औषधि क्षेत्र के सम्बन्ध में निम्न में से कौन सा कथन सही नहीं है ?
- (1)भारत वैक्सीन निर्माण में वैश्विक उत्पादन में 80 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है ।
- (2)भारत वैश्विक स्तर पर जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा प्रदाता है ।
- (3)औषधीय उत्पादों के उत्पादन में मूल्य के हिसाब से भारत दुनिया में 14वें स्थान पर है ।
- (4)औषधीय उत्पादों के उत्पादन में मात्रा के आधार पर भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है ।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), भारत वैक्सीन निर्माण में वैश्विक उत्पादन में 80 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है ।
ढूँढना वह कथन है जो सही नहीं है, और भारत सरकार की आर्थिक समीक्षा 2022-23 चारों को एक साथ जाँच देती है। उसका उद्योग वाला अध्याय बताता है कि औषधीय उत्पादों के उत्पादन में भारत मात्रा के आधार पर दुनिया में तीसरे और मूल्य के आधार पर 14वें स्थान पर है।
वही अंश आगे बताता है कि भारत वैश्विक स्तर पर जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा प्रदाता है, जिसकी मात्रा के आधार पर वैश्विक आपूर्ति में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है, और वह 60 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ विश्व का अग्रणी वैक्सीन निर्माता है।
विकल्प (2), (3) और (4) समीक्षा से मेल खाते हैं। विकल्प (1) वैक्सीन हिस्सेदारी 80 प्रतिशत बताता है, जबकि समीक्षा 60 प्रतिशत बताती है।
हिन्दी कथन वैश्विक उत्पादन में हिस्सेदारी की बात करता है, और औषध विभाग का वार्षिक प्रतिवेदन 2022-23 भी यही 60 देता है: उसके अनुसार वैश्विक वैक्सीन उत्पादन में भारत का हिस्सा 60 प्रतिशत है।
याद रखने योग्य बात: मात्रा में तीसरा, मूल्य में 14वाँ, जेनेरिक में 20 प्रतिशत, वैक्सीन में 60 प्रतिशत।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)भारत वैश्विक स्तर पर जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा प्रदाता है । — यह कथन सही है, इसलिए उत्तर नहीं हो सकता। आर्थिक समीक्षा 2022-23 भारत को वैश्विक स्तर पर जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा प्रदाता बताती है, जिसकी मात्रा के आधार पर वैश्विक आपूर्ति में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
औषध विभाग का 2022-23 का प्रतिवेदन जोड़ता है कि भारत 60 चिकित्सीय श्रेणियों में लगभग 60,000 जेनेरिक ब्रांड बनाता है।
- (3)औषधीय उत्पादों के उत्पादन में मूल्य के हिसाब से भारत दुनिया में 14वें स्थान पर है । — यह कथन सही है: आर्थिक समीक्षा 2022-23 औषधीय उत्पादों के उत्पादन में भारत को मूल्य के आधार पर 14वाँ स्थान देती है।
मूल्य वाला स्थान मात्रा वाले स्थान से बहुत नीचे है, क्योंकि दोनों अलग चीज़ें मापते हैं: एक उत्पादित मात्रा गिनता है, दूसरा उसका मौद्रिक मूल्य।
- (4)औषधीय उत्पादों के उत्पादन में मात्रा के आधार पर भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है । — यह कथन सही है। आर्थिक समीक्षा 2022-23 भारत को मात्रा के आधार पर तीसरा स्थान देती है, और औषध विभाग के 2021-22 और 2022-23 के वार्षिक प्रतिवेदन भी भारतीय औषध उत्पादन को मात्रा के आधार पर तीसरे स्थान पर रखते हैं।
इसे मूल्य वाले स्थान, 14वें, से बदल देने पर यह गलत हो जाता, पर जैसा छपा है वैसा सही है।
अवधारणा
किसी देश का औषध क्षेत्र में स्थान इस पर निर्भर करता है कि क्या गिना जा रहा है। मात्रा के आधार पर गिनती उत्पादित दवाओं की मात्रा की होती है; मूल्य के आधार पर उनके मौद्रिक मूल्य की।
औषध विभाग भारतीय उद्योग को जेनेरिक दवाओं और कम लागत वाली वैक्सीनों के लिए जाना जाने वाला बताता है। यह स्वरूप ऐसे देश से मेल खाता है जो मूल्य (14वाँ) की तुलना में मात्रा (तीसरा) में बहुत ऊपर है।
हिस्सेदारी का भी एक आधार होता है। समीक्षा का 20 प्रतिशत मात्रा के आधार पर वैश्विक जेनेरिक आपूर्ति में भारत का हिस्सा है, और उसका 60 प्रतिशत वैक्सीन बाजार हिस्सेदारी है।
