राष्ट्रीय कृषि विस्तार एवं तकनीकी मिशन में वित्त पोषण में राजस्थान सरकार का हिस्सा क्या है?
- (1)20 प्रतिशत
- (2)40 प्रतिशत
- (3)30 प्रतिशत
- (4)50 प्रतिशत
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), 40 प्रतिशत.
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2020-21 अपने कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र वाले अध्याय में राष्ट्रीय कृषि विस्तार एवं तकनीकी मिशन (NMAET) का वर्णन करती है।
समीक्षा के अनुसार वित्त पोषण का दायित्व भारत सरकार (GoI) और राजस्थान सरकार (GoR) के बीच 60:40 के अनुपात में बँटा है।
60:40 के बँटवारे में पहला अंक केन्द्र का हिस्सा है और दूसरा राज्य का। इसलिए हर 100 रुपये में से 40 रुपये राजस्थान सरकार देती है: 40 प्रतिशत।
याद रखने योग्य बात: राजस्थान में NMAET का वित्त पोषण केन्द्र और राज्य के बीच 60:40 है, इसलिए राजस्थान का हिस्सा 40 प्रतिशत है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)20 प्रतिशत — राज्य का 20 प्रतिशत हिस्सा 80:20 के बँटवारे का अर्थ होगा। आर्थिक समीक्षा 2020-21 NMAET का बँटवारा भारत सरकार और राजस्थान सरकार के बीच 60:40 बताती है, इसलिए राजस्थान का हिस्सा 40 प्रतिशत है, इस आँकड़े का दोगुना।
- (3)30 प्रतिशत — राज्य का 30 प्रतिशत हिस्सा 70:30 के बँटवारे का अर्थ होगा, जो वह अनुपात नहीं है जो आर्थिक समीक्षा 2020-21 NMAET के लिए देती है।
वही अध्याय NMAET के लिए 60:40 देता है, और राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन – तिलहन एवं वृक्ष जनित तिलहन (TBOs) के लिए भी।
- (4)50 प्रतिशत — 50 प्रतिशत हिस्से का अर्थ बराबर वित्त पोषण है। आर्थिक समीक्षा 2020-21 केन्द्र–राज्य का 1:1 ढाँचा एक अलग योजना के लिए देती है, घरेलू नल कनेक्शन वाले जल जीवन मिशन के लिए।
NMAET के लिए वह 60:40 देती है, जिससे राजस्थान का हिस्सा 40 प्रतिशत बनता है, आधा नहीं।
अवधारणा
केन्द्र प्रायोजित योजना में केन्द्र और राज्य लागत को एक तय अनुपात में बाँट सकते हैं। समीक्षा NMAET का अनुपात भारत सरकार और राजस्थान सरकार के बीच लिखती है, पहले केन्द्र और फिर राज्य, इसलिए 60:40 में राज्य का हिस्सा 40 प्रतिशत है।
आर्थिक समीक्षा के अनुसार NMAET का उद्देश्य कृषि विस्तार का पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण करना है, ताकि किसानों तक उपयुक्त तकनीक और उन्नत सस्य क्रियाएँ पहुँच सकें।
समीक्षा चार उप-मिशन गिनाती है: कृषि विस्तार उप-मिशन (SMAE), बीज एवं रोपण सामग्री उप-मिशन (SMSP), कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन (SMAM) और कृषि में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP-A)।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान की अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "कृषि, उद्योग व सेवा क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे" सूचीबद्ध हैं, और "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "कृषि–विज्ञान, उद्यान–विज्ञान, वानिकी एवं पशुपालन राजस्थान के विशेष संदर्भ में"।
आर्थिक समीक्षा 2020-21 दर्ज करती है कि 2020-21 में दिसम्बर 2020 तक NMAET पर 96.52 करोड़ रुपये के प्रावधान के सामने 65.34 करोड़ रुपये व्यय हुए।
राजस्थान का बजट एट ए ग्लांस 2021-22 कृषि विभाग के लिए दिए गए 2,743.10 करोड़ रुपये के भीतर NMAET के लिए 120.80 करोड़ रुपये दर्ज करता है।
मुख्य तथ्य
- आर्थिक समीक्षा 2020-21: NMAET का वित्त पोषण भारत सरकार और राजस्थान सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में बँटा है।
- NMAET के चार उप-मिशन: SMAE, SMSP, SMAM और NeGP-A।
- 2020-21 (दिसम्बर 2020 तक): NMAET पर 96.52 करोड़ रुपये के प्रावधान के सामने 65.34 करोड़ रुपये व्यय।
- बजट एट ए ग्लांस 2021-22: NMAET के लिए 120.80 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- वही समीक्षा राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन के लिए 60:40 और जल जीवन मिशन के लिए 1:1 देती है।
स्रोत: राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2020-21 (कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र अध्याय; जल जीवन मिशन के लिए ग्रामीण जल आपूर्ति खंड)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- अनुपात को उलटा पढ़ना: 60:40 में केन्द्र 60 और राजस्थान 40 देता है।
- हर केन्द्र–राज्य योजना को 60:40 मान लेना: आर्थिक समीक्षा जल जीवन मिशन के लिए 1:1 देती है।
- NMAET के उप-मिशनों को राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन के उप-मिशनों से मिला देना: वर्षा आधारित क्षेत्र विकास और मृदा स्वास्थ्य कार्ड राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन के अंतर्गत हैं, NMAET के नहीं।
कोई प्रश्न किसी केन्द्र प्रायोजित मिशन में राज्य का हिस्सा पूछ सकता है, या अनुपात देकर पूछ सकता है कि वह किस योजना का है।
कोई प्रश्न उप-मिशनों की सूची देकर यह भी पूछ सकता है कि कौन सा किसी दिए गए मिशन का भाग नहीं है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2013 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2020-21 की सूची के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा राष्ट्रीय कृषि विस्तार एवं तकनीकी मिशन (NMAET) का उप-मिशन नहीं है?
- (a)कृषि विस्तार उप-मिशन
- (b)बीज एवं रोपण सामग्री उप-मिशन
- (c)कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन
- (d)वर्षा आधारित क्षेत्र विकास
उत्तर(4) — समीक्षा वर्षा आधारित क्षेत्र विकास को राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन के अंतर्गत रखती है। विकल्प (1), (2) और (3) NMAET के चार उप-मिशनों में से तीन हैं; चौथा NeGP-A है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2020-21 के अनुसार जल जीवन मिशन का केन्द्र–राज्य वित्त पोषण ढाँचा है
- (a)60:40
- (b)1:1
- (c)90:10
- (d)75:25
उत्तर(2) — समीक्षा के अनुसार केन्द्र और राज्य का वित्त पोषण ढाँचा 1:1 है। विकल्प (1) वह ढाँचा है जो समीक्षा NMAET और राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन के लिए देती है; विकल्प (3) और (4) इस मिशन के लिए नहीं दिए गए हैं।