राजस्थान में सौर वेधशाला कहाँ स्थित है?
- (1)उदयपुर में
- (2)जयपुर में
- (3)अजमेर में
- (4)जोधपुर में
उत्तर
क्यों
RPSC ने अपनी अंतिम उत्तर कुंजी में यह प्रश्न विलोपित कर दिया, इसलिए कोई विकल्प सही नहीं दिखाया गया है।
चारों विकल्प ऐसे शहर हैं जिनमें अलग-अलग वैज्ञानिक सुविधाएँ हैं। नीचे बताए गए स्रोतों के अनुसार प्रत्येक शहर में क्या है, यह यहाँ दिया गया है।
उदयपुर में अंतरिक्ष विभाग की इकाई भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL) की उदयपुर सौर वेधशाला (USO) है। USO के मल्टी एप्लीकेशन सोलर टेलीस्कोप पर ISRO का पृष्ठ बताता है कि यह वेधशाला फतहसागर झील के बीच एक द्वीप पर स्थित है।
जयपुर में जंतर मंतर है, जो सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा बनवाए गए 19 खगोलीय यंत्रों का संग्रह है। जोधपुर में दो सुदूर संवेदन केंद्र हैं, एक राज्य का और एक केंद्र सरकार का।
अजमेर का नाम आर्थिक समीक्षा 2020-21 के उस वाक्य में आता है जो राजस्थान के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों के बारे में है। उस वाक्य के अंग्रेज़ी पाठ में अजमेर "Ajmer (Headquarter Jaipur)" के रूप में छपा है, और उसके बाद बीकानेर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर के नाम हैं।
ध्यान रखने योग्य बात: सौर वेधशाला दूरबीनों से सूर्य का अध्ययन करती है; सुदूर संवेदन केंद्र उपग्रह आँकड़ों से पृथ्वी का अध्ययन करते हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)उदयपुर में — उदयपुर में PRL की उदयपुर सौर वेधशाला है। ISRO के अनुसार यह फतहसागर झील के एक द्वीप पर है, जहाँ आसपास का जल सतही परतों के गर्म होने को घटाता है, वायु की अशांति कम करता है और प्रतिबिम्ब की गुणवत्ता सुधारता है।
ISRO यह भी बताता है कि USO का 50 cm का मल्टी एप्लीकेशन सोलर टेलीस्कोप (MAST) सौर गतिविधि, जिसमें उसका चुंबकीय क्षेत्र भी शामिल है, के अध्ययन के लिए 2015 में चालू किया गया।
- (2)जयपुर में — जयपुर में जंतर मंतर है। विकिपीडिया का लेख (अक्टूबर 2021 का संस्करण) इसे जयपुर के संस्थापक सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा बनवाए गए, 1734 में पूर्ण हुए 19 खगोलीय यंत्रों का संग्रह बताता है।
इसके यंत्र, जिनमें पत्थर की धूपघड़ियाँ भी हैं, खगोलीय स्थितियों को नंगी आँखों से देखने में सहायक हैं। लेख इसे UNESCO विश्व धरोहर स्थल के रूप में सूचीबद्ध करता है।
- (3)अजमेर में — अजमेर का नाम आर्थिक समीक्षा 2020-21 के उस वाक्य में आता है जो राजस्थान के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों के बारे में है। उस वाक्य के अंग्रेज़ी पाठ में अजमेर "Ajmer (Headquarter Jaipur)" के रूप में छपा है, और उसके बाद बीकानेर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर के नाम हैं।
विभाग की अपनी वेबसाइट (अप्रैल 2021 की प्रति) यही सूची "Ajmer (H.Q. Jaipur)", बीकानेर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर के रूप में देती है।
- (4)जोधपुर में — जोधपुर में दो सुदूर संवेदन केंद्र हैं। विभाग की वेबसाइट (अप्रैल 2021 की प्रति) के अनुसार राज्य रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेन्टर (SRSAC), जोधपुर भी राजस्थान के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन कार्यरत है।
NRSC की वेबसाइट ISRO के क्षेत्रीय सुदूर संवेदन केंद्र, पश्चिम को कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड, जोधपुर में बताती है। दोनों पृथ्वी के उपग्रह आँकड़ों पर काम करते हैं।
अवधारणा
सौर वेधशाला सूर्य का अध्ययन करती है। USO पर PRL का पृष्ठ जिन शोध विषयों को गिनाता है, उनमें सौर दोलन, सौर कलंकों में चुंबकीय और वेग संबंधी विसंगतियाँ, सूर्य के सक्रिय क्षेत्रों के चुंबकीय क्षेत्र, सौर विस्फोटी परिघटनाएँ, कोरोनल द्रव्य उत्क्षेपण और अंतरिक्ष मौसम शामिल हैं।
