दिव्यांगजन सशक्तिकरण हेतु राष्ट्रीय पुरस्कार 2024 के संदर्भ में कॉलम-I तथा II को सुमेलित कीजिए : कॉलम-I (सर्वश्रेष्ठ दिव्यांगजन) – कॉलम-II (उत्कृष्ट कार्य का क्षेत्र) (a) अनन्या बिजेश – (i) कला और संस्कृति (b) प्रतीक खण्डेलवाल – (ii) संगीत (c) प्रियंका दीपक दबडे – (iii) सुगम्यता कूट :
- (1)(a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii)
- (2)(a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(i)
- (3)(a)-(iii), (b)-(i), (c)-(ii)
- (4)(a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(i)
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), (a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(i).
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) ने 2024 के हर पुरस्कार विजेता के लिए एक प्रशस्ति-पत्र प्रकाशित किया। हर सर्वश्रेष्ठ दिव्यांगजन प्रशस्ति-पत्र उस कार्य-क्षेत्र का नाम देता है जिसके लिए सम्मान दिया गया।
(a) तिरुवनंतपुरम की, ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर वाली 18 वर्षीय कलाकार अनन्या बिजेश संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित हैं। यह (ii) है।
(b) 'रैम्प माई सिटी' के संस्थापक प्रतीक खण्डेलवाल सुगम्यता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित हैं। यह (iii) है।
(c) प्रियंका दीपक दबडे, श्रवण बाधित कलाकार जो फैशन, शिल्प और कला में काम करती हैं, कला और संस्कृति के क्षेत्र में सम्मानित हैं। यह (i) है।
साथ मिलाकर युग्म बनते हैं (a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(i)।
याद रखने की बात: अनन्या बिजेश – संगीत; प्रतीक खण्डेलवाल – सुगम्यता; प्रियंका दीपक दबडे – कला और संस्कृति।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)(a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii) — तीनों युग्म गलत हैं। यह कूट अनन्या बिजेश को कला और संस्कृति, प्रतीक खण्डेलवाल को संगीत और प्रियंका दीपक दबडे को सुगम्यता में रखता है।
DEPwD के प्रशस्ति-पत्र अनन्या बिजेश को संगीत, प्रतीक खण्डेलवाल को 'रैम्प माई सिटी' के ज़रिए उनके काम के लिए सुगम्यता, और प्रियंका दीपक दबडे को कला और संस्कृति देते हैं।
- (2)(a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(i) — एक युग्म सही है: प्रियंका दीपक दबडे के साथ कला और संस्कृति, (c)-(i)।
बाकी दो आपस में बदल गए हैं। अनन्या बिजेश का प्रशस्ति-पत्र संगीत के लिए है, सुगम्यता के लिए नहीं, और प्रतीक खण्डेलवाल का सुगम्यता के लिए है, संगीत के लिए नहीं।
- (3)(a)-(iii), (b)-(i), (c)-(ii) — तीनों युग्म गलत हैं। यह कूट अनन्या बिजेश को सुगम्यता, प्रतीक खण्डेलवाल को कला और संस्कृति, और प्रियंका दीपक दबडे को संगीत देता है।
DEPwD के अनुसार अनन्या बिजेश संगीत के लिए, प्रतीक खण्डेलवाल सुगम्यता के लिए, और फ्रांस में अंतरराष्ट्रीय एबिलिम्पिक्स 2023 की रजत पदक विजेता प्रियंका दीपक दबडे कला और संस्कृति के लिए सम्मानित हैं।
अवधारणा
सरकार ने उत्कृष्ट दिव्यांग व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों की योजना 1969 में स्वीकृत की। ये पुरस्कार हर वर्ष 3 दिसम्बर, अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस, को प्रदान किए जाते हैं।
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 19 अप्रैल 2017 को लागू हुआ और इसने निर्दिष्ट दिव्यांगताओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 21 कर दी। पुरस्कार दिशानिर्देशों का दायरा भी सभी 21 तक बढ़ाया गया।
