राजस्थान में किस एजेंसी को पी.एम.–कुसुम योजना (कम्पोनेंट A) के क्रियान्वयन के जिम्मेदारी दी गई है, जिसमें 0.5 मेगावॉट से 2 मेगावॉट क्षमता तक के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किये जाने हैं ?
- (1)ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिऐंसी
- (2)राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड
- (3)राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड
- (4)राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड.
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2022-23 अपने अक्षय ऊर्जा वाले भाग में बताती है कि राज्य में पी.एम.–कुसुम योजना के कम्पोनेंट A का क्रियान्वयन RREC कर रहा है।
समीक्षा वही क्षमता-सीमा देती है जो प्रश्न में है: किसानों की बंजर या अकृषि योग्य भूमि पर 0.5 मेगावॉट से 2 मेगावॉट क्षमता के विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्र। RREC ने 623 सफल आवेदकों को कुल 722 मेगावॉट के आवंटन पत्र जारी किए।
इसलिए क्रियान्वयन एजेंसी राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड (RRECL) है। वही समीक्षा RRECL को राजस्थान में गैर-परम्परागत स्रोतों से ऊर्जा के लिए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की राज्य नोडल एजेंसी बताती है।
याद रखने योग्य बात: पी.एम.–कुसुम का कम्पोनेंट A (किसानों की भूमि पर 0.5 से 2 मेगावॉट के संयंत्र) राजस्थान में RRECL लागू करता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिऐंसी — ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिऐंसी (BEE) केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय के अधीन एक केन्द्रीय वैधानिक निकाय है, जो ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के अंतर्गत बना। इसका क्षेत्र ऊर्जा दक्षता और ऊर्जा संरक्षण है।
राजस्थान में समीक्षा ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के लिए RRECL को BEE की राज्य नामित एजेंसी बताती है। पी.एम.–कुसुम के कम्पोनेंट A के लिए वह क्रियान्वयनकर्ता RRECL को बताती है, BEE को नहीं।
- (3)राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड — नाम का "उत्पादन" शब्द ही काम बताता है: RVUNL राजस्थान की राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी है। समीक्षा बीकानेर के पूगल में RVUNL को 2,000 मेगावॉट का सोलर पार्क, जिसमें 810 मेगावॉट का सौर संयंत्र शामिल है, स्थापित करने की राज्य सरकार की स्वीकृति दर्ज करती है।
वह अपने आप में एक बड़ी उत्पादन परियोजना है। किसानों की भूमि पर लगने वाले कम्पोनेंट A के छोटे संयंत्र RRECL लागू करता है।
- (4)राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम — नाम का "प्रसारण" शब्द ट्रांसमिशन बताता है: RVPN राज्य का प्रसारण नेटवर्क चलाता है। समीक्षा RVPN के स्मार्ट ट्रांसमिशन नेटवर्क एवं एसेट मैनेजमेंट सिस्टम (STNAMS) और निजी विकासकर्ताओं से 2,886 मेगावॉट बिजली की खरीद का वर्णन करती है।
कम्पोनेंट A के संयंत्र डिस्कॉम के 33/11 kV सब-स्टेशनों से 5 कि.मी. के भीतर लगते हैं, और समीक्षा उनका क्रियान्वयनकर्ता RRECL को बताती है।
अवधारणा
पी.एम.–कुसुम भारत सरकार की योजना है, जो MNRE के दिशानिर्देशों के अंतर्गत किसानों को सौर पंप और ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए है; समीक्षा KUSUM का पूरा नाम किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान देती है। आर्थिक समीक्षा 2022-23 इसके तीन कम्पोनेंट बताती है।
कम्पोनेंट A: किसानों की बंजर या अकृषि योग्य भूमि पर 0.5 मेगावॉट से 2 मेगावॉट के विकेन्द्रीकृत, ग्रिड से जुड़े सौर संयंत्र। कम्पोनेंट B: 3 HP से 10 HP के स्टैंड-अलोन सौर पंप, जिनमें अनुदान 7.5 HP तक देय है।
कम्पोनेंट C: ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों का 11 kV फीडर स्तर पर सौरीकरण।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान की अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "आधारभूत–संरचना एवं संसाधन" और "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "ऊर्जा संसाधन– परम्परागत एवं गैर–परम्परागत" शामिल हैं।
