दुर्दम (मेलिगनेंट) मलेरिया होता है –
- (1)प्लास्मोडियम विवैक्स से
- (2)प्लास्मोडियम ओवेल से
- (3)प्लास्मोडियम मलेरिये से
- (4)प्लास्मोडियम फैल्सीपैरम से
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), प्लास्मोडियम फैल्सीपैरम से.
NCERT की कक्षा 12 जीवविज्ञान पाठ्यपुस्तक का अध्याय मानव स्वास्थ्य और रोग (Human Health and Disease) Plasmodium की तीन प्रजातियों — P. vivax, P. malaria (NCERT की वर्तनी) और P. falciparum — के नाम देता है और इनमें से एक को अलग से रेखांकित करता है। उसके अनुसार इनमें Plasmodium falciparum से होने वाला दुर्दम मलेरिया सबसे गंभीर है और घातक भी हो सकता है।
WHO का मलेरिया तथ्य-पत्र (1 अप्रैल 2021) गंभीरता के बारे में यही कहता है। वह P. falciparum को विश्व स्तर पर सबसे जानलेवा मलेरिया परजीवी बताता है और चेताता है कि 24 घंटों के भीतर उपचार न होने पर P. falciparum मलेरिया गंभीर बीमारी में बदल सकता है, जो प्रायः मृत्यु तक ले जाती है।
इसलिए दुर्दम मलेरिया प्लास्मोडियम फैल्सीपैरम से होता है।
याद रखने योग्य बात: दुर्दम (मेलिगनेंट) का अर्थ है सबसे खतरनाक रूप — P. falciparum।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)प्लास्मोडियम विवैक्स से — P. vivax पुनरावर्ती (बार-बार लौटने वाला) मलेरिया उत्पन्न करता है। विकिपीडिया का P. vivax लेख (जुलाई 2021 का संस्करण) इसे पुनरावर्ती मलेरिया का सबसे आम और सबसे व्यापक रूप से वितरित कारण, और P. falciparum से कम उग्र बताता है।
फिर भी यह गंभीर है: WHO, P. falciparum और P. vivax को सबसे बड़ा खतरा पैदा करने वाली दो प्रजातियाँ बताता है, और WHO के अमेरिका क्षेत्र में P. vivax प्रमुख परजीवी है।
- (2)प्लास्मोडियम ओवेल से — P. ovale तृतीयक (टर्शियन) मलेरिया उत्पन्न करता है। विकिपीडिया का लेख (सितम्बर 2021 का संस्करण) बताता है कि P. falciparum और P. vivax की तुलना में यह दुर्लभ है और P. falciparum से काफ़ी कम खतरनाक है।
इसके कुछ परजीवी यकृत कोशिकाओं में हिप्नोज़ोइट के रूप में सुप्त रह सकते हैं, जिससे एक ही संक्रमण दोबारा उभर सकता है; लेख के अनुसार संक्रमण के 4 वर्ष बाद तक पुनरावर्तन हो सकता है।
- (3)प्लास्मोडियम मलेरिये से — P. malariae चतुर्थक (क्वार्टन) मलेरिया उत्पन्न करता है, जिसमें लगभग तीन-तीन दिन के अंतराल पर ज्वर लौटता है। विकिपीडिया का लेख (मई 2021 का संस्करण) बताता है कि इससे तथाकथित सौम्य मलेरिया (benign malaria) होता है, जो P. falciparum या P. vivax जितना खतरनाक बिल्कुल नहीं है।
रक्त में इसका विकास-चक्र लगभग 72 घंटे का है, जबकि P. vivax और P. falciparum का 48 घंटे का, और इसका संक्रमण दीर्घकालिक हो सकता है।
अवधारणा
मलेरिया एक प्रोटोज़ोआ, Plasmodium, से होता है। NCERT इसके जीवन चक्र को दो पोषकों, मनुष्य और मच्छर, में पूरा होने वाला बताता है।
संक्रमित मादा एनोफ़िलीज़ मच्छर काटते समय स्पोरोज़ोइट (जीवाणुज) शरीर में पहुँचाता है। परजीवी पहले यकृत कोशिकाओं में गुणन करते हैं, फिर लाल रुधिर कणिकाओं पर आक्रमण करके उन्हें फोड़ देते हैं। इससे हीमोज़ोइन नामक विषैला पदार्थ निकलता है, जिसे NCERT ठंड लगने और तेज़ बुखार से जोड़ता है।
किसी संक्रमित व्यक्ति को काटने वाला मच्छर परजीवी ग्रहण कर लेता है, जो उसमें विकसित होकर स्पोरोज़ोइट बनते हैं और उसकी लार ग्रंथियों में संचित रहते हैं।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "स्वास्थ्य देखभाल; संक्रामक, असंक्रामक एवं पशुजन्य रोग" सूचीबद्ध है।
WHO का तथ्य-पत्र (1 अप्रैल 2021) 30 नवम्बर 2020 की विश्व मलेरिया रिपोर्ट के हवाले से बताता है कि 2019 में विश्व भर में मलेरिया के अनुमानित 22.9 करोड़ मामले और 4,09,000 मौतें हुईं, और 67% मौतें 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की थीं।
वही तथ्य-पत्र बताता है कि 2018 में WHO के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के अनुमानित मामलों में 50% P. falciparum के थे, और P. falciparum मलेरिया के लिए आर्टेमिसिनिन-आधारित संयोजन चिकित्सा को सर्वोत्तम उपलब्ध उपचार बताता है।
