भारत ने किस देश के साथ आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ई० सी० टी० ए०) पर हस्ताक्षर किए?
- (a)यू० ए० ई०
- (b)ऑस्ट्रेलिया
- (c)यू० एस० ए०
- (d)यू० के०
सही — B, ऑस्ट्रेलिया। भारत–ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता, जिसे वाणिज्य विभाग के अपने दस्तावेज़ों में Ind-Aus ECTA कहा गया है, 2 अप्रैल 2022 को एक आभासी समारोह में हस्ताक्षरित हुआ — भारत की ओर से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने और ऑस्ट्रेलिया की ओर से व्यापार, पर्यटन एवं निवेश मंत्री डैन तेहान ने हस्ताक्षर किए — और यह 29 दिसंबर 2022 को लागू हुआ, यानी यह प्रश्नपत्र बनने से लगभग नौ महीने पहले। प्रश्न असल में वर्ष नहीं, संक्षिप्ताक्षर जाँच रहा है: भारत ने 2022 के आरंभ में छह सप्ताह के भीतर दो बड़े व्यापार समझौते किए, और उनमें ECTA केवल ऑस्ट्रेलिया वाला है। समझौता स्वयं सुर्खी भर नहीं, बल्कि पर्याप्त विस्तृत है — प्रस्तावना, अनुबंधों और साइड लेटरों के अतिरिक्त चौदह अध्याय, जिनमें दोनों पक्षों की पूरी शुल्क-अनुसूचियों सहित वस्तु-व्यापार, उद्गम-नियम, सीमा-शुल्क प्रक्रियाएँ और व्यापार सुविधा, स्वच्छता एवं पादप-स्वच्छता उपाय, व्यापार में तकनीकी बाधाएँ, वित्तीय सेवाओं, दूरसंचार और व्यावसायिक सेवाओं पर अलग अनुबंधों सहित सेवा-व्यापार, प्राकृतिक व्यक्तियों की अस्थायी आवाजाही, पारदर्शिता, विवाद-निपटान और अंतिम प्रावधान शामिल हैं। अर्थात् यह केवल शुल्क तक सीमित व्यवस्था नहीं, बल्कि वस्तु-सह-सेवा समझौता है। एक और बात इसकी पहचान तय करती है: ECTA जान-बूझकर एक अंतरिम दस्तावेज़ है। दोनों सरकारें इसे उस बड़े ऑस्ट्रेलिया–भारत व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) की ओर पहला क़दम बताती हैं, जिसकी वार्ताएँ 2021 में फिर शुरू हुईं और जिसमें इसे समाहित होना है। भारत के लिए इसका व्यापक महत्त्व यह है कि एक दशक से अधिक समय में यह पहला व्यापार समझौता था जो भारत ने किसी विकसित अर्थव्यवस्था के साथ किया — इससे पहले भारत–जापान CEPA था, जिस पर 16 फरवरी 2011 को हस्ताक्षर हुए और जो 1 अगस्त 2011 से लागू हुआ।
- (a)यू० ए० ई० — सबसे प्रबल भ्रामक विकल्प, क्योंकि भारत ने कुछ ही सप्ताह पहले यू० ए० ई० के साथ वास्तव में एक ऐतिहासिक व्यापार समझौता किया था — पर उसका नाम CEPA है, भारत–यू० ए० ई० व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता, जिस पर 18 फरवरी 2022 को हस्ताक्षर हुए और जो 1 मई 2022 से लागू हुआ। दोनों हस्ताक्षरों के बीच केवल छह सप्ताह का अंतर है, और ठीक इसीलिए इस प्रश्न का निर्णय वर्ष से नहीं, संक्षिप्ताक्षर से होना चाहिए। यू० ए० ई० वाला समझौता तेज़ भी अधिक रहा — हस्ताक्षर से लागू होने तक लगभग दस सप्ताह, जबकि ECTA में नौ महीने लगे — इसलिए जो अभ्यर्थी 'सबसे तेज़ी से लागू होने वाला 2022 का समझौता' सोचकर चुनेगा, वह ग़लत विकल्प पर पहुँचेगा।
