निम्नलिखित में से कौन–सा एक नॉन–सेंस कोडन है ?
- (a)UAA
- (b)AUG
- (c)UUU
- (d)UGC
सही — A, UAA। कोडन दूत RNA पर तीन क्षारों का एक त्रिक है, और 64 संभव त्रिकों में से 61 किसी न किसी अमीनो अम्ल को निर्दिष्ट करते हैं — ये सेंस कोडन हैं — जबकि ठीक तीन किसी को भी निर्दिष्ट नहीं करते। वे तीन हैं UAA, UAG और UGA, और इन्हें नॉन–सेंस कोडन ठीक इसीलिए कहा जाता है कि किसी स्थानांतरण RNA के लिए इनका कोई अर्थ नहीं होता : कोई भी tRNA इनके लिए प्रतिकोडन नहीं रखता। जब राइबोसोम इनमें से किसी पर पहुँचता है तो उसके A स्थल में मुक्तिकारक कारक (release factor) नामक प्रोटीन के सिवा कुछ नहीं आता, और वही उस बंध का जल-अपघटन कर देता है जो पूरी हो चुकी पॉलिपेप्टाइड को अंतिम tRNA से बाँधे रहता है, जिससे शृंखला छूट जाती है। इसीलिए नॉन–सेंस कोडन को स्टॉप, समापन या शृंखला-समापक कोडन भी कहते हैं, और आरंभिक प्रयोगशाला-कार्य से हर एक का एक उपनाम भी चला आता है — UAA ओकर (ochre) है, UAG ऐंबर (amber) और UGA ओपल या अंबर। इस प्रश्न में छपा हुआ UAA ही है, इसलिए उत्तर विकल्प (a) है; ये उपनाम सजावट नहीं, प्रयोगशाला का इतिहास हैं, क्योंकि सिडनी ब्रेनर के उत्परिवर्तन-प्रयोगों ने ही स्थापित किया कि ऐंबर और ओकर उत्परिवर्तन क्रमशः त्रिकों UAG और UAA से मेल खाते हैं। बाकी तीनों विकल्प सेंस कोडन हैं और हर एक किसी अलग कारण से प्रसिद्ध है — यही इसे तुक्के के बजाय ढंग से गढ़ा गया चार-विकल्पी पद बनाता है : AUG आरंभ कोडन है और मेथिओनीन का संकेत देता है, UUU फ़ेनिलऐलानीन का संकेत देता है और यही सबसे पहले पढ़ा गया कोडन था, तथा UGC सिस्टीन का संकेत देता है। भीतर बिछा जाल देखिए — AUG और UAA के अक्षर आपस में ओवरलैप करते हैं, और प्रश्नपत्र पर यही दोनों कार्य की दृष्टि से परस्पर विपरीत कोडन हैं : आरंभन बनाम समापन। मानक स्मृति-सूत्र इन्हें वाक्यों की तरह पढ़कर अलग रखता है : U Are Away (UAA), U Are Gone (UAG), U Go Away (UGA)। तीनों U से शुरू होते हैं, और इस तिकड़ी में कोई आरंभ या सेंस कोडन नहीं है। दोहराते समय एक उपयोगी प्रति-जाँच : नॉन–सेंस उत्परिवर्तन वह बिंदु-परिवर्तन है जो किसी सेंस कोडन को इन्हीं तीन में बदल देता है और प्रोटीन को अधूरा काट देता है — बीटा-थैलेसीमिया और ड्युशेन पेशीय दुर्विकास के कुछ एलील इसी तरह बनते हैं — और प्रश्न के ‘नॉन–सेंस’ शब्द का स्रोत यही है।
- (b)AUG — नॉन–सेंस कोडन का ठीक उलटा। AUG आरंभन या स्टार्ट कोडन है : सुकेंद्रकियों में यह मेथिओनीन का और जीवाणुओं में फ़ॉर्मिल-मेथिओनीन का संकेत देता है, और हर पॉलिपेप्टाइड का संश्लेषण वहीं से शुरू होता है, यद्यपि वह मेथिओनीन बाद में प्रायः काट दिया जाता है। AUG ही एकमात्र कोडन है जो दोहरी ड्यूटी करता है — आरंभ-संकेत भी, और संदेश के बीच में साधारण मेथिओनीन कोडन भी। अभ्यर्थी इसे इसलिए चुन लेते हैं कि इसके तीन अक्षर UAA तथा UGA से ओवरलैप करते हैं, और यह वही एक कोडन है जो सबको रटा हुआ है।
