आहड़ सभ्यता के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए – (A) आहड़वासी तांबा गलाना जानते थे। (B) ये लोग चावल से परिचित नहीं थे। (C) धातु का काम आहड़वासियों की अर्थव्यवस्था का एक साधन था। (D) यहाँ से काले – लाल रंग मद्भाण्ड मिले हैं, जिन पर सामान्यतः सफेद रंग से ज्यामितीय आकृतियाँ उकेरी गईं हैं। सही विकल्प का चयन कीजिए –
- (1)A, C एवं D सही हैं
- (2)A एवं B सही हैं
- (3)A, B एवं C सही हैं
- (4)C एवं D सही हैं
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), A, C एवं D सही हैं.
कथन A और C आहड़ के उत्खनन के साक्ष्यों से मेल खाते हैं, और RPSC की कुंजी D को भी सही मानती है; कथन B मेल नहीं खाता, क्योंकि वहाँ चावल उगाया जाता था। इसलिए कूट A, C एवं D सही हैं है।
(A) सही है। ब्रिजेट और रेमंड ऑलचिन की द राइज़ ऑफ़ सिविलाइज़ेशन इन इंडिया एंड पाकिस्तान (1982) आहड़ में ताँबे के औज़ारों के साथ ताँबे के धातुमल (स्लैग) के ढेर मिलने की सूचना देती है, और निष्कर्ष निकालती है कि आहड़ स्पष्ट रूप से ताँबा गलाने का केंद्र था।
(B) गलत है। ऑलचिन दंपती आहड़ के पहले काल के बारे में लिखते हैं कि उगाए जाने वाले अनाजों में चावल आम था।
(C) सही है। वे बताते हैं कि आहड़ में पत्थर के औज़ार बिल्कुल नहीं थे, जबकि ताँबे की कुल्हाड़ियाँ और ताँबे की अन्य वस्तुएँ बड़ी संख्या में थीं, इसलिए धातु का काम उसकी अर्थव्यवस्था का हिस्सा था।
(D) को RPSC की कुंजी सही मानती है। मृद्भांड का प्रकार सही है: ऑलचिन दंपती सफ़ेद रंग से चित्रित सजावट वाले काले-लाल मृद्भांडों को आहड़ के प्रमुख मृद्भांडों में गिनाते हैं। पर वे, और विकिपीडिया का आहड़–बनास संस्कृति लेख, सफ़ेद आकृतियों को चित्रित बताते हैं, उकेरी गई नहीं।
कूट इस शब्द पर निर्भर नहीं है। विकल्प (1) ही एकमात्र कूट है जिसमें A और C हैं और B नहीं है।
आहड़: ताँबा गलाना और चावल, सफ़ेद सजावट वाले काले-लाल मृद्भांड।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)A एवं B सही हैं — यह कूट सही कथन A को रखता है, पर गलत कथन B को स्वीकार करता है। ऑलचिन दंपती के अनुसार आहड़ के उगाए जाने वाले अनाजों में चावल आम था, इसलिए आहड़वासी चावल से परिचित थे।
यह C को भी छोड़ देता है, जो सही है, और D को भी, जिसे RPSC की कुंजी सही मानती है।
- (3)A, B एवं C सही हैं — यह कूट A और C सही रखता है, पर एकमात्र गलत कथन B को शामिल कर लेता है: आहड़ में चावल उगाया जाता था।
यह D को भी छोड़ देता है, जिसे RPSC की कुंजी सही मानती है। सफ़ेद आकृतियों वाले काले-लाल मृद्भांड वहाँ मिले प्रमुख मृद्भांडों में से हैं, यद्यपि स्रोत इन आकृतियों को चित्रित बताते हैं, उकेरी गई नहीं।
- (4)C एवं D सही हैं — यह कूट C और D रखता है, पर A को छोड़ देता है। आहड़ में साथ-साथ मिले ताँबे के धातुमल और ताँबे के औज़ार दिखाते हैं कि वहाँ के लोग ताँबा गलाना जानते थे, इसलिए A सही है।
जो कूट किसी सही कथन को छोड़ दे, वह उत्तर नहीं हो सकता।
अवधारणा
आधुनिक उदयपुर के निकट आहड़ बनास घाटी की एक ताम्रपाषाण (ताँबा-पत्थर युग) संस्कृति का प्रतिनिधि स्थल है, जिसे आहड़ या बनास संस्कृति कहते हैं।
ऑलचिन दंपती आरंभिक बसावट को IA, IB और IC चरणों में बाँटते हैं। उनके अनुसार रेडियोकार्बन तिथियाँ IA को 2580–2170 ई. पू. और IC को 1500 ई. पू. या उसके बाद तक रखती हैं, जो सिंधु सभ्यता के साथ-साथ चलती हैं और उसके बाद तक भी।
आहड़ में पत्थर के औज़ार नहीं थे। ताँबे की वस्तुएँ, ताँबे का धातुमल, मवेशियों की हड्डियाँ, चावल और बाद में ज्वार एक कृषक और ताँबे का काम करने वाले समुदाय की पहचान हैं।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में राजस्थान के इतिहास, कला और संस्कृति के अंतर्गत "राजस्थान के प्रागैतिहासिक स्थल–पुरापाषाण से ताम्र पाषाण एवं कांस्य युग तक।" सूचीबद्ध है।
