संविधान सभा द्वारा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज किस तिथि को अपनाया गया ?
- (a)24 जनवरी 1950
- (b)26 नवम्बर 1950
- (c)22 जुलाई 1947
- (d)26 जनवरी 1950
सही — C, 22 जुलाई 1947। संविधान सभा ने राष्ट्रीय ध्वज 22 जुलाई 1947 को, स्वतंत्रता से चौबीस दिन पहले, जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत एक संकल्प पर अपनाया। संकल्प में गहरे केसरिया, श्वेत और गहरे हरे रंग की समान अनुपात वाली क्षैतिज तिरंगी पट्टियाँ निर्दिष्ट थीं, जिनमें श्वेत पट्टी के मध्य नौसैनिक नीले रंग का एक चक्र हो — अशोक के सारनाथ सिंह-शीर्ष का चक्र, जिसका व्यास श्वेत पट्टी की चौड़ाई के लगभग बराबर रखा जाए — और चौड़ाई-लंबाई का अनुपात 2:3 हो। यह अभिकल्प जून 1947 में डॉ. राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में गठित एक तदर्थ ध्वज समिति ने तैयार किया, जिसने काँग्रेस के अपने स्वराज ध्वज को लेकर उसके मध्य के चरखे की जगह चौबीस आरों वाला अशोक चक्र रख दिया — वह परिवर्तन जिसने ध्वज को किसी दल के बजाय राज्य का प्रतीक बना दिया। तिथि इसलिए मायने रखती है कि ध्वज को राज्य से पहले अस्तित्व में आना था : सभा एक ऐसे डोमिनियन के लिए विधान बना रही थी जो 15 अगस्त 1947 को अस्तित्व में आने वाला था, और उसी दिन यह ध्वज फहराया गया। शेष हर विकल्प 1949-50 के संवैधानिक गुच्छे से लिया गया है, और प्रश्न असल में यही जाँचता है कि अभ्यर्थी ध्वज की तिथि को उनसे अलग रखता है या नहीं। विकल्प (b) की शब्दावली पर भी ध्यान दीजिए : 26 नवम्बर 1950 किसी घटना की तिथि है ही नहीं — संविधान 26 नवम्बर 1949 को अपनाया गया था, एक वर्ष पहले।
- (a)24 जनवरी 1950 — यह एक दूसरे राष्ट्रीय प्रतीक की सही तिथि है। 24 जनवरी 1950 को अपने अंतिम अधिवेशन में संविधान सभा ने 'जन गण मन' को राष्ट्रगान के रूप में अपनाया और 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रगीत के रूप में समान सम्मान दिया; उसी दिन सदस्यों ने संविधान की प्रतियों पर हस्ताक्षर किए। ध्वज संबंधी प्रश्न में सबसे अधिक बार यही गलत उत्तर रखा जाता है।
- (b)26 नवम्बर 1950 — यह एक असली तिथि का बिगाड़ा हुआ रूप है। संविधान सभा ने संविधान 26 नवम्बर 1949 को अपनाया — वही दिन जो स्वयं उद्देशिका में दर्ज है और जो अब संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है — 1950 में नहीं। यह विकल्प वर्ष एक साल आगे खिसका देता है, इसलिए दो कारणों से गलत है : घटना भी गलत और वर्ष भी।
- (d)26 जनवरी 1950 — यह वह तिथि है जब संविधान लागू हुआ और भारत गणराज्य बना; इसे 26 जनवरी 1930 की पूर्ण स्वराज घोषणा के सम्मान में चुना गया था। यह संविधान के प्रवर्तन का द्योतक है, किसी राष्ट्रीय प्रतीक के अंगीकरण का नहीं, और ध्वज तब तक ढाई वर्ष से आधिकारिक उपयोग में आ चुका था।
भारत के राष्ट्रीय प्रतीक संविधान सभा ने तीन अलग-अलग अवसरों पर तय किए, और इन्हें आपस में गड्डमड्ड कर देना इस क्षेत्र में भूल का सबसे आम स्रोत है। ध्वज सबसे पहले आया, 22 जुलाई 1947 को, क्योंकि डोमिनियन को वह तत्काल चाहिए था। संविधान स्वयं 26 नवम्बर 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को प्रवृत्त हुआ। राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत 24 जनवरी 1950 को अपनाए गए, किसी औपचारिक संकल्प के बजाय राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के वक्तव्य पर। ध्वज की अपनी वंशावली पिंगली वेंकैया द्वारा अभिकल्पित उस स्वराज ध्वज तक जाती है जो 1921 में बेज़वाड़ा में गांधी के सामने रखा गया था, और 1931 में अपनाए गए चरखे वाले काँग्रेसी तिरंगे तक; 1947 में चरखे की जगह अशोक चक्र रखना वह सोचा-समझा कदम था जिसने एक आंदोलन के झंडे को एक राज्य का ध्वज बना दिया।
तर्क का रास्ता यह देखना है कि चार में से तीन विकल्प 1949-50 की सर्दियों में पड़ते हैं और एक जुलाई 1947 में, और फिर यह पूछना कि उस-उस क्षण हो क्या रहा था। संविधान से जुड़ी हर बात — अंगीकरण, प्रवर्तन, प्रतियों पर हस्ताक्षर, राष्ट्रगान — 1949-50 वाले गुच्छे की है। इसके विपरीत ध्वज को सत्ता-हस्तांतरण के लिए तैयार होना था, इसलिए वह 1947 की गर्मियों का है। साथ ले जाने लायक एकमात्र निर्णायक तथ्य यह क्रम है : ध्वज (22 जुलाई 1947) → स्वतंत्रता (15 अगस्त 1947) → संविधान अपनाया गया (26 नवम्बर 1949) → राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत (24 जनवरी 1950) → गणराज्य (26 जनवरी 1950)। एक बार यह शृंखला क्रम से याद हो जाए तो प्रश्न स्वयं उत्तर दे देता है, और उसके वे तमाम रूप भी जो एक प्रतीक की जगह दूसरा रख देते हैं।
