अगस्त 1953 में भारत सरकार द्वारा गठित किये गये राज्य पुनर्गठन आयोग के निम्नलिखित में से कौन सदस्य थे ? (i) सर तेज बहादुर सप्रू (ii) जस्टिस फजल अली (iii) के.एम. पन्निकर (iv) हृदयनाथ कुंजरु नीचे दिये गये कूट का प्रयोग करके सही उत्तर का चयन कीजिए :
- (1)(ii) एवं (iii)
- (2)(ii) एवं (iv)
- (3)(ii), (iii) एवं (iv)
- (4)(i), (ii), (iii) एवं (iv)
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), (ii), (iii) एवं (iv).
राज्य पुनर्गठन आयोग के तीन सदस्य थे। इसे नियुक्त करने वाला गृह मंत्रालय का संकल्प आयोग की 1955 की रिपोर्ट में परिशिष्ट A के रूप में छपा है।
वह तत्कालीन उड़ीसा के राज्यपाल सैयद फजल अली को अध्यक्ष, और उनके साथ राज्य सभा के सदस्य हृदयनाथ कुंजरु तथा मिस्र में भारत के तत्कालीन राजदूत कवलम माधव पन्निकर को सदस्य नामित करता है।
इसलिए (ii) फजल अली, (iii) पन्निकर और (iv) कुंजरु सदस्य थे, और कूट विकल्प (3), (ii), (iii) एवं (iv), है। तीनों ने 30 सितम्बर 1955 की तिथि वाली रिपोर्ट पर हस्ताक्षर किए।
(i) सर तेज बहादुर सप्रू सदस्य नहीं थे। उनकी मृत्यु 20 जनवरी 1949 को, आयोग की नियुक्ति से लगभग पाँच वर्ष पहले, हो गई थी।
प्रश्न में दी गई तिथि पर: रिपोर्ट 22 दिसम्बर 1953 को संसद में प्रधानमंत्री का वक्तव्य और 29 दिसम्बर 1953 का नियुक्ति संकल्प दर्ज करती है। सदस्यता दोनों ही स्थितियों में वही रहती है।
याद रखने की बात: राज्य पुनर्गठन आयोग = फजल अली (अध्यक्ष) + कुंजरु + पन्निकर।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)(ii) एवं (iii) — यह कूट (iv), हृदयनाथ कुंजरु, को छोड़ देता है। नियुक्ति संकल्प उन्हें सदस्य नामित करता है, और उन्होंने फजल अली और पन्निकर के साथ 30 सितम्बर 1955 को रिपोर्ट पर हस्ताक्षर किए।
(ii) एवं (iii) तब उत्तर होता जब प्रश्न पूछता कि किन सदस्यों ने रिपोर्ट के साथ अलग टिप्पणियाँ जोड़ीं। फजल अली ने हिमाचल प्रदेश पर और पन्निकर ने उत्तर प्रदेश पर टिप्पणी जोड़ी।
- (2)(ii) एवं (iv) — यह कूट (iii), के. एम. पन्निकर, को छोड़ देता है। नियुक्ति संकल्प मिस्र में भारत के तत्कालीन राजदूत कवलम माधव पन्निकर को तीसरा सदस्य नामित करता है।
पन्निकर ने भी रिपोर्ट पर हस्ताक्षर किए। रिपोर्ट दर्ज करती है कि वे उत्तर प्रदेश के भविष्य पर उसकी अनुशंसा से सहमत नहीं थे, और उनके विचार रिपोर्ट के साथ जोड़ी गई एक अलग टिप्पणी में हैं।
- (4)(i), (ii), (iii) एवं (iv) — यह कूट (i), सर तेज बहादुर सप्रू, को जोड़ता है, जिनकी मृत्यु 20 जनवरी 1949 को हो गई थी। आयोग दिसम्बर 1953 में नियुक्त हुआ, इसलिए वे इसमें नहीं रह सकते थे।
सप्रू एक पहले के दौर के हैं: RAS प्रारंभिक परीक्षा 2018 में RPSC की कुंजी उन्हें गांधी–इरविन समझौते का मध्यस्थ बताती है। बचे हुए तीन नाम ही पूरा आयोग हैं।
अवधारणा
प्रधानमंत्री ने 22 दिसम्बर 1953 को संसद में कहा कि एक आयोग भारतीय संघ के राज्यों के पुनर्गठन की वस्तुनिष्ठ और निष्पक्ष जाँच करेगा। इसके बाद 29 दिसम्बर 1953 का संकल्प आया।
