निम्न में से कौन सा सही सुमेलित है? (A) मांडो-की-पाल – फेल्सपार (B) तलवाड़ा – सीसा एवं जस्ता (C) खेरवाड़ा – एस्बेस्टस (D) ऋषभदेव – अभ्रक
- (1)B
- (2)D
- (3)A
- (4)C
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), C.
विकल्प (4) कथन C, खेरवाड़ा – एस्बेस्टस, की ओर संकेत करता है। एक-एक करके जाँचने पर केवल यही युग्म स्रोतों से मेल खाता है।
(C) खेरवाड़ा – एस्बेस्टस: उदयपुर जिला गजेटियर, जिसके आँकड़े 1972-73 तक के हैं, बताता है कि जिले के एस्बेस्टस निक्षेप नाथद्वारा, मोलका, गुढ़ा, रिखबदेव, कुंथल और खेरवाड़ा के पास मिलते हैं, और इनमें से अधिकतर एम्फीबोल प्रकार के हैं।
(A) मांडो-की-पाल – फेल्सपार: राजस्थान का खान एवं भूविज्ञान विभाग (DMG) डूंगरपुर जिले के मांडो-की-पाल को फ्लोराइट के महत्वपूर्ण निक्षेपों में गिनाता है।
(B) तलवाड़ा – सीसा एवं जस्ता: बांसवाड़ा जिला गजेटियर (1974) तलवाड़ा को बांसवाड़ा के मैंगनीज स्थलों में गिनाता है, और DMG की सीसा-जस्ता-चाँदी निक्षेपों की सूची में यह नहीं है।
(D) ऋषभदेव – अभ्रक: उदयपुर गजेटियर रिखबदेव (ऋषभदेव) को एस्बेस्टस, सोपस्टोन और सर्पेन्टाइन की नक्काशी से जोड़ता है। भारतीय खान ब्यूरो की 2018 की राजस्थान समीक्षा अभ्रक को अजमेर और भीलवाड़ा जिलों में रखती है।
केवल C सही ठहरता है, इसलिए उत्तर विकल्प (4), C है।
ये स्रोत अंग्रेज़ी में हैं। प्रश्न-पत्र में न छपे स्थान-नाम (जैसे मोलका, कुंथल, काहिला) यहाँ उनकी अंग्रेज़ी वर्तनी से लिप्यंतरित हैं; इन्हें आधिकारिक हिन्दी वर्तनी न मानें।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)B — विकल्प (1) B, तलवाड़ा – सीसा एवं जस्ता, की ओर संकेत करता है। बांसवाड़ा जिला गजेटियर तलवाड़ा को जिले के मैंगनीज स्थलों में गिनाता है, और बांसवाड़ा में सीसा अयस्क की छोटी उपस्थिति वरदिया और पीपलखूंट में बताता है, तलवाड़ा में नहीं।
DMG के महत्वपूर्ण सीसा-जस्ता-चाँदी निक्षेप जावर (उदयपुर), राजपुरा-दरीबा-बेथुमी और सिंदेसर कलां-खुर्द (राजसमन्द), रामपुरा-आगूचा और पुर-बनेड़ा (भीलवाड़ा), देहरी (सिरोही) तथा कायड़-घुघरा और सावर (अजमेर) में हैं।
- (2)D — विकल्प (2) D, ऋषभदेव – अभ्रक, की ओर संकेत करता है। उदयपुर जिला गजेटियर रिखबदेव को एस्बेस्टस निक्षेपों में, जिनमें थोड़ी मात्रा क्राइसोटाइल की भी है, और सोपस्टोन स्थलों में गिनाता है; वहाँ के पत्थर-शिल्पी सर्पेन्टाइन पर काम करते हैं।
भारतीय खान ब्यूरो की 2018 की राजस्थान समीक्षा अभ्रक अजमेर और भीलवाड़ा जिलों में बताती है। इनमें से कोई भी स्रोत ऋषभदेव को अभ्रक से नहीं जोड़ता।
