बिहार में प्रकाशित प्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र था
- (a)उद्योग
- (b)क्षत्रिय समाचार
- (c)चैतन्य चन्द्रिका
- (d)सर्व हितैषी
सही — (d) सर्व हितैषी। यहाँ हमारा उत्तर किसी दस्तावेज़ से नहीं, कालक्रम और छँटाई से टिकता है, और यह साफ़ कह देना ज़रूरी है, क्योंकि इस प्रश्नपत्र के उन गिने-चुने प्रश्नों में यह एक है जहाँ हम सकारात्मक दावे की पुष्टि किसी विद्वत्तापूर्ण या अभिलेखीय स्रोत से नहीं कर सके। जो बात दृढ़ता से स्थापित है वह आसपास का इतिहास है। बिहार का पहला हिन्दी समाचार पत्र 'बिहार बंधु' था, जिसे 1872 में बिहारशरीफ़ में बसे महाराष्ट्रीय ब्राह्मण केशवराम भट्ट ने शुरू किया — पर वह साप्ताहिक था, और प्रश्न पहला हिन्दी दैनिक पूछ रहा है, इसीलिए 'बिहार बंधु' जान-बूझकर विकल्प-सूची से बाहर है। दिए गए चार शीर्षकों में से तीन की तिथि लगाई जा सकती है: क्षत्रिय हितैषी, उद्योग और चैतन्य चंद्रिका — तीनों उन हिन्दी पत्रिकाओं की लहर के हैं जो 1901 के बाद पटना के आसपास शुरू हुईं, और उन्हीं के साथ 1901 में स्थापित मासिक 'भारतरत्न' तथा 'आर्यावर्त' जैसे शीर्षक आते हैं। 'उद्योग' का संपादन उस दौर के एक जाने-माने कवि ने किया और 'चैतन्य चंद्रिका' का कृष्ण चैतन्य गोस्वामी ने, और दोनों को दैनिक नहीं, पत्रिका बताया जाता है। बिहार की पत्रकारिता के इतिहास पर बने संकलन 'सर्वहितैषी' को — जिसकी वर्तनी बुकलेट में 'सर्व हितैषी' है — प्रांत का पहला हिन्दी दैनिक बताते हैं, जो उन्हीं संकलनों की तिथि-गणना के अनुसार उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में पटना से प्रकाशित हुआ — और यही वह तिथि है जिसे नीचे दी गई टिप्पणी ढीला पकड़ने को कहती है। उस काल के किसी शीर्षक से 'पहला दैनिक' होने में वे तीन शीर्षक आगे नहीं निकल सकते जो एक दशक या उससे भी बाद शुरू होते हैं — और यही तर्क इस उत्तर का आधार है।
- (a)उद्योग — 1901 के बाद पटना क्षेत्र से निकली हिन्दी पत्रिकाओं में से एक, जिसका संपादन उस दौर के एक प्रसिद्ध कवि ने किया। इसे यहाँ कालक्रम हटाता है: यह उन्नीसवीं नहीं, बीसवीं शताब्दी वाली लहर का है।
- (b)क्षत्रिय समाचार — लगभग निश्चित रूप से यह बुकलेट में 'क्षत्रिय हितैषी' का ही रूप है, जो 1901 के बाद के पटना वाले शीर्षकों में से एक और है। यह उसी बाद वाले गुच्छे का है, और उस तरह की जाति-सभा से जुड़ी पत्रिका विशेषतः अपने समुदाय को संबोधित पत्रिका होती थी, कोई सामान्य दैनिक समाचार पत्र नहीं।
- (c)चैतन्य चन्द्रिका — इसका संपादन कृष्ण चैतन्य गोस्वामी ने किया और यह भी बाकी दोनों की तरह पटना की बीसवीं शताब्दी वाली हिन्दी प्रकाशन-मंडली का हिस्सा है। इसका नाम ही किसी भक्ति-साहित्यिक पत्रिका का संकेत देता है, समाचार-दैनिक का नहीं, और इसकी तिथि उसे उस काल से काफ़ी बाद रखती है जिसमें पहला दैनिक निकला होगा।
भारत में हिन्दी पत्रकारिता की शुरुआत 'उदन्त मार्तण्ड' से होती है, जिसे 30 मई 1826 को कलकत्ता से जुगल किशोर शुक्ल ने निकाला — वह साप्ताहिक था, और इसीलिए 30 मई हिन्दी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है। बिहार की अपनी हिन्दी पत्रकारिता लगभग आधी शताब्दी बाद 1872 में 'बिहार बंधु' से शुरू होती है, जो भी साप्ताहिक था, और साप्ताहिकों से दैनिकों की ओर बदलाव अगले दशकों में धीरे-धीरे हुआ, जैसे-जैसे छपाई की क्षमता, साक्षरता और राजनीतिक समाचारों