मुख्य तथ्य
- NCERT: Plasmodium falciparum से होने वाला दुर्दम मलेरिया सबसे गंभीर प्रकार है और घातक भी हो सकता है।
- WHO (1 अप्रैल 2021): मनुष्यों में मलेरिया 5 परजीवी प्रजातियों से होता है; P. falciparum और P. vivax सबसे बड़ा खतरा हैं।
- WHO: 24 घंटों के भीतर उपचार न होने पर P. falciparum मलेरिया गंभीर बीमारी में बदल सकता है, जो प्रायः मृत्यु तक ले जाती है।
- Plasmodium संक्रमित मादा एनोफ़िलीज़ मच्छर के काटने से स्पोरोज़ोइट के रूप में मनुष्य में प्रवेश करता है, यकृत में गुणन करता है, फिर लाल रुधिर कणिकाओं पर आक्रमण करता है।
- NCERT: मलेरिया परजीवी को दो पोषकों, मनुष्य और मच्छर, की आवश्यकता होती है, और मादा एनोफ़िलीज़ मच्छर इसका रोगवाहक भी है।
NCERT कक्षा 12 जीवविज्ञान, WHO के मलेरिया तथ्य-पत्र (1 अप्रैल 2021) और प्रजातियों पर विकिपीडिया के लेखों (2021 के संस्करण) से।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- सबसे व्यापक होना सबसे खतरनाक होना नहीं है: P. vivax पुनरावर्ती मलेरिया का सबसे व्यापक रूप से वितरित कारण है, पर दुर्दम मलेरिया P. falciparum से होता है।
- पुनरावर्तन गंभीरता नहीं है: P. vivax पुनरावर्ती मलेरिया उत्पन्न करता है और P. ovale का संक्रमण दोबारा उभर सकता है, फिर भी दोनों में से कोई दुर्दम रूप नहीं है।
- 'सौम्य मलेरिया' P. malariae, यानी चतुर्थक परजीवी, से जुड़ा नाम है — दुर्दम का उलटा।
कोई प्रश्न मलेरिया का कोई प्रकार देकर पूछ सकता है कि उसे Plasmodium की कौन सी प्रजाति उत्पन्न करती है, या कोई प्रजाति देकर उसके ज्वर का प्रतिरूप पूछ सकता है।
कोई प्रश्न रोगों को उनके रोगवाहकों और रोगाणुओं से भी सुमेलित करवा सकता है, जैसे एनोफ़िलीज़, मलेरिया और एक प्रोटोज़ोआ परजीवी।
संबंधित PYQ
प्लास्मोडियम की प्रजाति जो घातक मलेरिया का कारण बनती है :
- (1) विवैक्स
- (2) फाल्सीपेरम
- (3) ओवेल
- (4) मैलेरियेल
उत्तर(2)
वही तथ्य, दो वर्ष बाद पूछा गया: वह प्रश्न प्लास्मोडियम की वह प्रजाति पूछता है जो घातक मलेरिया का कारण बनती है, और उसके विकल्प विवैक्स, फाल्सीपेरम, ओवेल और मैलेरियेल हैं (RPSC की कुंजी: विकल्प (2), फाल्सीपेरम)। यहाँ के विकल्प पूरे द्विनाम देते हैं।
“विशिष्ट रोगवाहक – जनित रोग – रोगाणु के प्रकार” के गलत समुच्चय का चयन कीजिए ।
- (1) एडीस – चिकुनगुनिया – जीवाणु
- (2) क्यूलेक्स – लिम्फेटिक फाइलेरिएसिस – परजीवी
- (3) एनोफ़िलीज़ – मलेरिया – परजीवी
- (4) एडीस – डेंगू – विषाणु
उत्तर(1)
वही रोग, दूसरे कोण से। वह प्रश्न विशिष्ट रोगवाहक – जनित रोग – रोगाणु के प्रकार का गलत समुच्चय पूछता है, और उसके विकल्पों में एनोफ़िलीज़ – मलेरिया – परजीवी भी है (RPSC की कुंजी: विकल्प (1), एडीस – चिकुनगुनिया – जीवाणु); यहाँ का प्रश्न पूछता है कि Plasmodium की कौन सी प्रजाति दुर्दम मलेरिया उत्पन्न करती है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
NCERT के अनुसार, मलेरिया परजीवी मानव शरीर में किस रूप में प्रवेश करता है ?
- (a)मीरोज़ोइट
- (b)स्पोरोज़ोइट
- (c)गैमीटोसाइट
- (d)हीमोज़ोइन
उत्तर(2) — NCERT के अनुसार Plasmodium संक्रमित मादा एनोफ़िलीज़ मच्छर के काटने से स्पोरोज़ोइट के रूप में, जो इसका संक्रामक रूप है, मानव शरीर में प्रवेश करता है। विकल्प (4) लाल रुधिर कणिकाओं के फटने पर निकलने वाला विषैला पदार्थ है, और विकल्प (1) और (3) वह रूप नहीं हैं जिसे NCERT प्रवेश के लिए बताता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
लगभग तीन-तीन दिन के अंतराल पर लौटने वाले ज्वर वाला चतुर्थक (क्वार्टन) मलेरिया होता है –
- (a)प्लास्मोडियम फैल्सीपैरम से
- (b)प्लास्मोडियम विवैक्स से
- (c)प्लास्मोडियम मलेरिये से
- (d)प्लास्मोडियम ओवेल से
उत्तर(3) — विकिपीडिया का P. malariae लेख 72 घंटे के चक्र से लगभग तीन-तीन दिन के अंतराल पर आने वाले चतुर्थक ज्वर का वर्णन करता है। विकल्प (1) और (2) के चक्र 48 घंटे के हैं, और विकल्प (4) तृतीयक मलेरिया उत्पन्न करता है।