कार्मिकों का जनसंख्या से अनुपात को परिभाषित किया जाता है
- (1)श्रम शक्ति में नियोजित व्यक्तियों का प्रतिशत
- (2)कार्यशील आयु की जनसंख्या में नियोजित व्यक्तियों का प्रतिशत
- (3)कुल जनसंख्या में नियोजित व्यक्तियों का प्रतिशत
- (4)कुल जनसंख्या में कार्यशील आयु की जनसंख्या का प्रतिशत
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), कुल जनसंख्या में नियोजित व्यक्तियों का प्रतिशत.
राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय द्वारा किया जाने वाला भारत का आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) कार्मिकों का जनसंख्या से अनुपात (WPR) इस तरह परिभाषित करता है: जनसंख्या में नियोजित व्यक्तियों का प्रतिशत। यही विकल्प (3) है: कुल जनसंख्या में नियोजित व्यक्तियों का प्रतिशत।
अंश में वे लोग हैं जो नियोजित हैं। हर स्वयं जनसंख्या है — न श्रम शक्ति, और न परिभाषा में लिखा कोई कार्यशील-आयु वाला उप-समूह।
PLFS यह अनुपात निर्धारित समूहों के लिए बताता है, जैसे 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्ति। तब उस समूह की जनसंख्या आधार बन जाती है, पर परिभाषा नहीं बदलती।
जुलाई 2023–जून 2024 के लिए PLFS ने 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों का सामान्य स्थिति में WPR 58.2% बताया।
याद रखने की बात: WPR और LFPR जनसंख्या से भाग देते हैं; बेरोजगारी दर श्रम शक्ति से भाग देती है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)श्रम शक्ति में नियोजित व्यक्तियों का प्रतिशत — यह श्रम शक्ति को आधार बनाता है। श्रम शक्ति नियोजित और बेरोजगार व्यक्तियों को मिलाकर बनती है, इसलिए यह हिस्सा सीधे 100 घटा बेरोजगारी दर है।
श्रम शक्ति PLFS के एक दूसरे संकेतक का आधार है: बेरोजगारी दर, जो श्रम शक्ति में शामिल व्यक्तियों में बेरोजगार व्यक्तियों का प्रतिशत है।
- (2)कार्यशील आयु की जनसंख्या में नियोजित व्यक्तियों का प्रतिशत — PLFS की परिभाषा जनसंख्या का नाम लेती है, बिना किसी आयु-सीमा के। आयु-समूह तभी आता है जब कोई आँकड़ा किसी समूह के लिए बताया जाए, जैसे "15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्ति"।
यह विकल्प आयु-सीमा को परिभाषा में ही लिख देता है। यह किसी कार्यशील-आयु समूह के लिए बताए गए WPR का वर्णन है, WPR की परिभाषा नहीं।
- (4)कुल जनसंख्या में कार्यशील आयु की जनसंख्या का प्रतिशत — इसमें रोजगार है ही नहीं। यह जनसंख्या की आयु-संरचना मापता है: कितने लोग कार्यशील आयु के हैं, चाहे वे काम करते हों या नहीं।
यह हिस्सा जनसांख्यिकीय लाभांश के विचार के पीछे है — आश्रितों की तुलना में बड़ी कार्यशील-आयु जनसंख्या। यह इस बात का माप नहीं है कि कौन नियोजित है।
अवधारणा
PLFS के प्रमुख श्रम-बाज़ार संकेतकों में ये तीन अनुपात शामिल हैं।
श्रम बल भागीदारी दर (LFPR): श्रम शक्ति में शामिल व्यक्ति — जो काम कर रहे हैं, या काम खोज रहे हैं या उसके लिए उपलब्ध हैं — जनसंख्या के प्रतिशत के रूप में।
कार्मिकों का जनसंख्या से अनुपात (WPR): नियोजित व्यक्ति, जनसंख्या के प्रतिशत के रूप में।
बेरोजगारी दर (UR): बेरोजगार व्यक्ति, श्रम शक्ति के प्रतिशत के रूप में।
तीनों आपस में जुड़े हैं। श्रम शक्ति नियोजित और बेरोजगार व्यक्तियों को मिलाकर बनती है, इसलिए WPR = LFPR × (1 − UR/100)। 2023-24 के आँकड़ों से: 60.1 × 0.968 ≈ 58.2।
RPSC के 2024 के प्रारंभिक पाठ्यक्रम में "मानव संसाधन एवं आर्थिक विकास" के अंतर्गत "गरीबी एवं बेरोजगारी–अवधारणा, प्रकार, कारण, निदान एवं वर्तमान फ्लेगशिप योजनाएं" सूचीबद्ध है। श्रम बाज़ार के अनुपात इस पंक्ति का अवधारणा वाला पक्ष हैं।
