आयुष्मान भारत महात्मा गाँधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के अन्तर्गत नाजुक बीमारी स्वास्थ्य बीमा के स्थिति में प्रति परिवार प्रति वर्ष दी जाने वाली राशि है –
- (1)3.50 लाख ₹
- (2)4.00 लाख ₹
- (3)4.50 लाख ₹
- (4)3 लाख ₹
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), 4.50 लाख ₹.
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2020-21 आयुष्मान भारत महात्मा गाँधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना (AB-MGRSBY) के दो चरणों का वर्णन करती है, और दोनों चरणों के बीच कवर बदल गया।
पहला चरण, 1 सितम्बर 2019 को शुरुआत से: प्रति परिवार प्रति वर्ष सामान्य बीमारियों के लिए 30,000 रुपये और नाजुक बीमारियों के लिए 3.00 लाख रुपये, फ्लोटर आधार पर।
नया चरण, जो समीक्षा के अनुसार 30 जनवरी 2021 से शुरू किया जा रहा है: बीमित राशि प्रति परिवार प्रति वर्ष 3.30 लाख रुपये से बढ़कर 5 लाख रुपये होती है। यह पारिवारिक फ्लोटर आधार पर द्वितीयक बीमारियों के लिए 50,000 रुपये और तृतीयक बीमारी के लिए 4.50 लाख रुपये में बँटी है।
समीक्षा 4.50 लाख रुपये वाले हिस्से को तृतीयक बीमारी का कहती है, नाजुक बीमारी का नहीं। प्रश्न की "नाजुक बीमारी" को नए चरण के कवर का यही बड़ा हिस्सा मानना RPSC की कुंजी पर आधारित है, जो 4.50 लाख ₹ को चिह्नित करती है।
याद रखने योग्य बात: AB-MGRSBY का नया चरण (समीक्षा: 30 जनवरी 2021 से) — प्रति वर्ष 5 लाख रुपये = 50,000 रुपये द्वितीयक + 4.50 लाख रुपये तृतीयक; पहले चरण में नाजुक बीमारी के लिए 3 लाख रुपये थे। इस प्रश्न पर RPSC की कुंजी: 4.50 लाख रुपये।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)3.50 लाख ₹ — 3.50 लाख रुपये वह आँकड़ा नहीं है जो आर्थिक समीक्षा 2020-21 इस योजना के लिए देती है।
सबसे निकट आँकड़ा पहले चरण की कुल बीमित राशि 3.30 लाख रुपये है (30,000 रुपये सामान्य और 3.00 लाख रुपये नाजुक बीमारी), जिसे नए चरण ने बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया।
- (2)4.00 लाख ₹ — समीक्षा के किसी भी चरण के विवरण में 4 लाख रुपये नहीं आते। नया चरण 5 लाख रुपये को द्वितीयक के लिए 50,000 रुपये और तृतीयक बीमारी के लिए 4.50 लाख रुपये में बाँटता है, 1 लाख और 4 लाख रुपये में नहीं।
- (4)3 लाख ₹ — समीक्षा के अनुसार 3 लाख रुपये 1 सितम्बर 2019 को शुरू हुई योजना के पहले चरण में नाजुक बीमारियों का कवर था।
नया चरण, जो समीक्षा के अनुसार 30 जनवरी 2021 से शुरू किया जा रहा है, कुल राशि 5 लाख रुपये करता है, जिसमें 4.50 लाख रुपये तृतीयक बीमारी के लिए हैं। RPSC की कुंजी यही बाद वाला आँकड़ा है।
अवधारणा
आर्थिक समीक्षा 2020-21 के अनुसार AB-MGRSBY का लक्ष्य राजस्थान के गरीब परिवारों को कैशलेस स्वास्थ्य सेवा देना है: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA)-2013 के परिवार और SECC 2011 के चयनित परिवार।
कवर पारिवारिक फ्लोटर आधार पर चलता है: पूरे परिवार के लिए एक वार्षिक राशि, जिसका उपयोग कोई भी सदस्य कर सकता है। नए चरण से पहले समीक्षा योजना में 1,401 बीमारी पैकेज दर्ज करती है, जिनमें 663 तृतीयक और 738 द्वितीयक हैं।
नए चरण ने बीमारी पैकेज भी 1,401 से बढ़ाकर 1,576 किए। समीक्षा के अनुसार इस पर प्रति वर्ष लगभग 1,750 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसका 79 प्रतिशत राज्य वहन करेगा।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान की अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "राज्य सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाएँ" और "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत स्वास्थ्य देखभाल सूचीबद्ध हैं।
