2021 – 22 के राजस्थान – बजट में विद्युत पर कुल व्यय का प्रस्तावित योजना व्यय का प्रतिशत है –
- (1)52.19%
- (2)14.32%
- (3)7.42%
- (4)12.05%
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), 14.32%.
आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय, राजस्थान द्वारा जारी बजट एट ए ग्लांस 2021-22 में "योजनाओं के उद्व्यय 2021–22 के मुख्य बिन्दु" (Highlights of Schematic Outlay 2021-22) शीर्षक की एक तालिका है। यह बजट अनुमान 2021-22 में 1,32,251.35 करोड़ रुपये का योजना उद्व्यय प्रस्तावित बताती है और उसे ग्यारह क्षेत्रों में बाँटकर हर क्षेत्र का कुल से प्रतिशत देती है।
विद्युत (Power) की पंक्ति में 18,943.23 करोड़ रुपये और 14.32 प्रतिशत दर्ज है। उसी निदेशालय का बजट स्टडी 2021-22 इस बँटवारे को पाई चार्ट में दिखाता है, जहाँ यह हिस्सा ऊर्जा (Energy), 14.32% नाम से अंकित है।
गणना जाँचें: 18,943.23 ÷ 1,32,251.35 × 100 = 14.32।
प्रश्न "विद्युत पर कुल व्यय का प्रस्तावित योजना व्यय का प्रतिशत" पूछता है। बजट एट ए ग्लांस के हिन्दी पृष्ठ इस परिव्यय को योजना उद्व्यय और पंक्ति को विद्युत कहते हैं; अंग्रेज़ी तालिकाएँ Schematic Outlay और Power (बजट स्टडी के पाई चार्ट में Energy) लिखती हैं।
बजट स्टडी के एक द्विभाषी नोट में योजना व्यय Plan Expenditure के लिए आया है।
14.32 प्रतिशत योजना उद्व्यय का हिस्सा है, राज्य के समस्त व्यय का नहीं। प्रश्न को इसी पंक्ति के रूप में पढ़ना RPSC की कुंजी पर आधारित है, जो 14.32% को सही मानती है।
याद रखने योग्य बात: 2021-22 के लिए राजस्थान के प्रस्तावित योजना उद्व्यय में विद्युत (Power) का हिस्सा 14.32 प्रतिशत था, जो 52.19 प्रतिशत वाली सामाजिक एवं सामुदायिक सेवाओं के बाद दूसरे स्थान पर था।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)52.19% — 52.19 प्रतिशत सामाजिक एवं सामुदायिक सेवाओं (Social & Community Services) का हिस्सा है, 69,026.26 करोड़ रुपये, जो बजट एट ए ग्लांस 2021-22 की उसी तालिका की सबसे बड़ी पंक्ति है।
इस क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सामाजिक व्यय आते हैं। उदाहरण के लिए, वही दस्तावेज़ प्रारम्भिक शिक्षा के लिए 13,309.88 करोड़ रुपये दर्ज करता है, जिसमें समग्र शिक्षा अभियान के 9,821.20 करोड़ रुपये शामिल हैं।
- (3)7.42% — 7.42 प्रतिशत 2021-22 के योजना उद्व्यय में कृषि एवं सम्बद्ध सेवाओं (Agriculture & Allied Services) का हिस्सा है, 9,818.74 करोड़ रुपये।
इसके भीतर बजट एट ए ग्लांस कृषि विभाग के लिए 2,743.10 करोड़ रुपये दर्ज करता है, जिसमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मौसम आधारित फसल बीमा योजना के 1,500 करोड़ रुपये शामिल हैं।
- (4)12.05% — 12.05 प्रतिशत उसी तालिका में ग्रामीण विकास (Rural Development) का हिस्सा है, 15,935.19 करोड़ रुपये।
