निम्नांकित में से कौन सी वस्तु लोक वस्तु (पब्लिक गुड) नहीं है ?
- (1)सरकारी प्रशासन
- (2)राष्ट्रीय सुरक्षा
- (3)कारें
- (4)सड़कें
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), कारें.
NCERT की कक्षा XII की पाठ्यपुस्तक ‘इंट्रोडक्टरी मैक्रोइकोनॉमिक्स’ (2026-27 पुनर्मुद्रण) सरकारी बजट वाले अध्याय में ठीक यही रेखा खींचती है। वह राष्ट्रीय रक्षा, सड़कें, सरकारी प्रशासन आदि को लोक वस्तुओं के उदाहरण, और कपड़े, कारें, खाद्य पदार्थ आदि को निजी वस्तुओं के उदाहरण बताती है।
दो विशेषताएँ इन्हें अलग करती हैं। लोक वस्तु गैर-प्रतिद्वंद्वी होती है: एक व्यक्ति के उपभोग से दूसरों के लिए उपलब्ध मात्रा कम नहीं होती। वह गैर-अपवर्जनीय भी होती है: किसी को उसके लाभ से वंचित रखने का कोई व्यावहारिक तरीका नहीं होता।
कार दोनों कसौटियों पर विफल होती है। जब एक व्यक्ति कार का उपयोग कर रहा हो, तब दूसरे उसी कार का उपयोग नहीं कर सकते, और विक्रेता भुगतान न करने वाले किसी भी व्यक्ति को कार देने से मना कर सकता है।
तीन विकल्प NCERT के अपने लोक वस्तु वाले उदाहरण हैं, और चौथा, कारें, उसका निजी वस्तु का उदाहरण है।
याद रखने योग्य बात: गैर-प्रतिद्वंद्वी और गैर-अपवर्जनीय होना वस्तु को लोक वस्तु बनाता है; कार इनमें से कुछ भी नहीं है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)सरकारी प्रशासन — NCERT सरकारी प्रशासन को लोक वस्तुओं के उदाहरणों में गिनाती है। इसके लाभ एक साथ सभी तक पहुँचते हैं, और व्यवहार में किसी को इनसे बाहर नहीं रखा जा सकता।
NCERT बताती है कि बाजार ऐसी वस्तुएँ क्रेताओं और विक्रेताओं के बीच विनिमय से उपलब्ध नहीं करा सकता, इसलिए सरकार इन्हें बजट के माध्यम से उपलब्ध कराती है।
- (2)राष्ट्रीय सुरक्षा — राष्ट्रीय सुरक्षा, जिसे इसी प्रश्न का अंग्रेज़ी पाठ National Defence (राष्ट्रीय रक्षा) लिखता है, NCERT की लोक वस्तुओं की सूची का पहला उदाहरण है। एक निवासी को मिलने वाली सुरक्षा दूसरों के लिए बची सुरक्षा को कम नहीं करती।
भुगतान न करने पर किसी निवासी को इससे बाहर नहीं रखा जा सकता, इसलिए किसी निजी विक्रेता के लिए इसका शुल्क वसूलना कठिन होता, और इसका खर्च बजट उठाता है।
- (4)सड़कें — NCERT राष्ट्रीय रक्षा और सरकारी प्रशासन के साथ सड़कों को भी लोक वस्तुओं के उदाहरणों में गिनाती है।
NCERT प्रावधान और उत्पादन को भी अलग करती है: लोक वस्तुओं का उत्पादन सरकार या निजी क्षेत्र कोई भी कर सकता है, पर सार्वजनिक प्रावधान का अर्थ है कि उनका वित्तपोषण बजट से होता है और उनका उपयोग बिना प्रत्यक्ष भुगतान के होता है।
अवधारणा
किसी वस्तु को दो प्रश्नों से छाँटा जाता है। क्या वह प्रतिद्वंद्वी है, यानी एक व्यक्ति के उपयोग से दूसरों के लिए कम बचता है? क्या वह अपवर्जनीय है, यानी भुगतान न करने वाले को बाहर रखा जा सकता है? NCERT निजी वस्तुओं, जो दोनों हैं, की तुलना लोक वस्तुओं से करती है, जो इनमें से कोई नहीं हैं।
लोक वस्तु गैर-अपवर्जनीय होने के कारण, NCERT के अनुसार, उसका शुल्क वसूलना कठिन और कभी-कभी असंभव होता है। बिना भुगतान किए लाभ उठाने वाले उपयोगकर्ता फ्री-राइडर कहलाते हैं, और निजी उद्यम सामान्यतः ऐसी वस्तुएँ उपलब्ध नहीं कराते।
यही कमी बजट का आवंटन कार्य है: जो बाजार नहीं देगा, वह सरकार उपलब्ध कराती है। NCERT इसके साथ दो अन्य कार्य बताती है, पुनर्वितरण और स्थिरीकरण।
