निम्नलिखित में से किस महाद्वीप में मरुस्थलीकरण की समस्या न्यूनतम है ?
- (1)यूरोप
- (2)ऑस्ट्रेलिया
- (3)एशिया
- (4)अफ्रीका
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), यूरोप.
17 जून 1994 को पेरिस में सम्पन्न संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय (UNCCD) मरुस्थलीकरण को शुष्क, अर्ध-शुष्क और शुष्क उप-आर्द्र क्षेत्रों में भूमि निम्नीकरण के रूप में परिभाषित करता है। इस परिभाषा के अनुसार यह समस्या केवल शुष्क भूमि में उत्पन्न हो सकती है, इसलिए जिस महाद्वीप में शुष्क भूमि कम है, वहाँ इसकी गुंजाइश भी कम है।
शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (AFRI), जोधपुर के लिए 2016 में प्रकाशित एक मैनुअल अपनी तालिका 3.9 में महाद्वीपवार शुष्क भूमि का क्षेत्रफल देता है। वह NAPCD (2001) का हवाला देता है, जिसे उसकी संदर्भ-सूची पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की मरुस्थलीकरण रोकथाम राष्ट्रीय कार्य योजना बताती है।
मिलियन हेक्टेयर में: एशिया 1,837.1, अफ्रीका 1,293.3, ऑस्ट्रेलिया व ओशिनिया 801.6 और यूरोप 133.9। तालिका यूरोप में कोई अति-शुष्क भूमि नहीं दिखाती, और उसकी शुष्क श्रेणी में यूरोप की केवल 0.5 मिलियन हेक्टेयर भूमि दिखाती है।
यूरोप की शुष्क भूमि चारों में बहुत बड़े अंतर से सबसे कम है, इसलिए विकल्प (1) वह महाद्वीप है जहाँ यह समस्या न्यूनतम है।
याद रखने की बात: मरुस्थलीकरण के लिए शुष्क भूमि चाहिए, और यूरोप में शुष्क भूमि सबसे कम है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)ऑस्ट्रेलिया — AFRI की तालिका 3.9 ऑस्ट्रेलिया व ओशिनिया को 801.6 मिलियन हेक्टेयर शुष्क भूमि देती है, जो यूरोप के 133.9 मिलियन हेक्टेयर की लगभग छह गुनी है। मैनुअल मध्य ऑस्ट्रेलिया को उन क्षेत्रों में गिनता है जहाँ अर्ध-शुष्क और शुष्क भूमियों के किनारों पर मरुस्थलीकरण व्यापक है।
इन चार महाद्वीपों में ऑस्ट्रेलिया व ओशिनिया का शुष्क भूमि क्षेत्र यूरोप के बाद दूसरा सबसे कम है। यह न्यूनतम नहीं है।
- (3)एशिया — एशिया का शुष्क भूमि क्षेत्र चारों में सबसे बड़ा है: AFRI की तालिका 3.9 में 1,837.1 मिलियन हेक्टेयर। मैनुअल कहता है कि शुष्क भूमि का विस्तार एशिया में सबसे अधिक है।
वह यह भी कहता है कि मरुस्थलीकरण का प्रभाव सबसे अधिक लोगों पर एशिया में पड़ता है, और सीरिया के रेत के टीलों और नेपाल की अपरदित पर्वतीय ढलानों जैसे निम्नीकृत क्षेत्रों के नाम देता है।
- (4)अफ्रीका — AFRI की तालिका 3.9 में अफ्रीका की शुष्क भूमि 1,293.3 मिलियन हेक्टेयर है, और तालिका वहाँ 809.9 मिलियन हेक्टेयर अति-शुष्क भूमि भी दिखाती है, जो तालिका में किसी भी महाद्वीप का सबसे बड़ा अति-शुष्क आँकड़ा है।
मैनुअल कहता है कि अफ्रीका की लगभग तीन-चौथाई कृषि योग्य शुष्क भूमि पहले ही किसी न किसी मात्रा में निम्नीकृत हो चुकी है। यह गंभीर समस्या का संकेत है, न्यूनतम का नहीं।
अवधारणा
अभिसमय जिन शुष्क भूमियों पर लागू होता है, उन्हें शुष्कता अनुपात से परिभाषित करता है। ये ध्रुवीय और उप-ध्रुवीय क्षेत्रों को छोड़कर वे क्षेत्र हैं जहाँ वार्षिक वर्षण को संभाव्य वाष्पोत्सर्जन से भाग देने पर अनुपात 0.05 और 0.65 के बीच आता है।