- (c)यू० एस० ए० — भारत का संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ कोई मुक्त व्यापार समझौता नहीं है, और जब यह प्रश्नपत्र बना तब ऐसी कोई वार्ता भी नहीं चल रही थी। भारत–अमेरिका आर्थिक संबंध व्यापार नीति मंच जैसी परामर्शी व्यवस्थाओं से चलता है और विवाद होने पर WTO के रास्ते जाता है — ECTA या CEPA जैसी किसी हस्ताक्षरित द्विपक्षीय व्यापार संधि से नहीं। अमेरिका वस्तुतः भारत के पूरे व्यापार-समझौता मानचित्र से अनुपस्थित है, और यह एक उपयोगी नकारात्मक तथ्य है: UPSC ने 2018 में ठीक इसी अनुपस्थिति का उपयोग किया था, जब सूची में दिए गए दो देशों में से एक अमेरिका था जो ASEAN का मुक्त-व्यापार साझेदार नहीं है।
- (d)यू० के० — लुभावना इसलिए कि 2022 और 2023 भर भारत–ब्रिटेन व्यापार वार्ताएँ समाचारों में छाई रहीं, दौर-दर-दौर की ख़बरें आती रहीं और बार-बार समय-सीमा की चर्चा हुई। पर वार्ता हस्ताक्षर नहीं होती: सितंबर 2023 में जब यह प्रश्नपत्र बना, तब भारत–ब्रिटेन कोई व्यापार समझौता हस्ताक्षरित नहीं हुआ था, इसलिए यूनाइटेड किंगडम के साथ भारत के ECTA करने का प्रश्न ही नहीं उठता। व्यापार-समझौता प्रश्नों में यह एक सामान्य ख़तरा है — जिन वार्ताओं की चर्चा सबसे अधिक होती है, प्रायः वही अधूरी होती हैं, क्योंकि अधूरी वार्ता हर दौर में समाचार बनाती है जबकि हस्ताक्षरित समझौता केवल एक बार।
भारत के व्यापार समझौते आपस में विनिमेय नहीं हैं, और नाम ही बता देता है कि सौदा कितना गहरा है। अधिमान्य व्यापार समझौता (PTA) कुछ सीमित मदों पर शुल्क घटाता है और बाक़ी सब अछूता छोड़ देता है। मुक्त व्यापार समझौता (FTA) इससे आगे जाकर वस्तु-व्यापार के लगभग समूचे हिस्से पर शुल्क हटाता है — और WTO का अनुच्छेद XXIV भी किसी क्षेत्रीय व्यापार समझौते से यही अपेक्षा करता है, तभी वह सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र नियम के अपवाद के रूप में स्वीकार्य होता है। व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता (CECA) या व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) वे अंश जोड़ता है जो किसी सेवा-निर्यातक के लिए सबसे अधिक मायने रखते हैं: सेवा-व्यापार, निवेश, पेशेवरों की अस्थायी आवाजाही और नियामकीय अध्याय। आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (ECTA) वह नाम है जो भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपने अंतरिम, आरंभिक-फ़सल सौदे को दिया — उस CECA से संकरा जिस पर वार्ता अब भी जारी है, क्योंकि सबसे कठिन अध्याय टाल दिए गए हैं, पर केवल-वस्तु FTA से पहले ही चौड़ा, क्योंकि इसमें सेवाओं और आवाजाही के अपने अध्याय हैं। 2022 के समझौते दिशा-परिवर्तन के भी सूचक हैं। नवंबर 2019 में क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी की वार्ताओं से बाहर निकलने के बाद भारत बड़े बहुपक्षीय समूहों से हटकर अलग-अलग साझेदारों के साथ द्विपक्षीय सौदों की ओर मुड़ा, और यू० ए० ई० तथा ऑस्ट्रेलिया वाले समझौते उसी मोड़ के पहले परिणाम हैं। चूँकि हर नाम किसी एक विशिष्ट साझेदार देश से जुड़ा है, परीक्षक चार अक्षरों के एक संक्षिप्ताक्षर से भारत की समूची बाह्य व्यापार नीति की संरचना जाँच सकता है।