- (3)A — विकल्प (3) A, मांडो-की-पाल – फेल्सपार, की ओर संकेत करता है। DMG डूंगरपुर जिले के मांडो-की-पाल और काहिला को फ्लोराइट के महत्वपूर्ण निक्षेप बताता है, और उनके प्रमाणित संसाधन तथा CaF2 की मात्रा देता है।
फेल्सपार एक अलग खनिज है; DMG की फेल्सपार प्रविष्टि अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमन्द और पाली जैसे जिले बताती है। मांडो-की-पाल फ्लोराइट से जुड़ा है।
अवधारणा
एस्बेस्टस एक रेशेदार खनिज है जो मुख्यतः दो प्रकारों में मिलता है, क्राइसोटाइल (सर्पेन्टाइन एस्बेस्टस) और एम्फीबोल एस्बेस्टस। उदयपुर जिला गजेटियर ने जिले में दोनों प्रकार पाए, जिनमें अधिकतर एम्फीबोल था और रिखबदेव के पास थोड़ी मात्रा क्राइसोटाइल की।
भारतीय खान ब्यूरो की भारतीय खनिज वर्षपुस्तिका 2018 राजस्थान के अजमेर, भीलवाड़ा, डूंगरपुर, पाली, राजसमन्द और उदयपुर जिलों में एस्बेस्टस (एम्फीबोल) दर्ज करती है।
फ्लोराइट कैल्शियम फ्लोराइड, CaF2, है। DMG राजस्थान में इसके महत्वपूर्ण निक्षेप डूंगरपुर के मांडो-की-पाल और काहिला बताता है, और जालौर के कराका में एक छोटा संसाधन।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "खनिज– धात्विक एवं अधात्विक" सूचीबद्ध है। गाँवों के नाम से पहचाने जाने वाले खनिज स्थल इसी शीर्षक में आते हैं।
दक्षिणी राजस्थान में ऐसे कई स्थल हैं। उदयपुर गजेटियर में खेरवाड़ा और ऋषभदेव उदयपुर जिले के स्थल हैं, मांडो-की-पाल डूंगरपुर में है, और तलवाड़ा बांसवाड़ा में है, जहाँ बांसवाड़ा गजेटियर लगभग 5 किमी दूर त्रिपुरा सुंदरी का मंदिर भी बताता है।
एक नाम दो गाँवों का हो सकता है। उदयपुर गजेटियर का खेरवाड़ा एस्बेस्टस स्थल है, जबकि बांसवाड़ा गजेटियर बांसवाड़ा में एक खेरवाड़ा गाँव दर्ज करता है, जहाँ लोहे की उपस्थिति और अभ्रक के साथ बेरिल मिलता है।
मुख्य तथ्य
- उदयपुर जिला गजेटियर (आँकड़े 1972-73 तक): एस्बेस्टस निक्षेप नाथद्वारा, मोलका, गुढ़ा, रिखबदेव, कुंथल और खेरवाड़ा के पास हैं, अधिकतर एम्फीबोल प्रकार के।
- उदयपुर जिला गजेटियर: रिखबदेव के पास थोड़ी मात्रा में क्राइसोटाइल एस्बेस्टस मिलता है, और वहाँ के पत्थर-शिल्पी सर्पेन्टाइन के खिलौने और मूर्तियाँ बनाते हैं।
- राजस्थान DMG: डूंगरपुर जिले के मांडो-की-पाल और काहिला फ्लोराइट के महत्वपूर्ण निक्षेप हैं।
- बांसवाड़ा जिला गजेटियर (1974): तलवाड़ा जिले के मैंगनीज स्थलों में है, खूंटा कलां, इटाला, तम्बोसरा और सगवान के साथ।
- IBM, भारतीय खनिज वर्षपुस्तिका 2018 (राजस्थान): एस्बेस्टस (एम्फीबोल) अजमेर, भीलवाड़ा, डूंगरपुर, पाली, राजसमन्द और उदयपुर में; अभ्रक अजमेर और भीलवाड़ा में।
