‘ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर’ राजस्थान के निम्नलिखित में से किन जिलों से गुजरेगा?
- (1)अजमेर, चित्तौड़गढ़, बीकानेर
- (2)जोधपुर, जयपुर, अलवर
- (3)उदयपुर, भीलवाड़ा, जयपुर
- (4)कोटा, अजमेर, जोधपुर
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), अजमेर, चित्तौड़गढ़, बीकानेर.
ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर पवन और सौर संयंत्रों की बिजली को ग्रिड तक ले जाने वाली पारेषण परियोजनाएँ हैं। विद्युत मंत्रालय के 29 अगस्त 2013 के लोक सभा उत्तर के अनुसार इस परियोजना में अंतर-राज्यीय और राज्य के भीतर (अंतः-राज्यीय), दोनों प्रकार की योजनाएँ शामिल हैं।
कुंजी वाले समूह के दो जिले, अजमेर और बीकानेर, 17 नवम्बर 2016 के एक लोक सभा उत्तर में अंतर-राज्यीय भाग के सबस्टेशनों को अपना नाम देते हैं। यह उत्तर उन परियोजनाओं की सूची देता है जिनके लिए पावरग्रिड (POWERGRID) ने एशियाई विकास बैंक (ADB) से ऋण माँगा था।
उसमें सूचीबद्ध कॉरीडोर घटकों में अजमेर (नया) – बीकानेर (नया) 765 kV लाइन, बीकानेर (नया) – मोगा 765 kV लाइन, और बीकानेर (नया) पर एक नया 765/400 kV सबस्टेशन शामिल हैं।
वह उत्तर केवल एक ऋण से जुड़े घटकों को शामिल करता है, इसलिए यह कॉरीडोर के कार्यों की आंशिक सूची है। RPSC की कुंजी समूह अजमेर, चित्तौड़गढ़, बीकानेर देती है।
राजस्थान में कॉरीडोर को अजमेर (नया) से बीकानेर (नया) तक की 765 kV लाइन से जोड़कर याद रखें।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)जोधपुर, जयपुर, अलवर — RPSC की कुंजी यह समूह नहीं चुनती।
17 नवम्बर 2016 के लोक सभा उत्तर में अंतर-राज्यीय कॉरीडोर घटक अजमेर (नया) और बीकानेर (नया) पर हैं, और एक लाइन आगे मोगा तक जाती है। इस समूह में न अजमेर है, न बीकानेर।
- (3)उदयपुर, भीलवाड़ा, जयपुर — RPSC की कुंजी यह समूह नहीं चुनती।
2016 के लोक सभा उत्तर में कॉरीडोर के अंतर-राज्यीय घटकों के लिए जिन स्थानों के नाम हैं, वे अजमेर (नया), बीकानेर (नया) और मोगा हैं; उदयपुर, भीलवाड़ा या जयपुर में से कोई उनमें नहीं है।
- (4)कोटा, अजमेर, जोधपुर — इसमें अजमेर होने पर भी RPSC की कुंजी यह समूह नहीं चुनती।
2016 के लोक सभा उत्तर में अजमेर (नया) एक 765 kV लाइन का एक सिरा है, जिसका दूसरा सिरा बीकानेर (नया) है। कुंजी वाले समूह में अजमेर बीकानेर के साथ है; यह समूह अजमेर को कोटा और जोधपुर के साथ रखता है।
अवधारणा
ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर नवीकरणीय बिजली के लिए पारेषण क्षमता जोड़ते हैं। 19 मार्च 2015 का एक लोक सभा उत्तर इस परियोजना को उत्पादन स्थलों से नवीकरणीय बिजली को भार केन्द्रों तक पहुँचाने वाली परियोजना बताता है, और जोड़ता है कि इसमें पूर्वानुमान और समय-निर्धारण के लिए नवीकरणीय ऊर्जा प्रबंधन केन्द्र भी शामिल हैं।
इसके दो भाग हैं। 8 दिसम्बर 2016 का एक लोक सभा उत्तर बताता है कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने राजस्थान सहित नवीकरणीय ऊर्जा से समृद्ध आठ राज्यों में अंतः-राज्यीय पारेषण प्रणाली को 8,548.68 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर स्वीकृति दी, और अंतर-राज्यीय घटक पावरग्रिड लागू करता है।
वही उत्तर राष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा कोष से भारत सरकार का अंशदान 3,419.47 करोड़ रुपये बताता है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "ऊर्जा संसाधन– परम्परागत एवं गैर–परम्परागत" सूचीबद्ध है। नवीकरणीय बिजली के लिए बनी पारेषण लाइनें संयंत्रों के साथ इसी शीर्षक में आती हैं।
जर्मनी के KfW ने कॉरीडोर के लिए ऋण देने पर सहमति दी। 19 मार्च 2015 का एक लोक सभा उत्तर पावरग्रिड के साथ 500 मिलियन यूरो, तमिलनाडु के साथ 76 मिलियन यूरो और राजस्थान के साथ 49 मिलियन यूरो के हस्ताक्षरित रियायती ऋण समझौते दर्ज करता है।