सौर दूरबीन के लिए स्थान मायने रखता है। ISRO बताता है कि USO की दूरबीनों के चारों ओर की झील सतही परतों के गर्म होने और वायु की अशांति को घटाती है, जिससे प्रतिबिम्ब की गुणवत्ता और दृश्यता (seeing) सुधरती है।
ISRO के अनुसार PRL के परिसर अहमदाबाद, माउंट आबू (अवरक्त दूरबीन), उदयपुर (MAST) और थलतेज में हैं।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "रक्षा प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी एवं उपग्रह" और "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विकास राजस्थान के विशेष संदर्भ में" सूचीबद्ध हैं।
PRL की वेबसाइट 1976–1984 के दौरान एकत्र USO के प्रेक्षणों से तैयार सौर वर्णमंडल (क्रोमोस्फीयर) का एक फोटोग्राफ़िक एटलस उपलब्ध कराती है। इसकी वर्तमान सुविधाओं में MAST और ग्लोबल ऑसिलेशन नेटवर्क ग्रुप (GONG) दूरबीन शामिल हैं।
राजस्थान के विज्ञान मानचित्र में जयपुर का जंतर मंतर और जोधपुर के सुदूर संवेदन केंद्र भी हैं।
मुख्य तथ्य
- USO भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL) की है, जिसे ISRO अंतरिक्ष विभाग की एक स्वायत्त इकाई बताता है।
- ISRO: USO उदयपुर की फतहसागर झील के बीच एक द्वीप पर स्थित है।
- ISRO: USO के मल्टी एप्लीकेशन सोलर टेलीस्कोप (MAST) का द्वारक (aperture) 50 cm है और इसे 2015 में चालू किया गया।
- PRL का सौर वर्णमंडल का फोटोग्राफ़िक एटलस 1976–1984 के दौरान एकत्र USO प्रेक्षणों पर आधारित है।
- जयपुर का जंतर मंतर सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा बनवाए गए, 1734 में पूर्ण हुए 19 खगोलीय यंत्रों का संग्रह है (विकिपीडिया)।
ISRO की MAST विज्ञप्ति (3 सितम्बर 2015), PRL के USO पृष्ठों, राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2020-21, DST राजस्थान की वेबसाइट (अप्रैल 2021), NRSC की वेबसाइट (जनवरी 2021 की संग्रहीत प्रति) और विकिपीडिया के जंतर मंतर लेख (अक्टूबर 2021) से।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- दो प्रकार की वेधशालाएँ: उदयपुर की USO 50 cm के MAST जैसी दूरबीनों से सूर्य का प्रेक्षण करती है, जबकि जयपुर का जंतर मंतर 1734 में पूर्ण हुआ यंत्रों का समूह है, जिनसे खगोलीय स्थितियाँ नंगी आँखों से देखी जाती हैं।
- सुदूर संवेदन खगोलविज्ञान नहीं है: जोधपुर के SRSAC और RRSC-West पृथ्वी के उपग्रह आँकड़ों पर काम करते हैं।
- ISRO द्वारा बताए गए PRL के दूरबीन परिसर माउंट आबू (अवरक्त दूरबीन) और उदयपुर (MAST) हैं; इनके अतिरिक्त उसके अहमदाबाद और थलतेज परिसर हैं।
कोई प्रश्न राजस्थान की किसी वैज्ञानिक सुविधा का नाम देकर उसका शहर पूछ सकता है, या किसी शहर का नाम देकर पूछ सकता है कि वहाँ कौन सी सुविधा है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि किसी सुविधा का संचालन कौन सा संगठन करता है, जैसे अंतरिक्ष विभाग के अधीन PRL।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2018 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
उदयपुर सौर वेधशाला का संचालन कौन करता है ?
- (a)भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद
- (b)भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान
- (c)राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र
- (d)विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, राजस्थान
उत्तर(1) — ISRO और PRL, USO को भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला की उदयपुर सौर वेधशाला बताते हैं; PRL अंतरिक्ष विभाग की एक इकाई है जिसका मुख्य परिसर अहमदाबाद में है। विकल्प (2) और (3) सुदूर संवेदन संस्थान हैं, और विकल्प (4) जोधपुर के राज्य रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेन्टर का संचालन करता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
उदयपुर सौर वेधशाला के मल्टी एप्लीकेशन सोलर टेलीस्कोप (MAST) का द्वारक है –
- (a)15 cm
- (b)50 cm
- (c)1 m
- (d)2 m
उत्तर(2) — ISRO, MAST को 50 cm द्वारक वाली ऑफ़-एक्सिस ग्रेगोरियन-कूडे दूरबीन बताता है। विकल्प (1), (3) और (4) वह द्वारक नहीं हैं जो ISRO देता है।