गलत युग्म का चयन कीजिये :
- (1)सतूर – मध्य अरावली
- (2)कटड़ा – दक्षिणी अरावली
- (3)दुर–मरयाजी – मध्य अरावली
- (4)महोहरपुर – उत्तरी अरावली
उत्तर
क्यों
RPSC ने अपनी अंतिम उत्तर कुंजी में यह प्रश्न विलोपित कर दिया, इसलिए कोई विकल्प सही नहीं दिखाया गया है।
प्रश्न गलत युग्म का चयन करने को कहता है। हर विकल्प किसी स्थान को अरावली पर्वतमाला के एक भाग — उत्तरी, मध्य या दक्षिणी — से जोड़ता है।
ऐसे युग्म की जाँच दो चरणों में होती है। पहला, पता कीजिए कि स्थान किस जिले में है। दूसरा, देखिए कि पर्वतमाला का कौन-सा भाग उस जिले से होकर जाता है।
पर्वतमाला राजस्थान को दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर पार करती है। दक्षिण-पश्चिमी छोर पर सिरोही जिले में माउंट आबू है, जिसके सर्वोच्च बिन्दु गुरु शिखर की ऊँचाई सिरोही जिला गजेटियर 1,722 मीटर बताता है।
अजमेर जिला गजेटियर के अनुसार पर्वतमाला दिल्ली के रिज से शुरू होती है और अजमेर के पास उभरकर स्पष्ट होती है; वहाँ गजेटियर तारागढ़ की पहाड़ियों और नाग पहाड़ का नाम लेता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)सतूर – मध्य अरावली — यह विकल्प सतूर को मध्य अरावली में रखता है।
इसे जाँचने के लिए पहले सतूर का जिला खोजिए। पर्वतमाला के अजमेर वाले भाग के लिए अजमेर जिला गजेटियर अजमेर नगर के पास तारागढ़ की पहाड़ियों और नाग पहाड़ का, और टॉडगढ़ के दक्षिण-पश्चिम में गोरमजी (933.72 मीटर) का नाम लेता है; टॉडगढ़ उस समय अजमेर जिले की एक तहसील था।
- (2)कटड़ा – दक्षिणी अरावली — यह विकल्प कटड़ा को दक्षिणी अरावली में रखता है — पर्वतमाला का वह भाग जो सिरोही जिले में माउंट आबू पर समाप्त होता है।
वहाँ सिरोही जिला गजेटियर गुरु शिखर की ऊँचाई 1,722 मीटर (5,650 फुट) और गुरु शिखर के उत्तर-पूर्व में सेर गाँव के पास की चोटी की ऊँचाई 1,597 मीटर दर्ज करता है।
- (3)दुर–मरयाजी – मध्य अरावली — यह विकल्प दुर–मरयाजी को मध्य अरावली में रखता है — पर्वतमाला का वही भाग जो विकल्प (1) में है।
जब दो विकल्प एक ही भाग का नाम लें, तब भी हर स्थान की स्थिति अलग से तय करनी होती है; एक युग्म का सही होना दूसरे के बारे में कुछ नहीं बताता।
- (4)महोहरपुर – उत्तरी अरावली — यह विकल्प महोहरपुर को उत्तरी अरावली में रखता है — अजमेर के उत्तर-पूर्व में दिल्ली की ओर जाने वाला भाग।
जयपुर, सीकर और अलवर जिले अजमेर के उत्तर-पूर्व में हैं। बाकी विकल्पों की तरह, यहाँ भी पहले महोहरपुर का जिला तय करना होता है।
अवधारणा
अरावली पर्वतमाला राजस्थान को दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर पार करती है। अजमेर जिला गजेटियर इसे एक अवरोध बताता है जो मारवाड़ के मैदानों को मेवाड़ के पठारी भू-भाग से अलग करता है।
दक्षिण-पश्चिमी छोर पर सिरोही जिले में माउंट आबू है। सिरोही जिला गजेटियर इसके सर्वोच्च बिन्दु गुरु शिखर की ऊँचाई 1,722 मीटर बताता है और इसे हिमालय और नीलगिरि के बीच का सबसे ऊँचा बिन्दु कहता है।
अजमेर के पास पर्वतमाला जल-विभाजक बनाती है। अजमेर गजेटियर के अनुसार अजमेर–नसीराबाद पहाड़ियों के दक्षिणी ओर गिरा वर्षा-जल चम्बल से होकर बंगाल की खाड़ी तक पहुँचता है; दूसरी ओर का जल लूनी से होकर कच्छ की खाड़ी तक जाता है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "प्रमुख भू–आकृतिक प्रदेश एवं उनकी विशेषताएं" शामिल है। अरावली पहाड़ी प्रदेश इन्हीं प्रदेशों में से एक है।