जाल यह है कि नाम के बजाय वर्ष के सहारे सोचा जाए। एक दशक से अधिक में 2022 भारत का सबसे व्यस्त व्यापार-समझौता वर्ष रहा, और जिस अभ्यर्थी को केवल इतना याद है कि 'भारत ने 2022 में एक बड़ा व्यापार सौदा किया', उसके सामने दो जीवित विकल्प रहते हैं — फ़रवरी में यू० ए० ई० और अप्रैल में ऑस्ट्रेलिया। भेद करने वाला एकमात्र तथ्य संक्षिप्ताक्षर है: CEPA यू० ए० ई० वाला समझौता है, ECTA ऑस्ट्रेलिया वाला। दूसरा भेदक, यदि संक्षिप्ताक्षर याद से फिसल जाए, प्रत्येक भागीदारी का स्वरूप है। ऑस्ट्रेलिया वाले सौदे को दोनों सरकारें एक पूर्ण CECA की ओर अंतरिम क़दम बताती हैं, जबकि यू० ए० ई० वाला आरंभ से ही व्यापक भागीदारी के रूप में हस्ताक्षरित हुआ — इसलिए जो नाम संकरा सुनाई देता है वह ऑस्ट्रेलिया का है। यू० एस० ए० और यू० के० वाले विकल्प एक सरल कसौटी पर हट जाते हैं: इस प्रश्नपत्र के बनने तक भारत ने इनमें से किसी के साथ कोई व्यापार समझौता हस्ताक्षरित नहीं किया था, इसलिए भूतकाल में पूछे गए प्रश्न का उत्तर इनमें से कोई नहीं हो सकता। शेष बचती है यू० ए० ई०–ऑस्ट्रेलिया की जोड़ी, और नाम उसका फ़ैसला कर देता है। यहाँ एक आदत बनाने योग्य है। इनमें से हर समझौते की दो तिथियाँ होती हैं, और वे महीनों या वर्षों के अंतर पर होती हैं, क्योंकि हस्ताक्षर एक राजनीतिक कार्य है जबकि लागू होना दोनों पक्षों की घरेलू विधिक और अनुसमर्थन प्रक्रियाओं के पूरा होने की प्रतीक्षा करता है — ECTA में यह अंतर 2 अप्रैल से 29 दिसंबर 2022 तक लगभग नौ महीने का रहा। परीक्षक इस अंतराल का खुलकर उपयोग करते हैं, इसलिए एक तिथि नहीं, जोड़ी याद रखिए।
- भारत–ऑस्ट्रेलिया ECTA पर 2 अप्रैल 2022 को पीयूष गोयल और डैन तेहान ने हस्ताक्षर किए और यह 29 दिसंबर 2022 को लागू हुआ — हस्ताक्षर और लागू होने के बीच लगभग नौ महीने का अंतर है, और परीक्षक दोनों पूछते हैं
- भारत–यू० ए० ई० CEPA पर 18 फरवरी 2022 को हस्ताक्षर हुए और यह 1 मई 2022 को लागू हुआ — 2022 का दूसरा समझौता, और यही कारण है कि इस प्रश्न का निर्णय वर्ष से नहीं, संक्षिप्ताक्षर से होता है
- ECTA में प्रस्तावना, अनुबंधों और साइड लेटरों के अतिरिक्त 14 अध्याय हैं: दोनों पक्षों की शुल्क-अनुसूचियों सहित वस्तु-व्यापार, व्यापार उपचार, उद्गम-नियम, सीमा-शुल्क प्रक्रियाएँ, स्वच्छता एवं पादप-स्वच्छता उपाय, औषधि-अनुबंध सहित व्यापार में तकनीकी बाधाएँ, सेवा-व्यापार, प्राकृतिक व्यक्तियों की अस्थायी आवाजाही, पारदर्शिता, विवाद-निपटान और अंतिम प्रावधान
- प्राकृतिक व्यक्तियों की अस्थायी आवाजाही पर अध्याय 9 में भारत और ऑस्ट्रेलिया की अलग-अलग अनुसूचियाँ हैं, और सेवा अध्याय के अपने अनुबंध वित्तीय सेवाओं, दूरसंचार, व्यावसायिक सेवाओं तथा विदेशी निवेश ढाँचे पर हैं — यही आवाजाही और सेवा-सामग्री कारण है कि ECTA केवल वस्तुओं का सौदा नहीं है
- ECTA एक अंतरिम समझौता है, उस बड़े ऑस्ट्रेलिया–भारत व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) की ओर पहला क़दम, जिसकी वार्ताएँ 2021 में फिर शुरू की गईं
- ECTA से पहले किसी विकसित अर्थव्यवस्था के साथ भारत का सबसे हालिया व्यापार समझौता भारत–जापान CEPA था, जिस पर 16 फरवरी 2011 को हस्ताक्षर हुए और जो 1 अगस्त 2011 से लागू हुआ — ग्यारह वर्ष का अंतराल
- आसपास के तुलनीय समझौतों को भी जोड़ियों में रखना उपयोगी है: भारत–कोरिया CEPA पर 7 अगस्त 2009 को हस्ताक्षर हुए और यह 1 जनवरी 2010 को लागू हुआ, तथा भारत–मलेशिया CECA पर 8 फरवरी 2011 को हस्ताक्षर हुए और यह 1 जुलाई 2011 को लागू हुआ
केवल हाइलाइट की गई पंक्ति ही ECTA है, और उसका साझेदार ऑस्ट्रेलिया है। उसी वर्ष का यू० ए० ई० समझौता CEPA है — दोनों हस्ताक्षरों के बीच छह सप्ताह का अंतर ही वह कारण है कि निर्णायक तथ्य तिथि नहीं, संक्षिप्ताक्षर है।
