रूस के वैगनर भाड़े के सैनिक समूह का मुखिया कौन है?
- (a)सर्गेई शोइगु
- (b)येवगेनी प्रिगोझिन
- (c)अलेक्सांद्र लुकाशेंको
- (d)वलोदिमिर ज़ेलेंस्की
सही उत्तर — (b) येवगेनी प्रिगोझिन। 1 जून 1961 को लेनिनग्राद में जन्मे प्रिगोझिन अकेले व्यक्ति हैं जिन्हें कभी सार्वजनिक रूप से वैगनर समूह का मुखिया बताया गया, और इस प्रश्न की बनावट इसे निर्णायक बना देती है: शेष तीनों नाम ऐसे लोगों के हैं जो औपचारिक सार्वजनिक पद पर थे — एक रक्षा मंत्री और दो राष्ट्राध्यक्ष — जबकि वैगनर एक निजी सैन्य कंपनी है जिसका किसी भी राज्य की युद्ध-व्यवस्था में कोई स्थान नहीं। प्रिगोझिन क्रेमलिन की नज़र में खान-पान ठेकेदार के रूप में आए। उनकी कंपनी, कॉनकॉर्ड मैनेजमेंट एंड कंसल्टिंग, सरकारी भोजों की सेवा के ठेके रखती थी, जिससे उन्हें 'पुतिन का रसोइया' कहा जाने लगा; उसी नेटवर्क ने सेंट पीटर्सबर्ग की इंटरनेट रिसर्च एजेंसी को धन दिया। वर्षों तक उन्होंने वैगनर से किसी संबंध से इनकार किया और ऐसा कहने वाले पत्रकारों पर मुकदमे किए, और सितंबर 2022 में ही, जब यूक्रेन में युद्ध बुरी तरह चल रहा था, उन्होंने सार्वजनिक रूप से माना कि समूह उन्होंने ही खड़ा किया था। 2022–23 की सर्दियों में वैगनर ने बाख्मुत पर रूसी हमले का नेतृत्व किया और रूसी दंड-उपनिवेशों से कैदी भर्ती करके अपनी पंक्तियाँ भरीं, और प्रिगोझिन वीडियो बयानों के ज़रिए स्वयं सार्वजनिक व्यक्ति बन गए, जिनमें वे रक्षा मंत्रालय पर नाम लेकर आरोप लगाते थे कि वह उनके लोगों को गोला-बारूद से वंचित रख रहा है। यह झगड़ा 23–24 जून 2023 के सशस्त्र विद्रोह में समाप्त हुआ, जब वैगनर के काफ़िलों ने रोस्तोव-ऑन-डॉन पर कब्ज़ा किया और M4 राजमार्ग से मॉस्को की ओर बढ़े, और फिर बेलारूस की मध्यस्थता से हुए समझौते के तहत प्रिगोझिन ने उन्हें रोक लिया। ठीक दो महीने बाद, 23 अगस्त 2023 को, मॉस्को से सेंट पीटर्सबर्ग ले जाता एम्ब्रेयर लिगेसी 600 त्वेर ओब्लास्त में कुझेंकिनो के पास गिर गया और वे मारे गए; वैगनर के मैदानी कमांडर दिमित्री उत्किन भी उनके साथ मारे गए। शब्दावली पर एक ईमानदार टिप्पणी: यह प्रश्नपत्र सितंबर 2023 में बना था, अर्थात् उस दुर्घटना के बाद, इसलिए प्रश्न का वर्तमानकालिक 'कौन है' परीक्षा के दिन ही पुराना पड़ चुका था। इससे उत्तर नहीं बदलता — किसी उत्तराधिकारी का कभी प्रामाणिक रूप से नाम नहीं लिया गया, और प्रश्न जिस भी अर्थ में पूछ सकता है, उस हर अर्थ में वैगनर के मुखिया प्रिगोझिन ही हैं।
- (a)सर्गेई शोइगु — शोइगु रूस के रक्षा मंत्री थे, 2012 से इस पद पर, और इसलिए नियमित सशस्त्र बलों के प्रमुख — वही संस्था जिसके विरुद्ध वैगनर खड़ा था, वह नहीं जिससे वह जुड़ा था। वे इस सूची में ठीक इसलिए हैं कि प्रिगोझिन के अभियान का निशाना वही थे: 2023 के आरंभ के गाली-भरे वीडियो में शोइगु और महानिदेशक-कर्मचारी प्रमुख वालेरी गेरासिमोव का नाम लेकर कहा गया कि वे बाख्मुत में वैगनर को गोला-बारूद नहीं दे रहे, और जून के विद्रोह की घोषित माँग उन्हीं को हटाना थी। जिस अभ्यर्थी को याद है कि दोनों नाम एक ही सुर्खियों में आते थे पर यह याद नहीं कि कौन किस पक्ष में था, वह यही चुनता है।