प्रावधान और उत्पादन अलग हैं। सार्वजनिक प्रावधान का अर्थ है बजट से वित्तपोषण; सार्वजनिक उत्पादन का अर्थ है कि सरकार स्वयं वस्तु बनाती है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "आर्थिक अवधारणाएँ एवं भारतीय अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "बजट निर्माण, बैंकिंग, लोक–वित्त, वस्तु एवं सेवा कर, राष्ट्रीय आय, संवृद्धि एवं विकास का आधारभूत ज्ञान" शामिल है।
NCERT लोक वस्तुओं को सरकारी बजट के आवंटन कार्य के अंतर्गत रखती है। भुगतान न करने वाले उपयोगकर्ताओं को व्यवहार में बाहर नहीं रखा जा सकता, इसलिए शुल्क वसूलना कठिन होता है, और बजट ऐसी वस्तुओं का वित्तपोषण करता है।
NCERT का वही अध्याय आगे बजट की प्राप्तियों और व्यय पर, जिन्हें राजस्व और पूँजी खातों में बाँटा जाता है, और सरकारी घाटे के मापों पर जाता है।
मुख्य तथ्य
- NCERT राष्ट्रीय रक्षा, सड़कें और सरकारी प्रशासन को लोक वस्तुओं के उदाहरण बताती है।
- NCERT कपड़े, कारें और खाद्य पदार्थ को निजी वस्तुओं के उदाहरण बताती है।
- गैर-प्रतिद्वंद्वी: लोक वस्तु के एक व्यक्ति के उपभोग से दूसरों के लिए उपलब्ध मात्रा कम नहीं होती।
- गैर-अपवर्जनीय: किसी को लोक वस्तु के लाभ से वंचित रखने का कोई व्यावहारिक तरीका नहीं होता; भुगतान न करने वाले उपयोगकर्ता फ्री-राइडर कहलाते हैं।
- लोक वस्तुओं का उत्पादन सरकार या निजी क्षेत्र कर सकता है; सार्वजनिक प्रावधान का अर्थ है बजट से वित्तपोषण।
उदाहरण NCERT की ‘इंट्रोडक्टरी मैक्रोइकोनॉमिक्स’ के सरकारी बजट वाले अध्याय की सूची के अनुसार।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- जिस चीज़ का उपयोग बहुत लोग करते हैं उसे लोक वस्तु मान लेना: सिनेमा हॉल बहुत दर्शकों को सेवा देता है, पर NCERT का उदाहरण दिखाता है कि वह टिकट के बिना किसी को भी बाहर रख सकता है।
- वस्तु कौन बनाता है और वस्तु किस प्रकार की है, इन्हें मिला देना: लोक वस्तुएँ निजी फर्में भी बना सकती हैं और फिर भी उनका सार्वजनिक प्रावधान हो सकता है।
- केवल एक कसौटी जाँचना: लोक वस्तु गैर-प्रतिद्वंद्वी और गैर-अपवर्जनीय, दोनों होनी चाहिए।
कोई प्रश्न कुछ वस्तुओं की सूची देकर पूछ सकता है कि उनमें से कौन-सी लोक वस्तु नहीं है, या कौन-सी है।
कोई प्रश्न लोक वस्तु की दो विशेषताएँ, फ्री-राइडर समस्या का नाम, या यह भी पूछ सकता है कि बाजार ऐसी वस्तुएँ क्यों उपलब्ध नहीं कराता।
संबंधित PYQ
UnlockIAS ने इस प्रश्न की तुलना अन्य RAS प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न-पत्रों के प्रश्नों से की; कोई भी जोड़ने लायक मिलता-जुलता प्रश्न नहीं मिला।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
लोक वस्तु की वह विशेषता, जिसके कारण एक व्यक्ति के उपभोग से दूसरों के लिए उपलब्ध मात्रा कम नहीं होती, क्या कहलाती है ?
- (a)गैर-अपवर्जनीयता
- (b)गैर-प्रतिद्वंद्विता
- (c)फ्री-राइडिंग
- (d)सार्वजनिक उत्पादन
उत्तर(2) — NCERT इसे गैर-प्रतिद्वंद्वी उपभोग कहती है। विकल्प (1) दूसरी विशेषता है, कि किसी को व्यवहार में बाहर नहीं रखा जा सकता; विकल्प (3) बिना भुगतान लाभ उठाने वाले उपयोगकर्ताओं का वर्णन है; विकल्प (4) का अर्थ है कि सरकार स्वयं वस्तु बनाती है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
लोक वस्तु का लाभ बिना भुगतान किए उठाने वाले उपयोगकर्ता क्या कहलाते हैं ?
- (a)फ्री-राइडर
- (b)रेंट-सीकर
- (c)कीमत-स्वीकारक
- (d)ऋणात्मक बचत करने वाले
उत्तर(1) — NCERT लोक वस्तु के भुगतान न करने वाले उपयोगकर्ताओं को फ्री-राइडर कहती है। विकल्प (2) बिना कुछ उत्पादन किए आय चाहने वालों का वर्णन है; विकल्प (3) उन फर्मों का वर्णन है जो कीमत को प्रभावित नहीं कर सकतीं; विकल्प (4) अपनी आय से अधिक खर्च करने वालों का वर्णन है।