उसकी भूमि निम्नीकरण की परिभाषा इन क्षेत्रों में फसल-भूमि, चरागाह, वन और वनभूमि की जैविक या आर्थिक उत्पादकता में कमी है। वह हवा या पानी से मृदा अपरदन, मृदा गुणों के ह्रास और प्राकृतिक वनस्पति की दीर्घकालीन हानि जैसी प्रक्रियाओं के नाम देता है।
AFRI का मैनुअल मरुस्थलीकरण को अर्ध-शुष्क और शुष्क भूमियों के किनारों पर व्यापक बताता है। वह यह भी बताता है कि GLASOD आकलन ने अति-शुष्क क्षेत्रों को छोड़ दिया, उन्हें पहले से ही अपरिवर्तनीय रूप से मरुस्थलीकृत मानकर।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "विश्व का भूगोल" के अंतर्गत "पर्यावरणीय मुद्दे – मरूस्थलीकरण, वनोन्मूलन, जलवायु परिवर्तन एवं ग्लोबल वार्मिंग (ऊष्मीकरण), ओजन अवक्षय" सूचीबद्ध है।
न्यूनतम का अर्थ अनुपस्थित नहीं है। अभिसमय के पाठ में अफ्रीका, एशिया, और लैटिन अमेरिका तथा कैरिबियन के साथ-साथ उत्तरी भूमध्यसागरीय क्षेत्र और मध्य तथा पूर्वी यूरोप के लिए भी क्षेत्रीय कार्यान्वयन अनुलग्नक हैं।
अनुलग्नक IV उत्तरी भूमध्यसागरीय क्षेत्र की परिस्थितियाँ गिनाता है, जिनमें बड़े क्षेत्रों को प्रभावित करने वाली अर्ध-शुष्क परिस्थितियाँ, मौसमी सूखे, वर्षा की अत्यधिक परिवर्तनशीलता और कमज़ोर, अत्यधिक अपरदनशील मृदाएँ शामिल हैं।
यह विषय राजस्थान के निकट है: जिस AFRI के लिए यह मैनुअल प्रकाशित हुआ, वह जोधपुर में स्थित है।
मुख्य तथ्य
- UNCCD अनुच्छेद 1: मरुस्थलीकरण का अर्थ है जलवायु संबंधी विविधताओं और मानवीय गतिविधियों सहित विभिन्न कारकों से शुष्क, अर्ध-शुष्क और शुष्क उप-आर्द्र क्षेत्रों में भूमि निम्नीकरण।
- इन क्षेत्रों में वार्षिक वर्षण और संभाव्य वाष्पोत्सर्जन का अनुपात 0.05 और 0.65 के बीच होता है; ध्रुवीय और उप-ध्रुवीय क्षेत्र इसमें शामिल नहीं हैं।
- AFRI का 2016 का मैनुअल (तालिका 3.9, NAPCD 2001 से) शुष्क भूमि मिलियन हेक्टेयर में देता है: एशिया 1,837.1; अफ्रीका 1,293.3; ऑस्ट्रेलिया व ओशिनिया 801.6; यूरोप 133.9।
- वही तालिका यूरोप में कोई अति-शुष्क भूमि नहीं दिखाती, और अपनी शुष्क श्रेणी में वहाँ केवल 0.5 मिलियन हेक्टेयर दिखाती है।
- अभिसमय के पाठ में उत्तरी भूमध्यसागरीय क्षेत्र और मध्य तथा पूर्वी यूरोप के लिए क्षेत्रीय कार्यान्वयन अनुलग्नक हैं।
स्रोत: AFRI, ए मैनुअल फ़ॉर ड्राईलैंड अफ़ॉरेस्टेशन ऐंड मैनेजमेंट (2016), तालिका 3.9, NAPCD (2001) के हवाले से।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- सूखा होने के कारण ऑस्ट्रेलिया चुन लेना: AFRI की तालिका में उसकी शुष्क भूमि यूरोप की लगभग छह गुनी है, इसलिए उसका सूखापन जोखिम घटाता नहीं, बढ़ाता है।
- हर प्रकार के मृदा निम्नीकरण को मरुस्थलीकरण मान लेना: अभिसमय के अंतर्गत मरुस्थलीकरण शुष्क भूमि का निम्नीकरण है, जहाँ चारों में यूरोप का क्षेत्र सबसे कम है।
- 'न्यूनतम' को 'शून्य' पढ़ लेना: अभिसमय में उत्तरी भूमध्यसागरीय क्षेत्र और मध्य तथा पूर्वी यूरोप के लिए अनुलग्नक हैं।
कोई प्रश्न पूछ सकता है कि कौन सा महाद्वीप या क्षेत्र मरुस्थलीकरण से सबसे कम या सबसे अधिक प्रभावित है, या अभिसमय की परिभाषा किन जलवायु क्षेत्रों पर लागू होती है।
कोई प्रश्न स्वयं मरुस्थलीकरण की परिभाषा भी पूछ सकता है, या अभिसमय के क्षेत्रीय अनुलग्नकों का उनके क्षेत्रों से मिलान करवा सकता है।
संबंधित PYQ
विश्व के किस वन खण्ड में सर्वाधिक वनोन्मूलन अंकित किया गया है ?