की माँग बढ़ी। बिहार का प्रेस-इतिहास केवल हिन्दी का नहीं है, और यह इस दृष्टि से मायने रखता है कि आयोग उससे पूछता कैसे है: प्रांत में अंग्रेज़ी और उर्दू के पत्र पहले आ चुके थे, और ठीक अगली परीक्षा में बी० पी० एस० सी० ने पूछा कि 'बिहार बंधु', 'पटना हरकारा', 'अख़बार-ए-बिहार' और 'बिहार हेराल्ड' में सबसे पहले कौन प्रकाशित हुआ, जिसका उत्तर 'पटना हरकारा' है। इस तरह तीन अलग 'प्रथम' प्रचलन में हैं — किसी भी भाषा में बिहार का पहला समाचार पत्र, पहला हिन्दी समाचार पत्र, और पहला हिन्दी दैनिक — और अभ्यर्थी को तीनों अलग रखने होंगे। वर्तनी एक और ख़तरा है: इन शीर्षकों का लिप्यंतरण स्रोतों में अलग-अलग होता है, इसलिए 'सर्वहितैषी' कहीं 'सर्व हितैषी' और 'क्षत्रिय हितैषी' कहीं 'क्षत्रिय समाचार' के रूप में आ जाता है।
जब कोई प्रश्न ऐसे तथ्य पर टिका हो जो याद न आ रहा हो, तब उपयोगी क़दम स्मृति खँगालना नहीं, विकल्पों पर तिथि लगाना है। इन चार में से तीन शीर्षक एक पहचानने योग्य समूह के हैं — वे हिन्दी पत्रिकाएँ जो बीसवीं शताब्दी के पहले दशक में पटना के आसपास निकलीं — और यदि आप उनमें से एक को भी उस समूह में रख सकें तो प्रतिरूप बाकी बता देता है, क्योंकि पहला दैनिक किसी बाद वाले गुच्छे के भीतर बैठने की संभावना कम है। फिर देखिए कि प्रश्न शब्द कौन-सा प्रयोग कर रहा है। वह 'दैनिक' कहता है, 'समाचार पत्र' नहीं, और यह जान-बूझकर किया गया संकोचन है: बिहार के बारे में जो तथ्य सब रटते हैं वह 1872 का 'बिहार बंधु' है, और उसे विकल्पों से बाहर रखकर रचयिता संकेत दे रहा है कि परिचित उत्तर माँगा ही नहीं जा रहा। जो अभ्यर्थी यह पकड़ ले, वह नाम जाने बिना भी सही दिशा में सोच रहा है। यहाँ सीमाओं के बारे में ईमानदारी भी मायने रखती है। 'सर्वहितैषी' के लिए सामान्यतः दी जाने वाली तिथि अलग-अलग संकलनों में अलग है, और हम उसे किसी अभिलेखीय स्रोत से पुष्ट नहीं कर सके, इसलिए इस शीर्षक को इस प्रश्न के उत्तर के रूप में लीजिए पर स्थापना-वर्ष को ढीली पकड़ में रखिए।
- बिहार का पहला हिन्दी समाचार पत्र 'बिहार बंधु' था, जिसे 1872 में बिहारशरीफ़ में बसे महाराष्ट्रीय ब्राह्मण केशवराम भट्ट ने शुरू किया — वह साप्ताहिक था, दैनिक नहीं
- क्षत्रिय हितैषी, उद्योग और चैतन्य चंद्रिका उन हिन्दी पत्रिकाओं की लहर के हैं जो 1901 के बाद पटना क्षेत्र से प्रकाशित हुईं, और उन्हीं के साथ मासिक 'भारतरत्न' (1901) तथा 'आर्यावर्त' आते हैं
- 'चैतन्य चंद्रिका' का संपादन कृष्ण चैतन्य गोस्वामी ने किया; 'उद्योग' का संपादन उस दौर के एक जाने-माने कवि ने
- भारत का पहला हिन्दी समाचार पत्र 'उदन्त मार्तण्ड' था, जिसे 30 मई 1826 को कलकत्ता से जुगल किशोर शुक्ल ने निकाला; 30 मई हिन्दी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है
- अगले बी० पी० एस० सी० प्रश्नपत्र में आयोग ने पूछा कि 'बिहार बंधु', 'पटना हरकारा', 'अख़बार-ए-बिहार' और 'बिहार हेराल्ड' में सबसे पहले कौन-सा बिहार का समाचार पत्र प्रकाशित हुआ, और उत्तर 'पटना हरकारा' रहा
- 'सर्वहितैषी' का स्थापना-वर्ष पत्रकारिता-इतिहास के अलग-अलग संकलन अलग-अलग बताते हैं और उसकी पुष्टि किसी अभिलेखीय या विद्वत्तापूर्ण स्रोत से नहीं हो सकी
चार में से तीन विकल्प 1901 के बाद वाले गुच्छे के हैं, इसलिए उनमें से कोई पहला दैनिक हो ही नहीं सकता। प्रश्न की अपनी शब्दावली — 'दैनिक', 'समाचार पत्र' नहीं — ही 'बिहार बंधु' को सूची से बाहर रखती है।