यह पर्वतमाला अपने दोनों ओर की भूमि का स्वरूप तय करती है। यह पश्चिम में मारवाड़ के मैदानों को मेवाड़ के पठारी भू-भाग से अलग करती है, और अजमेर के पास जल-प्रवाह को चम्बल तंत्र और लूनी के बीच बाँटती है।
किसी पहाड़ी को सही जगह रखने के लिए दो मानचित्र एक साथ ध्यान में रखने होते हैं: जिलों का मानचित्र, और आबू से दिल्ली तक पर्वतमाला का फैलाव।
मुख्य तथ्य
- सिरोही जिला गजेटियर के अनुसार सिरोही जिले में माउंट आबू पर स्थित गुरु शिखर की ऊँचाई 1,722 मीटर (5,650 फुट) है।
- सिरोही जिला गजेटियर गुरु शिखर के उत्तर-पूर्व में सेर गाँव के पास की चोटी की ऊँचाई 1,597 मीटर (5,241 फुट) बताता है।
- अजमेर जिला गजेटियर अरावली पर्वतमाला को मारवाड़ के मैदानों और मेवाड़ के पठारी भू-भाग को अलग करने वाला बताता है।
- अजमेर जिला गजेटियर के अनुसार अजमेर–नसीराबाद पहाड़ियों के दक्षिण का वर्षा-जल चम्बल से बंगाल की खाड़ी तक जाता है; दूसरी ओर का जल लूनी से।
- अजमेर जिला गजेटियर टॉडगढ़ से लगभग 11 किमी दक्षिण-पश्चिम में स्थित गोरमजी की ऊँचाई 933.72 मीटर (3,075 फुट) बताता है।
संदर्भ-बिन्दु सिरोही और अजमेर जिला गजेटियरों से। प्रश्न के चारों स्थान इस आरेख में नहीं रखे गए हैं।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- यहाँ दो विकल्प स्थानों को मध्य अरावली में रखते हैं। हर युग्म की जाँच अलग से करनी होती है।
- एक ही नाम एक से अधिक गाँवों का हो सकता है। किसी पहाड़ी को पर्वतमाला के किसी भाग में रखने से पहले उसका जिला तय कीजिए।
- पुराने गजेटियर ऊँचाई फुट में देते हैं, साथ में मीटर में रूपांतरण। गुरु शिखर के 5,650 फुट 1,722 मीटर हैं; ऊँचाइयों की तुलना एक ही इकाई में कीजिए।
कोई प्रश्न पहाड़ियों या चोटियों को उत्तरी, मध्य या दक्षिणी अरावली से जोड़कर गलत युग्म पूछ सकता है, जैसा यह प्रश्न करता है।
कोई प्रश्न चोटियों को ऊँचाई के क्रम में भी रखवा सकता है, पहाड़ियों को जिलों से सुमेलित करवा सकता है, या अपवाह और जलवायु पर अरावली के प्रभाव के बारे में कथनों की जाँच करवा सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2018 और 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अरावली पर्वतमाला का सर्वोच्च बिन्दु गुरु शिखर राजस्थान के किस जिले में स्थित है ?
- (a)सिरोही
- (b)उदयपुर
- (c)राजसमन्द
- (d)अजमेर
उत्तर(1) — सिरोही जिला गजेटियर के अनुसार गुरु शिखर (1,722 मीटर) सिरोही जिले में माउंट आबू पर है। विकल्प (2), (3) और (4) अरावली के अन्य जिले हैं, पर माउंट आबू इनमें से किसी में नहीं है; अजमेर गजेटियर अजमेर वाले भाग की गोरमजी चोटी की ऊँचाई 933.72 मीटर बताता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अजमेर और नसीराबाद के बीच की पहाड़ियों के दक्षिणी ओर गिरने वाला वर्षा-जल अंततः किस नदी के माध्यम से बंगाल की खाड़ी तक पहुँचता है ?
- (a)लूनी
- (b)चम्बल
- (c)माही
- (d)घग्घर
उत्तर(2) — अजमेर जिला गजेटियर के अनुसार यह जल चम्बल के माध्यम से बंगाल की खाड़ी तक पहुँचता है। विकल्प (1), लूनी, दूसरी ओर का वर्षा-जल कच्छ की खाड़ी तक ले जाती है। विकल्प (3), माही, सुदूर दक्षिण का जल गुजरात की ओर ले जाती है। विकल्प (4), घग्घर, सुदूर उत्तर की नदी है।