- (c)अलेक्सांद्र लुकाशेंको — लुकाशेंको 1994 से बेलारूस के राष्ट्रपति हैं, और वे भी वैगनर की कहानी का वास्तविक हिस्सा हैं — बस भूमिका दूसरी है। 24 जून 2023 को विद्रोह समाप्त करने वाला समझौता लुकाशेंको ने ही कराया था, जिसके तहत प्रिगोझिन के विरुद्ध आपराधिक मामला हटा लिया गया और वैगनर के लड़ाकों को बेलारूस में बसने का प्रस्ताव दिया गया। बेलारूस एक देश है, कंपनी नहीं, और उसका राष्ट्रपति किसी निजी सैन्य ठेकेदार का सेनापति नहीं होता; यह विकल्प केवल उसी पर चलता है जिसे इतना याद है कि खबरों में वैगनर और बेलारूस जुड़े हुए थे और वहीं रुक जाता है।
- (d)वलोदिमिर ज़ेलेंस्की — ज़ेलेंस्की मई 2019 से यूक्रेन के राष्ट्रपति हैं और उसी देश के नेता हैं जिसके विरुद्ध वैगनर लड़ रहा था — चारों में उत्तर से सबसे दूर, और इसीलिए रखा गया कि जिस अभ्यर्थी की इस कहानी पर कोई पकड़ नहीं है वह भी यह नाम पहचान लेगा। प्रश्न के भीतर ही छिपा संकेत देखिए: वह 'रूस के' वैगनर समूह के बारे में पूछता है, इसलिए यूक्रेनी राज्य का प्रमुख उसका मुखिया हो ही नहीं सकता। प्रश्न का अपना विशेषक ध्यान से पढ़ लेने भर से यह विकल्प युद्ध की कोई जानकारी हुए बिना ही हट जाता है।
निजी सैन्य कंपनी वह व्यवसाय है जो सशस्त्र बल बेचता है — युद्ध, पहरा, प्रशिक्षण, रसद — राज्यों को और अन्य ग्राहकों को भी। वैगनर समूह इसका सबसे प्रसिद्ध रूसी उदाहरण है: वह पहली बार 2014 में दोनबास में प्रकट हुआ, उसका नाम दिमित्री उत्किन के 'वैगनर' कॉल-साइन से पड़ा, जो रूसी सैन्य गुप्तचर सेवा के पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल थे और उसके मैदानी कमांडर बने, और वह यूक्रेन के अलावा सीरिया, लीबिया, सूडान, मध्य अफ्रीकी गणराज्य तथा माली में भी सक्रिय रहा। ऐसी कंपनी को विधिक दृष्टि से विचित्र यह बात बनाती है कि भाड़े की सैन्य गतिविधि स्वयं रूस की दंड संहिता की धारा 359 के अंतर्गत अपराध है, इसलिए जिस देश के लिए वैगनर लड़ रहा था उसी देश में उसका कोई वैध अस्तित्व नहीं था — न पंजीकरण, न कागज़ पर कोई कमान-शृंखला, और वर्षों तक कोई स्वीकृत स्वामी भी नहीं। अंतरराष्ट्रीय कानून भी उतना ही निष्ठुर है: जिनेवा अभिसमयों के अतिरिक्त प्रोटोकॉल I (1977) का अनुच्छेद 47 कहता है कि भाड़े के सैनिक को न लड़ाका होने का अधिकार है, न युद्धबंदी होने का, और संयुक्त राष्ट्र भाड़ा-सैनिक अभिसमय, जो 4 दिसंबर 1989 को महासभा प्रस्ताव 44/34 के रूप में अपनाया गया और 20 अक्तूबर 2001 से प्रवृत्त है, पक्षकारों को उनकी भर्ती, उपयोग, वित्तपोषण और प्रशिक्षण को अपराध ठहराने के लिए बाध्य करता है। उस अभिसमय की पुष्टि केवल लगभग 38 राज्यों ने की है, और यही बड़ी हद तक इस चलन के बने रहने का कारण है। इस प्रतिरूप का पूरा मर्म ही अस्वीकार्यता है: सरकार विदेश में बल प्रयोग कर सकती है और साथ ही यह कह सकती है कि उसकी सेना वहाँ है ही नहीं।