- (c)UUU — UUU फ़ेनिलऐलानीन का संकेत देता है, और ऐतिहासिक दृष्टि से यही सबसे महत्त्वपूर्ण कोडन है : 1961 में मार्शल निरेनबर्ग और हाइनरिख़ मथाई ने E. coli के कोशिका-मुक्त निष्कर्ष को एक संश्लेषित पॉली-U संदेश खिलाया और पूरी तरह फ़ेनिलऐलानीन से बनी पॉलिपेप्टाइड प्राप्त की, जिससे आनुवंशिक कूट में अक्षर-से-अमीनो-अम्ल का पहला सम्बन्ध खुला। हर जीव में यह सेंस कोडन है। तीन एक जैसे क्षारों की क़तार विकल्पों पर सरसरी नज़र डालते अभ्यर्थी को इसे कृत्रिम या ‘ख़ाली’ दिखा देती है, और यही उसके यहाँ रखे जाने का पूरा कारण है।
- (d)UGC — UGC सिस्टीन का संकेत देता है — वह गंधकयुक्त अमीनो अम्ल जिसके थायोल समूह वे डाइसल्फ़ाइड सेतु बनाते हैं जो प्रोटीन की तृतीयक संरचना को थामे रखते हैं, और इन्हीं में वे सेतु भी हैं जो इंसुलिन की दोनों शृंखलाओं को जोड़ते हैं। यह एक साधारण सेंस कोडन है। जाल दृष्टि का है : UGC, UGA से केवल एक अक्षर दूर है और UGA स्टॉप कोडन है, इसलिए जिसने अनुक्रम नहीं बल्कि आकृतियाँ रट रखी हैं, वह छपे हुए UGC में UGA पढ़ सकता है।
आनुवंशिक कूट वह शब्दकोश है जो न्यूक्लियोटाइड अनुक्रम को अमीनो अम्ल अनुक्रम में बदलता है। क्षार चार हैं (RNA में A, U, G, C) और निर्दिष्ट करने को अमीनो अम्ल बीस, इसलिए एक-क्षार वाला कूट केवल चार अमीनो अम्लों के नाम रख पाता और दो-क्षार वाला केवल सोलह के; त्रिक 4 x 4 x 4 = 64 संयोजन देता है, जो पर्याप्त भी है और बचा हुआ भी। यही अतिरेक कूट के दो परिभाषक गुण पैदा करता है। कूट अपह्रासित (degenerate) है — अधिकांश अमीनो अम्लों के नाम एक से अधिक कोडन रखते हैं, ल्यूसीन, सेरीन और आर्जिनीन के तो छह-छह — पर वह द्व्यर्थी नहीं है, क्योंकि कोई भी एक कोडन केवल एक ही अमीनो अम्ल निर्दिष्ट करता है। यह अनतिव्यापी (non-overlapping) और अल्पविराम-रहित भी है, अर्थात् एक निश्चित आरंभ-बिंदु से तीन-तीन क्षार करके पढ़ा जाता है, और इसीलिए एक क्षार का जुड़ना या हटना ऐसा फ़्रेमशिफ़्ट कर देता है जो आगे का सब कुछ गड्डमड्ड कर देता है। 64 कोडनों में 61 सेंस हैं और 3 नॉन–सेंस। कूट लगभग सार्वत्रिक है : वही त्रिक जीवाणु में, आम के पेड़ में और मनुष्य में उन्हीं अमीनो अम्लों के अर्थ रखते हैं, और इसी कारण मानव इंसुलिन जीन को E. coli में व्यक्त कराया जा सकता है। कूट का वाचन 1961 और 1966 के बीच हुआ, और भारतीय विद्यार्थियों को इसमें आया भारतीय मूल का नाम जानना चाहिए — हरगोबिंद खुराना ने आनुवंशिक कूट की व्याख्या तथा प्रोटीन संश्लेषण में उसकी भूमिका के लिए 1968 का चिकित्सा-विज्ञान का नोबेल पुरस्कार मार्शल निरेनबर्ग और रॉबर्ट होली के साथ साझा किया।
जिस शब्द पर टिकना है वह है ‘नॉन–सेंस’। रोज़मर्रा की भाषा में यह भूल या निरर्थक शब्दावली जैसा लगता है, और जल्दबाज़ अभ्यर्थी उस विकल्प को खोजने लगता है जो अटपटा दिखे — यही कारण है कि तीन एक जैसे अक्षरों वाला UUU इतने लोगों को फँसा लेता है। आणविक जीवविज्ञान में यह पद सटीक और तकनीकी है : नॉन–सेंस कोडन वह है जो किसी अमीनो अम्ल का संकेत नहीं देता और इसलिए अनुवाद (translation) समाप्त कर देता है। यानी प्रश्न असल में यह पूछ रहा है कि चारों में