तहसीलदार की नियुक्ति होती है
- (1)संघ लोक सेवा आयोग द्वारा
- (2)कर्मचारी चयन आयोग द्वारा
- (3)राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा
- (4)राजस्व मंडल द्वारा
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), राजस्व मंडल द्वारा.
सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत जारी राजस्व मंडल की सूचना पुस्तिका, जिसकी दिनांकित प्रविष्टियाँ जून 2022 तक की हैं, बताती है कि राजस्थान तहसीलदार सेवा संवर्ग के नियुक्ति अधिकारी अध्यक्ष, राजस्व मंडल हैं।
मंडल की RTS शाखा तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, वरिष्ठता, स्थानांतरण व पदस्थापन और सेवानिवृत्ति सहित संवर्ग के अन्य कार्य भी देखती है। यह सेवा अन्य नियमों के साथ राजस्थान तहसीलदार सेवा नियम, 1956 के अंतर्गत चलती है।
वही पुस्तिका कहती है कि तहसीलदार के सभी पद पदोन्नति से भरे जाते हैं — नायब तहसीलदारों, कार्यालय अधीक्षकों और सदर मुंसरिमों में से, एक निर्धारित अनुपात में।
मंडल अपनी वेबसाइट पर तहसीलदारों की वरिष्ठता सूचियाँ भी प्रकाशित करता है, जिनमें 1 अप्रैल 2023 की स्थिति की अस्थायी सूचियाँ शामिल हैं।
अधिनियम इसे दूसरे ढंग से कहता है। राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 20 कहती है कि राज्य सरकार प्रत्येक तहसील में एक तहसीलदार नियुक्त करेगी। राज्य सरकार चारों विकल्पों में नहीं है; राजस्व मंडल, जिसके अध्यक्ष को पुस्तिका संवर्ग का नियुक्ति अधिकारी बताती है, विकल्प (4) है।
राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 6 के अंतर्गत मंडल अजमेर में स्थित है, और धारा 8 इसे राजस्थान में अपील, पुनरीक्षण और निर्देश का सर्वोच्च राजस्व न्यायालय बनाती है।
याद रखने योग्य बात: मंडल की पुस्तिका के अनुसार तहसीलदार के सभी पद पदोन्नति से भरे जाते हैं, और राजस्थान तहसीलदार सेवा संवर्ग के नियुक्ति अधिकारी अध्यक्ष, राजस्व मंडल, अजमेर हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)संघ लोक सेवा आयोग द्वारा — संविधान का अनुच्छेद 320(1) संघ लोक सेवा आयोग को संघ की सेवाओं में नियुक्तियों के लिए परीक्षाएँ आयोजित करने का कर्तव्य सौंपता है।
तहसीलदार राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 के अंतर्गत राज्य का राजस्व अधिकारी है। वह उस राज्य संवर्ग में है जिसके नियुक्ति अधिकारी, मंडल की पुस्तिका के अनुसार, अध्यक्ष, राजस्व मंडल हैं।
- (2)कर्मचारी चयन आयोग द्वारा — कर्मचारी चयन आयोग भारत सरकार का एक संगठन है, जो भारत सरकार के मंत्रालयों और विभागों तथा उनके अधीनस्थ कार्यालयों के पदों के लिए कर्मचारियों की भर्ती करता है।
तहसीलदार राजस्थान तहसीलदार सेवा का सदस्य है, जो एक राज्य संवर्ग है। राजस्व मंडल की पुस्तिका मंडल के अध्यक्ष को इसका नियुक्ति अधिकारी बताती है।
- (3)राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा — राजस्थान लोक सेवा आयोग इस संवर्ग में एक कदम पहले आता है। मंडल की पुस्तिका के अनुसार नायब तहसीलदार के आधे पद सीधी भर्ती से भरे जाते हैं, जिसमें प्रतियोगी परीक्षा RPSC आयोजित करता है और अभ्यर्थियों का चयन करता है; शेष आधे पद निरीक्षक संवर्ग से पदोन्नति द्वारा भरे जाते हैं।
उसी पुस्तिका के अनुसार तहसीलदार के सभी पद पदोन्नति से भरे जाते हैं, और संवर्ग के नियुक्ति अधिकारी अध्यक्ष, राजस्व मंडल हैं।
अवधारणा
राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 15 राज्य सरकार को किसी जिले को उपखंडों में बाँटने की शक्ति देती है, जिनमें से प्रत्येक में एक या अधिक तहसीलें होती हैं। धारा 24 किसी तहसील के अतिरिक्त तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को तहसीलदार के अधीनस्थ बनाती है।
तहसीलदार स्वयं उपखंड के उपखंड अधिकारी, जिले के कलेक्टर और संभाग के आयुक्त के अधीनस्थ है; धारा इनके अलावा अन्य राजस्व अधिकारी भी गिनाती है।
शीर्ष पर राजस्व मंडल है। धारा 9 सभी राजस्व न्यायालयों और राजस्व अधिकारियों पर सामान्य अधीक्षण और नियंत्रण मंडल में निहित करती है, और धारा 8 इसे राजस्थान में अपील, पुनरीक्षण और निर्देश का सर्वोच्च राजस्व न्यायालय बनाती है।