2021 में स्वास्थ्य कवर पर आगे और घोषणाएँ हुईं। 24 फरवरी 2021 के बजट भाषण ने यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की घोषणा की, जिसमें राज्य के हर परिवार को 5 लाख रुपये का चिकित्सा बीमा मिलना था।
18 मार्च 2021 के विनियोग विधेयक पर बहस के जवाब में कहा गया कि इसका नाम मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना होगा और यह 1 मई 2021 से लागू होगी, जिसमें प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार मिलेगा।
मुख्य तथ्य
- AB-MGRSBY राजस्थान में 1 सितम्बर 2019 को शुरू हुई (आर्थिक समीक्षा 2020-21)।
- पहला चरण: प्रति परिवार प्रति वर्ष सामान्य बीमारियों के लिए 30,000 रुपये और नाजुक बीमारियों के लिए 3.00 लाख रुपये।
- नया चरण, जो समीक्षा के अनुसार 30 जनवरी 2021 से शुरू किया जा रहा है: बीमित राशि 5 लाख रुपये, 50,000 रुपये द्वितीयक और 4.50 लाख रुपये तृतीयक बीमारी में बँटी।
- नए चरण के लिए 14 जनवरी 2021 को राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी और द न्यू इंडिया एश्योरेंस के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ।
- नए चरण में बीमारी पैकेज 1,401 से बढ़कर 1,576 हुए।
स्रोत: राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2020-21 (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य खंड)। समीक्षा 3.00 लाख रुपये वाले कवर को नाजुक बीमारियों का बताती है; RPSC की कुंजी 4.50 लाख रुपये चिह्नित करती है, जिसे समीक्षा तृतीयक कहती है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- पहले चरण का आँकड़ा ले लेना: नाजुक बीमारी के लिए 3 लाख रुपये 1 सितम्बर 2019 को शुरू हुए चरण के हैं, उस नए चरण से पहले के जिसे समीक्षा 30 जनवरी 2021 से बताती है। RPSC की कुंजी इसके स्थान पर नए चरण का 4.50 लाख रुपये वाला तृतीयक आँकड़ा चिह्नित करती है।
- हिस्सों को कुल से मिला देना: 4.50 लाख रुपये तृतीयक हिस्सा है; 5 लाख रुपये पूरी बीमित राशि है।
- 3.30 लाख रुपये को एक हिस्सा समझ लेना: यह पहले चरण की कुल राशि थी, 30,000 रुपये और 3.00 लाख रुपये।
कोई प्रश्न किसी राज्य स्वास्थ्य योजना में बीमारी की किसी एक श्रेणी का बीमा कवर पूछ सकता है, और विकल्पों में अलग-अलग चरणों के आँकड़े रख सकता है।
कोई प्रश्न कुल बीमित राशि, शुरुआत की तिथि या पात्र परिवार भी पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2020-21 में वर्णित आयुष्मान भारत महात्मा गाँधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के नए चरण में प्रति परिवार प्रति वर्ष बीमित राशि बढ़ाकर कितनी की गई?
- (a)3.30 लाख रुपये
- (b)4.50 लाख रुपये
- (c)5 लाख रुपये
- (d)10 लाख रुपये
उत्तर(3) — समीक्षा के अनुसार बीमित राशि 3.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की गई। विकल्प (1) पहले की कुल राशि है, विकल्प (2) केवल तृतीयक हिस्सा है, और विकल्प (4) नहीं दिया गया है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2020-21 के अनुसार, आयुष्मान भारत महात्मा गाँधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना राज्य में कब शुरू की गई?
- (a)1 सितम्बर 2019
- (b)23 सितम्बर 2018
- (c)30 जनवरी 2021
- (d)1 मई 2021
उत्तर(1) — समीक्षा 1 सितम्बर 2019 बताती है। विकल्प (2) AB PM-JAY की राष्ट्रीय शुरुआत है, विकल्प (3) वह तिथि है जब नया चरण शुरू होना था, और विकल्प (4) मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के लिए घोषित तिथि है।