अरावली पहाड़ियों के ताँबे के भंडार आहड़ के निकट हैं, और ऑलचिन दंपती वहाँ पुरानी खदानों और धातुमल के ढेरों का उल्लेख करते हैं, जिनकी आयु अभी तय नहीं हुई है।
मुख्य तथ्य
- उदयपुर के निकट आहड़ ताँबा गलाने का केंद्र था: ताँबे का धातुमल और ताँबे के औज़ार साथ-साथ मिले (ऑलचिन और ऑलचिन, 1982)।
- आहड़ में पत्थर के औज़ार नहीं मिले; ताँबे की कुल्हाड़ियाँ और वस्तुएँ बड़ी संख्या में थीं।
- आहड़ के पहले काल में उगाए जाने वाले अनाजों में चावल आम था; ज्वार उसके अंतिम चरण में दिखती है।
- आहड़ के प्रमुख मृद्भांडों में से एक सफ़ेद रंग से चित्रित सजावट वाला काला-लाल मृद्भांड है।
- ऑलचिन दंपती चरण IA के लिए 2580–2170 ई. पू. और चरण IC के लिए 1500 ई. पू. या उसके बाद तक की रेडियोकार्बन तिथियाँ देते हैं।
RPSC की कुंजी के अनुसार A, C और D सही हैं: विकल्प (1)। स्रोत: बी. और आर. ऑलचिन, द राइज़ ऑफ़ सिविलाइज़ेशन इन इंडिया एंड पाकिस्तान (1982)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- कथन B नकारात्मक रूप में है: ‘ये लोग चावल से परिचित नहीं थे’ गलत है, क्योंकि आहड़ में चावल उगाया जाता था।
- कथन D कहता है कि सफ़ेद आकृतियाँ उकेरी गईं; उत्खनन में मिले मृद्भांडों पर सफ़ेद रंग से चित्रित आकृतियाँ हैं। कथन का सही अंश मृद्भांड का प्रकार है: सफ़ेद आकृतियों वाले काले-लाल मृद्भांड; और RPSC की कुंजी D को सही मानती है।
- कथन C दो तरह के साक्ष्यों पर टिका है: आहड़ में पत्थर के औज़ार नहीं मिले, जबकि ताँबे की कुल्हाड़ियाँ, ताँबे की अन्य वस्तुएँ और ताँबे का धातुमल मिले।
कोई प्रश्न किसी प्रागैतिहासिक स्थल के बारे में कई कथन देकर पूछ सकता है कि कौन-से सही हैं, जैसा यहाँ है।
कोई प्रश्न किसी संस्कृति के विशिष्ट मृद्भांड, वहाँ के लोगों द्वारा प्रयुक्त धातु, या उसके स्थलों वाली नदी घाटी भी पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
झाड़ोल (उदयपुर), कुराड़ा (नागौर) और साबणिया (बीकानेर) में क्या समानता है ?
- (1) ताम्रपाषाण संस्कृति के केन्द्र
- (2) पुरा-पाषाण युग के केन्द्र
- (3) लघु पाषाण उपकरण मिले हैं
- (4) ताम्र उपकरणों के भण्डार
उत्तर(4)
प्रागैतिहासिक राजस्थान और ताँबे के आरंभिक उपयोग का वही शीर्षक। वह प्रश्न पूछता है कि झाड़ोल (उदयपुर), कुराड़ा (नागौर) और साबणिया (बीकानेर) में क्या समानता है (RPSC की कुंजी: विकल्प (4), ताम्र उपकरणों के भण्डार); यह प्रश्न आहड़ संस्कृति के बारे में चार कथनों की जाँच करता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
आहड़ के ताम्रपाषाणिक स्थल के प्रमुख मृद्भांडों में से एक कौन-सा है?
- (a)सफ़ेद रंग से चित्रित सजावट वाले काले-लाल मृद्भांड
- (b)चित्रित धूसर मृद्भांड
- (c)उत्तरी कृष्ण मार्जित मृद्भांड
- (d)गेरुए रंग के मृद्भांड
उत्तर(1) — ऑलचिन दंपती सफ़ेद रंग से चित्रित सजावट वाले काले-लाल मृद्भांडों को आहड़ के सभी आरंभिक चरणों के प्रमुख मृद्भांडों में से एक बताते हैं। विकल्प (2), विकल्प (3) और विकल्प (4) अन्य मृद्भांड परम्पराओं के नाम हैं, वे मृद्भांड नहीं जिन्हें वे आहड़ में प्रमुख दर्ज करते हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
आहड़ के ताम्रपाषाणिक स्तरों में निम्नलिखित में से क्या नहीं मिला?
- (a)ताँबे का धातुमल
- (b)पत्थर के औज़ार
- (c)चावल
- (d)ताँबे की कुल्हाड़ियाँ
उत्तर(2) — ऑलचिन दंपती आहड़ में पत्थर के औज़ारों, चाहे कुल्हाड़ियाँ हों या फलक, के पूर्ण अभाव का उल्लेख करते हैं। विकल्प (1), ताँबे का धातुमल, और विकल्प (4), ताँबे की कुल्हाड़ियाँ, वहाँ मिले; विकल्प (3), चावल, वहाँ के उगाए जाने वाले अनाजों में आम था।