- (1) कोणधारी
- (2) उष्णकटिबन्धीय
- (3) पतझड़ी सवाना
- (4) ज्वारीय
उत्तर(2)
पर्यावरणीय मुद्दों वाली वही पाठ्यक्रम पंक्ति: वह प्रश्न पूछता है कि विश्व के किस वन खण्ड में सर्वाधिक वनोन्मूलन अंकित किया गया है (RPSC की कुंजी: उष्णकटिबन्धीय)। यह प्रश्न पूछता है कि किस महाद्वीप में मरुस्थलीकरण की समस्या न्यूनतम है।
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये : सूची-I (मरुस्थल) – सूची-II (अवस्थिति) A. गोबी – i. दक्षिणी अफ्रीका B. पैटागोनिया – ii. एशिया C. विक्टोरिया – iii. दक्षिण अमेरिका D. कालाहारी – iv. ऑस्ट्रेलिया कूट :
- (1) A-ii, B-iii, C-iv, D-i
- (2) A-iv, B-ii, C-iii, D-i
- (3) A-ii, B-i, C-iii, D-iv
- (4) A-iii, B-iv, C-i, D-ii
उत्तर(1)
संबंधित विचार, महाद्वीपवार मरुस्थल: वह प्रश्न गोबी, पैटागोनिया, विक्टोरिया और कालाहारी मरुस्थलों का उनकी अवस्थिति से मिलान करवाता है (RPSC की कुंजी: A-ii, B-iii, C-iv, D-i)। यह प्रश्न पूछता है कि किस महाद्वीप में मरुस्थलीकरण, यानी शुष्क भूमि का निम्नीकरण, न्यूनतम है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय के अंतर्गत 'मरुस्थलीकरण' का अर्थ निम्नलिखित में से किनमें भूमि निम्नीकरण है?
- (a)शुष्क, अर्ध-शुष्क और शुष्क उप-आर्द्र क्षेत्र
- (b)ध्रुवीय और उप-ध्रुवीय क्षेत्र
- (c)केवल आर्द्र उष्णकटिबंधीय वन
- (d)केवल तटीय आर्द्रभूमियाँ
उत्तर(1) — अभिसमय का अनुच्छेद 1(a) मरुस्थलीकरण को शुष्क, अर्ध-शुष्क और शुष्क उप-आर्द्र क्षेत्रों में भूमि निम्नीकरण के रूप में परिभाषित करता है। विकल्प (2) को अनुच्छेद 1(g) नाम लेकर बाहर रखता है; विकल्प (3) और (4) ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें परिभाषा सूचीबद्ध नहीं करती। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
शुष्क वन अनुसंधान संस्थान के ड्राईलैंड अफ़ॉरेस्टेशन ऐंड मैनेजमेंट मैनुअल (2016) की तालिका 3.9 के अनुसार किस महाद्वीप में शुष्क भूमि का क्षेत्र सबसे अधिक है?
- (a)अफ्रीका
- (b)एशिया
- (c)ऑस्ट्रेलिया व ओशिनिया
- (d)यूरोप
उत्तर(2) — तालिका एशिया को 1,837.1 मिलियन हेक्टेयर देती है। विकल्प (1) में 1,293.3 मिलियन हेक्टेयर, विकल्प (3) में 801.6 मिलियन हेक्टेयर और विकल्प (4) में 133.9 मिलियन हेक्टेयर है, जो सबसे कम है।