निम्न में से किस सूफी संप्रदाय का प्रसार मुख्यतः सिन्ध, मुल्तान और पंजाब तक सीमित था ?
- (1)कादिरी
- (2)नक्शबंदी
- (3)सुहरावर्दी
- (4)चिश्ती
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), सुहरावर्दी.
सतीश चन्द्र की NCERT पाठ्यपुस्तक मेडिवल इंडिया उन दो सूफ़ी सिलसिलों के नाम देती है जिन्होंने तेरहवीं और चौदहवीं शताब्दी में उत्तर भारत में उल्लेखनीय प्रभाव और अनुयायी पाए: चिश्ती और सुहरावर्दी।
सुहरावर्दी सिलसिले के बारे में वे लिखते हैं कि यह लगभग उसी समय भारत आया जब चिश्ती आए, पर इसकी गतिविधियाँ मुख्यतः पंजाब और मुल्तान तक सीमित थीं। उनकी पुस्तक मेडिवल इंडिया: फ़्रॉम सल्तनत टू द मुग़ल्स कहती है कि सुहरावर्दी मुख्यतः पंजाब और सिन्ध में सक्रिय थे।
वही पुस्तक बहाउद्दीन ज़करिया को भारत में सुहरावर्दी सिलसिले का संस्थापक बताती है, और NCERT की थीम्स इन इंडियन हिस्ट्री मुल्तान में उनकी दरगाह दिखाती है।
इसलिए सिन्ध, मुल्तान और पंजाब सुहरावर्दी सिलसिले का मुख्य क्षेत्र है, और उत्तर विकल्प (3) है।
याद रखने की बात: सुहरावर्दी = मुल्तान के बहाउद्दीन ज़करिया; चिश्ती = अजमेर के मुईनुद्दीन चिश्ती।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)कादिरी — NCERT की थीम्स इन इंडियन हिस्ट्री बताती है कि अधिकांश सूफ़ी वंश-परम्पराओं का नाम किसी संस्थापक व्यक्ति पर पड़ा, और उदाहरण के रूप में कादिरी सिलसिला देती है: इसका नाम शेख़ अब्दुल क़ादिर जिलानी पर है।
यहाँ प्रयुक्त पाठ्यपुस्तकें सिन्ध, मुल्तान और पंजाब को सुहरावर्दियों से जोड़ती हैं, कादिरियों से नहीं। कादिरी सिलसिला उस प्रश्न का उत्तर है जो पूछे कि किस सिलसिले का नाम अब्दुल क़ादिर जिलानी पर पड़ा।
- (2)नक्शबंदी — सतीश चन्द्र की NCERT पाठ्यपुस्तक दर्ज करती है कि नक्शबंदी सिलसिला भारत में अकबर के शासनकाल में आया, दिल्ली के सुल्तानों के अधीन मुल्तान में सुहरावर्दियों के स्थापित होने के बहुत बाद।
यह शेख़ अहमद सरहिन्दी द्वारा अपनाए गए सिलसिले वाले प्रश्न का उत्तर है, जिनकी विचारधारा की तुलना NCERT के अनुसार प्रायः अकबर के उदार विचारों से की जाती है। NCERT की थीम्स नक्शबंदी को मुग़ल राज्य से, और सुहरावर्दी को दिल्ली के सुल्तानों से जोड़ती है।
- (4)चिश्ती — चिश्ती सिलसिला भारत में ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती ने स्थापित किया, जो लगभग 1192 में आए और अजमेर में बस गए। सतीश चन्द्र चिश्तियों को दिल्ली और उसके आसपास, राजस्थान, पंजाब के कुछ भागों और आधुनिक उत्तर प्रदेश सहित, रखते हैं।
वे जोड़ते हैं कि चौदहवीं शताब्दी के मध्य के बाद चिश्ती संत पूर्वी और दक्षिणी भारत में फैल गए। यह व्यापक प्रसार सिन्ध, मुल्तान और पंजाब तक सीमित सिलसिले के ठीक विपरीत है।
अवधारणा
NCERT बताती है कि सिलसिला एक श्रृंखला है: गुरु और शिष्य के बीच की अटूट कड़ी, जो पैग़म्बर मुहम्मद तक जाती है। अधिकांश वंश-परम्पराओं का नाम किसी संस्थापक व्यक्ति पर पड़ा, जैसे कादिरी का अब्दुल क़ादिर जिलानी पर; कुछ का किसी स्थान पर, जैसे चिश्ती का मध्य अफ़ग़ानिस्तान के चिश्त नगर पर।
सतीश चन्द्र भारत के दो आरम्भिक सिलसिलों की तुलना करते हैं। सुहरावर्दी संत निर्धनता के जीवन में विश्वास नहीं करते थे और राज्य की सेवा स्वीकार करते थे; कुछ धार्मिक विभाग में पदों पर थे।
दूसरी ओर, चिश्ती राज्य की राजनीति से दूर रहते थे और शासकों तथा अमीरों की संगति से बचते थे।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "भारत का इतिहास" के अंतर्गत "भक्ति तथा सूफी आंदोलन का धार्मिक एवं साहित्यिक योगदान।" सूचीबद्ध है।