केवल C मेल खाता है, और विकल्प (4) में C छपा है। स्रोत: उदयपुर और बांसवाड़ा जिला गजेटियर; राजस्थान DMG; IBM भारतीय खनिज वर्षपुस्तिका 2018।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- विकल्प संख्याओं को कथन-अक्षरों से मिला देना। विकल्प (1) में B, विकल्प (2) में D, विकल्प (3) में A और विकल्प (4) में C छपा है, इसलिए विकल्प में छपे अक्षर को उसके कथन तक वापस ले जाना होता है।
- तलवाड़ा को सीसा एवं जस्ता से जोड़ना। बांसवाड़ा गजेटियर इसे मैंगनीज स्थलों में गिनाता है; DMG के सीसा-जस्ता निक्षेप जावर और रामपुरा-आगूचा जैसे स्थानों पर हैं।
- दो खेरवाड़ा को मिला देना। उदयपुर गजेटियर के खेरवाड़ा में एस्बेस्टस है; बांसवाड़ा गजेटियर बांसवाड़ा में एक दूसरा खेरवाड़ा लोहे के लिए और अभ्रक के साथ बेरिल के लिए बताता है।
कोई प्रश्न, जैसे यहाँ, स्थान–खनिज युग्मों की सूची देकर पूछ सकता है कि कौन-सा सही सुमेलित है।
कोई प्रश्न कई स्थलों के नाम देकर उनका साझा खनिज भी पूछ सकता है, गलत युग्म पूछ सकता है, या पूछ सकता है कि किसी खनिज के निक्षेप किस जिले में हैं।
संबंधित PYQ
राजस्थान में निम्नलिखित स्थलों पर ऐस्बेस्टॉस खदानें कहाँ अवस्थित हैं ?
- (1) अर्जुनपुरा और पीपरदा
- (2) खुरा और मंगोल
- (3) करपुरा और फतेहगढ़
- (4) देपुरा और डिंगरी
उत्तर(1)
वही खनिज, अलग स्थल। वह प्रश्न पूछता है कि राजस्थान में किन स्थलों पर ऐस्बेस्टॉस खदानें अवस्थित हैं (RPSC की कुंजी: विकल्प (1), अर्जुनपुरा और पीपरदा); यह प्रश्न चार स्थल–खनिज युग्मों में खेरवाड़ा को एस्बेस्टस से जोड़ता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान के डूंगरपुर जिले में मांडो-की-पाल किसका महत्वपूर्ण निक्षेप है –
- (a)फेल्सपार
- (b)फ्लोराइट
- (c)मैंगनीज
- (d)एस्बेस्टस
उत्तर(2) — DMG मांडो-की-पाल को राजस्थान के महत्वपूर्ण फ्लोराइट निक्षेपों में गिनाता है। विकल्प (1), फेल्सपार, अजमेर और भीलवाड़ा जैसे जिलों के लिए दर्ज है; विकल्प (3), मैंगनीज, तलवाड़ा जैसे बांसवाड़ा के स्थलों के लिए; विकल्प (4), एस्बेस्टस, खेरवाड़ा जैसे उदयपुर के स्थलों के लिए। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान का निम्न में से कौन-सा स्थल मैंगनीज से जुड़ा है?
- (a)जावर
- (b)तलवाड़ा
- (c)खेरवाड़ा
- (d)रामपुरा-आगूचा
उत्तर(2) — बांसवाड़ा जिला गजेटियर तलवाड़ा को अपने मैंगनीज स्थलों में गिनाता है। विकल्प (1), जावर, और विकल्प (4), रामपुरा-आगूचा, DMG की सूची में सीसा-जस्ता-चाँदी निक्षेप हैं; विकल्प (3), खेरवाड़ा, उदयपुर गजेटियर में एस्बेस्टस स्थल है।