से स्टॉप कोडन कौन-सा है, और पूरे जीवविज्ञान में जानने लायक़ स्टॉप कोडन केवल तीन हैं — UAA, UAG और UGA। कूट का शेष सब, बाकी 61 त्रिक, सेंस कोडन हैं। दो यांत्रिक जाँचें काम सेकंडों में निपटा देती हैं। पहली, हर स्टॉप कोडन U से शुरू होता है, इसलिए A, G या C से शुरू होने वाला कोई भी विकल्प तत्काल बाहर — इससे AUG उसी क्षण हट जाता है। दूसरी, U से शुरू होने वाले तीनों में से केवल UAA उन तीन की सूची में है; UUU और UGC नहीं हैं। इसलिए निर्णायक तथ्य उसी तीन-सदस्यीय सूची की सदस्यता है, और अनुशासन यह है कि सूची विकल्प देखने के बाद नहीं, पहले याद कर ली जाए। सबसे ख़तरनाक भ्रम AUG बनाम UAA है : अक्षर वही हैं, और कूट के ये दोनों निर्देश कार्य की दृष्टि से परस्पर विपरीत हैं — एक राइबोसोम से शुरू करने को कहता है, दूसरा रुकने को। यदि विकल्प पढ़ने से पहले आप कह सकें कि ‘AUG शुरू करता है, UAA/UAG/UGA रोकते हैं’, तो यह प्रश्न पाँच सेकंड का है।
- 64 त्रिक कोडनों में से 61 सेंस कोडन हैं जो अमीनो अम्ल निर्दिष्ट करते हैं और ठीक 3 नॉन–सेंस या स्टॉप कोडन हैं — UAA (ओकर), UAG (ऐंबर) और UGA (ओपल या अंबर); तीनों U से शुरू होते हैं, और किसी को भी कोई tRNA नहीं पहचानता, इसलिए अनुवाद मुक्तिकारक कारक प्रोटीन समाप्त करता है।
- AUG आरंभ या आरंभन कोडन है और मेथिओनीन का संकेत देता है (जीवाणुओं में फ़ॉर्मिल-मेथिओनीन); यही एकमात्र कोडन है जो आरंभ-संकेत के रूप में भी काम करता है और संदेश के भीतर साधारण अमीनो-अम्ल कोडन के रूप में भी।
- UUU फ़ेनिलऐलानीन का संकेत देता है और यही सबसे पहले पढ़ा गया कोडन था — निरेनबर्ग तथा मथाई के 1961 के पॉली-U प्रयोग ने E. coli की कोशिका-मुक्त प्रणाली में पॉलिफ़ेनिलऐलानीन बनाई; UGC सिस्टीन का संकेत देता है, वही अमीनो अम्ल जिसके डाइसल्फ़ाइड सेतु प्रोटीन की संरचना स्थिर रखते हैं।
- हरगोबिंद खुराना (9 जनवरी 1922 – 9 नवम्बर 2011), जिनका जन्म अविभाजित पंजाब में मुल्तान के पास रायपुर में हुआ, ने आनुवंशिक कूट की व्याख्या के लिए 1968 का चिकित्सा-विज्ञान का नोबेल पुरस्कार मार्शल निरेनबर्ग तथा रॉबर्ट होली के साथ साझा किया; आगे चलकर उन्होंने विश्व का पहला संश्लेषित जीन बनाया और 1969 में उन्हें पद्म विभूषण मिला।
- कूट अपह्रासित है पर द्व्यर्थी नहीं — ल्यूसीन, सेरीन और आर्जिनीन में से हर एक के छह कोडन हैं, जबकि मेथिओनीन और ट्रिप्टोफ़ान का केवल एक-एक — और वह अनतिव्यापी तथा अल्पविराम-रहित है, इसीलिए एक क्षार के जुड़ने या हटने से फ़्रेमशिफ़्ट उत्परिवर्तन होता है जो आगे का हर कोडन गड्डमड्ड कर देता है।

- ‘नॉन–सेंस’ को ‘अजीब दिखने वाला’ पढ़कर UUU चुन लेना — यह पद तकनीकी है और उसका अर्थ है ऐसा कोडन जो किसी अमीनो अम्ल का संकेत नहीं देता और अनुवाद रोक देता है
- अक्षरों के ओवरलैप के कारण AUG को UAA या UGA समझ बैठना — AUG आरंभ कोडन है, स्टॉप कोडन का ठीक उलटा
- UGC को UGA पढ़ लेना — UGC सिस्टीन है और UGA स्टॉप कोडन, और पन्ने पर इन्हें केवल अंतिम अक्षर अलग करता है