- 'ECTA' को भारत के किसी भी हालिया व्यापार सौदे का सामान्य नाम मान लेना — भारत ने 2022 में दो किए और यह नाम केवल ऑस्ट्रेलिया वाले का है
- हस्ताक्षर की तिथि (2 अप्रैल 2022) को लागू होने की तिथि (29 दिसंबर 2022) से गड्डमड्ड कर देना; 'प्रभावी हुआ' शब्दों वाले प्रश्न दूसरी तिथि माँगते हैं
- ECTA को भारत–ऑस्ट्रेलिया का अंतिम समझौता मान लेना, जबकि वह स्पष्ट रूप से अंतरिम है और पूर्ण CECA पर वार्ता अब भी जारी है
BPSC इसे अपने समसामयिकी खंड में संक्षिप्ताक्षर-से-देश की सीधी स्मृति के रूप में रखता है — एक पंक्ति, चार देश, कोई कथन नहीं — जो उस अभ्यर्थी को पुरस्कृत करता है जिसने जोड़ी याद कर रखी है और उसे दंडित करता है जिसे केवल '2022 में एक व्यापार सौदा' याद है। UPSC लगभग कभी नंगा संक्षिप्ताक्षर नहीं पूछता; वह यही सामग्री कथन-युग्म या सुमेलन के रूप में पूछता है, जिसमें दायरा, लागू होने की तिथि या सदस्यता जाँची जाती है — जैसे उसने 2006 में SAFTA के साथ और 2018 में ASEAN के मुक्त-व्यापार साझेदारों के साथ किया।
निम्नलिखित देशों पर विचार कीजिए: 1. ऑस्ट्रेलिया 2. कनाडा 3. चीन 4. भारत 5. जापान 6. यू० एस० ए० उपर्युक्त में से कौन-से ASEAN के 'मुक्त-व्यापार साझेदार' हैं?
- (a) 1, 2, 4 और 5
- (b) 3, 4, 5 और 6
- (c) 1, 3, 4 और 5
- (d) 2, 3, 4 और 6
उत्तर(c) 1, 3, 4 और 5
वही अंतर्निहित ज्ञान — किसका किसके साथ व्यापार समझौता है — दूसरी दिशा से जाँचा गया। उस प्रश्न में ऑस्ट्रेलिया मुक्त-व्यापार साझेदार है और इस प्रश्न में भारत का ECTA साझेदार, जबकि अमेरिका दोनों से अनुपस्थित है — और ठीक यही विलोपन BPSC वाला प्रश्न पुरस्कृत करता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र (SAFTA) पर समझौता 1 दिसंबर 2005 से प्रभावी हुआ। 2. SAFTA समझौते की शर्तों के अनुसार भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका को वर्ष 2013 तक अपने सीमा-शुल्क घटाकर 0% से 5% के स्तर पर लाना है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर(b) केवल 2
एक व्यापार समझौता उसकी लागू होने की तिथि पर जाँचा गया, और कथन ठीक उसी बिंदु पर विफल होता है। यही अनुशासन ECTA वाला यह प्रश्न भी चुपचाप माँगता है: 2 अप्रैल 2022 को हस्ताक्षर और 29 दिसंबर 2022 को लागू होना दो अलग तथ्य हैं, और परीक्षक दोनों पूछते हैं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत–ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (ECTA) किस वर्ष लागू हुआ?
- (a)2020
- (b)2021
- (c)2022
- (d)2023
उत्तर(c) 2022 — यह 29 दिसंबर 2022 को लागू हुआ, 2 अप्रैल 2022 को हस्ताक्षरित होने के लगभग नौ महीने बाद।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत ने फरवरी 2022 में निम्नलिखित में से किस देश के साथ व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर किए?
- (a)ऑस्ट्रेलिया
- (b)यू० ए० ई०
- (c)जापान
- (d)दक्षिण कोरिया
उत्तर(b) यू० ए० ई० — भारत–यू० ए० ई० CEPA पर 18 फरवरी 2022 को हस्ताक्षर हुए और यह 1 मई 2022 को लागू हुआ। जापान और दक्षिण कोरिया भी CEPA साझेदार हैं, पर क्रमशः 2011 और 2010 से, और 2022 वाला ऑस्ट्रेलियाई समझौता ECTA है, CEPA नहीं।