अप्रैल 2024 में शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल सबा को किस देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया ?
- (a)यमन
- (b)फिलिस्तीन
- (c)कुवैत
- (d)लेबनान
सही — (c) कुवैत। नाम ही इसे किसी समसामयिकी-स्मरण से पहले तय कर देता है: अल-सबाह कुवैत का शासक वंश है, और अठारहवीं शताब्दी से है। पश्चिम एशिया के किसी और राज्य में सबाह वंश नहीं है, इसलिए शेख अहमद अल-अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह के नाम से पुकारा जाने वाला व्यक्ति कुवैती ही हो सकता है, और कुवैत में प्रधानमंत्री का पद परिपाटी के अनुसार शासक परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य को मिलता रहा है, जिसे अमीर नियुक्त करते हैं — वह निर्वाचित नहीं होता। तथ्य की बात यह है कि अहमद अल-अब्दुल्ला अल-सबाह ने 2024 में कुवैत के प्रधानमंत्री का पद सँभाला, और उनसे पहले यह पद 17 जनवरी 2024 से मोहम्मद सबाह अल-सालेम अल-सबाह के पास था, जिनसे पहले अहमद नवाफ़ अल-अहमद अल-सबाह के पास (24 जुलाई 2022 से 17 जनवरी 2024)। प्रश्न में दी तिथि के बारे में एक ईमानदार चेतावनी, जिसे हमारी अपनी व्युत्पत्ति ने इस प्रश्न की कमज़ोर कड़ी के रूप में चिह्नित किया: इस पद का मानक अभिलेख उनके प्रधानमंत्री बनने की तिथि 15 मई 2024 बताता है, अप्रैल नहीं। इसलिए प्रश्न में दिया महीना उस अभिलेख से एक माह पहले का है — बहुत संभव है कि अप्रैल की राजनीतिक घटनाओं और उसके बाद हुई औपचारिक नियुक्ति को एक कर दिया गया हो। इससे उत्तर पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता, क्योंकि देश की पहचान तिथि पर टिकी ही नहीं है; वह उपनाम पर टिकी है, और उपनाम में कोई द्विविधा नहीं। यह अपने-आप में एक उपयोगी सीख है: जहाँ प्रश्न में ऐसी तिथि हो जिसकी पुष्टि आप न कर सकें, वहाँ पहले देखिए कि उत्तर उस पर निर्भर भी है या नहीं, तभी उसे अपना संतुलन बिगाड़ने दीजिए।
- (a)यमन — यमन गणराज्य है, राजतंत्र नहीं, और पिछले दशक के मध्य से गृहयुद्ध ने उसे अदन में स्थित अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार और सना में हूती सत्ता के बीच बाँट रखा है। वहाँ न कोई शासक वंश है और न पद पर कोई अल-सबाह।
- (b)फिलिस्तीन — फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण के प्रधानमंत्री की नियुक्ति उसके राष्ट्रपति करते हैं और वे फ़िलिस्तीनी राजनीतिक जीवन से आते हैं, किसी खाड़ी शासक परिवार से नहीं। फ़िलिस्तीनी राजनीति में कोई सबाह वंश है ही नहीं, और इस पद का कुवैत की उत्तराधिकार-परंपरा से कोई संबंध नहीं।
- (d)लेबनान — लेबनान संसदीय गणराज्य है, जिसकी संप्रदाय-आधारित व्यवस्था प्रधानमंत्री का पद किसी सुन्नी मुसलमान के लिए आरक्षित रखती है, जिसका चयन संसदीय परामर्श से होता है और जिसमें कोई वंशानुगत घराना शामिल नहीं होता। वहाँ की राजनीति पर बिल्कुल दूसरे पारिवारिक नामों का दबदबा है, और अल-सबाह उनमें नहीं है।
पश्चिम एशिया में किसी देश की पहचान का सबसे भरोसेमंद अकेला सुराग़ प्रायः शासक परिवार का नाम होता है, क्योंकि अरब प्रायद्वीप के राजतंत्र अपने वंशों के नाम से जाने जाते हैं और वे वंश और कहीं शासन नहीं करते। अल-सबाह कुवैत पर शासन करता है; अल सऊद सऊदी अरब पर; अल थानी क़तर पर; अल ख़लीफ़ा बहरीन पर; अल सईद ओमान पर; और संयुक्त अरब अमीरात में अल नह्यान अबू धाबी पर तथा अल मकतूम दुबई पर। इस समूह के भीतर कुवैत की अपनी व्यवस्था विशिष्ट है। वहाँ एक निर्वाचित राष्ट्रीय सभा है, जो खाड़ी की सबसे पुरानी और सबसे जीवंत विधायिकाओं में है, फिर भी प्रधानमंत्री की नियुक्ति अमीर करते हैं, जो परिपाटी से अल-सबाह परिवार से लिए जाते हैं; और नियुक्त मंत्रिमंडल तथा निर्वाचित सभा के बीच पैदा हुए इसी टकराव ने बार-बार विघटन और सरकारों के तेज़ बदलाव पैदा किए हैं — और ठीक इसीलिए 2022 से 2024 के दो साल से भी कम समय में कुवैत में तीन प्रधानमंत्री हुए।
