भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2019 के अनुसार, निम्न में से किस एक जिले में, बहुत घना जंगल क्षेत्रफल न्यूनतम है?
- (1)जैसलमेर
- (2)जोधपुर
- (3)अलवर
- (4)जयपुर
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), जोधपुर.
भारतीय वन सर्वेक्षण (Forest Survey of India) की भारत वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR) 2019 अपनी तालिका 11.23.4 में राजस्थान का जिलेवार वनावरण देती है। उसके बहुत घने वन (Very Dense Forest, VDF) वाले स्तंभ में चारों विकल्पों के आँकड़े हैं:
अलवर: 59.00 वर्ग किमी
जयपुर: 12.00 वर्ग किमी
जैसलमेर: 3.93 वर्ग किमी
जोधपुर: 0.00 वर्ग किमी
जोधपुर का आँकड़ा सबसे छोटा है: वहाँ कोई बहुत घना वन दर्ज नहीं है। उसका कुल वनावरण, 107.78 वर्ग किमी, उसके भौगोलिक क्षेत्रफल का 0.47% है, जो तालिका में सबसे कम हिस्सा है।
इसलिए बहुत घना जंगल क्षेत्रफल जोधपुर में न्यूनतम है।
याद रखने योग्य बात: ISFR 2019 में राजस्थान का कुल बहुत घना वन 77.81 वर्ग किमी है, और उसमें से 59 वर्ग किमी अकेले अलवर में है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)जैसलमेर — ISFR 2019 जैसलमेर में 3.93 वर्ग किमी बहुत घना वन दर्ज करती है, जो जोधपुर के 0.00 से अधिक है।
तालिका में जैसलमेर का भौगोलिक क्षेत्रफल सबसे बड़ा, 38,401 वर्ग किमी, है। उसका कुल वनावरण 325.77 वर्ग किमी उस क्षेत्रफल का केवल 0.85% है, पर निरपेक्ष रूप में यह जोधपुर के 107.78 वर्ग किमी का लगभग तीन गुना है।
- (3)अलवर — ISFR 2019 की तालिका में बहुत घने वन का सबसे बड़ा आँकड़ा अलवर का है, 59.00 वर्ग किमी, जो राजस्थान के कुल 77.81 वर्ग किमी का लगभग तीन-चौथाई है।
उसका कुल वनावरण 1,196.66 वर्ग किमी, यानी उसके भौगोलिक क्षेत्रफल का 14.28% है। क्रम में यह जोधपुर के ठीक विपरीत छोर पर है।
- (4)जयपुर — ISFR 2019 में जयपुर का बहुत घना वन 12.00 वर्ग किमी है, जो तालिका में अलवर के बाद दूसरा सबसे बड़ा आँकड़ा है।
उसका कुल वनावरण 552.76 वर्ग किमी, यानी उसके भौगोलिक क्षेत्रफल का 4.96% है, जो राज्य के कुल हिस्से 4.86% के निकट है।
अवधारणा
भारत वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR) उपग्रह आँकड़ों से वनावरण का मानचित्रण करती है। ISFR 2019 के राजस्थान अध्याय के अनुसार वनावरण में 10% से अधिक वितान घनत्व (canopy density) वाले 1 हेक्टेयर और उससे बड़े वृक्ष-खंड गिने जाते हैं।
वितान घनत्व के आधार पर वनावरण को बहुत घने वन, मध्यम घने वन और खुले वन में बाँटा जाता है; झाड़ी (scrub) को अलग से दर्ज किया जाता है।
वनावरण और अभिलिखित वन क्षेत्र (recorded forest area) एक नहीं हैं। अभिलिखित वन क्षेत्र वह भूमि है जिसे कानूनी रूप से वन का दर्जा प्राप्त है: आरक्षित, संरक्षित या अवर्गीकृत। कोई खंड इनमें से एक हो सकता है, दूसरा नहीं।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "प्राकृतिक वनस्पति एवं मृदा" और "जैव–विविधता एवं इनका संरक्षण" सूचीबद्ध हैं।
ISFR 2019 में अक्टूबर से दिसम्बर 2017 के IRS Resourcesat-2 LISS III उपग्रह आँकड़े प्रयुक्त हुए। उसने राजस्थान का वनावरण 16,629.51 वर्ग किमी, यानी राज्य के क्षेत्रफल का 4.86%, बताया, जो ISFR 2017 से 57.51 वर्ग किमी अधिक है।
