रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन का आदर्शवाक्य है –
- (1)जागृतं अहर्निशम्
- (2)तेजस्विनावधीतमस्तु
- (3)बलस्य मूलं विज्ञानम्
- (4)वयं रक्षामः
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), बलस्य मूलं विज्ञानम्.
DRDO का अपना About पृष्ठ (जनवरी 2021 की संग्रहीत प्रति) यह वाक्यांश, Balasya Mulam Vigyanam, उसके अर्थ के साथ उद्धृत करता है: शक्ति का स्रोत विज्ञान है। पृष्ठ के अनुसार यही भाव शांति और युद्ध, दोनों में राष्ट्र को आगे बढ़ाता है।
विकिपीडिया का DRDO लेख (अक्टूबर 2021 का संस्करण) संस्कृत में यही आदर्शवाक्य, बलस्य मूलं विज्ञानम्, देता है और उसका अर्थ शक्ति का मूल विज्ञान में होना बताता है।
इसलिए DRDO का आदर्शवाक्य बलस्य मूलं विज्ञानम् है।
याद रखने योग्य बात: विज्ञान संगठन DRDO का आदर्शवाक्य कहता है कि बल का मूल विज्ञान (विज्ञानम्) है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)जागृतं अहर्निशम् — यह वाक्यांश भारत के आसूचना ब्यूरो (Intelligence Bureau, IB) से जुड़ा है। विकिपीडिया का IB लेख (अक्टूबर 2021 का संस्करण) जागृतं अहर्निशं को उसका आदर्शवाक्य बताता है और उसका अंग्रेज़ी अर्थ सदा सतर्क (Always Alert) देता है।
वही लेख IB को गृह मंत्रालय के अधीन भारत की घरेलू आसूचना, आंतरिक सुरक्षा और प्रति-आसूचना एजेंसी बताता है, कोई अनुसंधान संस्था नहीं।
- (2)तेजस्विनावधीतमस्तु — यह तेजस्वि नावधीतमस्तु है, तैत्तिरीय उपनिषद की आनंदवल्ली के आरंभ में आने वाले शांति मंत्र की एक पंक्ति। विकिपीडिया इसका अर्थ यह देता है कि हमारा अध्ययन तेजस्वी हो।
यह अध्ययन से जुड़ी एक प्रार्थना है। विकिपीडिया का IIM बैंगलोर लेख इसे उस संस्थान का आदर्शवाक्य बताता है, और उसका अर्थ यह देता है कि हमारा अध्ययन ज्ञान से आलोकित हो।
- (4)वयं रक्षामः — यह भारतीय तटरक्षक बल का आदर्शवाक्य है। उसकी वेबसाइट के Mission & Motto पृष्ठ (जनवरी 2021 की संग्रहीत प्रति) पर यह VAYAM RAKSHAMAH के रूप में छपा है, और साथ में इसका अर्थ WE PROTECT, यानी हम रक्षा करते हैं, दिया गया है।
तटरक्षक बल के सूचीबद्ध मिशन समुद्री हैं, जैसे समुद्री कानूनों को लागू करना और समुद्री पर्यावरण का संरक्षण; DRDO रक्षा मंत्रालय का अनुसंधान एवं विकास अंग है।
अवधारणा
DRDO स्वयं को रक्षा मंत्रालय का अनुसंधान एवं विकास (R&D) अंग बताता है। उसका विज़न है राष्ट्र को अत्याधुनिक स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों और प्रणालियों से सशक्त बनाना।
इसका गठन 1958 में भारतीय सेना के तकनीकी विकास प्रतिष्ठानों (Technical Development Establishments) और तकनीकी विकास एवं उत्पादन निदेशालय (DTDP) को रक्षा विज्ञान संगठन (Defence Science Organisation) के साथ मिलाकर हुआ। इसकी शुरुआत 10 प्रतिष्ठानों या प्रयोगशालाओं से हुई।
उसके अपने विवरण के अनुसार अब यह 50 से अधिक प्रयोगशालाओं का नेटवर्क है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "रक्षा प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी एवं उपग्रह" सूचीबद्ध है।
DRDO का About पृष्ठ उसे अग्नि और पृथ्वी शृंखला के प्रक्षेपास्त्रों, हल्के लड़ाकू विमान तेजस, पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर और आकाश वायु रक्षा प्रणाली जैसी सामरिक प्रणालियों और प्लेटफ़ॉर्मों का श्रेय देता है, साथ ही रडार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों का भी।