संकल्प ने कई कारकों को तौला। उसने कहा कि किसी क्षेत्र की भाषा और संस्कृति का निःसंदेह महत्व है, पर भारत की एकता और सुरक्षा के संरक्षण और सुदृढ़ीकरण को पहला अनिवार्य विचार बताया, और वित्तीय, आर्थिक तथा प्रशासनिक विचारों को लगभग उतना ही महत्वपूर्ण कहा।
आयोग से पहले व्यापक सिद्धांतों की अनुशंसा करने, और चाहे तो यह बताने को कहा गया कि विशेष राज्यों का पुनर्गठन किन व्यापक आधारों पर हो।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "स्वातंत्र्योत्तर राष्ट्र निर्माण– राज्यों का भाषायी पुनर्गठन, नेहरू युग में सांस्थानिक निर्माण, विज्ञान एवं तकनीकी का विकास" सूचीबद्ध है।
रिपोर्ट उसे विरासत में मिले मानचित्र का वर्णन करती है: संविधान लागू होने के समय नौ भाग क, आठ भाग ख और दस भाग ग राज्य थे।
इसकी सिफ़ारिशों ने राजस्थान को सीधे छुआ। राजस्थान जैसे भाग ख राज्यों का प्रमुख राजप्रमुख होता था, और रिपोर्ट ने राजप्रमुख की संस्था समाप्त करने की अनुशंसा की।
रिपोर्ट अपने काम का पैमाना दर्ज करती है: 1,52,250 दस्तावेज़ प्राप्त हुए, 104 स्थानों का दौरा किया गया और नौ हज़ार से अधिक व्यक्तियों से भेंट की गई।
मुख्य तथ्य
- 22 दिसम्बर 1953 को संसद में प्रधानमंत्री के वक्तव्य के बाद, गृह मंत्रालय के 29 दिसम्बर 1953 के संकल्प ने आयोग नियुक्त किया।
- संकल्प ने सैयद फजल अली को अध्यक्ष, और हृदयनाथ कुंजरु तथा कवलम माधव पन्निकर को अन्य दो सदस्य नामित किया।
- रिपोर्ट 30 जून 1955 तक देनी थी; समय-सीमा 30 सितम्बर 1955 तक बढ़ाई गई, और यही तिथि रिपोर्ट पर है।
- आयोग की रिपोर्ट ने राजस्थान जैसे भाग ख राज्य के प्रमुख, राजप्रमुख, की संस्था समाप्त करने की अनुशंसा की।
- फजल अली ने हिमाचल प्रदेश पर और पन्निकर ने उत्तर प्रदेश पर टिप्पणी जोड़ी, जहाँ दोनों रिपोर्ट की अनुशंसा से असहमत थे।
सदस्य, जैसा 29 दिसम्बर 1953 के संकल्प में नामित हैं, जो आयोग की 1955 की रिपोर्ट में छपा है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- स्वतंत्रता संघर्ष से परिचित नाम होने के कारण तेज बहादुर सप्रू को जोड़ देना: उनकी मृत्यु 20 जनवरी 1949 को, आयोग बनने से पहले, हो गई थी।
- आयोग की तिथियों को मिला देना: उसकी रिपोर्ट 22 दिसम्बर 1953 का प्रधानमंत्री का वक्तव्य और 29 दिसम्बर 1953 का नियुक्ति संकल्प दर्ज करती है, जबकि यह प्रश्न 'अगस्त 1953' छापता है; सदस्यता वही रहती है।
- यह मान लेना कि तीनों सदस्य हर बात पर सहमत थे: फजल अली ने हिमाचल प्रदेश पर और पन्निकर ने उत्तर प्रदेश पर टिप्पणी जोड़ी।
कोई प्रश्न नामों की सूची देकर पूछ सकता है कि उनमें से कौन आयोग में थे, या पूछ सकता है कि उसकी अध्यक्षता किसने की।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि आयोग ने रिपोर्ट कब दी, या उसकी किसी अनुशंसा, जैसे राजप्रमुख का पद समाप्त करने, को राजस्थान जैसे राज्य से जोड़ सकता है।
संबंधित PYQ
राजस्थान के राज्यपाल के संबंध में निम्नांकित में से कौन सा कथन सही नहीं है ?