चयन और नियुक्ति अलग-अलग चरण हैं। अनुच्छेद 320(1) राज्य लोक सेवा आयोग को नियुक्तियों के लिए परीक्षाएँ आयोजित करने का कर्तव्य देता है; नियुक्ति वह प्राधिकारी करता है जिसे सेवा नियम नामित करते हैं।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था" के अंतर्गत "जिला प्रशासन, स्थानीय स्वशासन एवं पंचायती राज संस्थाएं" शामिल है।
राजस्व मंडल का अपना इतिहास पृष्ठ दर्ज करता है कि राजप्रमुख ने 7 अप्रैल 1949 को उद्घोषित एक अध्यादेश द्वारा राजस्थान के लिए राजस्व मंडल स्थापित किया, जो 1 नवम्बर 1949 से लागू हुआ।
इसने विलीन राज्यों के राजस्व मंडलों का स्थान लिया, जिनमें बीकानेर, जयपुर और जोधपुर शामिल थे। वही पृष्ठ बताता है कि बीकानेर और जयपुर ने क्रमशः 1909 और 1942 में राजस्व मंडल स्थापित किए थे।
2011 में संशोधित 1956 के अधिनियम की धारा 4(2) के अंतर्गत मंडल में एक अध्यक्ष और कम से कम तीन तथा अधिक से अधिक बीस अन्य सदस्य होते हैं। मंडल की पुस्तिका यह भी बताती है कि तहसीलदार राजस्थान प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत होते हैं।
मुख्य तथ्य
- राजस्व मंडल की सूचना का अधिकार पुस्तिका अध्यक्ष, राजस्व मंडल को राजस्थान तहसीलदार सेवा संवर्ग का नियुक्ति अधिकारी बताती है।
- वही पुस्तिका बताती है कि तहसीलदार के सभी पद पदोन्नति से भरे जाते हैं, और नायब तहसीलदार के आधे पद RPSC की प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से सीधी भर्ती से।
- राजस्थान के लिए राजस्व मंडल राजप्रमुख के 7 अप्रैल 1949 के अध्यादेश द्वारा स्थापित हुआ, जो 1 नवम्बर 1949 से लागू हुआ।
- राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 6 राजस्व मंडल का मुख्यालय अजमेर में तय करती है।
- अधिनियम की धारा 8 मंडल को राजस्थान में अपील, पुनरीक्षण और निर्देश का सर्वोच्च राजस्व न्यायालय बनाती है।
संवर्ग संबंधी तथ्य राजस्व मंडल की सूचना का अधिकार पुस्तिका (दिनांकित प्रविष्टियाँ जून 2022 तक) से; धाराओं की संख्या राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 से।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- परीक्षा लेने वाले निकाय को नियुक्ति अधिकारी मान लेना: RPSC नायब तहसीलदार पदों पर सीधी भर्ती वालों का चयन करता है, पर संवर्ग के नियुक्ति अधिकारी अध्यक्ष, राजस्व मंडल हैं।
- तहसीलदार को सीधी भर्ती का पद मान लेना: मंडल की पुस्तिका के अनुसार तहसीलदार के सभी पद पदोन्नति से भरे जाते हैं।
- राजस्व मंडल को जयपुर में मान लेना: राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 6 इसका मुख्यालय अजमेर में तय करती है।
कोई प्रश्न पूछ सकता है कि किसी राजस्व अधिकारी की नियुक्ति कौन-सा निकाय करता है, या राजस्व मंडल का मुख्यालय कहाँ है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि तहसीलदार किस अधिकारी के अधीनस्थ है, या राजस्थान में अपील का सर्वोच्च राजस्व न्यायालय कौन-सा निकाय है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021 और 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 के अंतर्गत राजस्थान के राजस्व मंडल का मुख्यालय कहाँ है ?
- (a)जयपुर
- (b)अजमेर
- (c)जोधपुर
- (d)उदयपुर
उत्तर(2) — अधिनियम की धारा 6 कहती है कि राजस्व मंडल का मुख्यालय अजमेर में होगा, यद्यपि राज्य सरकार के आदेशों के अधीन मंडल अपने क्षेत्राधिकार के भीतर किसी भी स्थान पर बैठ सकता है। विकल्प (1), (3) और (4) वह स्थान नहीं हैं जिसे अधिनियम नामित करता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 24 के अंतर्गत किसी उपखंड के सभी तहसीलदार किसके अधीनस्थ होते हैं ?
- (a)नायब तहसीलदार
- (b)उस उपखंड के उपखंड अधिकारी
- (c)अध्यक्ष, राजस्थान लोक सेवा आयोग
- (d)भू-अभिलेख निरीक्षक
उत्तर(2) — धारा 24(iii) किसी उपखंड के सभी तहसीलदारों, अतिरिक्त तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को उस उपखंड के उपखंड अधिकारी के अधीनस्थ बनाती है। विकल्प (1) धारा 24(iv) के अंतर्गत तहसीलदार के अधीनस्थ है; विकल्प (3) राजस्व पदानुक्रम से बाहर के एक आयोग का अध्यक्ष है; विकल्प (4) उन अधिकारियों में नहीं है जिन्हें धारा 24(iii) नामित करती है।