मुल्तान में सुहरावर्दियों का केन्द्र सल्तनत की राजनीति से जुड़ा था। सतीश चन्द्र दर्ज करते हैं कि जब सुल्तान इल्तुतमिश क़ुबाचा को हटाकर सिन्ध को अपने राज्य में मिलाने निकला, तो बहाउद्दीन ज़करिया ने उसका साथ दिया।
वे जोड़ते हैं कि ज़करिया के उत्तराधिकारियों ने उनकी मृत्यु के बाद डेढ़ शताब्दी तक पंजाब और सिन्ध में प्रमुख भूमिका निभाई। समय के साथ सुहरावर्दियों ने गुजरात, बंगाल और कश्मीर में अपना प्रभाव फैलाया।
राजस्थान के लिए, सतीश चन्द्र का विवरण चिश्ती सिलसिले को अजमेर से जोड़ता है, जहाँ ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती अंततः बस गए।
मुख्य तथ्य
- सतीश चन्द्र (NCERT, मेडिवल इंडिया): सुहरावर्दी सिलसिला लगभग चिश्तियों के समय ही भारत आया, पर मुख्यतः पंजाब और मुल्तान तक सीमित रहा।
- सतीश चन्द्र शेख़ बहाउद्दीन ज़करिया को भारत में सुहरावर्दी सिलसिले का संस्थापक बताते हैं; NCERT की थीम्स इन इंडियन हिस्ट्री मुल्तान में उनकी दरगाह दिखाती है।
- सतीश चन्द्र बताते हैं कि समय के साथ सुहरावर्दियों ने गुजरात, बंगाल और कश्मीर में अपना प्रभाव फैलाया।
- चिश्ती सिलसिला भारत में ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती ने स्थापित किया, जो लगभग 1192 में आए और अंततः अजमेर में बस गए।
- नक्शबंदी सिलसिला भारत में अकबर के शासनकाल में आया; शेख़ अहमद सरहिन्दी इसके अनुयायी थे।
स्रोत: सतीश चन्द्र, मेडिवल इंडिया (NCERT) और मेडिवल इंडिया: फ़्रॉम सल्तनत टू द मुग़ल्स, भाग एक; NCERT, थीम्स इन इंडियन हिस्ट्री, भाग II।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- कुछ चिश्ती संतों के पंजाब में काम करने, जैसे अजोधन में फ़रीदुद्दीन, के कारण चिश्ती चुन लेना: सतीश चन्द्र चिश्तियों को मुख्यतः दिल्ली और उसके आसपास रखते हैं, जो बाद में पूर्व और दक्षिण में फैले।
- 'मुख्यतः सीमित' को 'केवल' पढ़ लेना: सतीश चन्द्र बताते हैं कि समय के साथ सुहरावर्दियों ने गुजरात, बंगाल और कश्मीर तक अपना प्रभाव फैलाया।
- राज्य से जुड़े दो सिलसिलों को आपस में बदल देना: NCERT सुहरावर्दी को दिल्ली के सुल्तानों से और नक्शबंदी को मुग़लों से जोड़ती है।
कोई प्रश्न किसी क्षेत्र का नाम देकर पूछ सकता है कि वहाँ कौन सा सिलसिला सक्रिय था, या बहाउद्दीन ज़करिया या मुईनुद्दीन चिश्ती जैसे किसी संत का नाम देकर उसका सिलसिला पूछ सकता है।
कोई प्रश्न शासकों और राज्य की सेवा के प्रति दृष्टिकोण के आधार पर दो सिलसिलों की तुलना भी करवा सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
शेख़ बहाउद्दीन ज़करिया, जिनकी दरगाह मुल्तान में है, भारत में किस सूफ़ी सिलसिले के संस्थापक माने जाते हैं?
- (a)चिश्ती
- (b)सुहरावर्दी
- (c)नक्शबंदी
- (d)कादिरी
उत्तर(2) — सतीश चन्द्र बहाउद्दीन ज़करिया को भारत में सुहरावर्दी सिलसिले का संस्थापक बताते हैं। विकल्प (1) को भारत में मुईनुद्दीन चिश्ती ने स्थापित किया; विकल्प (3) अकबर के शासनकाल में आया; विकल्प (4) का नाम अब्दुल क़ादिर जिलानी पर है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. नक्शबंदी सिलसिला भारत में अकबर के शासनकाल में आया। B. चिश्तियों के विपरीत, सुहरावर्दी संत राज्य की सेवा से दूर रहते थे। सही विकल्प चुनिए:
- (a)केवल A सही है।
- (b)केवल B सही है।
- (c)A और B दोनों सही हैं।
- (d)न तो A और न ही B सही है।
उत्तर(1) — A सही है, जैसा सतीश चन्द्र दर्ज करते हैं। B गलत है: सुहरावर्दी संत राज्य की सेवा स्वीकार करते थे, और राज्य की राजनीति से दूर चिश्ती रहते थे। इसलिए विकल्प (2), (3) और (4) गलत हैं।