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2020-21 भी 4.86% का आँकड़ा देती है और अधिसूचित वन 32,737 वर्ग किमी, यानी राज्य के भौगोलिक क्षेत्रफल का 9.57%, बताती है।
मुख्य तथ्य
- ISFR 2019 में बहुत घना वन: अलवर 59.00, जयपुर 12.00, जैसलमेर 3.93 और जोधपुर 0.00 वर्ग किमी।
- ISFR 2019 में राजस्थान का बहुत घना वन: 77.81 वर्ग किमी, यानी उसके भौगोलिक क्षेत्रफल का 0.02%।
- ISFR 2019 की 33 जिलों की तालिका में छह जिलों में ही कुछ बहुत घना वन दर्ज है: अलवर, जयपुर, जैसलमेर, बूँदी, हनुमानगढ़ और बीकानेर।
- ISFR 2019 में राजस्थान का वनावरण: 16,629.51 वर्ग किमी (4.86%), ISFR 2017 से 57.51 वर्ग किमी अधिक।
- राजस्थान का अभिलिखित वन क्षेत्र 32,737 वर्ग किमी, यानी उसके क्षेत्रफल का 9.57% है: आरक्षित 12,475, संरक्षित 18,217 और अवर्गीकृत 2,045 वर्ग किमी (ISFR 2019)।
तालिका 11.23.4, राजस्थान में जिलेवार वनावरण, ISFR 2019 (भारतीय वन सर्वेक्षण), 2019 का आकलन।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- मरुस्थलीय जिले का आँकड़ा अपने-आप शून्य नहीं होता: जैसलमेर में 3.93 वर्ग किमी बहुत घना वन दर्ज है, जबकि जोधपुर में कुछ नहीं।
- एक घनत्व वर्ग कुल वनावरण नहीं है: जैसलमेर का कुल वनावरण (325.77 वर्ग किमी) जोधपुर के (107.78 वर्ग किमी) का लगभग तीन गुना है।
- वनावरण अभिलिखित वन क्षेत्र नहीं है: ISFR 2019 का 4.86% उपग्रह से मापा गया आवरण है, जबकि 9.57% कानूनी वन-दर्जे वाली भूमि है।
कोई प्रश्न ISFR का कोई संस्करण बताकर पूछ सकता है कि किस जिले में किसी घनत्व वर्ग का वन सबसे अधिक या सबसे कम है, या किसी राज्य का वनावरण उसके क्षेत्रफल के प्रतिशत के रूप में पूछ सकता है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि वनावरण और अभिलिखित वन क्षेत्र में क्या अंतर है।
संबंधित PYQ
भारत राज्य वन रिपोर्ट 2021 के अनुसार, वनस्पति आवरण के संदर्भ में वन क्षेत्र 16,654 वर्ग किमी है व राजस्थान के भौगोलिक क्षेत्र का ________ प्रतिशत है ।
- (1) 6.74
- (2) 7.48
- (3) 8.47
- (4) 4.87
उत्तर(4)
वही रिपोर्ट शृंखला, बाद का संस्करण और राज्य-स्तरीय आँकड़ा। वह प्रश्न भारत राज्य वन रिपोर्ट 2021 के अनुसार 16,654 वर्ग किमी का वन क्षेत्र देकर पूछता है कि यह राजस्थान के भौगोलिक क्षेत्र का कितना प्रतिशत है (RPSC की कुंजी: विकल्प (4), 4.87); यहाँ का प्रश्न पूछता है कि ISFR 2019 में किस जिले में बहुत घना वन सबसे कम है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
ISFR 2019 के अनुसार, राजस्थान के किस जिले में बहुत घने वन का क्षेत्रफल सबसे अधिक है ?
- (a)उदयपुर
- (b)अलवर
- (c)प्रतापगढ़
- (d)सिरोही
उत्तर(2) — ISFR 2019 की तालिका 11.23.4 अलवर में 59.00 वर्ग किमी बहुत घना वन देती है। विकल्प (1), (3) और (4) में से प्रत्येक में 0.00 वर्ग किमी बहुत घना वन दर्ज है, हालाँकि कुल वनावरण उदयपुर का सबसे अधिक, 2,757.54 वर्ग किमी, है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
ISFR 2019 के अनुसार, राजस्थान का वनावरण उसके भौगोलिक क्षेत्रफल का कितना प्रतिशत है ?
- (a)9.57
- (b)4.86
- (c)6.74
- (d)1.39
उत्तर(2) — ISFR 2019 वनावरण 16,629.51 वर्ग किमी, यानी राज्य का 4.86%, बताती है। विकल्प (1) अभिलिखित वन क्षेत्र का हिस्सा है, विकल्प (4) झाड़ी का हिस्सा है, और विकल्प (3) ISFR 2019 के राजस्थान अध्याय में नहीं आता।