ADB ऋण पर 2016 का उत्तर राजस्थान की पारेषण कंपनी, राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम (RVPN), की 400 kV भड़ला – बीकानेर लाइन के एक सर्किट का बीकानेर (नया) पर LILO (लूप-इन, लूप-आउट) भी सूचीबद्ध करता है।
मुख्य तथ्य
- लोक सभा उत्तर, 29 अगस्त 2013 (विद्युत मंत्रालय): ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर में पवन और सौर बिजली की निकासी के लिए अंतर-राज्यीय और अंतः-राज्यीय योजनाएँ शामिल हैं।
- लोक सभा उत्तर, 17 नवम्बर 2016: अंतर-राज्यीय ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर घटकों में अजमेर (नया) – बीकानेर (नया) 765 kV डबल-सर्किट लाइन शामिल है।
- वही उत्तर बीकानेर (नया) – मोगा 765 kV लाइन और बीकानेर (नया) पर 2x1500 MVA, 765/400 kV सबस्टेशन सूचीबद्ध करता है।
- लोक सभा उत्तर, 8 दिसम्बर 2016: अंतः-राज्यीय ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर राजस्थान सहित आठ राज्यों को 8,548.68 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर शामिल करता है।
- लोक सभा उत्तर, 19 मार्च 2015: KfW ने पावरग्रिड (500 मिलियन यूरो), तमिलनाडु (76 मिलियन यूरो) और राजस्थान (49 मिलियन यूरो) के साथ रियायती ऋण समझौते किए।
आंशिक सूची: एक एशियाई विकास बैंक ऋण से जुड़े घटक। जिलों के लिए RPSC की कुंजी विकल्प (1), अजमेर, चित्तौड़गढ़, बीकानेर है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- एक आंशिक सूची को पूरा कॉरीडोर मान लेना। 2016 का लोक सभा उत्तर केवल एक ऋण के घटकों के नाम देता है, इसलिए उसमें किसी जिले का न होना उसे कॉरीडोर से बाहर सिद्ध नहीं करता।
- दोनों भागों को मिला देना। अंतर-राज्यीय घटक पावरग्रिड लागू करता है, जबकि अंतः-राज्यीय घटक राजस्थान सहित आठ राज्यों के भीतर पारेषण को शामिल करता है।
- अजमेर पर रुक जाना। विकल्प (4) में भी अजमेर है; कुंजी वाला समूह वह है जिसमें अजमेर बीकानेर के साथ है।
कोई प्रश्न, जैसे यहाँ, पूछ सकता है कि कोई पारेषण कॉरीडोर किन जिलों से गुजरता है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि अंतर-राज्यीय भाग कौन-सी एजेंसी लागू करती है, अंतः-राज्यीय भाग किन राज्यों को शामिल करता है, या कॉरीडोर क्या ले जाने के लिए बना है।
संबंधित PYQ
UnlockIAS ने इस प्रश्न की तुलना अन्य RAS प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न-पत्रों के प्रश्नों से की; कोई भी जोड़ने लायक मिलता-जुलता प्रश्न नहीं मिला।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर परियोजना मुख्यतः किसके लिए है –
- (a)नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं से बिजली की ग्रिड में निकासी
- (b)विद्युत वाहनों के लिए राजमार्ग बनाना
- (c)शहरी गैस वितरण के लिए पाइपलाइन बिछाना
- (d)राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे हरित पट्टी लगाना
उत्तर(1) — 29 अगस्त 2013 का एक लोक सभा उत्तर परियोजना की अंतर-राज्यीय और अंतः-राज्यीय योजनाओं को पवन और सौर परियोजनाओं से बिजली की निकासी के लिए बताता है। विकल्प (2), (3) और (4) सड़कों, गैस पाइपलाइनों और वृक्षारोपण का वर्णन करते हैं, नवीकरणीय बिजली के पारेषण का नहीं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर का अंतर-राज्यीय घटक कौन लागू करता है –
- (a)पावरग्रिड
- (b)NTPC
- (c)RVPN
- (d)SECI
उत्तर(1) — 8 दिसम्बर 2016 का एक लोक सभा उत्तर बताता है कि अंतर-राज्यीय घटक पावरग्रिड (PGCIL) लागू करता है। विकल्प (3), RVPN, 2016 के ADB ऋण वाले उत्तर में राजस्थान के भीतर की एक लाइन के स्वामी के रूप में आता है; विकल्प (2), NTPC, और विकल्प (4), SECI, को लागू करने वाली एजेंसी नहीं बताया गया है।