राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किस संविधान संशोधन अधिनियम को 18 अगस्त, 2021 को मंजूरी दी?
- (1)106वाँ
- (2)107वाँ
- (3)108वाँ
- (4)105वाँ
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), 105वाँ.
19 अगस्त 2021 के भारत के राजपत्र, असाधारण (सं. 52, भाग II, खंड 1) में संविधान (एक सौ पांचवां संशोधन) अधिनियम, 2021 प्रकाशित है। उसकी सूचना के अनुसार संसद के इस अधिनियम को 18 अगस्त 2021 को राष्ट्रपति की अनुमति (मंजूरी) प्राप्त हुई।
संसद ने इसे संविधान (एक सौ सत्ताईसवां संशोधन) विधेयक, 2021 के रूप में पारित किया। PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च के रिकॉर्ड के अनुसार यह 9 अगस्त 2021 को लोकसभा में पेश हुआ, 10 अगस्त को वहाँ पारित हुआ और 11 अगस्त को राज्यसभा में पारित हुआ।
यह अधिनियम हर राज्य और संघ राज्यक्षेत्र को, विधि द्वारा, सामाजिक और शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े वर्गों (SEBC) की अपनी सूची तैयार करने और रखने देता है, जो केंद्रीय सूची से अलग है।
याद रखने की बात: 127वाँ संशोधन विधेयक → 105वाँ संशोधन अधिनियम, राष्ट्रपति की अनुमति 18 अगस्त 2021: राज्यों की अपनी SEBC सूचियाँ बहाल।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)106वाँ — 18 अगस्त 2021 को जब राष्ट्रपति ने अनुमति दी, तब कोई 106वाँ संशोधन अधिनियम अस्तित्व में नहीं था; उस दिन अनुमति पाने वाला अधिनियम 105वाँ था।
अगली संख्या बाद में आई। महिलाओं के लिए स्थानों के आरक्षण से संबंधित 106वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 2023 इस परीक्षा के बाद, 2023 में आया।
- (2)107वाँ — अगस्त 2021 तक संशोधनों की संख्या 107 तक नहीं पहुँची थी। 19 अगस्त 2021 के भारत के राजपत्र के अनुसार 18 अगस्त 2021 को अनुमति पाने वाला संविधान संशोधन एक सौ पांचवां था।
उस तिथि पर 105 से बड़ी कोई संख्या किसी अधिनियमित संशोधन से मेल नहीं खाती।
- (3)108वाँ — अगस्त 2021 में 108वाँ कोई अधिनियमित संशोधन नहीं था। 18 अगस्त 2021 को अनुमति पाने वाला अधिनियम संविधान (एक सौ पांचवां संशोधन) अधिनियम, 2021 है।
उस महीने समाचारों में आई बड़ी संख्या विधेयक की थी: वह संविधान (एक सौ सत्ताईसवां संशोधन) विधेयक, 2021 था। विधेयकों और अधिनियमों की संख्याएँ अलग-अलग गिनी जाती हैं।
अवधारणा
अनुच्छेद 368(2) के अंतर्गत संशोधन संसद के किसी भी सदन में विधेयक के रूप में शुरू होता है। प्रत्येक सदन में अपेक्षित विशेष बहुमत से पारित हो जाने पर, अनुच्छेद के शब्दों में, "वह राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जो विधेयक को अपनी अनुमति देगा और तब संविधान उस विधेयक के निबंधनों के अनुसार संशोधित हो जाएगा"।
विधेयकों और अधिनियमों की संख्या अलग-अलग होती है। संविधान संशोधन विधेयक के शीर्षक में उसकी अपनी संख्या होती है, जबकि अधिनियम की संख्या वास्तव में अधिनियमित हुए संशोधनों के क्रम से चलती है।
इसलिए संविधान (एक सौ सत्ताईसवां संशोधन) विधेयक, 2021 संविधान (एक सौ पांचवां संशोधन) अधिनियम, 2021 बना।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "समसामयिक घटनाएं" के अंतर्गत "राजस्थान, भारतीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की प्रमुख समसामयिक घटनाएं एवं मुद्दे" सूचीबद्ध हैं।
105वें संशोधन ने तीन अनुच्छेद बदले। इसने अनुच्छेद 338B(9) में एक परंतुक जोड़ा, ताकि अनुच्छेद 342A(3) के अंतर्गत राज्य सूचियों के प्रयोजनों के लिए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से परामर्श आवश्यक न रहे।