BPSC इसे नितांत स्मरण पर रखता है — स्टॉप कोडन बताइए, आरंभ कोडन बताइए, बताइए कि कोई त्रिक किस अमीनो अम्ल का संकेत देता है — और उसी अभ्यर्थी को अंक देता है जिसने तीन स्टॉप कोडन की सूची पक्की रट रखी है, क्योंकि पूरा पद सेकंडों में तय हो जाता है। UPSC ने कभी नाम लेकर कोडन नहीं पूछा; वह लोगों और अनुप्रयोगों को पसंद करता है — 2001 में ‘सम्पूर्ण आनुवंशिक कूट की स्थापना’ को खुराना से जोड़ना, 2016 में ट्रांसक्रिप्टोम की परिभाषा, और हाल के वर्षों में पुनर्योगज DNA तथा जीन-संपादन पर कथन। BPSC के लिए त्रिक याद कीजिए, UPSC के लिए वैज्ञानिक, तकनीकें और परिणाम।
सूची I को सूची II के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए : सूची I (आनुवंशिकी में उपलब्धि) I. जीवाणुओं में पारक्रमण (transduction) तथा संयुग्मन (conjugation) की खोज II. लिंग-सहलग्न वंशागति की स्थापना III. E. coli से DNA पॉलिमरेज़ का पृथक्करण IV. सम्पूर्ण आनुवंशिक कूट की स्थापना सूची II (वैज्ञानिक) A) खुराना B) कॉर्नबर्ग C) लेडरबर्ग D) मॉर्गन E) ओचोआ
- (a) I-D, II-C, III-B, IV-A
- (b) I-C, II-D, III-A, IV-E
- (c) I-D, II-C, III-A, IV-E
- (d) I-C, II-D, III-B, IV-A
उत्तर(d) I-C, II-D, III-B, IV-A
वही आनुवंशिक कूट, दूसरे सिरे से पूछा गया — UPSC पूछता है कि उसे स्थापित किसने किया और मद IV को खुराना से जोड़ता है, जबकि BPSC उसी शब्दकोश की एक विशिष्ट प्रविष्टि पूछता है जिसे पूरा करने में खुराना का हाथ था, अर्थात् यह कि कौन-सा त्रिक किसी चीज़ का संकेत नहीं देता।
निम्नलिखित में से कौन-से कोशिकांग प्रोटीन संश्लेषण में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ?
- (a) लाइसोसोम और तारककाय (सेंट्रोसोम)
- (b) अंतर्द्रव्यी जालिका और राइबोसोम
- (c) गॉल्जी उपकरण और माइटोकॉन्ड्रिया
- (d) लाइसोसोम और माइटोकॉन्ड्रिया
उत्तर(b) अंतर्द्रव्यी जालिका और राइबोसोम
कोडन का अर्थ राइबोसोम के भीतर ही बनता है — UPSC का यह पद पूछता है कि अनुवाद होता कहाँ है, जबकि BPSC का पद पूछता है कि UAA पर पहुँचकर राइबोसोम करता क्या है, इसलिए दोनों मिलकर यंत्र और उसे रोकने वाला संकेत, दोनों ढक लेते हैं।
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
प्रोटीन संश्लेषण में निम्नलिखित में से कौन-सा आरंभन (स्टार्ट) कोडन है ?
- (a)UAG
- (b)AUG
- (c)UGA
- (d)UAA
उत्तर(b) AUG — यही आरंभ कोडन है और मेथिओनीन का, जीवाणुओं में फ़ॉर्मिल-मेथिओनीन का, संकेत देता है। UAG, UGA और UAA तीनों नॉन–सेंस या स्टॉप कोडन हैं, जो किसी अमीनो अम्ल का संकेत नहीं देते और अनुवाद समाप्त कर देते हैं।
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
मानक आनुवंशिक कूट के 64 कोडनों में से कितने अमीनो अम्लों का संकेत देते हैं ?
- (a)20
- (b)61
- (c)63
- (d)64
उत्तर(b) 61 — इकसठ कोडन सेंस कोडन हैं जो अमीनो अम्ल निर्दिष्ट करते हैं और तीन (UAA, UAG, UGA) नॉन–सेंस कोडन हैं जो किसी को निर्दिष्ट नहीं करते। मानक अमीनो अम्ल केवल 20 हैं, और इसीलिए कूट अपह्रासित है, जिसमें अधिकांश अमीनो अम्लों के नाम एक से अधिक कोडन रखते हैं।