बजट एट ए ग्लांस के अनुसार यह राशि ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज के लिए है, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण के 3,700 करोड़ रुपये और महात्मा गांधी नरेगा (MG NREGS) के 2,539.44 करोड़ रुपये शामिल हैं।
अवधारणा
राज्य के बजट को क्षेत्रवार पढ़ा जा सकता है: प्रस्तावित परिव्यय का कितना भाग कृषि, ग्रामीण विकास, विद्युत, परिवहन, सामाजिक सेवाओं आदि को जाता है। किसी क्षेत्र का हिस्सा उसके परिव्यय को कुल से भाग देकर 100 से गुणा करने पर मिलता है।
राजस्थान के 2021-22 के बजट दस्तावेज़ योजनाओं पर व्यय को योजना उद्व्यय (Schematic Outlay) के रूप में समूहित करते हैं। बजट स्टडी की वर्षवार तालिका, "वर्षवार योजना/कार्यक्रमवार व्यय" (YEAR-WISE PLAN / SCHEMATIC EXPENDITURE), नोट करती है कि उसके 2016-17 के आँकड़े योजना व्यय और 2017-18 से 2020-21 के आँकड़े कार्यक्रमवार बजट व्यय हैं।
केन्द्र स्तर पर, 1 फरवरी 2017 के बजट 2017-18 भाषण में कहा गया कि सरकार ने व्यय का आयोजना और आयोजना-भिन्न वर्गीकरण समाप्त कर दिया है।
बड़ा हिस्सा हमेशा नई परिसंपत्तियों का अर्थ नहीं होता। 2021-22 में विद्युत के 18,943.23 करोड़ रुपये में से बजट एट ए ग्लांस 16,236.75 करोड़ रुपये विद्युत टैरिफ अनुदान (Power Tariff Subsidy) के रूप में दर्ज करता है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान की अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "अर्थव्यवस्था का वृहत् परिदृश्य" और "आधारभूत–संरचना एवं संसाधन" सूचीबद्ध हैं। राज्य का बजट इस बात की योजना है कि एक वर्ष में सार्वजनिक धन कहाँ जाएगा।
2021-22 का बजट 24 फरवरी 2021 को प्रस्तुत हुआ। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बजट भाषण के अनुसार राज्य में पहली बार पेपरलेस बजट प्रस्तुत किया गया।
बजट एट ए ग्लांस और बजट स्टडी आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय के सहायक दस्तावेज़ हैं। ये बजट के खंडों को सारांश तालिकाओं और चार्टों में बदलते हैं।
मुख्य तथ्य
- बजट एट ए ग्लांस 2021-22: बजट अनुमान 2021-22 में प्रस्तावित योजना उद्व्यय 1,32,251.35 करोड़ रुपये।
- विद्युत (Power): 18,943.23 करोड़ रुपये, योजना उद्व्यय का 14.32%; बजट स्टडी का पाई चार्ट इसे ऊर्जा (Energy) नाम देता है।
- सामाजिक एवं सामुदायिक सेवाएँ: 69,026.26 करोड़ रुपये, 52.19%, सबसे बड़ा क्षेत्रीय हिस्सा।
- ग्रामीण विकास 15,935.19 करोड़ रुपये (12.05%); कृषि एवं सम्बद्ध सेवाएँ 9,818.74 करोड़ रुपये (7.42%)।
- विद्युत के प्रावधान में 16,236.75 करोड़ रुपये विद्युत टैरिफ अनुदान और 966.30 करोड़ रुपये विद्युत कंपनियों को इक्विटी सहायता शामिल हैं।
स्रोत: बजट एट ए ग्लांस 2021-22, "योजनाओं के उद्व्यय 2021–22 के मुख्य बिन्दु" तालिका, आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय, राजस्थान। सात छोटे क्षेत्र नहीं दिखाए गए हैं।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- प्रश्न के कुल व्यय को राज्य का पूरा बजट मान लेना। दिए गए चारों प्रतिशत 1,32,251.35 करोड़ रुपये के प्रस्तावित योजना उद्व्यय में क्षेत्रों के हिस्सों से मेल खाते हैं, राज्य के समस्त व्यय से नहीं; RPSC की कुंजी विद्युत का 14.32 प्रतिशत चुनती है।