प्रश्न में आए व्यक्तिवाचक नाम को सजावट नहीं, प्रमाण मानिए। परीक्षक ने आपको पूरा वंश-नाम दे दिया है; यदि आप खाड़ी का एक भी शासक घराना जानते हैं तो नियुक्ति के बारे में कुछ जाने बिना उस नाम को देश में बदल सकते हैं। इसके बाद विकल्पों की संरचनात्मक उपयुक्तता जाँचिए, जो दूसरी और स्वतंत्र छन्नी है: क्या वह देश ऐसा राज्य है भी जहाँ किसी शासक परिवार का शेख प्रधानमंत्री बनता हो? यमन गृहयुद्ध के बीच खड़ा गणराज्य है, लेबनान संप्रदाय-आधारित संसदीय गणराज्य है, और फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण राजतंत्र है ही नहीं — इसलिए ये तीनों 2024 के समाचार याद किए बिना ही इस कसौटी पर विफल हो जाते हैं। बचता है कुवैत, और अकेला कुवैत ही अल-सबाह के प्रधानमंत्रित्व वाली वंशानुगत अमीरात है। इस प्रश्न में बची हुई अनिश्चितता केवल महीने तक सीमित है, और उसे ढँकने के बजाय साफ़ कह देना ठीक है: नियुक्ति सामान्यतः 15 मई 2024 की दर्ज है, इसलिए प्रश्न का 'अप्रैल 2024' एक माह पहले का है। इससे सही देश पर कोई असर नहीं पड़ता।
- अल-सबाह कुवैत का शासक वंश है; कुवैत के प्रधानमंत्री की नियुक्ति अमीर करते हैं और वे परिपाटी से उसी परिवार के वरिष्ठ सदस्य होते हैं
- अहमद अल-अब्दुल्ला अल-सबाह 2024 में कुवैत के प्रधानमंत्री बने; इस पद का मानक अभिलेख उनके पदभार की तिथि 15 मई 2024 बताता है
- उनसे पहले मोहम्मद सबाह अल-सालेम अल-सबाह 17 जनवरी 2024 से 15 मई 2024 तक इस पद पर रहे, और उनसे पहले अहमद नवाफ़ अल-अहमद अल-सबाह 24 जुलाई 2022 से 17 जनवरी 2024 तक
- खाड़ी के शासक घराने और उनके राज्य: कुवैत में अल-सबाह, सऊदी अरब में अल सऊद, क़तर में अल थानी, बहरीन में अल ख़लीफ़ा, ओमान में अल सईद, तथा संयुक्त अरब अमीरात में अल नह्यान (अबू धाबी) और अल मकतूम (दुबई)
- कुवैत में नियुक्त मंत्रिमंडल के साथ-साथ एक निर्वाचित राष्ट्रीय सभा है, और इस संयोजन ने वहाँ बार-बार विघटन तथा अल्पजीवी सरकारें पैदा की हैं

- समाचार याद करने की कोशिश में लग जाना, जबकि शासक परिवार का उपनाम देश की पहचान पहले ही दे चुका है
- किसी ऐसी तिथि को अपना संतुलन बिगाड़ने देना जिसकी आप पुष्टि नहीं कर सकते, जबकि उत्तर उस तिथि पर निर्भर ही नहीं है
- यह मान लेना कि पश्चिम एशिया का हर राज्य राजतंत्र है — यमन और लेबनान गणराज्य हैं, और फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण इनमें से कुछ भी नहीं
बी० पी० एस० सी० अंतर्राष्ट्रीय समसामयिकी को सपाट एक-पंक्ति पहचान के रूप में पूछता है — किसने कौन-सा पद लिया, कोई घटना कहाँ हुई, कोई नाम किस देश का है — और सामग्री प्रश्नपत्र से पिछले बारह महीनों से उठाता है, जबकि भटकाने वाले विकल्प लगभग हमेशा उसी क्षेत्र के पड़ोसी देश होते हैं। यू० पी० एस० सी० यह नहीं पूछता कि कहीं प्रधानमंत्री कौन नियुक्त हुआ; वह इस क्षेत्र में आता भी है तो कोई संरचनात्मक या टिकाऊ बात पूछता है, जैसे कोई दीर्घकालिक शासक किस देश का नेतृत्व करता था, या राज्यों का कोई समूह किस संगठन में आता है।
ज़ायद बिन सुल्तान-अल-नह्यान निम्नलिखित में से किसके दीर्घकालिक राष्ट्रपति थे?