औषध विभाग का वार्षिक प्रतिवेदन 2022-23 वैक्सीन वाले आँकड़े को वैश्विक वैक्सीन उत्पादन में भारत के 60 प्रतिशत के रूप में लिखता है, जहाँ समीक्षा बाजार हिस्सेदारी की बात करती है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "आर्थिक अवधारणाएँ एवं भारतीय अर्थव्यवस्था" के "आर्थिक विकास एवं आयोजन" भाग में "अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्र : कृषि, उद्योग, सेवा एवं व्यापार क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति, मुद्दे एवं पहल" शामिल है।
औषध विभाग का वार्षिक प्रतिवेदन 2022-23 उद्योग का 2021-22 का कारोबार 3,44,125 करोड़ रुपये, और 2020-21 में सकल मूल्य वर्धन (2011-12 की कीमतों पर) में उसका योगदान लगभग 1.32 प्रतिशत बताता है।
वही प्रतिवेदन बताता है कि भारत DPT और BCG वैक्सीन की विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की माँग का 40 से 70 प्रतिशत और खसरा वैक्सीन की माँग का 90 प्रतिशत पूरा करता है, और उसके 500 API निर्माता वैश्विक API उद्योग में लगभग 8 प्रतिशत योगदान देते हैं।
आर्थिक समीक्षा 2022-23 जोड़ती है कि औषध क्षेत्र में संचयी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सितम्बर 2022 तक 20 अरब अमेरिकी डॉलर पार कर गया।
मुख्य तथ्य
- आर्थिक समीक्षा 2022-23: औषधीय उत्पादों के उत्पादन में भारत मात्रा के आधार पर दुनिया में तीसरे और मूल्य के आधार पर 14वें स्थान पर है।
- आर्थिक समीक्षा 2022-23: भारत वैश्विक स्तर पर जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा प्रदाता है, जिसकी मात्रा के आधार पर वैश्विक आपूर्ति में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
- आर्थिक समीक्षा 2022-23: भारत 60 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ विश्व का अग्रणी वैक्सीन निर्माता है।
- औषध विभाग, 2022-23: भारत DPT और BCG वैक्सीन की WHO माँग का 40 से 70 प्रतिशत और खसरा वैक्सीन का 90 प्रतिशत पूरा करता है।
- औषध विभाग, 2022-23: 2021-22 में औषध क्षेत्र का कारोबार 3,44,125 करोड़ रुपये था।
भारत सरकार की आर्थिक समीक्षा 2022-23, अध्याय 9 (उद्योग)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- मात्रा और मूल्य वाले स्थानों की अदला-बदली: भारत मात्रा में तीसरे और मूल्य में 14वें स्थान पर है, उल्टा नहीं।
- दोनों हिस्सेदारियों को मिला देना: 20 प्रतिशत मात्रा के आधार पर वैश्विक जेनेरिक आपूर्ति में भारत का हिस्सा है; 60 प्रतिशत वैक्सीन वाला आँकड़ा है।
- WHO की माँग में हिस्से को विश्व हिस्सेदारी समझ लेना: औषध विभाग का 2022-23 का प्रतिवेदन DPT और BCG की WHO माँग का 40 से 70 प्रतिशत और खसरा का 90 प्रतिशत बताता है, जो वैश्विक वैक्सीन उत्पादन के उसके 60 प्रतिशत से अलग है।
कोई प्रश्न औषध क्षेत्र में भारत की वैश्विक स्थिति पर कुछ कथन देकर पूछ सकता है कि कौन-सा सही नहीं है।
कोई प्रश्न मात्रा या मूल्य के आधार पर भारत का स्थान भी पूछ सकता है, या किसी हिस्सेदारी (20 या 60 प्रतिशत) को जेनेरिक दवाओं या वैक्सीन से सुमेलित करवा सकता है।
संबंधित PYQ
UnlockIAS ने इस प्रश्न की तुलना अन्य RAS प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न-पत्रों के प्रश्नों से की; कोई भी जोड़ने लायक मिलता-जुलता प्रश्न नहीं मिला।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
आर्थिक समीक्षा 2022-23 के अनुसार मात्रा के आधार पर जेनेरिक दवाओं की वैश्विक आपूर्ति में भारत की हिस्सेदारी कितनी है ?
- (a)10 प्रतिशत
- (b)20 प्रतिशत
- (c)40 प्रतिशत
- (d)60 प्रतिशत
उत्तर(2) — समीक्षा मात्रा के आधार पर वैश्विक आपूर्ति में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी बताती है। विकल्प (4) समीक्षा की वैक्सीन बाजार हिस्सेदारी है; विकल्प (1) और (3) ऐसे आँकड़े हैं जो समीक्षा जेनेरिक दवाओं के लिए नहीं देती। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
आर्थिक समीक्षा 2022-23 के अनुसार औषधीय उत्पादों के उत्पादन में भारत का विश्व में स्थान क्रमशः मात्रा और मूल्य के आधार पर क्या है ?
- (a)तीसरा और 14वाँ
- (b)14वाँ और तीसरा
- (c)पहला और तीसरा
- (d)तीसरा और पहला
उत्तर(1) — समीक्षा मात्रा के आधार पर तीसरा और मूल्य के आधार पर 14वाँ स्थान बताती है। विकल्प (2) दोनों को उलट देता है; विकल्प (3) और (4) ऐसे स्थान देते हैं जो समीक्षा में नहीं हैं।