- (1) राज्य पुनर्गठन आयोग की अनुशंसा के आधार पर राजप्रमुख के पद को समाप्त कर दिया गया ।
- (2) 7वें संविधान संशोधन से राजप्रमुख का पद समाप्त किया गया ।
- (3) गुरुमुख निहाल सिंह को 1 नवम्बर, 1956 को राजस्थान का पहला राज्यपाल नियुक्त किया गया ।
- (4) हरिभाऊ किसनराव बागडे ने 31 जुलाई, 2024 को राजस्थान के राज्यपाल का पदभार संभाला ।
उत्तर(3)
वही आयोग, राजस्थान के लिए उसका परिणाम: वह प्रश्न पूछता है कि राजस्थान के राज्यपाल के संबंध में कौन सा कथन सही नहीं है, और जिन कथनों को वह सही छोड़ता है उनमें यह है कि राज्य पुनर्गठन आयोग की अनुशंसा के आधार पर राजप्रमुख के पद को समाप्त कर दिया गया (RPSC की कुंजी: विकल्प (3), गुरुमुख निहाल सिंह वाला कथन)। यह प्रश्न पूछता है कि आयोग के सदस्य कौन थे।
1952 में भारत सरकार ने निम्नलिखित में से किसको माध्यमिक शिक्षा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था ?
- (1) एस. राधाकृष्णन
- (2) डी.एस. कोठारी
- (3) पी.सी. महलनोबिस
- (4) लक्ष्मण स्वामी मुदालियर
उत्तर(4)
वही पाठ्यक्रम शीर्षक, 1950 के दशक के आरम्भ का एक आयोग: वह प्रश्न पूछता है कि 1952 में भारत सरकार ने किसको माध्यमिक शिक्षा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था (RPSC की कुंजी: लक्ष्मण स्वामी मुदालियर)। यह प्रश्न पूछता है कि राज्य पुनर्गठन आयोग में कौन थे।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
30 सितम्बर 1955 की तिथि वाली रिपोर्ट देने वाले राज्य पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष कौन थे?
- (a)हृदयनाथ कुंजरु
- (b)के. एम. पन्निकर
- (c)सैयद फजल अली
- (d)तेज बहादुर सप्रू
उत्तर(3) — 29 दिसम्बर 1953 का संकल्प सैयद फजल अली को अध्यक्ष नामित करता है। विकल्प (1) और (2) अन्य दो सदस्य थे; विकल्प (4) की मृत्यु जनवरी 1949 में हो गई थी और वे सदस्य नहीं थे। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राज्य पुनर्गठन आयोग (1955) की रिपोर्ट के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. उसने राजप्रमुख की संस्था समाप्त करने की अनुशंसा की। B. के. एम. पन्निकर ने उत्तर प्रदेश पर एक अलग टिप्पणी जोड़ी। सही विकल्प चुनिए:
- (a)केवल A सही है।
- (b)केवल B सही है।
- (c)A और B दोनों सही हैं।
- (d)न तो A और न ही B सही है।
उत्तर(3) — रिपोर्ट राजप्रमुख की संस्था समाप्त करने की अनुशंसा करती है, इसलिए A सही है। वह यह भी दर्ज करती है कि पन्निकर उत्तर प्रदेश पर उसकी अनुशंसा से सहमत नहीं थे और उनकी अलग टिप्पणी साथ जोड़ती है, इसलिए B सही है। विकल्प (1), (2) और (4) में से हर एक किसी सही कथन को नकारता है।