राजस्थान खनिज नीति – 2024 के लक्ष्यों के सन्दर्भ में निम्न कथनों पर ध्यान दीजिये : A. वर्ष 2046-47 तक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष 1 करोड़ व्यक्तियों को तथा 2029-30 तक 50 लाख व्यक्तियों को रोजगार प्रदान करना । B. राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में खनिज क्षेत्र का योगदान 2023-24 के 3.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 2029-30 तक 5 प्रतिशत और 2046-47 तक 8 प्रतिशत तक करना । C. खनन के अन्तर्गत खनिजों की संख्या को 2047 तक बढ़ाकर 58 से 70 करना । उपरोक्त कथनों में से कौन से कथन सही हैं ?
- (1)केवल A और B
- (2)केवल B और C
- (3)केवल A और C
- (4)A, B और C
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), A, B और C.
राजस्थान के खान एवं भूविज्ञान विभाग द्वारा प्रकाशित राजस्थान खनिज नीति 2024 के खंड 5 (लक्ष्य) में तीनों कथनों से मेल खाते लक्ष्य दर्ज हैं।
कथन A सही है। नीति का लक्ष्य 2029-30 तक 50 लाख व्यक्तियों को और 2046-47 तक 1 करोड़ से अधिक व्यक्तियों को (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष) रोजगार देना है। हिन्दी कथन में "से अधिक" नहीं है और वर्षों का क्रम उलटा है, पर उसके दोनों आँकड़े और दोनों वर्ष इसी लक्ष्य के हैं।
कथन B सही है। लक्ष्य सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में खनिज क्षेत्र का योगदान 2023-24 के 3.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 2029-30 तक 5.0 प्रतिशत और 2046-47 तक 8.0 प्रतिशत करना है।
कथन C सही है। लक्ष्य खनन के अंतर्गत खनिजों की संख्या 2047 तक 58 से बढ़ाकर 70 करना है। 58 उतने ही हैं जितने खनिज नीति की पृष्ठभूमि के अनुसार राज्य में उत्पादित होते हैं: 22 प्रधान और 36 अप्रधान।
तीनों वास्तविक लक्ष्य हैं, इसलिए उत्तर A, B और C है।
याद रखने की बात: खंड 5 के छह में से चार लक्ष्य दो पड़ावों — 2029-30 और 2046-47 — पर तय हैं; मुख्यमंत्री की प्रस्तावना 2047 तक 'विकसित राजस्थान' की बात करती है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)केवल A और B — A और B सही हैं, पर यह कूट C को छोड़ देता है, जो भी नीति का घोषित लक्ष्य है।
नीति का लक्ष्य खनन के अंतर्गत खनिजों की संख्या 2047 तक 58 से बढ़ाकर 70 करना है। 58 उन 22 प्रधान और 36 अप्रधान खनिजों के बराबर है, जिनका उत्पादन नीति के अनुसार राज्य में होता है।
- (2)केवल B और C — B और C सही हैं, पर यह कूट A को छोड़ देता है।
नीति का रोजगार लक्ष्य है: 2029-30 तक 50 लाख और 2046-47 तक 1 करोड़ से अधिक व्यक्ति (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष)। नीति का पृष्ठभूमि वाला खंड वर्तमान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार लगभग 35 लाख बताता है।
- (3)केवल A और C — A और C सही हैं, पर यह कूट B को छोड़ देता है।
नीति का लक्ष्य वास्तव में GSDP में खनिज क्षेत्र का हिस्सा 2023-24 के 3.4 प्रतिशत से 2029-30 तक 5.0 प्रतिशत और 2046-47 तक 8.0 प्रतिशत करना है। 3.4 प्रतिशत वही योगदान है जो नीति की पृष्ठभूमि में दर्ज है।
अवधारणा
राज्य की खनिज नीति बताती है कि राज्य अपने खनिजों का अन्वेषण, नीलामी और विनियमन कैसे करेगा, और खनिज क्षेत्र से वह क्या अपेक्षा रखता है।
राजस्थान खनिज नीति 2024, राजस्थान खनिज नीति 2015 के बाद आई है। नई नीति के कारणों में खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 के संशोधन (नीलामी, अन्वेषण लाइसेंस, क्रिटिकल और सामरिक खनिज), राष्ट्रीय खनिज नीति 2019 से तालमेल, और रोजगार, संधारणीय खनन, प्रौद्योगिकी व राजस्व पर अधिक ध्यान शामिल हैं।
