निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये : A. लूनी बेसिन और शेखावाटी प्रदेश राजस्थान बांगड़ के उप–प्रदेश हैं । B. घग्घर का मैदान अधिकांशतः हनुमानगढ़ एवं गंगानगर जिलों में फैला है । C. नागौर उच्च भूमि में लवणीय झीलें और आन्तरिक जल प्रवाह है । D. अरावली श्रेणियाँ सभी प्रकार के खनिजों में समृद्ध हैं । सही उत्तर का चयन नीचे दिये कूट से कीजिये : कूट :
- (1)A और B
- (2)A, B और C
- (3)B, C और D
- (4)A, B, C और D
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), A, B और C.
कथन A सही है। एक व्यापक रूप से प्रयुक्त भू-आकृतिक वर्गीकरण में राजस्थान के पश्चिमी रेतीले मैदान का एक शुष्क केंद्रीय भाग है, मरुस्थली, और पूर्व की ओर एक अर्ध-शुष्क पट्टी, राजस्थान बांगड़ (जिसे बागड़ भी लिखा जाता है)। लूनी बेसिन (गोडवार प्रदेश) और आन्तरिक जल प्रवाह वाला शेखावाटी प्रदेश, दोनों बांगड़ के उप–प्रदेश हैं।
कथन B सही है। घग्घर नदी की जलोढ़ मिट्टी से बना घग्घर का मैदान सुदूर उत्तर में मुख्यतः हनुमानगढ़ और गंगानगर जिलों में है।
कथन C सही है। नागौर उच्च भूमि बांगड़ का रेतीली पहाड़ियों और निचले लवणीय गर्तों वाला भू-भाग है, जहाँ तेज़ गर्मी और वाष्पीकरण से नमक और सोडा के निक्षेप बनते हैं। इसकी मौसमी धाराएँ समुद्र तक पहुँचने के बजाय भीतर ही समाप्त हो जाती हैं।
कथन D एक शब्द पर गलत हो जाता है: सभी। अरावली जस्ता-सीसा और ताँबा जैसे धात्विक खनिजों में समृद्ध है। पर राजस्थान का लिग्नाइट पश्चिम की टर्शियरी अवसादी द्रोणियों में है, और उसका कच्चा तेल मुख्यतः बाड़मेर–सांचोर बेसिन से आता है।
A, B और C सत्य हैं और D असत्य, इसलिए कूट A, B और C है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)A और B — यह कूट A और B को स्वीकार करता है, पर C को छोड़ देता है, जो सत्य है।
नागौर उच्च भूमि लवणीय झीलों और आन्तरिक जल प्रवाह वाला बांगड़ का एक उप–प्रदेश है। इसके निचले गर्तों में नमक और सोडा के निक्षेप हैं, और इसकी मौसमी धाराएँ समुद्र तक नहीं पहुँचतीं। C को छोड़ना उस भू-भाग के सही वर्णन को असत्य मान लेना है।
- (3)B, C और D — यह कूट A को छोड़ता है और D को स्वीकार करता है, यानी दो कथनों पर गलत है।
A सत्य है: लूनी बेसिन और शेखावाटी प्रदेश राजस्थान बांगड़ के उप–प्रदेश हैं। D असत्य है क्योंकि वह "सभी प्रकार के खनिजों" कहता है। अरावली के बारे में सत्य दावा संकीर्ण है — धात्विक खनिजों में समृद्ध। D ऐसा कहता तब भी यह कूट A को छोड़ने के कारण गलत ही रहता।
- (4)A, B, C और D — A, B और C सत्य हैं, पर D बढ़ा-चढ़ाकर कहा गया कथन है।
अरावली में जावर का जस्ता-सीसा और खेतड़ी का ताँबा जैसे धात्विक अयस्क हैं। जीवाश्म ईंधनों की स्थिति अलग है: राजस्थान का लिग्नाइट बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, नागौर और जालौर जिलों में पड़ने वाली टर्शियरी द्रोणियों में है, अरावली की चट्टानों से बाहर। "सभी प्रकार के खनिजों" वाला दावा टिक नहीं सकता।
अवधारणा
एक व्यापक रूप से प्रयुक्त वर्गीकरण राजस्थान को चार भू-आकृतिक विभागों में बाँटता है: पश्चिमी रेतीला मैदान, अरावली पर्वतमाला और पहाड़ी प्रदेश, पूर्वी मैदान, और दक्षिण-पूर्वी हाड़ौती पठार।
पश्चिमी रेतीले मैदान के दो भाग हैं। मरुस्थली थार का शुष्क केंद्रीय भाग है, जिसमें बालुका-स्तूप वाले भू-भाग और बालुका-स्तूप रहित चट्टानी भू-भाग हैं। इसके पूर्व में राजस्थान बांगड़ है, एक अर्ध-शुष्क पट्टी जो अरावली की ओर बदलती जाती है।
बांगड़ के चार उप–प्रदेश हैं: उत्तर में घग्घर का मैदान, आन्तरिक जल प्रवाह वाला शेखावाटी प्रदेश, लवणीय झीलों वाली नागौर उच्च भूमि, और दक्षिण में लूनी बेसिन या गोडवार प्रदेश, जिसे लूनी और उसकी सहायक नदियाँ सींचती हैं।
