भारत के संविधान में वर्णित नीति निदेशक तत्वों का सुमेलित युग्म पहचानिए –
- (1)समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता – अनुच्छेद 42
- (2)कृषि और पशुपालन का संगठन – अनुच्छेद 43
- (3)ग्राम पंचायतों का संगठन – अनुच्छेद 41
- (4)पुरुषों और स्त्रियों दोनों का समान कार्य के लिए समान वेतन हो – अनुच्छेद 39
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), पुरुषों और स्त्रियों दोनों का समान कार्य के लिए समान वेतन हो – अनुच्छेद 39.
अनुच्छेद 39 का शीर्षक "राज्य द्वारा अनुसरणीय कुछ नीति तत्त्व" है। इसके अनुसार राज्य अपनी नीति का, विशिष्टतया, इस प्रकार संचालन करेगा कि अन्य बातों के साथ खंड (घ) सुनिश्चित हो: "पुरुषों और स्त्रियों दोनों का समान कार्य के लिए समान वेतन"।
विकल्प खंड (घ) के ये शब्द दोहराता है और सही अनुच्छेद देता है, इसलिए यह युग्म सुमेलित है।
बाकी तीनों युग्म एक वास्तविक निदेशक तत्व लेकर उसके साथ गलत अनुच्छेद संख्या जोड़ते हैं। समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता अनुच्छेद 39A है, 42 नहीं; कृषि और पशुपालन का संगठन अनुच्छेद 48 है, 43 नहीं; ग्राम पंचायतों का संगठन अनुच्छेद 40 है, 41 नहीं।
याद रखने का विचार: 39(घ) समान वेतन; 39A निःशुल्क विधिक सहायता; 40 ग्राम पंचायतें; 41 काम का अधिकार; 42 प्रसूति सहायता; 43 निर्वाह मजदूरी; 48 कृषि और पशुपालन।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता – अनुच्छेद 42 — समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता अनुच्छेद 39A है, जिसे संविधान (बयालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1976 ने 3 जनवरी 1977 से जोड़ा। यह राज्य से निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था करने को कहता है, ताकि आर्थिक या किसी अन्य निर्योग्यता के कारण कोई नागरिक न्याय पाने के अवसर से वंचित न रह जाए।
अनुच्छेद 42 "काम की न्यायसंगत और मानवोचित दशाओं का तथा प्रसूति सहायता का उपबंध" है।
- (2)कृषि और पशुपालन का संगठन – अनुच्छेद 43 — कृषि और पशुपालन का संगठन अनुच्छेद 48 है। यह राज्य से कृषि और पशुपालन को आधुनिक और वैज्ञानिक प्रणालियों से संगठित करने, और गायों और बछड़ों तथा अन्य दुधारू और वाहक पशुओं की नस्लों के परिरक्षण और सुधार तथा उनके वध का प्रतिषेध करने के लिए कदम उठाने को कहता है।
अनुच्छेद 43 "कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी, आदि" है, जो ग्रामों में कुटीर उद्योगों को बढ़ाने का भी उल्लेख करता है।
- (3)ग्राम पंचायतों का संगठन – अनुच्छेद 41 — ग्राम पंचायतों का संगठन अनुच्छेद 40 है: राज्य ग्राम पंचायतों का संगठन करेगा और उन्हें ऐसी शक्तियाँ देगा जिनसे वे स्वायत्त शासन की इकाइयों के रूप में कार्य कर सकें।
अनुच्छेद 41 "कुछ दशाओं में काम, शिक्षा और लोक सहायता पाने का अधिकार" है, जैसे बेकारी, बुढ़ापा, बीमारी और निःशक्तता की दशाएँ, राज्य की आर्थिक सामर्थ्य की सीमाओं के भीतर।
अवधारणा
राज्य की नीति के निदेशक तत्व संविधान के भाग 4 में हैं। अनुच्छेद 37 के अनुसार ये उपबंध "किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे", किंतु इनमें अधिकथित तत्त्व "देश के शासन में मूलभूत हैं", और विधि बनाने में इन्हें लागू करना राज्य का कर्तव्य होगा।
अनुच्छेद 38 से 43B मुख्यतः सामाजिक और आर्थिक जीवन से जुड़े हैं: लोक कल्याण, अनुच्छेद 39 के खंड (जीविका, संसाधन, धन, समान वेतन, कर्मकारों का स्वास्थ्य और बालक), विधिक सहायता, पंचायतें, काम, काम की मानवोचित दशाएँ, निर्वाह मजदूरी, प्रबंध में कर्मकारों का भाग और सहकारी सोसाइटियाँ।
आगे के अनुच्छेद, अन्य विषयों के साथ, समान सिविल संहिता, पोषाहार और लोक स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण, स्मारक, न्यायपालिका का कार्यपालिका से पृथक्करण और अंतरराष्ट्रीय शांति से जुड़े हैं।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में भारतीय संविधान, राजनीतिक व्यवस्था एवं शासन प्रणाली के अंतर्गत "उद्देशिका, मूल अधिकार, राज्य नीति के निदेशक तत्व, मूल कर्तव्य।" सूचीबद्ध है।
कई निदेशक तत्व 1950 के बाद जोड़े गए। बयालीसवें संशोधन ने अनुच्छेद 39A, 43A और 48A जोड़े और अनुच्छेद 39 का खंड (च) प्रतिस्थापित किया, सभी 3 जनवरी 1977 से। सत्तानवेवें संशोधन ने सहकारी सोसाइटियों पर अनुच्छेद 43B जोड़ा।