इसने अनुच्छेद 342A(1) को केंद्रीय सूची तक सीमित किया, राज्य और संघ राज्यक्षेत्र की सूचियों के लिए खंड (3) जोड़ा, और अनुच्छेद 366(26ग) में SEBC की परिभाषा बदली।
मुख्य तथ्य
- 18 अगस्त 2021: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संविधान (एक सौ पांचवां संशोधन) अधिनियम, 2021 को अनुमति दी।
- अधिनियम 19 अगस्त 2021 को भारत के राजपत्र, असाधारण में प्रकाशित हुआ।
- यह संविधान (एक सौ सत्ताईसवां संशोधन) विधेयक, 2021 के रूप में पारित हुआ: लोकसभा में 10 अगस्त और राज्यसभा में 11 अगस्त 2021 को।
- नया अनुच्छेद 342A(3): हर राज्य या संघ राज्यक्षेत्र, विधि द्वारा, SEBC की अपनी सूची तैयार कर सकता है और रख सकता है।
- इससे पिछले, 104वें संशोधन (2019) ने लोकसभा और राज्य विधान सभाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए स्थानों का आरक्षण अस्सी वर्ष तक बढ़ाया।
स्रोत: PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च का विधेयक पृष्ठ; भारत का राजपत्र, असाधारण, सं. 52, 19 अगस्त 2021।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- विधेयक संख्या बनाम अधिनियम संख्या: विधेयक 127वाँ संशोधन विधेयक था, पर अधिनियम 105वाँ संशोधन अधिनियम है।
- अनुमति बनाम प्रकाशन: राष्ट्रपति ने 18 अगस्त 2021 को अनुमति दी; राजपत्र में अधिनियम 19 अगस्त 2021 को प्रकाशित हुआ।
- 105वें संशोधन ने राज्य सूचियाँ बहाल कीं; 102वें संशोधन (2018) ने अनुच्छेद 342A बनाया था और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक निकाय बनाया था।
कोई प्रश्न राष्ट्रपति की अनुमति की तिथि देकर संशोधन की संख्या पूछ सकता है।
कोई प्रश्न संशोधन का नाम देकर यह भी पूछ सकता है कि उसने क्या बदला, या विधेयक की संख्या देकर पूछ सकता है कि वह किस संख्या का अधिनियम बना।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2018 और 2013 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
संविधान (एक सौ पांचवां संशोधन) अधिनियम, 2021 संसद द्वारा किस विधेयक के रूप में पारित किया गया था?
- (a)संविधान (एक सौ पांचवां संशोधन) विधेयक, 2021
- (b)संविधान (एक सौ सत्ताईसवां संशोधन) विधेयक, 2021
- (c)संविधान (एक सौ तेईसवां संशोधन) विधेयक, 2017
- (d)संविधान (एक सौ छब्बीसवां संशोधन) विधेयक, 2019
उत्तर(2) — PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च संविधान (एक सौ सत्ताईसवां संशोधन) विधेयक, 2021 दर्ज करता है, जो 9 अगस्त 2021 को पेश हुआ और 11 अगस्त तक दोनों सदनों से पारित हो गया। विकल्प (1) अधिनियम संख्या को विधेयक संख्या से मिला देता है, और विकल्प (3) तथा (4) अन्य वर्षों के विधेयक हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
संविधान (एक सौ पांचवां संशोधन) अधिनियम, 2021 द्वारा अनुच्छेद 342A में कौन सा खंड जोड़ा गया?
- (a)खंड (3), जो हर राज्य या संघ राज्यक्षेत्र को सामाजिक और शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े वर्गों की अपनी सूची तैयार करने और रखने देता है
- (b)राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग बनाने वाला खंड
- (c)लोकसभा में अनुसूचित जातियों के लिए स्थानों का आरक्षण अस्सी वर्ष तक बढ़ाने वाला खंड
- (d)राज्य विधान सभाओं में महिलाओं के लिए स्थानों का आरक्षण देने वाला खंड
उत्तर(1) — अधिनियम की धारा 3 अनुच्छेद 342A में राज्य और संघ राज्यक्षेत्र की SEBC सूचियों के लिए खंड (3) अंतःस्थापित करती है। विकल्प (2) 2018 में बने अनुच्छेद 338B से संबंधित है; विकल्प (3) 104वें संशोधन द्वारा अनुच्छेद 334 में किया गया बदलाव है; विकल्प (4) 105वें संशोधन का हिस्सा नहीं है।