यह एक पंक्ति का स्मरण-प्रश्न है, और युद्ध को नज़दीक से देखे बिना अंक कमाने का तरीका यह है कि चारों नामों को इस आधार पर छाँटा जाए कि हर व्यक्ति किस किस्म का है। शोइगु, लुकाशेंको और ज़ेलेंस्की राज्यों के पदाधिकारी हैं — रूस के रक्षा मंत्री तथा बेलारूस और यूक्रेन के राष्ट्रपति। प्रिगोझिन के पास कोई सार्वजनिक पद था ही नहीं। निजी सैन्य कंपनी परिभाषा से ही किसी कार्यरत मंत्री या राष्ट्राध्यक्ष द्वारा नहीं चलाई जाती, क्योंकि इस व्यवस्था का पूरा मूल्य ही इसमें है कि राज्य उससे इनकार कर सके; इसलिए सूची में उत्तर बनने योग्य अकेला नाम वही व्यवसायी है। फंदा फिर भी असली है, क्योंकि तीनों गलत नाम वैगनर की कहानी में सचमुच उलझे हुए हैं, यूँ ही भरे गए नहीं: शोइगु प्रिगोझिन के सार्वजनिक क्रोध का लक्ष्य थे, लुकाशेंको ने विद्रोह का अंत कराया, और ज़ेलेंस्की उस देश के नेता थे जिस पर वैगनर आक्रमण कर रहा था। जिस अभ्यर्थी को जून 2023 की सुर्खियाँ आधी-अधूरी याद हैं वह हर विकल्प पहचान लेगा, और प्रश्न-निर्माता को यही भ्रम चाहिए। भेद करने वाला अकेला तथ्य पेशे का है, भूगोल का नहीं — तीन पदधारी, एक ठेकेदार।
- येवगेनी प्रिगोझिन (जन्म 1 जून 1961) ने वैगनर समूह की स्थापना की और उसका नेतृत्व किया। पेशे से खान-पान ठेकेदार — उनकी फ़र्म कॉनकॉर्ड मैनेजमेंट एंड कंसल्टिंग के पास क्रेमलिन के ठेके थे, इसीलिए 'पुतिन का रसोइया' उपनाम पड़ा — उन्होंने वर्षों तक वैगनर से किसी संबंध से इनकार किया और सितंबर 2022 में ही सार्वजनिक रूप से माना कि उसकी स्थापना उन्होंने की थी।
- समूह का नाम दिमित्री उत्किन के कॉल-साइन 'वैगनर' से पड़ा, जो रूसी सैन्य गुप्तचर सेवा के पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल थे और उसके मैदानी कमांडर रहे; 23 अगस्त 2023 की दुर्घटना में वे प्रिगोझिन के साथ ही मारे गए।
- वैगनर विद्रोह 23 से 24 जून 2023 तक चला: लड़ाकों ने रोस्तोव-ऑन-डॉन पर कब्ज़ा किया, जहाँ रूस के दक्षिणी सैन्य ज़िले का मुख्यालय है, और M4 राजमार्ग से मॉस्को की ओर बढ़े, फिर बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्सांद्र लुकाशेंको की मध्यस्थता से हुए समझौते के तहत प्रिगोझिन ने उन्हें लौटा दिया।
- 23 अगस्त 2023 को प्रिगोझिन तब मारे गए जब मॉस्को से सेंट पीटर्सबर्ग जाता एम्ब्रेयर लिगेसी 600 त्वेर ओब्लास्त में कुझेंकिनो के पास गिर गया और विमान में सवार दसों लोग मारे गए — विद्रोह के ठीक दो महीने बाद और इस प्रश्नपत्र के बनने से लगभग पाँच सप्ताह पहले।