19 जुलाई 2022 को संशोधित दिशानिर्देशों ने दो मुख्य श्रेणियाँ तय कीं: व्यक्तिगत उत्कृष्टता, 6 उप-श्रेणियों के साथ, और संस्थागत सशक्तिकरण, 8 उप-श्रेणियों के साथ। सर्वश्रेष्ठ दिव्यांगजन व्यक्तिगत उत्कृष्टता के अंतर्गत एक उप-श्रेणी है।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "आर्थिक अवधारणाएँ एवं भारतीय अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता" में "कमजोर वर्गों के लिए प्रावधान" सूचीबद्ध है। "राजस्थान की अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत अन्य वर्गों के साथ निःशक्तजनों के लिए राज्य सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाएँ भी सूचीबद्ध हैं।
ये पुरस्कार DEPwD चलाता है, जिसे 12 मई 2012 को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय से निःशक्तता कार्य विभाग के रूप में अलग किया गया और 8 दिसम्बर 2014 को इसका नाम बदला गया।
2024 के लिए आवेदन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (awards.gov.in) पर 15 जून से 15 अगस्त 2024 तक लिए गए। राष्ट्रीय चयन समिति ने 6 नवम्बर 2024 को बैठक कर 33 पुरस्कार विजेताओं को अंतिम रूप दिया।
PIB की 2 दिसम्बर 2024 की विज्ञप्ति में कहा गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अगले दिन, 3 दिसम्बर 2024 को, नई दिल्ली में 33 विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगी।
मुख्य तथ्य
- PIB ने 2 दिसम्बर 2024 को बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 3 दिसम्बर 2024 को नई दिल्ली में 33 विजेताओं को 2024 के पुरस्कार प्रदान करेंगी।
- DEPwD के 2024 के प्रशस्ति-पत्र: अनन्या बिजेश संगीत के लिए, प्रतीक खण्डेलवाल सुगम्यता के लिए, प्रियंका दीपक दबडे कला और संस्कृति के लिए।
- प्रतीक खण्डेलवाल ने 'रैम्प माई सिटी' की स्थापना की; उनका प्रशस्ति-पत्र उन्हें भारत के शहरी परिवेश को दिव्यांगजनों के लिए अधिक सुगम्य बनाने का श्रेय देता है।
- दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 19 अप्रैल 2017 को लागू हुआ और निर्दिष्ट दिव्यांगताएँ 7 से बढ़ाकर 21 कीं।
- DEPwD को 2024 के पुरस्कारों के लिए 1,886 आवेदन मिले: व्यक्तिगत श्रेणियों में 1,704 और संस्थागत श्रेणियों में 182।
स्रोत: दिव्यांगजन सशक्तिकरण हेतु राष्ट्रीय पुरस्कार 2024 के लिए DEPwD के प्रशस्ति-पत्र।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- 'कलाकार' शब्द से मिलान करना। DEPwD के प्रशस्ति-पत्र अनन्या बिजेश और प्रियंका दीपक दबडे दोनों को कलाकार कहते हैं, पर अनन्या का क्षेत्र संगीत है और प्रियंका का कला और संस्कृति।
- बाकी दो विजेताओं के कलाकार होने के कारण प्रतीक खण्डेलवाल को संगीत या कला में रख देना। उनका प्रशस्ति-पत्र 'रैम्प माई सिटी' के ज़रिए उनके काम के लिए सुगम्यता का है।
- एक युग्म के बाद रुक जाना। विकल्प (2) प्रियंका दीपक दबडे को सही रखता है, पर बाकी दो को गलत जगह।
कोई प्रश्न विजेताओं को सूचीबद्ध करके सुमेलन के रूप में हर एक का क्षेत्र पूछ सकता है। कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि पुरस्कार किस दिन दिए जाते हैं, कौन-सा विभाग इन्हें प्रदान करता है, या 2016 का अधिनियम कितनी निर्दिष्ट दिव्यांगताएँ मान्य करता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
दिव्यांगजन सशक्तिकरण हेतु राष्ट्रीय पुरस्कार हर वर्ष किस दिन प्रदान किए जाते हैं?
- (a)21 मार्च
- (b)3 दिसम्बर
- (c)10 दिसम्बर
- (d)26 नवम्बर
उत्तर(2) — DEPwD इन्हें 3 दिसम्बर, अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस, को प्रदान करता है। विकल्प (1) विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस है; विकल्प (3) मानवाधिकार दिवस है; विकल्प (4) भारत में संविधान दिवस है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 ने निर्दिष्ट दिव्यांगताओं की संख्या 7 से बढ़ाकर कितनी की?
- (a)14
- (b)18
- (c)21
- (d)25
उत्तर(3) — 19 अप्रैल 2017 से अधिनियम लागू होने पर निर्दिष्ट दिव्यांगताएँ निःशक्त व्यक्ति अधिनियम, 1995 की 7 से बढ़कर 21 हो गईं। विकल्प (1), (2) और (4) अधिनियम की अनुसूची से मेल नहीं खाते।