राजस्थान की ‘परवन’ बहुउद्देश्यीय सिंचाई परियोजना निम्न जिलों को सिंचाई सुविधा प्रदान करेगी –
- (1)झालावाड़, बारां और कोटा जिला
- (2)टोंक, बून्दी और कोटा जिला
- (3)कोटा, बून्दी और झालावाड़ जिला
- (4)झालावाड़ और भीलवाड़ा जिला
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), झालावाड़, बारां और कोटा जिला.
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2020-21 अपने जल संसाधन खंड में परवन का वर्णन करती है। उसके अनुसार बहुउद्देश्यीय सिंचाई परियोजना परवन झालावाड़ जिले में परवन नदी पर निर्माणाधीन है।
समीक्षा आगे बताती है कि 1,821 गाँवों को पेयजल देने के साथ यह परियोजना झालावाड़, बारां और कोटा जिलों के 637 गाँवों में 2,01,400 हेक्टेयर कृषि योग्य कमान क्षेत्र (CCA) में सिंचाई सुविधा देगी।
यही तीन जिले, इसी क्रम में, विकल्प (1) हैं: झालावाड़, बारां और कोटा जिला।
याद रखने योग्य बात: परवन परियोजना — झालावाड़ में परवन नदी पर निर्माण; सिंचाई झालावाड़, बारां और कोटा को।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)टोंक, बून्दी और कोटा जिला — केवल कोटा सही है। यह विकल्प झालावाड़, जहाँ परियोजना बन रही है, और बारां को छोड़ देता है, और टोंक और बून्दी को जोड़ता है, जिनका नाम आर्थिक समीक्षा परवन की सिंचाई के लिए नहीं लेती।
- (3)कोटा, बून्दी और झालावाड़ जिला — तीन में से दो जिले सही हैं, पर बून्दी ने बारां की जगह ले ली है। समीक्षा कमान क्षेत्र के गाँवों को झालावाड़, बारां और कोटा में बताती है।
- (4)झालावाड़ और भीलवाड़ा जिला — झालावाड़ सही है, पर यह विकल्प केवल दो जिलों के नाम देता है और उनमें से एक गलत है। समीक्षा तीन जिले देती है, झालावाड़, बारां और कोटा; भीलवाड़ा उनमें नहीं है।
अवधारणा
बहुउद्देश्यीय परियोजना एक ही जल का उपयोग एक से अधिक उद्देश्यों के लिए करती है। परवन के लिए आर्थिक समीक्षा 2020-21 तीन उद्देश्य बताती है: 2,01,400 हेक्टेयर कृषि योग्य कमान क्षेत्र की सिंचाई, 1,821 गाँवों के लिए पेयजल, और एक ताप विद्युत परियोजना के लिए जल।
समीक्षा के अनुसार परियोजना ताप विद्युत परियोजना को 79 मिलियन घन मीटर जल देगी, जो 2,970 मेगावाट क्षमता की बिजली पैदा करेगी।
समीक्षा सिंचित क्षेत्र को CCA, यानी कृषि योग्य कमान क्षेत्र, के रूप में बताती है: किसी परियोजना के कमान क्षेत्र के भीतर की खेती योग्य भूमि।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "प्रमुख सिंचाई परियोजनाएँ एवं जल संरक्षण तकनीकें" सूचीबद्ध है।
समीक्षा परवन को 2020-21 में प्रगतिरत सात वृहद सिंचाई परियोजनाओं में गिनाती है, जिनमें नर्मदा केनाल परियोजना, धौलपुर लिफ्ट और नवनेरा बैराज (ERCP) आदि भी हैं। वह 7,355.23 करोड़ रुपये की संशोधित स्वीकृति दर्ज करती है और कहती है कि परियोजना 2023 में पूरी करना प्रस्तावित है।
राजस्थान के बजट एक दृष्टि में 2021-22 में परवन परियोजना के लिए 885 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
मुख्य तथ्य
- आर्थिक समीक्षा 2020-21: परवन बहुउद्देश्यीय सिंचाई परियोजना झालावाड़ जिले में परवन नदी पर निर्माणाधीन है।
- झालावाड़, बारां और कोटा जिलों के 637 गाँवों में 2,01,400 हेक्टेयर CCA में सिंचाई; 1,821 गाँवों को पेयजल।
- 2,970 मेगावाट क्षमता की ताप विद्युत परियोजना के लिए 79 मिलियन घन मीटर जल की योजना।
- संशोधित प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति 7,355.23 करोड़ रुपये; 2020-21 में दिसम्बर 2020 तक 446 करोड़ रुपये व्यय।
- बजट एक दृष्टि में 2021-22: परवन परियोजना के लिए 885 करोड़ रुपये का प्रावधान।
स्रोत: राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2020-21, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र अध्याय, जल संसाधन खंड।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- बून्दी को शामिल कर लेना: समीक्षा परवन की सिंचाई के लिए झालावाड़, बारां और कोटा के नाम देती है, और बून्दी उनमें नहीं है।
- निर्माण-स्थल वाले जिले पर रुक जाना: परियोजना झालावाड़ में बन रही है, पर उसकी सिंचाई बारां और कोटा तक भी पहुँचती है।
- जिलों की गिनती गलत करना: समीक्षा तीन जिलों के नाम देती है, दो के नहीं।
कोई प्रश्न किसी सिंचाई परियोजना का नाम देकर पूछ सकता है कि वह किन जिलों को सिंचाई देगी, और विकल्पों में दूसरे जिले बदलकर रख सकता है।
कोई प्रश्न कई परियोजनाओं को उनके लाभान्वित जिलों से सुमेलित करवा सकता है, या वह जिला भी पूछ सकता है जहाँ कोई परियोजना बन रही है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2018 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2020-21 के अनुसार, परवन बहुउद्देश्यीय सिंचाई परियोजना किस जिले में निर्माणाधीन है?
- (a)झालावाड़
- (b)बारां
- (c)कोटा
- (d)बून्दी
उत्तर(1) — समीक्षा के अनुसार यह झालावाड़ जिले में निर्माणाधीन है। विकल्प (2) और (3) को इसकी सिंचाई मिलती है पर परियोजना वहाँ नहीं बन रही, और विकल्प (4) का नाम नहीं है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2020-21 के अनुसार परवन परियोजना एक ताप विद्युत परियोजना को जल देगी। समीक्षा में दी गई मात्रा है
- (a)79 मिलियन घन मीटर
- (b)7.9 मिलियन घन मीटर
- (c)790 मिलियन घन मीटर
- (d)2,970 मिलियन घन मीटर
उत्तर(1) — समीक्षा 79 मिलियन घन मीटर देती है। विकल्प (2) और (3) दशमलव का स्थान खिसकाते हैं, और विकल्प (4) 2,970 का आँकड़ा उधार लेता है, जो मेगावाट में विद्युत परियोजना की क्षमता है।