2011 की जनगणना के अनुसार, राजस्थान के कौन से जिलों में ग्रामीण और नगरीय लिंगानुपात सर्वाधिक है? ग्रामीण लिंगानुपात – नगरीय लिंगानुपात (A) राजसमन्द – बांसवाड़ा (B) डूंगरपुर – टोंक (C) पाली – चूरू (D) जालौर – नागौर
- (1)B
- (2)A
- (3)D
- (4)C
उत्तर
क्यों
RPSC ने अपनी अंतिम उत्तर कुंजी में यह प्रश्न विलोपित कर दिया, इसलिए कोई विकल्प सही नहीं दिखाया गया है।
प्रश्न 2011 की जनगणना से जिलों का एक युग्म पूछता है: एक जिला राजस्थान में सर्वाधिक ग्रामीण लिंगानुपात वाला और एक सर्वाधिक नगरीय लिंगानुपात वाला। लिंगानुपात प्रति 1,000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या है।
राजस्थान का सांख्यिकीय सार 2015 अपनी तालिका 2.8 में सभी 33 जिलों के 2011 की जनगणना के ग्रामीण और नगरीय लिंगानुपात दोबारा छापता है। पूरे राज्य के लिए वह तालिका ग्रामीण क्षेत्रों में 933 और नगरीय क्षेत्रों में 914 देती है।
हर कूट एक अक्षर वाला युग्म बताता है। विकल्प (1) B छापता है, डूंगरपुर – टोंक; विकल्प (2) A, राजसमन्द – बांसवाड़ा; विकल्प (3) D, जालौर – नागौर; विकल्प (4) C, पाली – चूरू।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)B — विकल्प (1) B छापता है, युग्म डूंगरपुर – टोंक।
सांख्यिकीय सार 2015 में दोबारा छपे 2011 की जनगणना के आँकड़े: डूंगरपुर, ग्रामीण 996 और नगरीय 951; टोंक, ग्रामीण 943 और नगरीय 985। इनके कुल लिंगानुपात 994 और 952 थे।
- (2)A — विकल्प (2) A छापता है, युग्म राजसमन्द – बांसवाड़ा।
सांख्यिकीय सार 2015 में दोबारा छपे 2011 की जनगणना के आँकड़े: राजसमन्द, ग्रामीण 998 और नगरीय 948; बांसवाड़ा, ग्रामीण 981 और नगरीय 964। इनके कुल लिंगानुपात 990 और 980 थे।
- (3)D — विकल्प (3) D छापता है, युग्म जालौर – नागौर।
सांख्यिकीय सार 2015 में दोबारा छपे 2011 की जनगणना के आँकड़े: जालौर, ग्रामीण 955 और नगरीय 921; नागौर, ग्रामीण 951 और नगरीय 945। इनके कुल लिंगानुपात 952 और 950 थे।
- (4)C — विकल्प (4) C छापता है, युग्म पाली – चूरू।
सांख्यिकीय सार 2015 में दोबारा छपे 2011 की जनगणना के आँकड़े: पाली, ग्रामीण 1,003 और नगरीय 934; चूरू, ग्रामीण 938 और नगरीय 944। इनके कुल लिंगानुपात 987 और 940 थे।
अवधारणा
जनगणना लिंगानुपात को प्रति 1,000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या के रूप में मापती है, कुल जनसंख्या के लिए और अलग से ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्रों के लिए। कोई जिला तीनों मापों पर बहुत अलग स्थान पा सकता है।
सांख्यिकीय सार 2015 में दोबारा छपे 2011 की जनगणना के जिलेवार आँकड़ों में पाली का ग्रामीण लिंगानुपात सर्वाधिक (1,003) और टोंक का नगरीय लिंगानुपात सर्वाधिक (985) था। कुल आँकड़े पर डूंगरपुर 994 के साथ सबसे ऊपर था, उसके बाद राजसमन्द (990) और पाली (987)।
दूसरे छोर पर, जैसलमेर का नगरीय लिंगानुपात सबसे कम (807) और धौलपुर का ग्रामीण लिंगानुपात सबसे कम (841) था।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत जनसंख्या वाले बिंदु में "साक्षरता, लिंगानुपात एवं प्रमुख जनजातियाँ" सूचीबद्ध हैं। जिलों के लिंगानुपात 2011 की जनगणना की तालिकाओं से आते हैं, जिनमें 33 जिले हैं।