PLFS गतिविधि को दो संदर्भ-अवधियों में मापता है। सामान्य स्थिति (ps+ss) पिछले 365 दिनों को देखती है; वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (CWS) पिछले 7 दिनों को। कोई मान अपनी स्थिति, आयु-समूह और अवधि के साथ ही अर्थपूर्ण है।
जुलाई 2023–जून 2024 के लिए PLFS ने 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए सामान्य स्थिति में LFPR 60.1%, WPR 58.2% और UR 3.2% बताया।
मुख्य तथ्य
- PLFS कार्मिकों का जनसंख्या से अनुपात (WPR) जनसंख्या में नियोजित व्यक्तियों के प्रतिशत के रूप में परिभाषित करता है।
- PLFS श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) को जनसंख्या में श्रम शक्ति (काम कर रहे, या काम खोज रहे या उसके लिए उपलब्ध) में शामिल व्यक्तियों के प्रतिशत के रूप में परिभाषित करता है।
- PLFS बेरोजगारी दर को श्रम शक्ति में शामिल व्यक्तियों में बेरोजगार व्यक्तियों के प्रतिशत के रूप में परिभाषित करता है।
- PLFS 2023-24 (जुलाई 2023–जून 2024), सामान्य स्थिति, 15 वर्ष और अधिक आयु: LFPR 60.1%, WPR 58.2%, UR 3.2%।
- महिलाओं का WPR (15 वर्ष और अधिक आयु, सामान्य स्थिति) 2022-23 के 35.9% से बढ़कर 2023-24 में 40.3% हो गया।
परिभाषाएँ PLFS वार्षिक रिपोर्ट 2023-24 की प्रेस विज्ञप्ति (MoSPI) से।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- PLFS के इन तीन अनुपातों में केवल बेरोजगारी दर श्रम शक्ति को आधार बनाती है। नियोजित ÷ श्रम शक्ति, 100 घटा बेरोजगारी दर है, WPR नहीं।
- किसी मुख्य आँकड़े में आयु-समूह ("15 वर्ष और उससे अधिक") आँकड़ा बताने का चुनाव है, परिभाषा का हिस्सा नहीं। परिभाषा के आधार (जनसंख्या) को उस समूह से अलग रखें जिस पर वह लागू की गई है।
- सामान्य स्थिति (365 दिन का संदर्भ) और वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (7 दिन का संदर्भ) एक ही अनुपात के अलग-अलग मान देती हैं। आँकड़ों की तुलना एक ही स्थिति के भीतर करें।
परिभाषा पर कोई प्रश्न लगभग एक जैसे शब्दों वाले विकल्प दे सकता है, जो केवल अंश या हर में अलग हों।
संख्या वाला कोई प्रश्न PLFS के LFPR, WPR और UR के मान देकर पूछ सकता है कि कौन-सा मान किस अनुपात का है, या बाकी दो से तीसरा अनुपात निकलवा सकता है।
संबंधित PYQ
UnlockIAS ने इस प्रश्न की तुलना अन्य RAS प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न-पत्रों के प्रश्नों से की; कोई भी जोड़ने लायक मिलता-जुलता प्रश्न नहीं मिला।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण में बेरोजगारी दर को परिभाषित किया जाता है –
- (a)जनसंख्या में बेरोजगार व्यक्तियों के प्रतिशत के रूप में
- (b)श्रम शक्ति में शामिल व्यक्तियों में बेरोजगार व्यक्तियों के प्रतिशत के रूप में
- (c)कार्यशील आयु की जनसंख्या में बेरोजगार व्यक्तियों के प्रतिशत के रूप में
- (d)जनसंख्या में श्रम शक्ति से बाहर के व्यक्तियों के प्रतिशत के रूप में
उत्तर(2) — PLFS बेरोजगारी दर के लिए श्रम शक्ति को आधार मानता है।विकल्प (1) पूरी जनसंख्या से भाग देता है, विकल्प (3) कार्यशील-आयु समूह से, और विकल्प (4) श्रम शक्ति से बाहर के लोगों को गिनता है, जो बेरोजगारी नहीं है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
यदि किसी जनसंख्या की श्रम बल भागीदारी दर 60% और बेरोजगारी दर 5% है, तो उसका कार्मिकों का जनसंख्या से अनुपात (WPR) है –
- (a)55%
- (b)57%
- (c)63%
- (d)65%
उत्तर(2) — श्रम शक्ति में नियोजितों का हिस्सा = 100 − 5 = 95%। WPR = 60 × 0.95 = 57%।विकल्प (1) श्रम शक्ति का 5% घटाने के बजाय 5 प्रतिशत अंक घटाता है। विकल्प (3) 1.05 से गुणा करता है और विकल्प (4) 5 जोड़ता है; दोनों अनुपात को गलत ढंग से बढ़ा देते हैं।