धोलावीरा (गुजरात) हाल ही में खबरों में क्यों था?
- (1)टाइगर रिज़र्व घोषित हुआ
- (2)हाल ही में यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में सम्मिलित किया गया
- (3)राष्ट्रीय उद्यानों की सूची में शामिल किया गया
- (4)यह स्थल आतंकी हमले का शिकार हुआ था
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), हाल ही में यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में सम्मिलित किया गया.
27 जुलाई 2021 को गुजरात के कच्छ के रण में स्थित धोलावीरा, जिसे यूनेस्को ने एक हड़प्पा नगर के रूप में सूचीबद्ध किया, यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में अंकित हुआ। उस दिन की PIB विज्ञप्ति के अनुसार इससे भारत की विश्व विरासत संपत्तियों की कुल संख्या 40 हो गई।
भारत ने नामांकन डोज़ियर जनवरी 2020 में विश्व विरासत केंद्र को सौंपा था। यह स्थल 2014 से यूनेस्को की संभावित (टेंटेटिव) सूची में था।
यूनेस्को की सूची अंकन का वर्ष 2021 और सांस्कृतिक मानदंड (iii) तथा (iv) बताती है। वह धोलावीरा को हड़प्पा सभ्यता का दक्षिणी केंद्र बताती है, जहाँ लगभग 3000 से 1500 ईसा पूर्व के बीच बसावट रही।
याद रखने की बात: धोलावीरा (गुजरात) 27 जुलाई 2021 को भारत की 40वीं विश्व विरासत संपत्ति बना।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)टाइगर रिज़र्व घोषित हुआ — धोलावीरा एक पुरातात्विक स्थल, एक हड़प्पा नगर है, वन्यजीव क्षेत्र नहीं। जुलाई 2021 की ख़बर उसका विश्व विरासत सूची में अंकित होना थी।
यूनेस्को की सूची में उल्लेख है कि इस संपत्ति का बफ़र ज़ोन कच्छ मरुस्थल वन्यजीव अभयारण्य से आंशिक रूप से अतिव्याप्त (ओवरलैप) है, पर जुलाई 2021 की ख़बर विरासत के दर्जे की थी, टाइगर रिज़र्व की नहीं।
- (3)राष्ट्रीय उद्यानों की सूची में शामिल किया गया — धोलावीरा विश्व विरासत के दर्जे के कारण समाचारों में था, राष्ट्रीय उद्यान के रूप में नहीं। यह स्थल प्राचीन संस्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व के प्राचीन संस्मारक के रूप में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित है।
राष्ट्रीय उद्यान एक अलग कानून के अंतर्गत वन्यजीवों के संरक्षित क्षेत्र होते हैं।
- (4)यह स्थल आतंकी हमले का शिकार हुआ था — PIB की विज्ञप्ति या यूनेस्को की सूची में ऐसी किसी घटना का उल्लेख नहीं है। धोलावीरा 27 जुलाई 2021 को इसलिए समाचारों में था क्योंकि वह विश्व विरासत संपत्ति के रूप में अंकित हुआ।
PIB की विज्ञप्ति में प्रधानमंत्री और केंद्रीय संस्कृति मंत्री द्वारा इस अंकन के स्वागत का उल्लेख है।
अवधारणा
यूनेस्को विश्व विरासत अभिसमय के अंतर्गत विश्व विरासत सूची रखता है। कोई देश पहले किसी स्थल को अपनी संभावित सूची में रखता है, फिर नामांकन डोज़ियर सौंपता है, और विश्व विरासत समिति तय करती है कि उसे सूची में अंकित किया जाए या नहीं।
किसी सांस्कृतिक स्थल को सांस्कृतिक मानदंडों में से कम से कम एक पूरा करना होता है। धोलावीरा मानदंड (iii) और (iv) के अंतर्गत अंकित हुआ।