2011 की जनगणना में राजस्थान का ग्रामीण लिंगानुपात नगरीय से अधिक था: 933 बनाम 914, और कुल 928।
दोनों शृंखलाएँ जिलों को अलग-अलग क्रम देती हैं। नगरीय शृंखला में पहले स्थान वाले टोंक का ग्रामीण आँकड़ा 943 था; ग्रामीण शृंखला में पहले स्थान वाले पाली का नगरीय आँकड़ा 934 था।
मुख्य तथ्य
- 2011 की जनगणना (सांख्यिकीय सार राजस्थान 2015): राजस्थान का लिंगानुपात कुल 928, ग्रामीण क्षेत्रों में 933 और नगरीय क्षेत्रों में 914 था।
- 2011 की जनगणना में सर्वाधिक ग्रामीण लिंगानुपात: पाली, 1,003, 1,000 से ऊपर का एकमात्र जिला ग्रामीण आँकड़ा।
- 2011 की जनगणना में सर्वाधिक नगरीय लिंगानुपात: टोंक, 985।
- 2011 की जनगणना में सबसे कम: जैसलमेर का नगरीय लिंगानुपात, 807, और धौलपुर का ग्रामीण लिंगानुपात, 841।
- 2011 की जनगणना में सर्वाधिक कुल लिंगानुपात: डूंगरपुर 994, उसके बाद राजसमन्द 990 और पाली 987।
आँकड़े राजस्थान के सांख्यिकीय सार 2015, तालिका 2.2 और 2.8 (2011 की जनगणना) से।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- यह मान लेना कि एक ही जिला दोनों शृंखलाओं में सबसे ऊपर होगा। 2011 की जनगणना में ग्रामीण शृंखला में पाली और नगरीय शृंखला में टोंक आगे थे; टोंक का ग्रामीण आँकड़ा 943 और पाली का नगरीय आँकड़ा 934 था।
- सूची के शीर्ष को उसके निचले छोर से मिला देना। धौलपुर का ग्रामीण लिंगानुपात सबसे कम (841) और जैसलमेर का नगरीय लिंगानुपात सबसे कम (807) था।
- जनगणना के वर्षों को मिला देना। राजस्थान का कुल लिंगानुपात 2001 में 921 और 2011 में 928 था।
कोई प्रश्न पूछ सकता है कि किसी जनगणना में किन जिलों का ग्रामीण और नगरीय लिंगानुपात सर्वाधिक था, जैसा यहाँ है।
कोई प्रश्न सबसे कम आँकड़े पूछ सकता है, राज्य के ग्रामीण और नगरीय अनुपातों की तुलना करवा सकता है, या 1,000 से ऊपर वाले जिलों पर कथनों की जाँच करवा सकता है।
संबंधित PYQ
राजस्थान में कुल साक्षरता दर (जनगणना 2011) के घटते हुए क्रम के आधार पर जिलों का सही क्रम है
- (1) जयपुर, झुन्झुनूं, कोटा, सीकर, अलवर
- (2) कोटा, जयपुर, झुन्झुनूं, सीकर, अलवर
- (3) झुन्झुनूं, कोटा, सीकर, जयपुर, अलवर
- (4) कोटा, झुन्झुनूं, जयपुर, अलवर, सीकर
उत्तर(2)
2011 की जनगणना की वही जिलेवार तालिकाएँ, दूसरा सूचक। वह प्रश्न कुल साक्षरता दर के घटते क्रम में जिलों का सही क्रम पूछता है (RPSC की कुंजी: विकल्प (2), कोटा, जयपुर, झुन्झुनूं, सीकर, अलवर); यह विलोपित प्रश्न ग्रामीण और नगरीय लिंगानुपात के बारे में है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान के किस जिले का नगरीय लिंगानुपात सर्वाधिक था?
- (a)बांसवाड़ा
- (b)टोंक
- (c)प्रतापगढ़
- (d)डूंगरपुर
उत्तर(2) — टोंक का नगरीय लिंगानुपात 985 था, राज्य में सर्वाधिक। विकल्प (1), बांसवाड़ा, का 964; विकल्प (3), प्रतापगढ़, का 963; विकल्प (4), डूंगरपुर, का 951 था। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान के किस जिले का ग्रामीण लिंगानुपात सबसे कम था?
- (a)जैसलमेर
- (b)धौलपुर
- (c)करौली
- (d)भरतपुर
उत्तर(2) — धौलपुर का ग्रामीण लिंगानुपात 841 था, राज्य में सबसे कम। विकल्प (1), जैसलमेर, का ग्रामीण आँकड़ा 859 था (उसका नगरीय आँकड़ा, 807, सबसे कम नगरीय आँकड़ा था); विकल्प (3), करौली, का 856; विकल्प (4), भरतपुर, का 878।