ग्राम पंचायतों पर अनुच्छेद 40 राजस्थान के स्थानीय शासन से जुड़ता है। तिहत्तरवें संशोधन ने बाद में भाग 9 में पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिया।
मुख्य तथ्य
- अनुच्छेद 39(घ): राज्य अपनी नीति का संचालन इस प्रकार करेगा कि पुरुषों और स्त्रियों दोनों का समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित हो।
- अनुच्छेद 39A (समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता) बयालीसवें संशोधन द्वारा 3 जनवरी 1977 से जोड़ा गया।
- अनुच्छेद 40: स्वायत्त शासन की इकाइयों के रूप में ग्राम पंचायतों का संगठन।
- अनुच्छेद 42: काम की न्यायसंगत और मानवोचित दशाएँ तथा प्रसूति सहायता; अनुच्छेद 43: कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी।
- अनुच्छेद 48: कृषि और पशुपालन को आधुनिक और वैज्ञानिक प्रणालियों से संगठित करना।
स्रोत: भारत का संविधान, भाग 4, अक्टूबर 2021 में यथाप्रवृत्त।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- जानी-पहचानी संख्या पर भरोसा: हर गलत युग्म भाग 4 के किसी दूसरे निदेशक तत्व की संख्या देता है (39A के लिए 42, 40 के लिए 41, 48 के लिए 43)।
- अक्षर वाले अनुच्छेद छूट जाना: निःशुल्क विधिक सहायता 39A है, 39 या 42 नहीं, क्योंकि बयालीसवें संशोधन ने इसे अनुच्छेद 39 के बाद जोड़ा।
- अनुच्छेद 42 और 43 को मिला देना: 42 काम की मानवोचित दशाएँ और प्रसूति सहायता है; 43 निर्वाह मजदूरी और कुटीर उद्योग है।
कोई प्रश्न निदेशक तत्वों को अनुच्छेद संख्याओं के साथ जोड़कर पूछ सकता है कि कौन-सा युग्म सुमेलित है, या कौन-सा नहीं।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि अनुच्छेद 39A, 43A या 48A जैसा कोई निदेशक तत्व किस संशोधन ने जोड़ा।
संबंधित PYQ
निम्नलिखित सूची-P (निर्देशक सिद्धांत) को सूची-R (अनुच्छेद) के साथ सुमेलित कीजिए : सूची – P – सूची – R A. समान न्याय और निःशुल्क कानूनी सहायता – I. अनुच्छेद 48 A B. पर्यावरण की सुरक्षा – II. अनुच्छेद 39 A C. काम करने का अधिकार – III. अनुच्छेद 41 D. स्मारकों का संरक्षण – IV. अनुच्छेद 49 सही विकल्प चुनें :
- (1) A-I, B-III, C-IV, D-II
- (2) A-II, B-I, C-III, D-IV
- (3) A-III, B-I, C-IV, D-II
- (4) A-II, B-III, C-I, D-IV
उत्तर(2)
निदेशक तत्वों को अनुच्छेदों से मिलाने का वही कौशल: वह प्रश्न समान न्याय और निःशुल्क कानूनी सहायता, पर्यावरण की सुरक्षा, काम करने का अधिकार और स्मारकों का संरक्षण को उनके अनुच्छेदों से सुमेलित करवाता है (RPSC की कुंजी: विकल्प (2), A-II, B-I, C-III, D-IV)। यह प्रश्न पूछता है कि चार युग्मों में कौन-सा सुमेलित है।
किस वर्ष भारत के संविधान में यह अन्तःस्थापित किया गया कि राज्य आर्थिक या अन्य निर्योग्यताओं के कारण किसी नागरिक को निःशुल्क विधिक सहायता सुनिश्चित करेगा ?
- (1) 1978
- (2) 1976
- (3) 1975
- (4) 1979
उत्तर(2)
विकल्प (1) वाला वही निदेशक तत्व: वह प्रश्न पूछता है कि किस वर्ष संविधान में यह अन्तःस्थापित किया गया कि राज्य आर्थिक या अन्य निर्योग्यताओं के कारण किसी नागरिक को निःशुल्क विधिक सहायता सुनिश्चित करेगा (RPSC की कुंजी: विकल्प (2), 1976)। यह प्रश्न अन्य युग्मों के बीच समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता की अनुच्छेद संख्या जाँचता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत के संविधान का कौन-सा अनुच्छेद राज्य को उद्योगों के प्रबंध में कर्मकारों का भाग लेना सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का निर्देश देता है?
- (a)अनुच्छेद 41
- (b)अनुच्छेद 43
- (c)अनुच्छेद 43A
- (d)अनुच्छेद 46
उत्तर(3) — बयालीसवें संशोधन द्वारा जोड़ा गया अनुच्छेद 43A उद्योगों के प्रबंध में कर्मकारों के भाग लेने से जुड़ा है। विकल्प (1) काम, शिक्षा और लोक सहायता का अधिकार है; विकल्प (2) निर्वाह मजदूरी; विकल्प (4) दुर्बल वर्गों के शिक्षा और अर्थ संबंधी हित। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
काम की न्यायसंगत और मानवोचित दशाओं तथा प्रसूति सहायता से संबंधित निदेशक तत्व किस अनुच्छेद में है?
- (a)अनुच्छेद 39
- (b)अनुच्छेद 41
- (c)अनुच्छेद 42
- (d)अनुच्छेद 47
उत्तर(3) — अनुच्छेद 42 का शीर्षक "काम की न्यायसंगत और मानवोचित दशाओं का तथा प्रसूति सहायता का उपबंध" है। विकल्प (1) समान वेतन जैसे नीति तत्त्व देता है; विकल्प (2) काम, शिक्षा और लोक सहायता का अधिकार; विकल्प (4) पोषाहार, जीवन स्तर और लोक स्वास्थ्य।