एक कथन के पश्चात् दो निष्कर्ष I तथा II दिये गये हैं । आप कथन में दी गई प्रत्येक जानकारी को सत्य मानते हुए दोनों निष्कर्षों पर विचार करके निर्णय कीजिये कि इनमें से तार्किक रूप से कौन सा/कौन से निष्कर्ष अनुसरण करता है/करते हैं : कथन : पद ग्रहण करने के बाद, म्युनिसिपल आयुक्त ने नगर “A” के नागरिकों से कहा – “मेरा सर्वप्रथम एवं प्रमुख कार्य इस नगर को इन्दौर की तरह सुन्दर बनाना है ।” निष्कर्ष : I. नगर “A” के नागरिक अपने नगर की वर्तमान दशा के बारे में जागरूक नहीं हैं । II. आयुक्त इंदौर में कार्य कर चुके हैं और शहरों के सौंदर्यकरण में उनका अच्छा अनुभव है ।
- (1)न तो निष्कर्ष I और ना ही निष्कर्ष II अनुसरण करता है ।
- (2)दोनों निष्कर्ष अनुसरण करते हैं ।
- (3)केवल निष्कर्ष II अनुसरण करता है ।
- (4)केवल निष्कर्ष I अनुसरण करता है ।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), न तो निष्कर्ष I और ना ही निष्कर्ष II अनुसरण करता है ।
कथन को सत्य मानिए। पद ग्रहण करने के बाद म्युनिसिपल आयुक्त ने नगर “A” के नागरिकों से कहा कि उनका सर्वप्रथम एवं प्रमुख कार्य इस नगर को इन्दौर की तरह सुन्दर बनाना है।
कथन में क्या है: आयुक्त की अपनी प्राथमिकता, और आदर्श के रूप में इन्दौर का उनका चुनाव। कोई निष्कर्ष तभी अनुसरण करता है जब कथन के ये शब्द उसे स्थापित करें।
निष्कर्ष I कहता है कि नगर “A” के नागरिक अपने नगर की वर्तमान दशा के बारे में जागरूक नहीं हैं। कथन बताता है कि आयुक्त ने नागरिकों से क्या कहा, यह नहीं कि नागरिक क्या जानते हैं। किसी को कोई कार्य बताने से यह नहीं दिखता कि वह समस्या से अनजान है। I अनुसरण नहीं करता।
निष्कर्ष II कहता है कि आयुक्त इंदौर में कार्य कर चुके हैं और शहरों के सौंदर्यकरण में उनका अच्छा अनुभव है। इन्दौर को आदर्श बताना केवल यह दिखाता है कि वे उसे आदर्श मानते हैं। कथन इस पर कुछ नहीं कहता कि उन्होंने कहाँ कार्य किया है या उनका अनुभव क्या है। II अनुसरण नहीं करता।
दोनों अस्वीकार होने पर उत्तर है न तो निष्कर्ष I और ना ही निष्कर्ष II अनुसरण करता है।
याद रखने की बात: निष्कर्ष को कथन के अपने शब्दों से निकलना चाहिए; वक्ता या श्रोताओं की कोई पिछली कहानी उसका आधार नहीं बनती।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)दोनों निष्कर्ष अनुसरण करते हैं । — विकल्प (2) दोनों निष्कर्षों को स्वीकार करता है, और हर निष्कर्ष अपने आप में विफल है।
निष्कर्ष I इस बारे में है कि नागरिक क्या जानते हैं, जिसकी सूचना कथन कहीं नहीं देता। निष्कर्ष II आयुक्त के पिछले कार्य और अनुभव के बारे में है, जिसका कथन में कोई उल्लेख नहीं। दोनों कथन से आगे जाते हैं, इसलिए किसी को भी स्वीकार नहीं किया जा सकता।
- (3)केवल निष्कर्ष II अनुसरण करता है । — विकल्प (3) यह स्वीकार करता है कि आयुक्त इंदौर में कार्य कर चुके हैं और शहरों के सौंदर्यकरण में उनका अच्छा अनुभव है।
किसी नगर को आदर्श बताना लक्ष्य का कथन है, सेवा का रिकॉर्ड नहीं। कोई व्यक्ति किसी नगर में काम किए बिना भी उसे आदर्श के रूप में सामने रख सकता है, और कथन उनके पिछले पदों के बारे में कोई जानकारी नहीं देता।
- (4)केवल निष्कर्ष I अनुसरण करता है । — विकल्प (4) यह स्वीकार करता है कि नगर “A” के नागरिक अपने नगर की वर्तमान दशा के बारे में जागरूक नहीं हैं।
बोलने वाले आयुक्त हैं, और वे अपनी प्राथमिकता के बारे में बोल रहे हैं। किसी अधिकारी का नागरिकों को कोई कार्य बताना यह नहीं दिखाता कि नागरिक अनजान हैं; नागरिक क्या जानते हैं, इस पर कथन मौन है।
अवधारणा
कथन एवं निष्कर्ष वाले तर्क में कथन को सत्य माना जाता है, और कोई निष्कर्ष तभी अनुसरण करता है जब कथन की सामग्री उसे स्थापित करे।
कोई निष्कर्ष तब विफल होता है जब वह ऐसा तथ्य जोड़ दे जो कथन में नहीं है, जैसे किसी व्यक्ति का अतीत, किसी समूह की जानकारी, या कोई अनकहा कारण।
"मेरा पहला कार्य… है" जैसा इरादे का कथन वक्ता का लक्ष्य बताता है और, उचित रूप से, यह भी कि वह लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ। यह नहीं बताता कि वक्ता का यह लक्ष्य क्यों है या श्रोता क्या जानते हैं।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "तार्किक विवेचन एवं मानसिक योग्यता" के अंतर्गत "तार्किक दक्षता (निगमनात्मक, आगमनात्मक, अपवर्तनात्मक)" में "कथन एवं निष्कर्ष" शामिल है।
