पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर जोड़ता है ________ ।
- (1)इम्फाल को अहमदाबाद से
- (2)दीमापुर को वडोदरा से
- (3)सिलचर को पोरबन्दर से
- (4)गुवाहाटी को काण्डला बन्दरगाह से
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), सिलचर को पोरबन्दर से.
पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर असम के सिलचर से गुजरात के पोरबन्दर तक जाता है, इसलिए सिलचर को पोरबन्दर से सही उत्तर है।
PIB की 7 फरवरी 2004 की विज्ञप्ति में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (NHDP) का विवरण दिया गया। इसका चरण I स्वर्णिम चतुर्भुज था। चरण II उत्तर–दक्षिण और पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर थे — श्रीनगर से कन्याकुमारी और सिलचर से पोरबन्दर — कुल लगभग 7,300 किमी।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के 3 अगस्त 2017 के लोकसभा उत्तर में दोनों की लम्बाई दी गई: श्रीनगर से कन्याकुमारी 4,000 किमी, और सिलचर से पोरबन्दर 3,300 किमी।
इस कॉरिडोर का NHAI चेनेज चार्ट (31 मई 2017 की स्थिति) राजस्थान के खण्ड इस क्रम में दर्ज करता है: मध्य प्रदेश सीमा से कोटा, कोटा से चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़ से उदयपुर, फिर गोगुंदा और स्वरूपगंज होते हुए पालनपुर के पास गुजरात सीमा तक।
दोनों छोर पक्के कीजिए: पूर्व में सिलचर, पश्चिम में पोरबन्दर। बाकी तीन विकल्पों में दिया गया कोई भी शहर इस कॉरिडोर का छोर नहीं है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)इम्फाल को अहमदाबाद से — इनमें से कोई भी शहर पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर का छोर नहीं है। इम्फाल मणिपुर की राजधानी है, जबकि कॉरिडोर का पूर्वी छोर असम का सिलचर है।
अहमदाबाद गुजरात में है — उसी राज्य में, जिसमें पोरबन्दर है। यह विकल्प पश्चिमी राज्य सही बताता है, पर पश्चिमी शहर गलत।
- (2)दीमापुर को वडोदरा से — इनमें से कोई भी शहर छोर नहीं है। दीमापुर नागालैंड में है; कॉरिडोर का पूर्वी छोर असम का सिलचर है।
वडोदरा गुजरात में है, पर NHAI के चेनेज चार्ट में इस कॉरिडोर के गुजरात वाले खण्ड डीसा, राधनपुर, राजकोट और जेतपुर सहित स्थानों से होते हुए इसके पश्चिमी छोर पोरबन्दर तक जाते हैं।
- (4)गुवाहाटी को काण्डला बन्दरगाह से — यह विकल्प कॉरिडोर पर स्थित एक शहर से शुरू होता है, पर उसके छोर से नहीं। NHAI का चेनेज चार्ट पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर पर गुवाहाटी बाईपास दर्ज करता है; वहाँ से मार्ग नगाँव और लमडिंग होते हुए पूर्वी छोर सिलचर तक जाता है।
काण्डला एक प्रमुख बन्दरगाह है। 2004 की PIB विज्ञप्ति ने इसे उन बन्दरगाहों में गिना जिन्हें अलग बन्दरगाह-सम्पर्क सड़कों से NHDP राजमार्गों से जोड़ा जाना था। कॉरिडोर का पश्चिमी छोर पोरबन्दर है।
अवधारणा
राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (NHDP) राष्ट्रीय राजमार्गों को चार या छह लेन का बनाने का कार्यक्रम थी। PIB की 7 फरवरी 2004 की विज्ञप्ति ने इसकी लम्बाई लगभग 13,150 किमी बताई।
इसका चरण I, स्वर्णिम चतुर्भुज, 5,846 किमी का दिल्ली–कोलकाता–चेन्नई–मुम्बई–दिल्ली परिपथ है। चरण II दो कॉरिडोर का जोड़ा है: श्रीनगर से कन्याकुमारी तक उत्तर–दक्षिण, और सिलचर से पोरबन्दर तक पूर्व–पश्चिम।
दोनों कॉरिडोर झांसी पर मिलते हैं। NHAI के चेनेज चार्ट उत्तर–दक्षिण कॉरिडोर पर ग्वालियर–झांसी और झांसी–ललितपुर खण्ड, तथा पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर पर झांसी बाईपास और झांसी–शिवपुरी खण्ड दर्ज करते हैं।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "भारत का भूगोल" के अंतर्गत "राष्ट्रीय राजमार्ग एवं प्रमुख परिवहन गलियारे" शामिल है। NHDP के दोनों कॉरिडोर इसी शीर्षक के अंतर्गत आते हैं।
दोनों कॉरिडोर राजस्थान को छूते हैं। पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान को कोटा, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर होते हुए पार करता है, और पालनपुर के पास गुजरात में प्रवेश करता है। उत्तर–दक्षिण कॉरिडोर के खण्ड आगरा और मुरैना के बीच धौलपुर पर हैं।
