निम्न में से कौन सा राजस्थान का दुर्ग गिरि दुर्ग नहीं है ?
- (1)गागरोण का दुर्ग
- (2)जालौर का दुर्ग
- (3)चित्तौड़गढ़
- (4)सिवाणा का दुर्ग
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), गागरोण का दुर्ग.
राजनीति के भारतीय ग्रन्थ दुर्गों को इस आधार पर बाँटते हैं कि उनकी रक्षा किससे होती है। बी. के. सरकार के अनुवाद (1914) में शुक्रनीति जलदुर्ग को विशाल जलराशि से घिरा दुर्ग, और गिरिदुर्ग को ऊँचे स्थान पर बना, प्रचुर जल वाला दुर्ग बताती है।
गागरोण की रक्षा उसकी नदियाँ करती हैं। इम्पीरियल गज़ेटियर ऑफ़ इंडिया (1908) इस दुर्ग को आहू और काली सिंध के संगम पर बताता है, और यूनेस्को की हिल फ़ोर्ट्स ऑफ़ राजस्थान सूची गागरोण को नदी द्वारा सुरक्षित दुर्ग का आदर्श उदाहरण कहती है।
बाकी तीनों का वर्णन उनकी पहाड़ियों से होता है। इम्पीरियल गज़ेटियर के अनुसार जालौर का दुर्ग नगर के दक्षिण में एक पहाड़ी पर है, जहाँ से नगर पर नियंत्रण रहता है। चित्तौड़गढ़ ज़िला गज़ेटियर (1977) कहता है कि उसका दुर्ग मैदान से लगभग 152 मीटर ऊँची पहाड़ी के शिखर पर है।
बाड़मेर ज़िला गज़ेटियर (1962) सिवाणा का दुर्ग एक पहाड़ी पर बताता है, जहाँ लगभग पाँच मील की घुमावदार चढ़ाई से पहुँचा जाता है।
गागरोण भी केवल जल दुर्ग नहीं है। राजस्थान पर्यटन उसे पहाड़ी और जल दुर्ग का अच्छा उदाहरण कहता है, और यूनेस्को पहाड़ियों के बीच एक दर्रे में उसकी सामरिक स्थिति का उल्लेख करता है।
पर इन चारों में यही एक है जिसे स्रोत उसकी नदियों से परिभाषित करते हैं, इसलिए जो दुर्ग गिरि दुर्ग नहीं है, वह विकल्प (1), गागरोण का दुर्ग, है।
याद रखने की बात: गिरि दुर्ग = पहाड़ी दुर्ग (जालौर, चित्तौड़गढ़, सिवाणा); गागरोण = आहू–काली सिंध संगम पर नदी द्वारा सुरक्षित दुर्ग।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)जालौर का दुर्ग — जालौर पहाड़ी दुर्ग है। इम्पीरियल गज़ेटियर (1908) कहता है कि परमार राजपूतों का बनवाया यह दुर्ग नगर के दक्षिण में एक पहाड़ी पर है, जहाँ लगभग तीन मील की खड़ी चढ़ाई से पहुँचा जाता है।
बाड़मेर गज़ेटियर दर्ज करता है कि राजपूताना में अलाउद्दीन के अभियान जालौर की अधीनता के साथ समाप्त हुए, जहाँ कान्हड़देव पराजित हुए। जालौर का दुर्ग उस पहाड़ी दुर्ग वाले प्रश्न का उत्तर है जहाँ अलाउद्दीन ने कान्हड़देव को हराया।
- (3)चित्तौड़गढ़ — चित्तौड़गढ़ पहाड़ी दुर्ग है। चित्तौड़गढ़ ज़िला गज़ेटियर (1977) कहता है कि दुर्ग मैदान से लगभग 152 मीटर ऊँची पहाड़ी के शिखर पर है, लगभग 5 किमी लम्बा है और लगभग 279 हेक्टेयर में फैला है।
वही गज़ेटियर इसे 1568 में इसके विध्वंस तक सिसोदियों की राजधानी बताता है, और इसके तीन बड़े साकों का उल्लेख करता है। चित्तौड़गढ़ तीन साकों वाली सिसोदिया राजधानी वाले प्रश्न का उत्तर है।
- (4)सिवाणा का दुर्ग — सिवाणा पहाड़ी दुर्ग है। बाड़मेर गज़ेटियर दुर्ग को सिवाणा के पश्चिम में एक पहाड़ी पर बताता है, जहाँ लगभग पाँच मील की घुमावदार चढ़ाई से पहुँचा जाता है।
वह तारीख़-ए-अलाई का वर्णन उद्धृत करता है, जिसमें 1308 में अलाउद्दीन के आक्रमण के समय सातलदेव पहाड़ी दुर्ग के शिखर पर थे। सिवाणा का दुर्ग उस दुर्ग वाले प्रश्न का उत्तर है जिसे अलाउद्दीन ने सातलदेव से छीना।
अवधारणा
प्राचीन ग्रन्थ दुर्गों के प्रकार उनकी सुरक्षा के आधार पर गिनाते हैं। मनु (VII.70, ब्यूलर का अनुवाद) मरुस्थल से सुरक्षित, मिट्टी से बने, जल या वृक्षों से सुरक्षित, सशस्त्र सैनिकों से बने, और पहाड़ी दुर्ग गिनाते हैं, और (VII.71) राजा से कहते हैं कि पहाड़ी दुर्ग पाने का हर प्रयत्न करे।
सरकार के अनुवाद के अनुसार शुक्रनीति की सूची में खाइयों, दीवारों, वन, मरुस्थल, जल और पहाड़ियों से सुरक्षित दुर्ग, और सेना या मित्रों से सुरक्षित दुर्ग शामिल हैं।