यह शीर्षक तीन प्रकार के तर्क गिनाता है। निगमनात्मक तर्क वह निकालता है जो आधार-वाक्यों के सत्य होने पर अवश्य सत्य हो। आगमनात्मक तर्क देखे गए उदाहरणों से सामान्यीकरण करता है। अपवर्तनात्मक तर्क किसी प्रेक्षण की संभावित व्याख्या प्रस्तुत करता है।
संभावित व्याख्या फिर भी गलत हो सकती है। वक्ता ने कोई उदाहरण क्यों चुना, इसका अनुमान उसी प्रकार की व्याख्या है, न कि ऐसी बात जिसे वक्ता के शब्द स्थापित करते हों।
मुख्य तथ्य
- कोई निष्कर्ष तभी अनुसरण करता है जब कथन, सत्य मानने पर, उसे स्थापित करे।
- जो निष्कर्ष किसी व्यक्ति के अतीत या किसी समूह की जानकारी के बारे में कोई तथ्य जोड़ता है, वह कथन से आगे जाता है।
- इरादे का कथन वक्ता का लक्ष्य बताता है, उस लक्ष्य का कारण नहीं।
- निगमनात्मक तर्क आधार-वाक्यों से वह निकालता है जो अवश्य अनुसरण करे; आगमनात्मक तर्क उदाहरणों से सामान्यीकरण करता है; अपवर्तनात्मक तर्क संभावित व्याख्या प्रस्तुत करता है।
- RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "तार्किक दक्षता" के अंतर्गत "कथन एवं मान्यताएं" और "कथन एवं निष्कर्ष" अलग-अलग मद हैं।
इन्दौर को आदर्श बताना एक लक्ष्य दिखाता है, सेवा का रिकॉर्ड नहीं।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- पिछली कहानी जोड़ देना। इन्दौर को आदर्श बताने से यह नहीं दिखता कि आयुक्त ने वहाँ कार्य किया; कथन उनकी पिछली नियुक्तियों का कोई रिकॉर्ड नहीं देता।
- वक्ता के शब्दों में श्रोताओं को पढ़ लेना। नागरिकों को बताया गया कार्य इस बारे में कुछ नहीं कहता कि नागरिक पहले से क्या जानते हैं।
- हर उचित अर्थ को बराबर मान लेना। नगर “A” अभी इन्दौर जैसा नहीं है, यह लक्ष्य से पढ़ा जा सकता है; नागरिकों का अनजान होना और आयुक्त का अनुभव नहीं पढ़ा जा सकता।
कोई प्रश्न दो निष्कर्षों और चार निश्चित विकल्पों के साथ एक कथन दे सकता है, जैसा यह प्रश्न करता है, या उसी प्रकार के कथन में अंतर्निहित पूर्वधारणा पूछ सकता है।
कोई प्रश्न किसी ऐसे विवरण से निष्कर्ष बना सकता है जिसे कथन छोड़ देता है, जैसे वक्ता का अतीत या श्रोताओं की जानकारी।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
कथन : स्टाफ की पहली बैठक में नए प्राचार्य ने कहा, “इस वर्ष हमारा पहला कार्य अपने विद्यालय के परिणामों को जिले के सर्वश्रेष्ठ विद्यालय के स्तर तक ले जाना है।” निष्कर्ष : I. विद्यालय के परिणाम जिले के सर्वश्रेष्ठ विद्यालय के स्तर से नीचे हैं । II. प्राचार्य जिले के सर्वश्रेष्ठ विद्यालय में पढ़ा चुके हैं ।
- (a)न तो निष्कर्ष I और ना ही निष्कर्ष II अनुसरण करता है ।
- (b)दोनों निष्कर्ष अनुसरण करते हैं ।
- (c)केवल निष्कर्ष II अनुसरण करता है ।
- (d)केवल निष्कर्ष I अनुसरण करता है ।
उत्तर(4) — परिणामों को सर्वश्रेष्ठ विद्यालय के स्तर तक ले जाने का लक्ष्य बताता है कि वे अभी उससे नीचे हैं, इसलिए I अनुसरण करता है। कथन में कहीं नहीं कहा गया कि प्राचार्य कहाँ पढ़ा चुके हैं, इसलिए II अनुसरण नहीं करता।विकल्प (1) I को अस्वीकार करता है, विकल्प (2) II को स्वीकार करता है, और विकल्प (3) केवल II को रखता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
कथन : नए कोच ने खिलाड़ियों से कहा, “मेरा पहला लक्ष्य इस टीम को राष्ट्रीय चैंपियनों जितना फिट बनाना है।” निष्कर्ष : I. खिलाड़ी नहीं जानते कि वे कितने फिट हैं । II. कोच राष्ट्रीय चैंपियनों को प्रशिक्षण दे चुके हैं ।
- (a)न तो निष्कर्ष I और ना ही निष्कर्ष II अनुसरण करता है ।
- (b)दोनों निष्कर्ष अनुसरण करते हैं ।
- (c)केवल निष्कर्ष II अनुसरण करता है ।
- (d)केवल निष्कर्ष I अनुसरण करता है ।
उत्तर(1) — कथन कोच का लक्ष्य बताता है। खिलाड़ी क्या जानते हैं, इस पर वह कुछ नहीं कहता, इसलिए I अनुसरण नहीं करता; कोच ने किसे प्रशिक्षण दिया है, इस पर भी कुछ नहीं कहता, इसलिए II अनुसरण नहीं करता।विकल्प (2), (3) और (4) में से हर एक कम से कम एक ऐसा निष्कर्ष स्वीकार करता है जो कथन से नहीं निकलता।