पर, दूसरा वर्षों से उसके स्थान में कुछ विशेष परिवर्तन न होने पर (RPSC की कुंजी: केवल B); यह प्रश्न 2023 के संस्करण का एक स्थान पूछता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
विश्व खुशहाली रिपोर्ट 2023 में कौन-सा देश पहले स्थान पर है ?
- (a)डेनमार्क
- (b)फिनलैंड
- (c)आइसलैंड
- (d)स्विट्ज़रलैंड
उत्तर(2) — चित्र 2.1 में फिनलैंड 7.804 के औसत जीवन-मूल्यांकन के साथ सबसे ऊपर है। विकल्प (1) दूसरे और विकल्प (3) तीसरे स्थान पर है; विकल्प (4) भी पहला नहीं है, क्योंकि वह स्थान केवल एक देश का हो सकता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
विश्व खुशहाली रिपोर्ट 2023 में देशों का क्रम किस पर आधारित है ?
- (a)क्रय शक्ति समता पर प्रति व्यक्ति GDP
- (b)कैंट्रिल सीढ़ी पर जीवन-मूल्यांकन, तीन वर्ष का औसत
- (c)मानव विकास सूचकांक
- (d)स्वस्थ जीवन प्रत्याशा
उत्तर(2) — रिपोर्ट 2020–2022 के दौरान कैंट्रिल सीढ़ी वाले प्रश्न के औसत उत्तर पर क्रम देती है। विकल्प (1) और (4) उन छह चरों में से हैं जो अंकों की व्याख्या के लिए प्रयुक्त होते हैं, क्रम के लिए नहीं; विकल्प (3) एक अलग सूचकांक है।