राजस्थान वानिकी एवं जैव–विविधता परियोजना (फेज-2) के संदर्भ में गलत कथन का चयन कीजिए ।
- (1)इसे जापानी अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जे आई सी ए) द्वारा सहायता प्रदान की गई ।
- (2)इसमें 18 ज़िले एवं 8 वन्यजीव अभयारण्य सम्मिलित हैं ।
- (3)इस परियोजना में अभेदा एवं माचिया जैविक पार्क विकसित किए गए हैं ।
- (4)इस परियोजना में जल संरक्षण को भी सम्मिलित किया गया है ।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), इसमें 18 ज़िले एवं 8 वन्यजीव अभयारण्य सम्मिलित हैं ।
राजस्थान वन विभाग के परियोजना पृष्ठ के अनुसार राजस्थान वानिकी एवं जैव–विविधता परियोजना (फेज-2) 15 ज़िलों और 7 वन्यजीव अभयारण्यों में क्रियान्वित की जा रही है। विकल्प (2) की दोनों संख्याएँ इससे भिन्न हैं।
पृष्ठ इन 15 ज़िलों में 10 मरुस्थलीय ज़िले (सीकर, झुन्झुनूं, चूरू, जालौर, बाड़मेर, जोधपुर, पाली, नागौर, जैसलमेर और बीकानेर) और 5 गैर-मरुस्थलीय ज़िले (बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, भीलवाड़ा, सिरोही और जयपुर) गिनाता है।
पृष्ठ के 7 अभयारण्य हैं: कुम्भलगढ़, फुलवारी की नाल, जयसमंद, सीतामाता, बस्सी, कैलादेवी और रावली टॉडगढ़; और वह परियोजना की गतिविधियाँ 650 चयनित गाँवों में बताता है।
परियोजना की वार्षिक रिपोर्ट 2019-20 व 2020-21 अपनी प्रस्तावना में ज़िलों की एक अलग संख्या, 20, देती है और इस अंतर का कारण नहीं बताती; वह भी 7 अभयारण्य ही बताती है। कोई भी स्रोत 18 ज़िले या 8 अभयारण्य नहीं देता।
शेष तीन कथन परियोजना के अपने अभिलेखों से मेल खाते हैं।
याद रखने की बात: फेज-2 परियोजना JICA की सहायता से 2011-12 में शुरू हुई; परियोजना के दोनों स्रोत 7 वन्यजीव अभयारण्य बताते हैं, और वन विभाग का पृष्ठ 15 ज़िले सूचीबद्ध करता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)इसे जापानी अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जे आई सी ए) द्वारा सहायता प्रदान की गई । — यह कथन सही है, इसलिए उत्तर नहीं है। राजस्थान सरकार को इस परियोजना के लिए भारत सरकार के माध्यम से JICA से ऋण मिला।
2011-12 से 2018-19 के मूल ₹1,152.53 करोड़ के परिव्यय में JICA के ऋण का हिस्सा ₹884.77 करोड़ और राज्य सरकार का ₹267.76 करोड़ था। JICA का आधिकारिक अंग्रेज़ी नाम Japan International Cooperation Agency है; वन विभाग का पृष्ठ "Japanese" लिखता है, और विकल्प भी "जापानी" लिखता है।
- (3)इस परियोजना में अभेदा एवं माचिया जैविक पार्क विकसित किए गए हैं । — यह कथन सही है, इसलिए उत्तर नहीं है। परियोजना की 2019-20 और 2020-21 की वार्षिक रिपोर्ट बताती है कि इस परियोजना ने माचिया जैविक पार्क, जोधपुर बनाया, और 2020-21 की गतिविधियों में अभेदा जैविक पार्क, कोटा के विकास को गिनाती है।
वही रिपोर्ट सज्जनगढ़ (उदयपुर) और नाहरगढ़ (जयपुर) जैविक पार्कों का श्रेय भी इस परियोजना को देती है। उसमें माचिया का उद्घाटन 20 जनवरी 2016 को दर्ज है।
- (4)इस परियोजना में जल संरक्षण को भी सम्मिलित किया गया है । — यह कथन सही है, इसलिए उत्तर नहीं है। वन विभाग परियोजना के कार्यक्षेत्रों में वनीकरण, जैव–विविधता संरक्षण, और गरीबी उन्मूलन व आजीविका सुधार के साथ मृदा एवं जल संरक्षण को गिनाता है।
इसके जल संरक्षण कार्यों में एनीकट, चेक डैम, समोच्च मेड़बंदी, रिसाव तालाब और पारम्परिक जल संग्रहण संरचनाओं का जीर्णोद्धार शामिल हैं।
अवधारणा
राजस्थान वानिकी एवं जैव–विविधता परियोजना (फेज-2) बाह्य सहायता प्राप्त वानिकी परियोजना है। इसका उद्देश्य संयुक्त वन प्रबंधन (JFM) के माध्यम से वन क्षेत्र और वन पर निर्भर लोगों के आजीविका के अवसर बढ़ाना, तथा जैव–विविधता का संरक्षण करना है।
संयुक्त वन प्रबंधन में ग्रामीण समुदाय वनों की सुरक्षा और प्रबंधन में भागीदार होते हैं। वन विभाग के परियोजना पृष्ठ बताते हैं कि यह परियोजना ग्राम वन सुरक्षा एवं प्रबंध समितियों के माध्यम से, और अभयारण्यों के आसपास पारिस्थितिकी विकास समितियों के माध्यम से काम करती है।