इसकी प्रयोगशालाएँ अन्य विषयों के साथ वैमानिकी, आयुध, इलेक्ट्रॉनिकी, लड़ाकू वाहन, प्रक्षेपास्त्र, नौसैनिक प्रणालियाँ, जीवन विज्ञान और कृषि जैसे क्षेत्रों में काम करती हैं।
मुख्य तथ्य
- DRDO का About पृष्ठ Balasya Mulam Vigyanam (बलस्य मूलं विज्ञानम्) उद्धृत करता है और इसका अर्थ बताता है: शक्ति का स्रोत विज्ञान है।
- DRDO का गठन 1958 में सेना के तकनीकी विकास प्रतिष्ठानों, DTDP और रक्षा विज्ञान संगठन को मिलाकर हुआ।
- DRDO की शुरुआत 10 प्रतिष्ठानों या प्रयोगशालाओं से हुई; उसका पृष्ठ (जनवरी 2021) उसे 50 से अधिक प्रयोगशालाओं का नेटवर्क बताता है।
- भारतीय तटरक्षक बल का आदर्शवाक्य VAYAM RAKSHAMAH (वयं रक्षामः) है, जिसका अर्थ है हम रक्षा करते हैं (तटरक्षक बल की वेबसाइट)।
- तेजस्वि नावधीतमस्तु (हमारा अध्ययन तेजस्वी हो) तैत्तिरीय उपनिषद के शांति मंत्र की पंक्ति है; IIM बैंगलोर इसे अपने आदर्शवाक्य के रूप में प्रयोग करता है (विकिपीडिया)।
DRDO के About पृष्ठ और भारतीय तटरक्षक बल के Mission & Motto पृष्ठ (दोनों जनवरी 2021 की संग्रहीत प्रतियाँ), और विकिपीडिया (अक्टूबर 2021 के संस्करण) से।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- रक्षा करना अनुसंधान नहीं है: 'वयं रक्षामः' (हम रक्षा करते हैं) भारतीय तटरक्षक बल का आदर्शवाक्य है, DRDO का नहीं।
- मुख्य शब्द पढ़ें: बलस्य मूलं विज्ञानम् में 'विज्ञानम्' विज्ञान का भाव देता है, जो एक अनुसंधान संगठन से मेल खाता है।
- अध्ययन की प्रार्थना: 'तेजस्वि नावधीतमस्तु' शांति मंत्र की पंक्ति है, जिसे विकिपीडिया IIM बैंगलोर का आदर्शवाक्य बताता है।
कोई प्रश्न कोई आदर्शवाक्य देकर पूछ सकता है कि उसे कौन सा संगठन अपनाता है, या किसी संगठन का नाम देकर उसका आदर्शवाक्य पूछ सकता है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि किसी संस्कृत आदर्शवाक्य का अर्थ क्या है, या वह किस ग्रंथ से लिया गया है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2018 और 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
"हम रक्षा करते हैं" अर्थ वाला "वयं रक्षामः" किसका आदर्शवाक्य है ?
- (a)भारतीय तटरक्षक बल
- (b)रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन
- (c)आसूचना ब्यूरो
- (d)भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
उत्तर(1) — भारतीय तटरक्षक बल का Mission & Motto पृष्ठ VAYAM RAKSHAMAH और उसका अर्थ WE PROTECT देता है। विकल्प (2) का About पृष्ठ बलस्य मूलं विज्ञानम् उद्धृत करता है, विकल्प (3) के साथ विकिपीडिया जागृतं अहर्निशं देता है, और विकल्प (4) वह संगठन नहीं है जिसका नाम तटरक्षक बल का पृष्ठ देता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) का गठन किस वर्ष हुआ ?
- (a)1947
- (b)1958
- (c)1969
- (d)1980
उत्तर(2) — DRDO के About पृष्ठ के अनुसार इसका गठन 1958 में मौजूदा रक्षा तकनीकी और विज्ञान संगठनों को मिलाकर हुआ। विकल्प (4) वह वर्ष है जो विकिपीडिया रक्षा अनुसंधान एवं विकास के एक अलग विभाग के गठन के लिए देता है; विकल्प (1) और (3) DRDO का वर्ष नहीं हैं।