- 22 जुलाई 1947 : संविधान सभा ने नेहरू के संकल्प पर राष्ट्रीय ध्वज अपनाया — समान अनुपात में गहरा केसरिया, श्वेत और गहरा हरा, अनुपात 2:3, तथा श्वेत पट्टी में नौसैनिक नीले रंग का अशोक चक्र।
- अशोक चक्र में 24 आरे हैं और यह अशोक के सारनाथ सिंह-शीर्ष के फलक से लिया गया है, जो भारत के राजचिह्न का भी स्रोत है।
- जून 1947 में गठित डॉ. राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता वाली तदर्थ ध्वज समिति ने चरखे के स्थान पर चक्र रखकर स्वराज ध्वज की सिफ़ारिश की।
- पिंगली वेंकैया ने वह पुराना स्वराज ध्वज अभिकल्पित किया जो 1921 में बेज़वाड़ा में गांधी के सामने रखा गया; काँग्रेस ने 1931 में चरखे वाला केसरिया-श्वेत-हरा तिरंगा अपनाया।
- ध्वज का उपयोग भारतीय ध्वज संहिता, 2002 (जिसमें बाद में संशोधन हुए, जिनमें खुले में रात्रि प्रदर्शन की अनुमति भी शामिल है) तथा राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 से शासित होता है।

- 24 जनवरी 1950 उत्तर दे देना — वह राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत की तिथि है, ध्वज की नहीं
- संविधान के अंगीकरण के लिए 26 नवम्बर 1950 लिख देना; सही वर्ष 1949 है, और यहाँ का विकल्प जान-बूझकर एक वर्ष खिसकाया गया है
- यह मान लेना कि ध्वज स्वतंत्रता दिवस को ही अपनाया गया; वह 22 जुलाई 1947 को अपनाया गया और राष्ट्रीय ध्वज के रूप में पहली बार 15 अगस्त 1947 को फहराया गया
BPSC राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रश्न सीधी तिथि-स्मृति के रूप में पूछता है और विकल्पों में पड़ोस की संवैधानिक तिथियाँ भर देता है, ताकि केवल सटीक क्रम-बोध ही बचाए — और, जैसा यहाँ विकल्प (b) दिखाता है, कभी-कभी किसी असली तिथि का वर्ष बदल भी देता है। UPSC उसी गुच्छे को कथन-समुच्चय या अभिकल्प के किसी ब्यौरे से जाँचना पसंद करता है : धर्मचक्र में कितने आरे हैं, उद्देशिका के अंत में कौन-सी तिथि है, या किसी राष्ट्रीय प्रतीक के बारे में कौन-सा कथन सही है।
भारत के राष्ट्रीय ध्वज में स्थित धर्मचक्र में कितने आरे हैं ?
- (a) 16
- (b) 18
- (c) 22
- (d) 24
उत्तर(d) 24
वही ध्वज, तिथि के बजाय अभिकल्प पर जाँचा गया — 24 आरों वाला चक्र ठीक वही है जो संविधान सभा के 22 जुलाई 1947 के संकल्प ने चरखे के स्थान पर रखा।
निम्नलिखित उद्धरण में, "हम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को : सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय; विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता; प्रतिष्ठा और अवसर की समता; प्राप्त कराने के लिए तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख़ 'X' ………. को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।" 'X' है
- (a) 26 जनवरी, 1950
- (b) 26 नवम्बर, 1949
- (c) 26 जनवरी, 1949
- (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर(b) 26 नवम्बर, 1949
उसी तिथि-गुच्छे का दूसरा आधा हिस्सा जिसका लाभ BPSC का यह प्रश्न उठाता है — यह 26 नवम्बर 1949 को संविधान के अंगीकरण के रूप में पक्का करता है, ठीक वही तिथि जिसे यहाँ विकल्प (b) 1950 बताकर बिगाड़ देता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के मध्य स्थित अशोक चक्र कहाँ से लिया गया है ?
- (a)सारनाथ का धमेख स्तूप
- (b)अशोक के सारनाथ सिंह-शीर्ष का फलक
- (c)साँची का महास्तूप
- (d)वैशाली का अशोक स्तंभ
उत्तर(b) अशोक के सारनाथ सिंह-शीर्ष का फलक — वही सिंह-शीर्ष जो भारत का राजचिह्न भी देता है; चक्र में 24 आरे हैं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
संविधान सभा ने 'जन गण मन' को भारत के राष्ट्रगान के रूप में किस तिथि को अपनाया ?
- (a)22 जुलाई 1947
- (b)26 नवम्बर 1949
- (c)24 जनवरी 1950
- (d)26 जनवरी 1950
उत्तर(c) 24 जनवरी 1950 — सभा के अंतिम अधिवेशन में, जब 'वंदे मातरम्' को भी राष्ट्रगीत के रूप में समान सम्मान दिया गया।