निम्नलिखित प्रसंग को सावधानपूर्वक पढ़िए तथा उसके नीचे लिखे गये प्रश्न का उत्तर दीजिएः
सुरेश ने मामूली से कारोबार से शुरुआत की और धीरे-धीरे एक मध्यम दर्जे की इंजीनियरिंग कम्पनी का बड़ा मालिक बन गया। जब कम्पनी के तकनीकी निदेशक ने दूसरा कार्य स्वीकार करने के लिए पद त्याग दिया तो यह पद रिक्त हो गया। सुरेश ने प्रस्ताव किया कि उसका युवा पुत्र रामलाल तकनीकी निदेशक बनाया जाए, तो निदेशक-मण्डल आश्चर्यचकित हो गया। एक निदेशक ने खुले रूप से इस प्रस्ताव का विरोध किया और रामलाल की योग्यता पर संदेह जताया। सुरेश ने उत्तर दिया कि उसके पुत्र ने ‘रिमोट वेस्टब्रुक टेक्निकल यूनिवर्सिटी’, न्यू मेक्सिको (मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और डेट्रायट के समीप कुछ कार्यशालाओं में प्रशिक्षण भी लिया है। और विरोध होने पर सुरेश ने कहा कि उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं है तथा यदि वह बीमार पड़ जाए तो वह चाहता है कि परिवार का ही कोई सदस्य बागडोर संभाले। रामलाल को उसके शेयर-होल्डिंग के बल पर निदेशक बनाया जा सकता है।
प्रश्न : मान लीजिए कि आप वर्षों से कम्पनी के सचिव हैं और सुरेश आपके सुझाव को मानते हैं। आप सुरेश को क्या सलाह देंगे?
1. सुरेश को सलाह दें कि स्वतंत्र निदेशकों का ऐसा विरोध कॉरपोरेट जीवन में सामान्य है; उन्हें अपना रुख नहीं बदलना चाहिए।
2. सलाह दें कि रामलाल शॉप-फ्लोर से शुरुआत करे और क्रमशः उच्चतर उत्तरदायित्व ग्रहण करे।
3. कम्पनी किसी वरिष्ठ, अनुभवी तकनीक विशेषज्ञ (एज्ड टेक्नोक्रेट) को नियुक्त करे, जिसे विशेष रूप से रामलाल को तैयार करने का दायित्व दिया जाए।
4. आप स्वयं अलग रहें, क्योंकि पारिवारिक मामलों में लोग तर्क की उपेक्षा करते हैं।