- आदतन 'बिहार बंधु' लिख देना — वह बिहार का पहला हिन्दी समाचार पत्र है पर साप्ताहिक, और वह विकल्प-सूची में है ही नहीं
- 'दैनिक' शब्द की उपेक्षा करना; आयोग पहला समाचार पत्र, पहला हिन्दी समाचार पत्र और पहला हिन्दी दैनिक — तीनों को अलग तथ्य मानता है
- लिप्यंतरण से भ्रमित हो जाना — 'सर्व हितैषी' ही 'सर्वहितैषी' है, 'क्षत्रिय समाचार' लगभग निश्चित रूप से 'क्षत्रिय हितैषी', और 'उद्योग' वही 'उद्योग'
बी० पी० एस० सी० बिहार के प्रेस-इतिहास पर बार-बार लौटता है और उसे 'सबसे पहले कौन' के रूप में पूछता है, बस विशेषण बदलता रहता है — पहला समाचार पत्र, पहला हिन्दी समाचार पत्र, पहला हिन्दी दैनिक — इसलिए सुरक्षित तैयारी एक याद किए नाम के बजाय एक छोटी तिथिवार सूची है। यू० पी० एस० सी० किसी प्रांत के प्रेस-प्रथम कभी नहीं पूछता; वह पूछता है कि किसी नामित राष्ट्रवादी ने कौन-सी पत्रिका निकाली, या वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट किस वायसराय ने पारित किया और किसने निरस्त — यानी वही काल लोगों और क़ानूनों के रास्ते जाँचा जाता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी एक पत्रिका अबुल कलाम आज़ाद ने निकाली थी?
- (a) अल-हिलाल
- (b) कॉमरेड
- (c) द इंडियन सोशियोलॉजिस्ट
- (d) ज़मींदार
उत्तर(a) अल-हिलाल
वही क्षेत्र — असली समकालीन शीर्षकों की सूची में से किसी आरंभिक भारतीय-भाषा पत्र को पहचानना, जहाँ हर विकल्प उस काल का वास्तविक शीर्षक है और केवल एक विवरण पर खरा उतरता है।
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए: सूची I (व्यक्ति) I. श्यामजी कृष्ण वर्मा II. मैडम भीकाजी कामा III. एनी बेसेंट IV. अरविंद घोष सूची II (पत्रिकाएँ) A. बंदे मातरम् B. इंडियन सोशियोलॉजिस्ट C. द तलवार D. कॉमनवील कूट:
- (a) I-B, II-C, III-D, IV-A
- (b) I-C, II-B, III-A, IV-D
- (c) I-B, II-C, III-A, IV-D
- (d) I-C, II-B, III-D, IV-A
उत्तर(a) I-B, II-C, III-D, IV-A
प्रेस-इतिहास को पत्रिकाओं और उन्हें चलाने वाले लोगों के चार-गुणा-चार सुमेलन के रूप में जाँचा गया — वही ज्ञान, बस प्रथम प्रकाशन की तिथि के बजाय संपादक के हिसाब से सजाया हुआ।
बिहार के निम्नलिखित समाचार पत्रों में से सबसे पहले कौन-सा प्रकाशित हुआ था?
- (a) बिहार बंधु
- (b) पटना हरकारा
- (c) अख़बार-ए-बिहार
- (d) बिहार हेराल्ड
उत्तर(b) पटना हरकारा
आयोग ने ठीक अगले प्रश्नपत्र में बिहार के अख़बारी 'प्रथम' फिर पूछे, बस विशेषण बदलकर — किसी भी भाषा में सबसे पहले प्रकाशित, न कि पहला हिन्दी दैनिक — और यही वह भेद है जिसे यहाँ अभ्यर्थी को थामे रखना है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
बिहार का पहला हिन्दी समाचार पत्र माने जाने वाले 'बिहार बंधु' को 1872 में किसने शुरू किया ?
- (a)केशवराम भट्ट
- (b)सच्चिदानंद सिन्हा
- (c)कृष्ण चैतन्य गोस्वामी
- (d)राजेन्द्र प्रसाद
उत्तर(a) केशवराम भट्ट — बिहारशरीफ़ में बसे एक महाराष्ट्रीय ब्राह्मण; यह पत्र साप्ताहिक था, दैनिक नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत का पहला हिन्दी समाचार पत्र 'उदन्त मार्तण्ड' कहाँ से प्रकाशित हुआ था ?
- (a)बनारस
- (b)कलकत्ता
- (c)पटना
- (d)इलाहाबाद
उत्तर(b) कलकत्ता — इसे 30 मई 1826 को जुगल किशोर शुक्ल ने निकाला, और इसीलिए 30 मई हिन्दी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है।