- वैगनर पहली बार 2014 में दोनबास में प्रकट हुआ और बाद में सीरिया, लीबिया, सूडान, मध्य अफ्रीकी गणराज्य तथा माली में सक्रिय रहा, जिससे मॉस्को को उन जगहों पर सशस्त्र प्रभाव मिला जहाँ वह यह कह सकता था कि रूसी सेना वहाँ है ही नहीं; प्रिगोझिन की मृत्यु के बाद उसके विदेशी अभियान क्रमशः रूसी रक्षा मंत्रालय के अधीन ढाँचों में समाहित कर दिए गए।
- भाड़े की सैन्य गतिविधि रूसी दंड संहिता की धारा 359 के अंतर्गत आपराधिक अपराध है, इसलिए रूस में वैगनर का कोई विधिक अस्तित्व नहीं था; अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिनेवा अभिसमयों के अतिरिक्त प्रोटोकॉल I (1977) का अनुच्छेद 47 भाड़े के सैनिक को लड़ाका और युद्धबंदी का दर्जा नहीं देता, और संयुक्त राष्ट्र भाड़ा-सैनिक अभिसमय (महासभा प्रस्ताव 44/34, 4 दिसंबर 1989, प्रवृत्त 20 अक्तूबर 2001) के पक्षकार केवल लगभग 38 राज्य हैं।
विकल्पों को राष्ट्रीयता से नहीं, पेशे से छाँटिए। निजी सैन्य कंपनी का मुखिया न कोई कार्यरत रक्षा मंत्री हो सकता है, न कोई राष्ट्राध्यक्ष, क्योंकि इस पूरी व्यवस्था का मर्म ही इनकार कर सकने की सुविधा है — और इससे सूची में अकेला निजी व्यवसायी बचता है।
- वैगनर के प्रतिपक्षी को उसका मुखिया समझ लेना — रक्षा मंत्री के रूप में सर्गेई शोइगु प्रिगोझिन के अभियान का निशाना थे, उनके वरिष्ठ नहीं
- जून 2023 के समझौते में लुकाशेंको की मध्यस्थ भूमिका को इस बात का प्रमाण मान लेना कि समूह की कमान उन्हीं के पास थी
- यह मान लेना कि निजी सैन्य कंपनी अपने ही देश में वैध होगी — भाड़े की सैन्य गतिविधि रूसी दंड संहिता की धारा 359 के अंतर्गत अपराध है
BPSC विश्व-मामलों को एक पंक्ति की व्यक्ति-पहचान की तरह पूछता है — कौन उसका मुखिया है, कौन उसका नेतृत्व करता है, किसने हस्ताक्षर किए — और चारों में से तीन विकल्प उसी समाचार-कथा से लिए जाते हैं, ताकि धुँधली परिचितता पुरस्कृत नहीं, दंडित हो। UPSC ने सपाट 'कौन है' प्रश्न पूछना बंद कर दिया है और वही सामग्री मिलान-युग्मों से साधता है: कोई देश या क्षेत्र और उसके समाचार में होने का कारण आमने-सामने, जैसे 2024 के उस प्रश्न में जो सूडान को उसकी नियमित सेना और एक अर्धसैनिक बल के बीच युद्ध से जोड़ता है। समाचार वही पढ़िए, पर दोनों परीक्षाओं के लिए उन्हें अलग-अलग ढंग से संचित कीजिए — BPSC के लिए नाम और पद, UPSC के लिए स्थान और कारण।
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए : देश — समाचार में होने का कारण 1. अर्जेंटीना — सबसे बुरा आर्थिक संकट 2. सूडान — देश की नियमित सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच युद्ध 3. तुर्की — नाटो की अपनी सदस्यता वापस ले ली ऊपर दिए गए युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?