कॉरिडोर एक नियोजित मार्ग है, जो अनेक अलग-अलग खण्डों में बनता है। 2004 की PIB विज्ञप्ति ने चरण II के पूरा होने की तिथि दिसम्बर 2007 रखी थी; 2017 के लोकसभा उत्तर में कॉरिडोर तब भी चरणबद्ध ढंग से क्रियान्वित होते बताए गए।
मुख्य तथ्य
- NHDP का चरण II उत्तर–दक्षिण और पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर था, कुल लगभग 7,300 किमी (PIB विज्ञप्ति, 7 फरवरी 2004)।
- पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर: सिलचर से पोरबन्दर, 3,300 किमी। उत्तर–दक्षिण कॉरिडोर: श्रीनगर से कन्याकुमारी, 4,000 किमी (लोकसभा उत्तर, 3 अगस्त 2017)।
- NHDP का चरण I, स्वर्णिम चतुर्भुज, 5,846 किमी का दिल्ली–कोलकाता–चेन्नई–मुम्बई–दिल्ली परिपथ है (PIB विज्ञप्ति, 2004)।
- NHAI के चेनेज चार्ट (31 मई 2017 की स्थिति) उत्तर–दक्षिण और पूर्व–पश्चिम दोनों कॉरिडोर पर झांसी के खण्ड दर्ज करते हैं।
- राजस्थान में पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर कोटा, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर होकर जाता है; उत्तर–दक्षिण कॉरिडोर के खण्ड धौलपुर पर हैं।
कॉरिडोर की लम्बाई 3 अगस्त 2017 के लोकसभा उत्तर से; स्वर्णिम चतुर्भुज की लम्बाई 7 फरवरी 2004 की PIB विज्ञप्ति से।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- गुवाहाटी पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर पर स्थित है, इसलिए उससे शुरू होने वाला विकल्प सही लग सकता है। पूर्वी छोर नगाँव और लमडिंग से आगे सिलचर है।
- अहमदाबाद, वडोदरा, काण्डला और पोरबन्दर सभी गुजरात में हैं। पश्चिमी राज्य जान लेने से पश्चिमी छोर तय नहीं होता।
- कॉरिडोर और स्वर्णिम चतुर्भुज NHDP के अलग-अलग चरण हैं। दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई और कोलकाता जैसे कोनों के शहर चरण I के हैं।
कोई प्रश्न किसी भी कॉरिडोर के दोनों छोर पूछ सकता है, जैसा यह प्रश्न करता है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि दोनों कॉरिडोर कहाँ मिलते हैं, कौन-सा शहर किसी दिए गए कॉरिडोर पर स्थित है, या किसी कॉरिडोर पर शहरों का क्रम क्या है।
संबंधित PYQ
स्वर्णिम चतुर्भुज के चार खण्ड निम्न शहरों को जोड़ते हैं : A. दिल्ली – मुम्बई B. मुम्बई – चेन्नई C. चेन्नई – कोलकाता D. कोलकाता – दिल्ली उपर्युक्त चार खण्डों की लम्बाई को घटते हुए क्रम में ध्यान देते हुए निम्न दिये गये कूटों की सहायता से सही उत्तर चुनिए : कूट :
- (1) C, D, A, B
- (2) C, D, B, A
- (3) D, C, B, A
- (4) D, C, A, B
उत्तर(1)
वही राजमार्ग कार्यक्रम, पर चरण II के स्थान पर चरण I। वह प्रश्न स्वर्णिम चतुर्भुज के चार खण्डों को लम्बाई के घटते क्रम में रखवाता है (RPSC की कुंजी: विकल्प (1), C, D, A, B); यह प्रश्न पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर के छोर पूछता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना का उत्तर–दक्षिण कॉरिडोर जोड़ता है –
- (a)श्रीनगर को कन्याकुमारी से
- (b)दिल्ली को चेन्नई से
- (c)अमृतसर को मदुरै से
- (d)जम्मू को तिरुवनन्तपुरम से
उत्तर(1) — 3 अगस्त 2017 का लोकसभा उत्तर उत्तर–दक्षिण कॉरिडोर को श्रीनगर से कन्याकुमारी, 4,000 किमी, बताता है। विकल्प (2), दिल्ली से चेन्नई, स्वर्णिम चतुर्भुज के दो कोनों को जोड़ता है। विकल्प (3) और (4) में कॉरिडोर का कोई भी छोर नहीं है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा शहर उत्तर–दक्षिण कॉरिडोर और पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर दोनों पर स्थित है ?
- (a)नागपुर
- (b)झांसी
- (c)कोटा
- (d)ग्वालियर
उत्तर(2) — NHAI के चेनेज चार्ट दोनों कॉरिडोर पर झांसी के खण्ड दर्ज करते हैं। विकल्प (1), नागपुर, और विकल्प (4), ग्वालियर, केवल उत्तर–दक्षिण चार्ट में आते हैं। विकल्प (3), कोटा, केवल पूर्व–पश्चिम चार्ट में आता है, जो राजस्थान में कोटा–चित्तौड़गढ़–उदयपुर होकर जाता है।