- (a) ओमान
- (b) कुवैत
- (c) संयुक्त अरब अमीरात
- (d) सऊदी अरब
उत्तर(c) संयुक्त अरब अमीरात
ठीक वही कौशल — खाड़ी के शासक परिवार का उपनाम पढ़कर उसे देश में बदल देना — बस इस बार कुवैत उत्तर न होकर भटकाने वाले विकल्पों में बैठा है।
1-12-1999 की एक राष्ट्रीय दैनिक में यह समाचार छपा: '...संसद ने आज संसदीय चुनावों में महिलाओं को मतदान करने और पद के लिए खड़े होने का अधिकार देने वाले विधेयक को 32 के मुक़ाबले 30 मतों से अस्वीकार कर दिया। राष्ट्रीय सभा उदारवादी, सरकार-समर्थक तथा शिया मुस्लिम सदस्यों में बँटी थी जो महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में थे, जबकि विपक्षी खेमे में सुन्नी मुस्लिम कट्टरपंथी और क़बीलाई सांसद थे। कुल 64 सांसद और मंत्री उपस्थित थे, जिनमें से दो अनुपस्थित रहे।' इस उद्धरण में जिस संसद का उल्लेख है वह है
- (a) कुवैत
- (b) ईरान
- (c) बहरीन
- (d) सऊदी अरब
उत्तर(a) कुवैत
वही देश, पर उसके किसी आंतरिक राजनीतिक विवरण से पहचाना गया — उसकी निर्वाचित राष्ट्रीय सभा, वही निकाय जिसका नियुक्त मंत्रिमंडल से टकराव यह समझाता है कि कुवैत में प्रधानमंत्री इतनी बार क्यों बदलते हैं।
थडिंग्युत उत्सव का तीन दिवसीय आयोजन किस देश में मनाया जाता है?
- (a) चिली
- (b) नेपाल
- (c) जर्मनी
- (d) म्यांमार
उत्तर(d) म्यांमार
एक संस्करण पहले वही परीक्षा-कौशल — प्रश्न में कोई अपरिचित विदेशी व्यक्तिवाचक नाम, विकल्पों में चार देश, और नाम स्वयं उत्तर लिए बैठा है, बशर्ते आप पहचान लें कि वह किस भाषा का है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अल थानी परिवार किस देश का शासक घराना है ?
- (a)बहरीन
- (b)क़तर
- (c)ओमान
- (d)कुवैत
उत्तर(b) क़तर — बहरीन पर अल ख़लीफ़ा, ओमान पर अल सईद और कुवैत पर अल-सबाह शासन करते हैं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
कुवैत में प्रधानमंत्री
- (a)नागरिकों द्वारा सीधे निर्वाचित होता है
- (b)राष्ट्रीय सभा द्वारा उसके सदस्यों में से चुना जाता है
- (c)अमीर द्वारा नियुक्त किया जाता है
- (d)खाड़ी सहयोग परिषद द्वारा मनोनीत किया जाता है
उत्तर(c) अमीर द्वारा नियुक्त किया जाता है — कुवैत में निर्वाचित राष्ट्रीय सभा है, पर शासनाध्यक्ष की नियुक्ति शासक करते हैं और वह परिपाटी से अल-सबाह परिवार से लिया जाता है।