वर्ग एक-दूसरे में मिल सकते हैं। यूनेस्को गागरोण को छह पहाड़ी दुर्गों में गिनता है, और राजस्थान पर्यटन उसे पहाड़ी और जल दुर्ग कहता है; दोनों उसकी नदियों को विशेष रूप से रेखांकित करते हैं।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य, परम्परा एवं विरासत" के अंतर्गत "राजस्थान की वास्तु परम्परा– मंदिर, किले, महल एवं मानव निर्मित जलीय संरचनाएँ" सूचीबद्ध है।
यूनेस्को ने 2013 में छह दुर्गों को हिल फ़ोर्ट्स ऑफ़ राजस्थान के रूप में अंकित किया: चित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, रणथम्भौर, गागरोण, आमेर और जैसलमेर। उसके अनुसार ये भूदृश्य की प्राकृतिक रक्षाओं का उपयोग करते हैं: पहाड़ियाँ, मरुस्थल, नदियाँ और घने वन।
यूनेस्को पहाड़ी भू-भाग के तीन प्रकारों को एक-एक दुर्ग से जोड़ता है: गागरोण में नदी, रणथम्भौर में घने वन, और जैसलमेर में मरुस्थल।
मुख्य तथ्य
- शुक्रनीति (सरकार, 1914): जलदुर्ग विशाल जलराशि से घिरा दुर्ग है; गिरिदुर्ग ऊँचे स्थान पर प्रचुर जल के साथ बना होता है।
- इम्पीरियल गज़ेटियर ऑफ़ इंडिया (1908): गागरोण दुर्ग आहू और काली सिंध नदियों के संगम पर है।
- यूनेस्को 2013 में अंकित क्रमिक संपत्ति हिल फ़ोर्ट्स ऑफ़ राजस्थान में गागरोण को नदी द्वारा सुरक्षित दुर्ग का आदर्श उदाहरण कहता है।
- चित्तौड़गढ़ ज़िला गज़ेटियर (1977): दुर्ग लगभग 152 मीटर ऊँची पहाड़ी के शिखर पर है और लगभग 279 हेक्टेयर में फैला है।
- बाड़मेर ज़िला गज़ेटियर (1962): सिवाणा दुर्ग नगर के पश्चिम में एक पहाड़ी पर है, जहाँ लगभग पाँच मील की घुमावदार चढ़ाई से पहुँचा जाता है।
गिरि (पहाड़ी) दुर्ग नहीं: गागरोण, विकल्प (1)। स्रोत: इम्पीरियल गज़ेटियर (1908); चित्तौड़गढ़ (1977) और बाड़मेर (1962) गज़ेटियर; यूनेस्को।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- यूनेस्को के शीर्षक को निर्णय मान लेना: गागरोण हिल फ़ोर्ट्स ऑफ़ राजस्थान में अंकित है, फिर भी यूनेस्को स्वयं उसे नदी द्वारा सुरक्षित दुर्ग कहता है।
- पश्चिमी राजस्थान में होने के कारण जालौर और सिवाणा को मरु दुर्ग मान लेना: इम्पीरियल और बाड़मेर गज़ेटियर दोनों दुर्गों को पहाड़ियों पर बताते हैं।
- मारवाड़ में अलाउद्दीन के दो घेरों को मिला देना: बाड़मेर गज़ेटियर सातलदेव को सिवाणा (1308) में और कान्हड़देव को जालौर में रखता है।
कोई प्रश्न दुर्गों की सूची देकर पूछ सकता है कि कौन सा पहाड़ी, जल या मरु दुर्ग नहीं है, या किसी दुर्ग का नाम देकर उसका प्रकार पूछ सकता है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि यूनेस्को की हिल फ़ोर्ट्स ऑफ़ राजस्थान में कौन से दुर्ग हैं।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021 और 2018 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन सा दुर्ग यूनेस्को की क्रमिक विश्व धरोहर संपत्ति हिल फ़ोर्ट्स ऑफ़ राजस्थान का भाग नहीं है?
- (a)गागरोण
- (b)कुम्भलगढ़
- (c)सिवाणा
- (d)जैसलमेर
उत्तर(3) — यूनेस्को के छह दुर्ग चित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, रणथम्भौर, गागरोण, आमेर और जैसलमेर हैं, इसलिए सिवाणा इसमें शामिल नहीं है। विकल्प (1), (2) और (4) सूची में हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
बी. के. सरकार के अनुवाद के अनुसार शुक्रनीति में जलदुर्ग की परिभाषा क्या है?
- (a)वह ऊँचे स्थान पर प्रचुर जल के साथ बना होता है
- (b)वह विशाल जलराशि से घिरा होता है
- (c)वह काँटों और वृक्षों के झुरमुटों से घिरा होता है
- (d)उसकी रक्षा सैन्य-कौशल में दक्ष सैनिक करते हैं
उत्तर(2) — सरकार का अनुवाद जलदुर्ग को विशाल जलराशि से घिरा दुर्ग बताता है। विकल्प (1) गिरिदुर्ग का, विकल्प (3) वन दुर्ग का, और विकल्प (4) सैन्य दुर्ग का वर्णन है।