- (a) केवल एक युग्म
- (b) केवल दो युग्म
- (c) तीनों युग्म
- (d) कोई भी युग्म नहीं
उत्तर(b) केवल दो युग्म
वही विषय एक परीक्षा-चक्र बाद और UPSC की अपनी भाषा में — कोई अनियमित सशस्त्र संरचना अपने ही राज्य की नियमित सेना के सामने खड़ी, यहाँ सूडान का अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़, जो दिखाता है कि ऐसे संगठनों के बारे में परीक्षा-योग्य बिंदु वही झगड़ा है जो वे आधिकारिक सेना से मोल लेते हैं।
बास्क अलगाववादी संगठन सक्रिय है
- (a) रूस में
- (b) साइप्रस में
- (c) पुर्तगाल में
- (d) स्पेन में
उत्तर(d) स्पेन में
बनावट में बिलकुल वही प्रश्न — विश्व समाचारों में आया कोई नामित सशस्त्र गैर-राज्य संगठन, एक-एक शब्द के चार विकल्प, और याद करने के लिए एक ही संबंध; UPSC ने देश पूछा, BPSC व्यक्ति पूछता है, पर तैयारी एक ही है।
- अभ्यास — वास्तविक विगत वर्ष प्रश्न नहीं
जून 2023 में वैगनर समूह द्वारा शुरू किया गया सशस्त्र विद्रोह किस देश के नेता की मध्यस्थता के बाद वापस लिया गया?
- (a)कज़ाख़िस्तान
- (b)बेलारूस
- (c)तुर्किये
- (d)हंगरी
उत्तर(b) बेलारूस — राष्ट्रपति अलेक्सांद्र लुकाशेंको ने 24 जून 2023 का वह समझौता कराया जिसके तहत वैगनर के काफ़िले मॉस्को के रास्ते से लौट गए, प्रिगोझिन के विरुद्ध आपराधिक मामला हटा लिया गया और वैगनर लड़ाकों को बेलारूस में बसने का प्रस्ताव दिया गया।
- अभ्यास — वास्तविक विगत वर्ष प्रश्न नहीं
जिनेवा अभिसमयों के अतिरिक्त प्रोटोकॉल I, 1977 के अंतर्गत भाड़े के सैनिक की स्थिति क्या है?
- (a)भाड़े के सैनिक को नियमित सशस्त्र बलों के सदस्य के समान माना जाता है
- (b)भाड़े के सैनिक को न लड़ाका होने का अधिकार है, न युद्धबंदी होने का
- (c)भाड़े के सैनिक पर केवल किसी अंतरराष्ट्रीय अधिकरण में ही मुकदमा चल सकता है
- (d)भाड़े के सैनिक को हर परिस्थिति में असैनिक ठेकेदारों को मिलने वाला संरक्षण प्राप्त होता है
उत्तर(b) भाड़े के सैनिक को न लड़ाका होने का अधिकार है, न युद्धबंदी होने का — अतिरिक्त प्रोटोकॉल I का अनुच्छेद 47। 1989 का संयुक्त राष्ट्र भाड़ा-सैनिक अभिसमय, जो 2001 से प्रवृत्त है, इससे आगे जाकर पक्षकारों से भाड़े के सैनिकों की भर्ती, उपयोग, वित्तपोषण और प्रशिक्षण को अपराध ठहराने की अपेक्षा करता है।