PIB इस संपत्ति के दो भाग बताता है: परकोटे से घिरा नगर और उसके पश्चिम में एक कब्रिस्तान। परकोटे वाले नगर में बेली और समारोह-स्थल सहित एक किलेबंद दुर्ग, एक मध्य नगर और एक निचला नगर है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "समसामयिक घटनाएं" के अंतर्गत "वर्तमान में चर्चित व्यक्ति, स्थान एवं संस्थाए" और भारत के इतिहास के प्राचीनकाल एवं मध्यकाल के अंतर्गत "भारत के सांस्कृतिक आधार –सिन्धु एवं वैदिक काल" सूचीबद्ध हैं।
PIB की विज्ञप्ति धोलावीरा को अब तक खोजे गए 1,000 से अधिक हड़प्पा स्थलों में छठा सबसे बड़ा बताती है। यूनेस्को के रिकॉर्ड के अनुसार इसकी खोज 1968 में हुई और 1989 से 2005 के बीच 13 उत्खनन-सत्रों में इसकी खुदाई हुई।
PIB के अनुसार जुलाई 2021 में ही कुछ दिन पहले तेलंगाना का रुद्रेश्वर (रामप्पा) मंदिर भारत की 39वीं विश्व विरासत संपत्ति बना था।
मुख्य तथ्य
- 27 जुलाई 2021: धोलावीरा, एक हड़प्पा नगर, यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में अंकित हुआ — भारत की 40वीं विश्व विरासत संपत्ति।
- PIB: तब भारत की 40 संपत्तियों में 32 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित थीं।
- स्थल 2014 से यूनेस्को की संभावित सूची में था; डोज़ियर जनवरी 2020 में सौंपा गया।
- धोलावीरा गुजरात के कच्छ के रण में खदिर द्वीप पर स्थित है, और यहाँ लगभग 1,500 वर्षों तक बसावट रही।
- तेलंगाना का रुद्रेश्वर (रामप्पा) मंदिर कुछ दिन पहले भारत की 39वीं विश्व विरासत संपत्ति बना।
स्रोत: यूनेस्को विश्व विरासत सूची, प्रविष्टि 1645; PIB, 27 जुलाई 2021।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- जुलाई 2021 में दो अंकन: रामप्पा मंदिर भारत की 39वीं विश्व विरासत संपत्ति बना, और कुछ दिन बाद धोलावीरा 40वीं।
- विरासत बनाम वन्यजीव दर्जा: धोलावीरा पुरातात्विक स्थल है; इसके बफ़र ज़ोन से आंशिक रूप से अतिव्याप्त वन्यजीव अभयारण्य इसे टाइगर रिज़र्व या राष्ट्रीय उद्यान नहीं बनाता।
- संभावित सूची बनाम विश्व विरासत सूची: धोलावीरा 2014 से संभावित सूची में था, पर विश्व विरासत सूची में 2021 में ही अंकित हुआ।
कोई प्रश्न किसी स्थल का नाम देकर पूछ सकता है कि वह समाचारों में क्यों था, या उसे किस सूची में जोड़ा गया।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि वह भारत की कौन सी (क्रम-संख्या वाली) विश्व विरासत संपत्ति बना, किस राज्य में है, या किस सभ्यता से संबंधित है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2018 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
जुलाई 2021 में धोलावीरा से कुछ दिन पहले निम्नलिखित में से कौन भारत की 39वीं विश्व विरासत संपत्ति बना?
- (a)रुद्रेश्वर (रामप्पा) मंदिर, तेलंगाना
- (b)जयपुर शहर, राजस्थान
- (c)रानी-की-वाव, गुजरात
- (d)राजस्थान के पहाड़ी दुर्ग
उत्तर(1) — 27 जुलाई 2021 की PIB विज्ञप्ति के अनुसार धोलावीरा का अंकन रुद्रेश्वर (रामप्पा) मंदिर के भारत की 39वीं संपत्ति बनने के कुछ दिन बाद हुआ। विकल्प (2), (3) और (4) अन्य स्थल हैं, जुलाई 2021 में अंकित 39वीं संपत्ति नहीं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
2021 में विश्व विरासत सूची में अंकित धोलावीरा किस द्वीप पर स्थित है?
- (a)खदिर
- (b)बेट द्वारका
- (c)दीव
- (d)पीरम
उत्तर(1) — यूनेस्को और PIB, दोनों धोलावीरा को गुजरात के कच्छ के रण में खदिर द्वीप पर बताते हैं। विकल्प (2), (3) और (4) अन्य द्वीप हैं, धोलावीरा का स्थान नहीं।