RPSC के 2024 के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" का पहला बिंदु "प्रमुख भू–आकृतिक प्रदेश एवं उनकी विशेषताएं" है। हर प्रदेश की पहचान कई लक्षणों के समूह से होती है: उसके जिले, उसका जल प्रवाह, उसकी मिट्टियाँ और उसके संसाधन।
राजस्थान बांगड़ इसलिए महत्त्वपूर्ण है कि वह संक्रमण क्षेत्र है। वह बालुका-स्तूपों से ढकी मरुस्थली और अरावली के बीच स्थित है, इसलिए उसके उप–प्रदेशों में आन्तरिक जल प्रवाह और लवणीय झीलों जैसी मरुस्थलीय विशेषताएँ घग्घर और लूनी के जलोढ़ मैदानों के साथ मिलती हैं।
खनिज मानचित्र इस चित्र का दूसरा आधा भाग है। धात्विक अयस्क अरावली में हैं, जबकि लिग्नाइट और कच्चा तेल पश्चिम की अवसादी द्रोणियों में।
मुख्य तथ्य
- एक व्यापक रूप से प्रयुक्त भू-आकृतिक वर्गीकरण में राजस्थान का पश्चिमी रेतीला मैदान शुष्क मरुस्थली और अर्ध-शुष्क राजस्थान बांगड़ (बागड़) में बँटता है।
- राजस्थान बांगड़ के उप–प्रदेश हैं: घग्घर का मैदान, आन्तरिक जल प्रवाह वाला शेखावाटी प्रदेश, नागौर उच्च भूमि और लूनी बेसिन (गोडवार प्रदेश)।
- राजस्थान का घग्घर का मैदान मुख्यतः हनुमानगढ़ और गंगानगर जिलों में है।
- नागौर उच्च भूमि में नमक और सोडा के निक्षेपों वाले निचले गर्त हैं और आन्तरिक जल प्रवाह है।
- राजस्थान का लिग्नाइट टर्शियरी द्रोणियों — बाड़मेर–सांचोर, जैसलमेर और नागौर — में मिलता है, जो बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, नागौर और जालौर जिलों में पड़ती हैं।
तीन सत्य कथन, A, B और C, विकल्प (2) देते हैं।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- "सभी प्रकार के खनिजों में समृद्ध" "सभी" शब्द पर गलत हो जाता है। अरावली धात्विक खनिजों में समृद्ध है, पर लिग्नाइट और कच्चा तेल पश्चिम की अवसादी द्रोणियों में हैं।
- गोडवार और शेखावाटी क्षेत्रीय नाम भी हैं और भौतिक भू-भाग भी। भू-आकृति के संदर्भ में ये राजस्थान बांगड़ के उप–प्रदेश हैं, जिले या पर्यटक परिपथ नहीं।
- राजस्थान बांगड़ (बागड़), मरुस्थली के पूर्व की अर्ध-शुष्क पट्टी, दक्षिण का डूंगरपुर–बांसवाड़ा वाला वागड़ नहीं है। हिन्दी में भी बांगड़, बागड़ और वागड़ नाम देखने में मिलते-जुलते हैं।
कोई प्रश्न उप–प्रदेशों के बारे में कथन देकर उनमें एक बढ़ा-चढ़ाकर कहा गया कथन रख सकता है, जैसा यह प्रश्न "सभी प्रकार के खनिजों" के साथ करता है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि कौन-से भू-भाग थार के भाग हैं। कोई प्रश्न उप–प्रदेशों को उनके जिलों से सुमेलित करवा सकता है, या आन्तरिक जल प्रवाह, लवणीय झीलें, जलोढ़ मिट्टी जैसी विशेषताएँ देकर प्रदेश पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021, 2018 और 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान बांगड़ का कौन-सा उप–प्रदेश मुख्यतः हनुमानगढ़ और गंगानगर जिलों में स्थित है?
- (a)लूनी बेसिन
- (b)घग्घर का मैदान
- (c)नागौर उच्च भूमि
- (d)शेखावाटी प्रदेश
उत्तर(2) — घग्घर नदी की जलोढ़ मिट्टी से बना घग्घर का मैदान मुख्यतः हनुमानगढ़ और गंगानगर में है। विकल्प (1), लूनी बेसिन, लूनी द्वारा सींचा जाने वाला दक्षिणी उप–प्रदेश है। विकल्प (3), नागौर उच्च भूमि, लवणीय झीलों वाला मध्यवर्ती भू-भाग है। विकल्प (4), शेखावाटी प्रदेश, झुन्झुनूं, सीकर और चूरू के आसपास का आन्तरिक जल प्रवाह वाला भू-भाग है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये : A. राजस्थान का लिग्नाइट पश्चिमी राजस्थान की अवसादी द्रोणियों में मिलता है। B. राजस्थान का अरावली प्रदेश धात्विक खनिजों में समृद्ध है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- (a)केवल A
- (b)केवल B
- (c)A और B दोनों
- (d)न तो A, न ही B
उत्तर(3) — A सही है: लिग्नाइट बाड़मेर–सांचोर, जैसलमेर और नागौर जैसी टर्शियरी द्रोणियों में है। B सही है: अरावली में जावर का जस्ता-सीसा और खेतड़ी का ताँबा जैसे धात्विक अयस्क हैं। विकल्प (1) और (2) एक-एक सत्य कथन को छोड़ देते हैं, और विकल्प (4) दोनों को।