इसकी आधार-स्थिति: खनन राजस्थान के लगभग 0.68% क्षेत्र पर है, 2023-24 में राज्य को खनिज राजस्व ₹7,491 करोड़ मिला, क्षेत्र का GSDP में योगदान 3.4% था, और यह प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 35 लाख लोगों को रोजगार देता है।
RPSC के 2024 के प्रारंभिक पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "खनिज– धात्विक एवं अधात्विक" और "राजस्थान की अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "कृषि, उद्योग व सेवा क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे" सूचीबद्ध हैं। राज्य की नई खनिज नीति इन दोनों से जुड़ती है।
नीति के कई लक्ष्य एक आधार-मान, एक लक्ष्य-मान और एक लक्ष्य-वर्ष बताते हैं — जैसे GSDP में हिस्सा 2023-24 के 3.4 प्रतिशत से बढ़कर 2029-30 तक 5.0 प्रतिशत।
मुख्यमंत्री की प्रस्तावना नीति को राइजिंग राजस्थान शिखर सम्मेलन 2024 से और 2047 तक 'विकसित राजस्थान' व 'विकसित भारत' से जोड़ती है।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान खनिज नीति 2024 के अनुसार राजस्थान में 22 प्रधान और 36 अप्रधान खनिजों का उत्पादन होता है।
- लक्ष्य: खनन के अंतर्गत खनिजों की संख्या 2047 तक 58 से बढ़ाकर 70 करना।
- लक्ष्य: GSDP में खनिज क्षेत्र का हिस्सा 2023-24 के 3.4% से बढ़ाकर 2029-30 तक 5.0% और 2046-47 तक 8.0% करना।
- लक्ष्य: 2029-30 तक 50 लाख और 2046-47 तक 1 करोड़ से अधिक व्यक्तियों (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष) को रोजगार।
- लक्ष्य: खनिजों से राज्य का राजस्व 2029-30 तक तीन गुना और 2046-47 तक ₹1 लाख करोड़ करना।
स्रोत: राजस्थान खनिज नीति 2024, खंड 5 (लक्ष्य), खान एवं भूविज्ञान विभाग।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- GSDP वाले लक्ष्य में एक आधार और दो लक्ष्य-वर्ष हैं। 5.0 और 8.0 प्रतिशत, या 2029-30 और 2046-47, को आपस में बदलने से कथन गलत हो जाता है, जबकि पढ़ने में वह विश्वसनीय ही लगता है।
- 58 वर्तमान आधार है (22 प्रधान और 36 अप्रधान उत्पादित खनिजों के बराबर); 70 2047 का लक्ष्य है। जो कथन 58 को लक्ष्य या 70 को वर्तमान संख्या माने, वह गलत है।
- खनिज नीति 2024 और एम-सैण्ड नीति 2024 अलग-अलग दस्तावेज़ हैं, जिनके लक्ष्य अलग हैं; एम-सैण्ड नीति 31 मार्च 2029 तक अथवा नई नीति की घोषणा होने तक प्रभावी रहेगी। दोनों के आँकड़े अलग रखें।
किसी नीति पर कोई प्रश्न दस्तावेज़ के लक्ष्यों पर कथन देकर पूछ सकता है कि कौन-से सही हैं, और उनमें कोई एक संख्या या वर्ष बदल सकता है।
कोई प्रश्न कोई आधार-मान, जैसे GSDP में 3.4 प्रतिशत हिस्सा या 58 खनिज, या किसी लक्ष्य से जुड़ा वर्ष भी पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2018 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान खनिज नीति 2024 के तहत खनिजों से राज्य के राजस्व का लक्ष्य है –
- (a)2029-30 तक ₹50,000 करोड़ तक पहुँचना
- (b)2029-30 तक तीन गुना होना और 2046-47 तक ₹1 लाख करोड़ तक पहुँचना
- (c)2029-30 तक दोगुना होना और 2046-47 तक ₹75,000 करोड़ तक पहुँचना
- (d)2029-30 तक ₹1 लाख करोड़ तक पहुँचना
उत्तर(2) — नीति का लक्ष्य 2029-30 तक तीन गुना वृद्धि और 2046-47 तक ₹1 लाख करोड़ है।विकल्प (1) और (3) ऐसे आँकड़े देते हैं जो नीति में नहीं हैं, और विकल्प (4) 2046-47 का आँकड़ा 2029-30 से जोड़ देता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान खनिज नीति 2024 के अनुसार, राज्य में उत्पादित खनिजों की संख्या है –
- (a)22 प्रधान और 36 अप्रधान
- (b)36 प्रधान और 22 अप्रधान
- (c)58 प्रधान और 12 अप्रधान
- (d)22 प्रधान और 48 अप्रधान
उत्तर(1) — नीति के अनुसार 22 प्रधान और 36 अप्रधान, कुल 58 खनिजों का उत्पादन होता है।विकल्प (2) दोनों संख्याएँ उलट देता है। विकल्प (3) और (4) दोनों का योग 70 है, जो 2047 का लक्ष्य है, वर्तमान संख्या नहीं।