इस ढाँचे में इन समितियों के सदस्यों से बने स्वयं सहायता समूह आजीविका गतिविधियाँ चलाते हैं, और गैर-सरकारी संगठन समुदायों को संगठित करने में सहायता करते हैं।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "राजस्थान की अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "प्रमुख विकास परियोजनायें" और "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "जैव–विविधता एवं इनका संरक्षण" शामिल हैं। यह परियोजना दोनों से जुड़ती है।
वन विभाग का परियोजना पृष्ठ इसकी आवश्यकता बताता है: वह राजस्थान को भारत का सबसे शुष्क राज्य बताता है, जिसका दो-तिहाई क्षेत्र थार मरुस्थल में है और जिसका वन व वृक्ष आवरण राष्ट्रीय औसत से बहुत कम है।
परियोजना की वार्षिक रिपोर्ट इसे वन विभाग के साथ JICA की सहायता वाली पाँचवीं परियोजना बताती है। यह साझेदारी 1991 में पश्चिमी राजस्थान में नहर के किनारे वनीकरण और चरागाह विकास के ऋण से शुरू हुई थी।
वही रिपोर्ट बताती है कि 2011-12 से आठ वर्ष के लिए सोची गई यह परियोजना 2020-21 तक का दो वर्ष का विस्तार पूरा कर चुकी थी और उसका एक वर्ष और शेष था।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान वन विभाग परियोजना क्षेत्र 15 ज़िले (10 मरुस्थलीय, 5 गैर-मरुस्थलीय) और 7 वन्यजीव अभयारण्य बताता है।
- सात अभयारण्य: कुम्भलगढ़, फुलवारी की नाल, जयसमंद, सीतामाता, बस्सी, कैलादेवी और रावली टॉडगढ़।
- मूल परिव्यय: 2011-12 से 2018-19 के लिए ₹1,152.53 करोड़, जिसमें JICA का ऋण ₹884.77 करोड़ और राज्य का हिस्सा ₹267.76 करोड़ था।
- वन विभाग का पृष्ठ परियोजना की गतिविधियाँ 650 चयनित गाँवों में बताता है; परियोजना संयुक्त वन प्रबंधन का तरीका अपनाती है।
- परियोजना की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार इस परियोजना ने माचिया जैविक पार्क, जोधपुर बनाया, जिसका उद्घाटन 20 जनवरी 2016 को हुआ।
स्रोत: राजस्थान वन विभाग के परियोजना पृष्ठ और परियोजना की वार्षिक रिपोर्ट 2019-20 व 2020-21।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- दोनों संख्याएँ जाँचिए। परियोजना के स्रोत 15 या 20 ज़िले और 7 वन्यजीव अभयारण्य बताते हैं, और कोई कथन इनमें से किसी भी संख्या पर गलत हो सकता है।
- परियोजना के स्रोत ज़िलों की संख्या पर भिन्न हैं: वन विभाग का परियोजना-क्षेत्र पृष्ठ 15 बताता है, जबकि परियोजना की 2019-20 व 2020-21 की वार्षिक रिपोर्ट 20 कहती है। कोई भी 18 नहीं देता, और दोनों 7 अभयारण्य बताते हैं।
- JICA का आधिकारिक अंग्रेज़ी नाम Japan International Cooperation Agency है। "Japanese" शब्द वन विभाग के अपने पृष्ठ पर भी है, इसलिए "जापानी" जैसा शब्द-भेद किसी कथन को गलत नहीं बनाता।
कोई प्रश्न यह पूछ सकता है कि राजस्थान की किसी परियोजना का वित्तपोषण कौन-सी एजेंसी करती है, वह कितने ज़िलों या अभयारण्यों को शामिल करती है, या उसके अंतर्गत कौन-से पार्क या कार्य बने।
कोई प्रश्न परियोजना के बारे में गलत कथन पूछ सकता है। कोई प्रश्न एजेंसी और घटकों को सही रखकर केवल कोई संख्या बदल भी सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2018 और 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
2011-12 में शुरू हुई राजस्थान वानिकी एवं जैव–विविधता परियोजना (फेज-2) को किसकी ऋण सहायता मिली ?
- (a)विश्व बैंक
- (b)एशियाई विकास बैंक
- (c)जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी
- (d)अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष
उत्तर(3) — राजस्थान सरकार को इस परियोजना के लिए भारत सरकार के माध्यम से JICA से ऋण मिला। विकल्प (1), (2) और (4) अन्य अंतर्राष्ट्रीय ऋणदाता हैं, पर इनमें से कोई इस परियोजना का वित्तपोषक साझेदार नहीं है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा वन्यजीव अभयारण्य राजस्थान वानिकी एवं जैव–विविधता परियोजना (फेज-2) के परियोजना क्षेत्र में शामिल है ?
- (a)कुम्भलगढ़
- (b)ताल छापर
- (c)वन विहार
- (d)जवाहर सागर
उत्तर(1) — कुम्भलगढ़ परियोजना के सात अभयारण्यों में से एक है; अन्य हैं फुलवारी की नाल, जयसमंद, सीतामाता, बस्सी, कैलादेवी और रावली टॉडगढ़। विकल्प (2), (3) और (4) राजस्थान के वन्यजीव अभयारण्य हैं, पर परियोजना की सूची में नहीं हैं।