- दिए गए आँकड़ों में सबसे बड़े को उत्तर मान लेना। 52.19 प्रतिशत सामाजिक एवं सामुदायिक सेवाओं का है, विद्युत का नहीं।
- शब्दों के अंतर को न पकड़ना। प्रश्न कुल व्यय और योजना व्यय की बात करता है, जबकि बजट एट ए ग्लांस की तालिका योजना उद्व्यय में क्षेत्रों का प्रतिशत देती है; प्रश्न को विद्युत की इसी पंक्ति से मिलाना RPSC की कुंजी पर आधारित है।
कोई प्रश्न किसी क्षेत्र का नाम देकर राज्य के बजट परिव्यय में उसका प्रतिशत हिस्सा पूछ सकता है, और अन्य क्षेत्रों के हिस्से विकल्पों में रख सकता है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि सबसे बड़ा हिस्सा किस क्षेत्र को मिला, या कोई रुपये की राशि देकर क्षेत्र पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
राजस्थान के राजकोषीय घाटे के सम्बन्ध में निम्न कथनों पर विचार करें : A. वर्ष 2022-23 में वास्तविक राजकोषीय घाटा राज्य सकल घरेलू उत्पाद का 3.76 प्रतिशत रहा है । B. यह एफ.आर.बी.एम. अधिनियम, 2005 द्वारा अनुमोदित सीमा से कम है । C. वर्ष 2022-23 का राजकोषीय घाटा 2021-22 की तुलना में अधिक था । सही विकल्प को चुनिए :
- (1) A व C दोनों सही हैं ।
- (2) A व B दोनों सही हैं ।
- (3) B व C दोनों सही हैं ।
- (4) A, B व C सभी सही हैं ।
उत्तर(4)
यह भी राजस्थान के लोक वित्त से जुड़ा है। वह प्रश्न 2022-23 के राज्य के वास्तविक राजकोषीय घाटे पर कथन जाँचता है: राज्य सकल घरेलू उत्पाद में उसका हिस्सा, एफ.आर.बी.एम. अधिनियम, 2005 की सीमा और 2021-22 से तुलना (RPSC की कुंजी: A, B व C सभी सही हैं)। यह प्रश्न राजस्थान के 2021-22 के बजट में विद्युत से जुड़ा एक प्रतिशत पूछता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान के बजट एट ए ग्लांस 2021-22 में प्रस्तावित योजना उद्व्यय का सबसे बड़ा हिस्सा किस क्षेत्र का है?
- (a)विद्युत
- (b)ग्रामीण विकास
- (c)सामाजिक एवं सामुदायिक सेवाएँ
- (d)परिवहन
उत्तर(3) — सामाजिक एवं सामुदायिक सेवाओं के 69,026.26 करोड़ रुपये हैं, 52.19 प्रतिशत। विकल्प (1) विद्युत का हिस्सा 14.32 प्रतिशत, विकल्प (2) ग्रामीण विकास का 12.05 प्रतिशत और विकल्प (4) परिवहन का 6.01 प्रतिशत है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान के 2021-22 के योजना उद्व्यय में विद्युत क्षेत्र के लिए दिए गए 18,943.23 करोड़ रुपये के भीतर बजट एट ए ग्लांस में दर्ज सबसे बड़ी एकल मद है
- (a)विद्युत कंपनियों को इक्विटी सहायता
- (b)विद्युत टैरिफ अनुदान
- (c)विद्युत शुल्क के लिए अनुदान
- (d)विद्युत टैरिफ में राहत हेतु कृषि उपभोक्ताओं को DBT
उत्तर(2) — विद्युत टैरिफ अनुदान 16,236.75 करोड़ रुपये है। विकल्प (3) 1,565.69 करोड़ रुपये, विकल्प (1) 966.30 करोड़ रुपये और विकल्प (4) 58 करोड़ रुपये है।