आर्थिक समीक्षा 2022-23 राजस्थान की 142 गीगावॉट सौर क्षमता के MNRE के आकलन का उल्लेख करती है, और दिसम्बर 2022 तक 13,531 मेगावॉट के भूमि पर स्थापित सौर संयंत्र चालू होने की जानकारी देती है।
राजस्थान के विद्युत निकायों में RVUNL उत्पादन कंपनी है, RVPN प्रसारण कंपनी है, और डिस्कॉम वितरण करते हैं। RRECL गैर-परम्परागत ऊर्जा के लिए MNRE की राज्य नोडल एजेंसी और BEE की राज्य नामित एजेंसी है।
भूमिकाएँ आपस में मिलती भी हैं: वही समीक्षा पूगल में RVUNL का सोलर पार्क दर्ज करती है, और बताती है कि रूफटॉप सौर योजना अभी राज्य के डिस्कॉम चला रहे हैं।
मुख्य तथ्य
- आर्थिक समीक्षा 2022-23: राजस्थान में पी.एम.–कुसुम के कम्पोनेंट A का क्रियान्वयन RREC कर रहा है।
- कम्पोनेंट A के संयंत्र 0.5 मेगावॉट से 2 मेगावॉट के होते हैं, किसानों की बंजर या अकृषि योग्य भूमि पर, डिस्कॉम के 33/11 kV सब-स्टेशनों से 5 कि.मी. के भीतर।
- RREC ने 623 आवेदकों को 722 मेगावॉट के आवंटन पत्र जारी किए; 593 मेगावॉट के 481 विद्युत क्रय समझौते (PPA) हुए और दिसम्बर 2022 तक 62.5 मेगावॉट चालू हुए।
- कम्पोनेंट C के लिए राजस्थान के डिस्कॉम सौर कृषि आजीविका योजना पोर्टल चलाते हैं, जो भू-स्वामियों को सौर विकासकर्ताओं से जोड़ता है।
- RRECL राजस्थान में गैर-परम्परागत ऊर्जा के लिए MNRE की राज्य नोडल एजेंसी और ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिऐंसी की राज्य नामित एजेंसी है।
स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2022-23, राजस्थान सरकार, अध्याय 2 (कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र) और अध्याय 5 (आधारभूत संरचना विकास)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- कम्पोनेंट मिला देना: RRECL कम्पोनेंट A (किसानों की भूमि पर छोटे संयंत्र) लागू करता है, जबकि कम्पोनेंट C का फीडर-स्तर सौरीकरण डिस्कॉम के माध्यम से होता है।
- BEE को सौर एजेंसी समझ लेना: BEE ऊर्जा दक्षता और संरक्षण पर काम करता है, और राजस्थान में RRECL उसकी राज्य नामित एजेंसी है।
- निगमों के नाम न पढ़ना: उत्पादन यानी बिजली बनाना (RVUNL) और प्रसारण यानी ट्रांसमिशन (RVPN); समीक्षा इनमें से किसी को कम्पोनेंट A का क्रियान्वयनकर्ता नहीं बताती।
कोई प्रश्न पी.एम.–कुसुम के किसी कम्पोनेंट का नाम देकर पूछ सकता है कि राजस्थान में उसे कौन-सी एजेंसी लागू करती है, या संयंत्र की क्षमता-सीमा देकर पूछ सकता है कि वह किस कम्पोनेंट का वर्णन है।
कोई प्रश्न किसी बताई गई तिथि तक के प्रगति आँकड़े भी पूछ सकता है, जैसे आवंटित या चालू हुई क्षमता।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021 और 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2022-23 के वर्णन के अनुसार, किसानों की बंजर या अकृषि योग्य भूमि पर 0.5 मेगावॉट से 2 मेगावॉट के विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्र किसके अंतर्गत स्थापित किए जाते हैं ?
- (a)पी.एम.–कुसुम का कम्पोनेंट A
- (b)पी.एम.–कुसुम का कम्पोनेंट B
- (c)पी.एम.–कुसुम का कम्पोनेंट C
- (d)सोलर रूफटॉप कार्यक्रम चरण-II
उत्तर(1) — समीक्षा इन संयंत्रों को कम्पोनेंट A में रखती है, जिसे RRECL लागू करता है। विकल्प (2) स्टैंड-अलोन सौर पंपों का और विकल्प (3) फीडर-स्तर सौरीकरण का है। विकल्प (4) RRECL का रूफटॉप सौर कार्यक्रम था, जो मार्च 2022 तक 45 मेगावॉट के लिए लागू हुआ। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2022-23 के अनुसार, राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड किसकी राज्य नामित एजेंसी है ?
- (a)भारतीय सौर ऊर्जा निगम
- (b)ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिऐंसी
- (c)केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण
- (d)राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान
उत्तर(2) — समीक्षा RRECL को ऊर्जा दक्षता और संरक्षण के लिए ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिऐंसी की राज्य नामित एजेंसी बताती है (अलग से वह MNRE की राज्य नोडल एजेंसी भी है)। समीक्षा विकल्प (1), (3) या (4) के लिए RRECL को यह भूमिका नहीं देती; विकल्प (4) का उल्लेख वह केवल राजस्थान की पवन क्षमता के अनुमान के लिए करती है।