प्रश्न : 8. किसी एक गद्यांश का संक्षेपण कीजिए। अभ्यर्थी जिस गद्यांश का संक्षेपण कर रहे हैं, उसका स्पष्ट उल्लेख उत्तर के प्रारंभ में अनिवार्य करें। प्रश्न 10 अंकों का है।
(अ) “धरती मेरी माता है, मैं उसका पुत्र हूँ।” जब प्रत्येक व्यक्ति उस धरती को जिसमें उसका जन्म हुआ है, अपनी मातृभूमि समझता है, तो उसका मन मातृभूमि से जुड़ जाता है और मातृभूमि के लिए देवता-सी भावना पैदा हो जाती है। जीवन में चाहे जैसी भी स्थिति हो वह मातृभूमि के ऋण को नहीं भूलता। मातृभूमि के प्रति जब यह भाव दृढ़ होता है, तभी सच्ची राष्ट्रीय एकता का जन्म होता है। इस स्थिति में मातृभूमि पर सच्चे नागरिक एक-दूसरे के लौकिक दुःख-सुख की बात नहीं सोचते, बल्कि मातृभूमि के प्रति अपने कर्त्तव्य की बात सोचते हैं।
अथवा
(ब) “अंग्रेजी पढ़ना बुरा नहीं है, पर अंग्रेजी पढ़कर अंग्रेजी हो जाना खराब है। अंग्रेजी पढ़कर अपने देश, अपनी भाषा, अपनी संस्कृति को भूल जाना खराब है।” आज के अधिकांश अंग्रेजी-पढ़े-लिखे सज्जन अपने देश की प्रत्येक चीज़ को तिरस्कार की दृष्टि से देखते हैं, उसकी आलोचना करते हैं और उसे अपनाने में अपनी महानता समझते हैं। वे कहते हैं कि अंग्रेजी रिश्तों को तोड़ती है, यह पंडितों की पोषक है; वे इसे बेकार बताते हैं, इसे दिखावटी सामान कहते हैं।